Saturday, February 14, 2026

ओपीनियन

क्रंदन नहीं समाधान चाहने वाले साहित्यकार थे सूरजपाल चौहान

वरिष्ठ दलित साहित्यकार एवं संवेदनशील कवि सूरजपाल चौहान जी का दिनांक 15 जून, 2021 को लंबी बीमारी से निधन हो गया था। दलित साहित्य के आरंभिक लेखकों में से एक चौहान जी भी थे। सूरजपाल चौहान का नाम उन दलित लेखकों में शुमार है,...

क्या जनगणना पर ओबीसी से खेल रही है मोदी सरकार ?

भारत के बहुजन समाज को यह बात गंभीरता से सोचनी चाहिए कि आखिर ऐसी कौन सी वजह है जिसके कारण वर्तमान या पूर्वर्ती केंद्र सरकारें जाति के आधार पर ओबीसी की अखिल भारतीय स्तर पर जनगणना नहीं करना चाहती। इस पर सालों से बहस...

लाखों समर्थकों के बीच पूर्व आईपीएस आर.एस. प्रवीण बसपा में शामिल

 लाखों समर्थकों की एक शानदार जनसभा के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी आर.एस. प्रवीण कुमार 8 अगस्त को बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए। 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार ने हाल ही में रिटायरमेंट ले लिया था, और तभी से उनके राजनीति...

7 अगस्त मंडल दिवसः आधुनिक भारत में वर्ग संघर्ष के आगाज का दिन

 7 अगस्त एकाधिक कारणों से इतिहास का खास दिन है। यह लेख शुरू करने के पहले मैंने इस दिन का महत्व जानने के लिए लिए गूगल पर सर्च किया। विकिपीडिया पर इस दिन की प्रमुख घटनाओं के रूप में कई जानकारियां दर्ज है। लेकिन...

दिल्ली में हाथरस जैसी हैवानियत, दलित उत्पीड़न आखिर कब तक?

 हाल ही में दिल्ली में भी हाथरस दुहराया गया। दिल्ली कैंट के पुराना नागल स्थित श्मशान घाट में वाटर कूलर से पानी लेने गई नौ साल की दलित (बाल्मीकि) बच्ची से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या के बाद जबरन अंतिम संस्कार...

जाति जनगणना एवं आरक्षण परस्पर पूरक हैं

 NEET में ओबीसी को आरक्षण मिलने के बाद अब जाति जनगणना को लेकर बहस छिड़ गई है। ऐसे में इसके समर्थक और विरोधी अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। लेकिन कुछ कथित प्रगतिशील ऐसे भी हैं; जो अपनी छवि को बचाने के लिए सीधे तो...

मोदी के मंत्री की गजब बयानी

 दलितों के हितों को लेकर मोदी सरकार और उसके मंत्री कितने गैरजिम्मेदार हैं, यह हाल ही में देखने तब देखने को आया, जब मैनुअल स्केवेंजिंग को लेकर राज्यसभा में एक सवाल पूछा गया। 28 जुलाई को राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह...

बेशर्मी भरा है सरकार का यह बयान कि ऑक्सीजन की कमी से देश में कोई नहीं मरा

एक चौंकाने वाला और बेशर्मी भरा बयान केंद्र सरकार की ओर से आया है, जिसमें कहा गया है कि कोविड के कोहराम के दौरान देश में किसी की भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई। थोड़ा पीछे चलिए, मार्च के आखिरी हफ्ते से जून...

समान नागरिक संहिता : हवा का रुख देख रही मोदी सरकार

(लेखक -मुस्ताअली बोहरा) तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और अयोध्या मंदिर के बाद मोदी सरकार का अगला कदम यूनिफॉर्म सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने का है। कामन सिविल कोड के बाद केन्द्र की भाजपा सरकार एनआरसी को पूरे देश में लागू करेगी।...

मंत्रिमंडल विस्तार में ब्राह्मणों को लॉलीपॉप, जानिए किस समाज को मिली कितनी सीटें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले कैबिनेट विस्तार में 36 नए मंत्रियों को जगह दी है। इसमें से सबसे ज्यादा 7 मंत्री उत्तर प्रदेश से बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश से जिन 7 नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है,...

हरियाणा में दलित नेता कुमारी शैलजा को क्यों नहीं चाहते जाट भूपेन्द्र सिंह हुड्डा

उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में कांग्रेस पार्टी में शक्ति के लिए अंदरूनी घमासान चल रहा है। बात चाहे राजस्थान की हो, पंजाब की हो या मध्यप्रदेश की, लगभग हर प्रदेश में यही हाल है। अभी हाल ही में हरियाणा में भी...

अमेरिकी न्याय व्यवस्था बनाम भारतीय न्याय व्यवस्था

अमेरिका के मिनेसोटा में अश्वेत जार्ज फ्लायड की हत्या के मामले में फ्लायड के परिवार को न्याय मिल गया है। अदालत ने 26 जून को दोषी पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन को साढ़े बाइस साल की सजा सुनाई है। सजा जज पीटर ए काहिल ने...

… तब शर्मिंदा होकर रवीन्द्रनाथ कबीर की तरफ लौटे

 जब रवीन्द्रनाथ यूरोपीय कवियों के संपर्क में आये तो उन कवियों ने रवीन्द्रनाथ से भारत की कविता के बारे में पूछा। रवीन्द्रनाथ ने भक्ति कवियों की चर्चा छेड़ी, चंडीदास, सूर, तुलसी इत्यादि। यूरोपिय कवियों ने जिज्ञासा की कि ये सब तो परलोक और भक्ति...

शाहू जी महाराज की जयंती पर क्या हो बहुजनों का संकल्प

 कांशीराम के उदय के बाद से बहुजन जिन महानायकों का जन्मदिन जोर-शोर से मनाते हैं, उनमे से एक हैं कोल्हापुर नरेश छत्रपति शाहू जी महाराज। 26 जून 1874 को कोल्हापुर राजमहल में जन्मे शाहू जी छत्रपति शिवाजी के पौत्र तथा आपासाहब घाटगे कागलकर के...

(23 जून) प्लासी युद्ध: बहुजन मुक्ति का प्रथम संग्राम, दुसाध जाति ने दिखाया था शौर्य

(लेखकः विजय कुमार त्रिशरण) भारत में यूं तो अपनी रियासतें बचाने के लिए तमाम राजा-रजवाड़ों के आपस में लड़ने के किस्से मिलते रहते हैं। तो विदेशी आक्रमणकारियों और भारतीय राजाओं के बीच भी युद्ध आम रहा है। इसमें मुगल से लेकर अंग्रेजों के हमले...

बहने दो नदी को

 जून 2021 के तीसरे सप्ताह में अलीगढ़ से गृह जनपद महराजगंज जाना हुआ। समय से पूर्व मानसून आ चुका था और 16 से 20 जून तक मूसलाधार बारिश से सब नदी नाले उफान पर आ गये। धान की नर्सरी और रोपाई वाले सभी खेत...

क्रांति का प्रतीक चे ग्वेरा: जिंदगी और मौत से मोहब्बत करने वाला क्रांतिकारी

चे ग्वेरा (14 जून 1928- शहादत - 9 अक्टूबर 1967) क्रांतिकारियों की गैलेक्सी के एक चमकते सितारे का नाम अर्नेस्टो चे ग्वेरा है। एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही नसें तन जाती हैं। दिलो-दिमाग उत्तेजना से भर जाता है। हर तरह के अन्याय के...

पंजाब विधानसभा चुनावः अकाली-बसपा गठबंधन; आशा की एक किरण

पंजाब कई संदर्भों में भारत का विलक्षण राज्य है। इसकी सामाजिक संरचना धर्म और जाति के लिहाज से भारत के राष्ट्रीय प्रारुप या अधिकांश राज्यों से बिल्कुल भिन्न है। राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में बहुसंख्यक हिन्दू पंजाब में अल्पसंख्यक हैं। पंजाब में सिख धर्म के मानने...

भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज और बिरसामुंडा का योगदान

(लेखकः बाल गंगाधर बागी) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज की अहम भूमिका रही है, पूरे देश में लाखों आदिवासियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाया है। भारत की सभ्यता निर्माण से लेकर आज तक के भारत में...

भाग्य के भरोसे न रहो, अपनी शक्ति पर विश्वास करो- डॉ. बी.आर. आम्बेडकर

 बाबासाहेब डॉ. बी.आर आंबेडकर भारत के अद्वितीय चिंतक, अर्थशास्त्री और महान समाज सुधारक थे। भारत के संविधान निर्माता के रूप में वे विश्वविख्यात हैं ही उनका योगदान भी अद्वितीय है। लेकिन वे केवल एक कानूनी व्याख्याकार ही नहीं थे, वरन उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था।...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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