वरिष्ठ दलित साहित्यकार एवं संवेदनशील कवि सूरजपाल चौहान जी का दिनांक 15 जून, 2021 को लंबी बीमारी से निधन हो गया था। दलित साहित्य के आरंभिक लेखकों में से एक चौहान जी भी थे। सूरजपाल चौहान का नाम उन दलित लेखकों में शुमार है,...
भारत के बहुजन समाज को यह बात गंभीरता से सोचनी चाहिए कि आखिर ऐसी कौन सी वजह है जिसके कारण वर्तमान या पूर्वर्ती केंद्र सरकारें जाति के आधार पर ओबीसी की अखिल भारतीय स्तर पर जनगणना नहीं करना चाहती। इस पर सालों से बहस...
लाखों समर्थकों की एक शानदार जनसभा के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी आर.एस. प्रवीण कुमार 8 अगस्त को बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए। 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार ने हाल ही में रिटायरमेंट ले लिया था, और तभी से उनके राजनीति...
7 अगस्त एकाधिक कारणों से इतिहास का खास दिन है। यह लेख शुरू करने के पहले मैंने इस दिन का महत्व जानने के लिए लिए गूगल पर सर्च किया। विकिपीडिया पर इस दिन की प्रमुख घटनाओं के रूप में कई जानकारियां दर्ज है। लेकिन...
हाल ही में दिल्ली में भी हाथरस दुहराया गया। दिल्ली कैंट के पुराना नागल स्थित श्मशान घाट में वाटर कूलर से पानी लेने गई नौ साल की दलित (बाल्मीकि) बच्ची से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या के बाद जबरन अंतिम संस्कार...
NEET में ओबीसी को आरक्षण मिलने के बाद अब जाति जनगणना को लेकर बहस छिड़ गई है। ऐसे में इसके समर्थक और विरोधी अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। लेकिन कुछ कथित प्रगतिशील ऐसे भी हैं; जो अपनी छवि को बचाने के लिए सीधे तो...
दलितों के हितों को लेकर मोदी सरकार और उसके मंत्री कितने गैरजिम्मेदार हैं, यह हाल ही में देखने तब देखने को आया, जब मैनुअल स्केवेंजिंग को लेकर राज्यसभा में एक सवाल पूछा गया। 28 जुलाई को राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह...
एक चौंकाने वाला और बेशर्मी भरा बयान केंद्र सरकार की ओर से आया है, जिसमें कहा गया है कि कोविड के कोहराम के दौरान देश में किसी की भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई।
थोड़ा पीछे चलिए, मार्च के आखिरी हफ्ते से जून...
(लेखक -मुस्ताअली बोहरा) तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और अयोध्या मंदिर के बाद मोदी सरकार का अगला कदम यूनिफॉर्म सिविल कोड और जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने का है। कामन सिविल कोड के बाद केन्द्र की भाजपा सरकार एनआरसी को पूरे देश में लागू करेगी।...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले कैबिनेट विस्तार में 36 नए मंत्रियों को जगह दी है। इसमें से सबसे ज्यादा 7 मंत्री उत्तर प्रदेश से बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश से जिन 7 नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है,...
उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में कांग्रेस पार्टी में शक्ति के लिए अंदरूनी घमासान चल रहा है। बात चाहे राजस्थान की हो, पंजाब की हो या मध्यप्रदेश की, लगभग हर प्रदेश में यही हाल है। अभी हाल ही में हरियाणा में भी...
अमेरिका के मिनेसोटा में अश्वेत जार्ज फ्लायड की हत्या के मामले में फ्लायड के परिवार को न्याय मिल गया है। अदालत ने 26 जून को दोषी पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन को साढ़े बाइस साल की सजा सुनाई है। सजा जज पीटर ए काहिल ने...
जब रवीन्द्रनाथ यूरोपीय कवियों के संपर्क में आये तो उन कवियों ने रवीन्द्रनाथ से भारत की कविता के बारे में पूछा। रवीन्द्रनाथ ने भक्ति कवियों की चर्चा छेड़ी, चंडीदास, सूर, तुलसी इत्यादि। यूरोपिय कवियों ने जिज्ञासा की कि ये सब तो परलोक और भक्ति...
कांशीराम के उदय के बाद से बहुजन जिन महानायकों का जन्मदिन जोर-शोर से मनाते हैं, उनमे से एक हैं कोल्हापुर नरेश छत्रपति शाहू जी महाराज। 26 जून 1874 को कोल्हापुर राजमहल में जन्मे शाहू जी छत्रपति शिवाजी के पौत्र तथा आपासाहब घाटगे कागलकर के...
(लेखकः विजय कुमार त्रिशरण) भारत में यूं तो अपनी रियासतें बचाने के लिए तमाम राजा-रजवाड़ों के आपस में लड़ने के किस्से मिलते रहते हैं। तो विदेशी आक्रमणकारियों और भारतीय राजाओं के बीच भी युद्ध आम रहा है। इसमें मुगल से लेकर अंग्रेजों के हमले...
जून 2021 के तीसरे सप्ताह में अलीगढ़ से गृह जनपद महराजगंज जाना हुआ। समय से पूर्व मानसून आ चुका था और 16 से 20 जून तक मूसलाधार बारिश से सब नदी नाले उफान पर आ गये। धान की नर्सरी और रोपाई वाले सभी खेत...
चे ग्वेरा (14 जून 1928- शहादत - 9 अक्टूबर 1967)
क्रांतिकारियों की गैलेक्सी के एक चमकते सितारे का नाम अर्नेस्टो चे ग्वेरा है। एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही नसें तन जाती हैं। दिलो-दिमाग उत्तेजना से भर जाता है। हर तरह के अन्याय के...
पंजाब कई संदर्भों में भारत का विलक्षण राज्य है। इसकी सामाजिक संरचना धर्म और जाति के लिहाज से भारत के राष्ट्रीय प्रारुप या अधिकांश राज्यों से बिल्कुल भिन्न है। राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में बहुसंख्यक हिन्दू पंजाब में अल्पसंख्यक हैं। पंजाब में सिख धर्म के मानने...
(लेखकः बाल गंगाधर बागी) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज की अहम भूमिका रही है, पूरे देश में लाखों आदिवासियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाया है। भारत की सभ्यता निर्माण से लेकर आज तक के भारत में...
बाबासाहेब डॉ. बी.आर आंबेडकर भारत के अद्वितीय चिंतक, अर्थशास्त्री और महान समाज सुधारक थे। भारत के संविधान निर्माता के रूप में वे विश्वविख्यात हैं ही उनका योगदान भी अद्वितीय है। लेकिन वे केवल एक कानूनी व्याख्याकार ही नहीं थे, वरन उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था।...
Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...