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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet, beneath these annual spectacles lies a deeper constitutional question that Dr. B.R. Ambedkar repeatedly warned against, can political democracy survive...

डॉ. आंबेडकर की, लोकतांत्रिक गणराज्य की परिकल्पना और उस पर ब्राह्मणवादी कब्जा 

26 नवंबर 26 जनवरी आधुनिक भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में एक है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान स्वीकार किया था। 26 जनवरी 1950 को भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया था और भारतीय संविधान को पूरी तरह लागू...

आलोचक वीरेन्द्र यादव नहीं रहें, रामू सिद्धार्थ ने किया याद

कोई व्यक्ति आपका वैचारिक साथी भी हो, स्वजन जैसा आत्मीय भी हो और साथ ही अभिवावक जैसा स्नेह-प्यार-दुलार भी देता हो, ऐसे व्यक्ति का असमय चले जाना ऐसा कुछ खो देना होता है, जिसकी भरपाई कर पाना बहुत मुश्किल होता है। मेरे लिए वीरेंद्र...

सावित्राईबाई फुले के दो काव्य संग्रह, जो ब्राह्मणवाद के खिलाफ विद्रोह की अभिव्यक्ति है

अतीत के इन ब्राह्मणों के धर्मग्रंथ फेंक दो करो ग्रहण शिक्षा, जाति की बेड़ियों को तोड़ दो उपेक्षा, उत्पीड़न और दीनता का अन्त करो! - सावित्रीबाई फुले सावित्रीबाई फुले आधुनिक भारत की प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका थीं, इस तथ्य से हम सभी वाक़िफ़ हैं। लेकिन बहुत कम...

बिहार: चुनावी लूट के चक्रव्यूह में सामाजिक न्याय

पिछले महीने बिहार विधान सभा के चुनाव पूरे हुये और नीतीश कुमार ने बीस सालों में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। चूंकि ये बिहार के चुनाव थे जहाँ भात-रोटी पर बाते कम होती है और चुनावी चटनी-अचार...

ज्योतिबाराव फुले और डॉ. आंबेडकर के बीच समानता

ज्योतिबा फुले और बाबा साहेब अम्बेडकर का जीवन और कर्तृत्व बहुत ही बारीकी से समझे जाने योग्य है। आज जिस तरह की परिस्थितियाँ हैं उनमे ये आवश्यकता और अधिक मुखर और बहुरंगी बन पड़ी है। दलित आन्दोलन या दलित अस्मिता को स्थापित करने के...

सिनेमा के इस दौर में होमबॉउन्ड क्यों जरूरी है?

जुलाई की बात है, देश के कुछ युवा वर्ग सिनेमा घरों मे रोते बिलखते, खुद का शर्ट फाड़ते दिखे। ये महज़ एक फिल्म का जादू था जिसका नाम सैंयारा है, कह सकते हैं, हमें कुछ ठीक-ठीक क्रांति जैसा देखने को मिला। ऐसा इसीलिए कहा...

संविधान का वह 10 महत्वपूर्ण आर्टिकल, जिसके बारे में हर भारतीय को पता होना चाहिए

26 नवंबर की तारीख भारत के इतिहास में संविधान दिवस के तौर पर दर्ज है। साल 1949 में इसी दिन भारत की संविधान सभा ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में लिखे गए दुनिया के सबसे बड़े लिखित संविधान को अंगीकृत किया था। संविधान...

सच्चिदानंद सिन्हा को जानिये, जिनके निधन को समाजवादी विचारधारा के एक युग का अंत कहा जा रहा है

वो साल था 1984 का। पंजाब आतंकवाद के कारण जल रहा था। वहां से रोज बेगुनाहों के कत्ल के समाचार आ रहे थे। पंजाब को लेकर सारा देश चिंतित था। तब पंजाब की स्थिति पर चर्चा करने के लिए समाजवादी आंदोलन से जुड़े राजनीतिक...

बिहार चुनावः जमीन पर बहुजन एकता जरूरी, तभी चुनावी जीत संभव

बिहार के कुछ इलाकों में दस दिनों तक घूमने के बाद यह पता चल गया था कि एनडीए की स्थिति मजबूत है। दस लोगों में से 7 लोग यही कह रहे थे। मैं ज्यादातर दलित और कुछ पिछड़ी बस्तियों में गया था। वो खबरें...

बिहार में राज उसी का, दलित वोटर जिसका

बिहार चुनाव के दूसरे चरण में सबकी निगाहें दलित और मुसलमान मतदाताओं पर है। दूसरे चरण में जिन 122 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, उसमें लगभग 100 सीटें ऐसी है, जिस पर जीत-हार का फैसला दलित मतदाता करेंगे। यह समाज जिधर जाएगा,...

जोगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान से भारत क्यों वापस आए?

1946 के संयुक्त भारत की अंतरिम सरकार के पहले कानून मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल पूर्वी बंगाल के एक प्रमुख अनुसूचित जाति के नेता थे। वे भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान की संविधान सभा के सदस्य बने रहे। उन्होंने पाकिस्तान में कई महत्वपूर्ण पदों को...

IPS पूरन कुमार की आत्महत्या पर महिला IAS का पोस्ट, उठाए गंभीर सवाल

*रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई* *तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई* आपको इस तरह नहीं जाना चाहिए था, सर। आपको क्या किसी को भी इस तरह नहीं जाना चाहिए। एक सक्षम, प्रतिभाशाली और प्रतिबद्ध वरिष्ठ IPS अधिकारी, Sh Y Puran Kumar जिसने अपनी...

सामंत के मुंशी का आधुनिक संस्करण है प्रशांत किशोर

पिछले लगभग दस-बारह सालों से विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर काम कर रहे थे। सुना है इस काम में इन्होंने काफी धन कमाया। बाद में इन्हें लगा क्यों ना सीधे ही राजनीति में ही हाथ आजमाए जाएं। तो इन्होंने...

प्राइवेट यूनिवर्सिटी में आरक्षण पर बड़ा खुलासा

क्या आपको पता है कि देश की प्राइवेट यूनिवर्सिटी में भी रिजर्वेशन मिलना चाहिए?? नहीं पता? हाल ही में दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा पर 31-सदस्यीय संसदीय समिति, जिसमें तमाम दलों के प्रतिनिधि शामिल थे, ने इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट दी है।...

वोट के अधिकार की लड़ाई से वोट चोरी तक

भारत की आजादी से पहले ब्रिटिश शासन के दौरान मतदान का अधिकार सीमित और शर्तों के आधार पर था। तब केवल वे लोग वोट दे सकते थे जिनके पास संपत्ति, आय, शिक्षा या टैक्स भुगतान जैसी योग्यता होती थी। इस कारण आबादी का बड़ा...

वोट के अधिकार से लेकर वोटों की चोरी तक, संघर्ष करता भारतीय लोकतंत्र

11 अगस्त को लुटियन दिल्ली की सड़कें जन प्रतिनिधियों (सांसदों) से पटी पड़ी थी। भारत के राजनीतिक इतिहास में यह संभवतः पहली बार हुआ जब 300 सांसद एक साथ सड़क पर उतरें। मुद्दा वोट चोरी का था। इस विरोध प्रदर्शन से एक घटना याद...

कल्पना सोरेन ने किया ससुर शिबू सोरेन को याद, लिखा भावुक पोस्ट

प्रिय बाबा, जब पूरा देश आपको अश्रुपूरित नेत्रों से विदा कर रहा है, मैंने एक कोना पकड़ लिया है, अपनी आधी जिंदगी जिस वटवृक्ष के साये में महफ़ूज़ हो कर काटी - आज आपके जाने से वह बेटी-सी बहू अपनी टूटी हुई हिम्मत बटोरने...

प्रो. नन्दू राम: भारतीय समाजशास्त्र को समग्रता प्रदान करने वाले समाजशास्त्री

भारतीय समाजशास्त्र में प्रो. नन्दू राम अगर अपनी लेखनी से भारत की एक-चौथाई जनता का समाजशास्त्रीय सच प्रकाशित एवं स्थापित नहीं करते तो भारतीय समाजशास्त्र कुछ वर्णों का ही समाजशास्त्र बनकर रह जाता। अपने अदम्य सहस एवं ज्ञान की गहराई  के आधार पर उन्होंने आई....

खामोश बौद्धिक योद्धा थे प्रोफेसर नंदू राम

कुछ नायक खामोश होते हैं। उनकी कोई प्रचारक सेना नहीं होती, कोई सोशल मीडिया कैंपेन नहीं चलता। वे न तो अपने संघर्ष की मार्केटिंग करते हैं, न ही उपलब्धियों का ढोल पीटते हैं। लेकिन उनके जाने के बाद, एक खालीपन रह जाता है, सिर्फ...
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जिस सतलज फिल्म पर रोक लगी है, जानिये उसके नायक जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी

तीन जुलाई को OTT प्लेटफार्म जी5 पर रिलीज़ हुई फिल्म सतलुज को पांच जुलाई को इस प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया रविवार पांच जुलाई...

राजनीति

सीएम योगी ने अखिलेश यादव को दी जन्मदिन की बधाई, सीएम योगी के जन्मदिन पर अखिलेश ने साध ली थी चुप्पी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी है।...
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