क्या अब मायावती और बसपा बदलने वाली है?​

बसपा प्रमुख सुश्री मायावती देश की इकलौती ऐसी नेता हैं, जिनकी राजनीति अन्य दलों से अलग है. मसलन, जैसे तमाम पार्टियां प्रवक्ताओं की फौज उतार कर दिन रात हर मुद्दे पर अपना बयान देती दिखती हैं, वहीं मायावती गिने-चुने मुद्दों पर सीधे खुद ही अपनी ठोस राय रखती हैं. या फिर अपने पार्टी के पदाधिकारियों के जरिए सीधे कार्यकर्ताओं तक अपनी बात पहुंचाने में यकीन रखती हैं.

जैसे तमाम पार्टियां सार्वजनिक मंचों पर एक दूसरे से हाथ जोड़े खड़ी रहती हैं, मायावती अमूमन सिर्फ बसपा के मंच पर अकेले दिखती हैं. लेकिन 23 मई की तस्वीरों ने एक झटके में काफी कुछ बदल दिया है. अलग-अलग दल के नेताओं के बीच बिना हिचक पूरी सहजता से मायावती का दिखना यह इशारा कर रहा है कि वह अब बदल रही हैं.

बीते दशक में जब तमाम विपक्षी दल अपने अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में एक-दूसरे से गठबंधन कर रहे थे, मायावती तमाम मुश्किलों के बावजूद अकेले चल रही थीं. लेकिन पहले यूपी के उपचुनाव में सपा को समर्थन देकर तो फिर कर्नाटक और हरियाणा में चुनाव पूर्व गठबंधन कर के उन्होंने यह संकेत दे दिया है कि वह अब बदल रही हैं.

एचडी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में सोनिया गांधी के साथ दिखी उनकी आत्मीय सहजता के बाद तो इस बात पर मुहर लगाई जा सकती है कि बसपा अपने चिरपरिचित ‘अलगाववाद’ की नीति से हट रही है.

1990 के दशक की शुरुआत से बसपा खुद को दलितों की अकेली राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर पेश करती रही है. मायावती 2007 में अपने राजनीतिक करियर के शीर्ष पर पहुंची थीं जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के चुनाव में 30 प्रतिशत वोट हासिल करते हुए विधानसभा की 206 सीटें जीती थीं. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल का अपना कार्यकाल भी पूरा किया. तो वहीं 2009 में बसपा को लोकसभा में 21 सीटें मिली थीं जो उसका अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन है.

बसपा की यह सफलता एक बेजोड़ सामाजिक गठबंधन का नतीजा थी. तब पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने दलित वोट बैंक को एकजुट रखते हुए ब्राह्मणों को भी साथ कर लिया था. लेकिन इसके बाद से पार्टी लगातार कमजोर हुई है. 2014 में उसे एक भी लोक सभा सीट नहीं मिल पाई थी. वहीं 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई और इसके साथ ही लगातार दूसरी बार राज्य की सत्ता हासिल करने से चूक गईं.

हाल के चुनाव में पिछड़ा वोटर भी बसपा से छिटका है, जिसका खामियाजा भी पार्टी को भुगतना पड़ा. बसपा अभी जिस जगह पर खड़ी है, उसके पास खुद को बदलने के अलावा और कोई चारा भी नहीं दिखता. यूपी में सपा से गठबंधन और बेंगलुरू में विपक्षी दलों के साथ गठजोड़ का इशारा यह बता रहा है कि बसपा और मायावती खुद को बदलने को तैयार हैं और उन्होंने इसकी कोशिश भी शुरू कर दी है. जाहिर है कि यह बदलाव बहुजनों के हित के लिए भी जरूरी है.

मायावती ने बताई पीएम की चार साल की ऐतिहासिक गलतियां

PC-Patrika

लखनऊ। मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने करारा जवाब दिया है. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मोदी सरकार की विफलताओं को गिनाना शुरू कर दिया. इनका कहना है कि मोदी सरकार 4 साल हर मोर्चे पर विफल रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के अपने ही नेता उनसे नाराज हो रहे हैं. इनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है.

सरकार में ऐतिहासिक वृद्धि

इस दौरान मायावती ने महंगाई को लेकर जमकर हमला किया. इस दौरान पेट्रोल-डीजल में मूल्य वृद्धि को लेकर मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पीएम नरेंद्र मोदी अपने हर काम को ऐतिहासिक बताते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में उनकी सरकार में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. साथ ही चार साल में सरकार ने गरीबों और दलितों का उत्पीड़न किया है. बीजेपी सरकार के लोग अनर्गल बयानबाजी करते हैं और बीजेपी पार्टी अपने ही नेताओं की नहीं सुनती है.

मायावती ने बताया कि पार्टी अधिवेशन में आगामी विधानसभा चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे रिजल्ट की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी. कर्नाटक से लौटकर आने के बाद ही मायावती ने इसकी घोषणा की थी. शनिवार को लखनऊ में बसपा का राष्ट्रीय अधिवेशन है.

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पीएम मोदी का वीडियोः ‘साफ नीयत, सही विकास’ का पर्दाफाश

PC-indiatvnews

नई दिल्ली। ‘साफ नीयत, सही विकास’ का नारा देकर मोदी सरकार चार साल के जश्न में डूबी है. लेकिन जिन मुद्दों पर पीएम मोदी ने 56 इंच का सीना दिखाया था, दावा किया था इससे देश की कायापलट होगी, देश का विकास होगा. उन तमाम मुद्दों पर मोदी की साफ नीयत वाली विकास दिख नहीं पाई है. ये मैं नहीं कह रहा है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही उनका जिक्र नहीं किया है.

शनिवार को भाजपा सरकार के चार साल पूर हो गए हैं. ‘साफ नीयत, सही विकास’ का नारा ट्रेंड कर रहा है. नरेंद्र मोदी ने एक करीब तीन मिनट का वीडियो शेयर कर साफ नीयत वाली विकास की कहानी सुनाई है. ‘साफ नीयत, सही विकास’ भले ही ट्रेंड कर रहा है लेकिन मोदी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होने लगे हैं.

जयशाह के स्टार्ट अप जैसी तरक्की

साल 2014 में नरेंद्र मोदी ने युवा,युवा,युवा का नारा देकर युवाओं का दिल जीत लिया. युवाओं की बात करने वाले नरेंद्र मोदी ने चार साल में युवाओं के लिए किया क्या? रोजगार के नाम पर पकौड़ा, चाय बेचने की नसीहत और 15 लाख देने वाली बात को जुमला बताकर बच लिए. यदि युवाओं के लिए कुछ किया है तो फिर रोजगार का जिक्र वीडियो में क्यों नहीं है? हां, ऐसा मान लिजिए कि, साफ नीयत, सही विकास में रोजगार शामिल नहीं था. स्कील इंडिया, स्टार्ट अप का जिक्र किया है लेकिन अमित शाह के बेटे जयशाह के स्टार्ट अप जैसी तरक्की कितनों ने की है.

भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना

एक नजर में देखिए पीएम के वादे। फोटो साभार- गूगल इमेज

दुसरी और बीजेपी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना दिखाया लेकिन इसका जिक्र वीडियो में नहीं है. बल्कि नोटबंदी के समय का मीडिया कवरेज देखिए तो पता चलता है कि नोटबंदी को किस प्रकार से मोदी और इनके मंत्री ताल ठोक कर भ्रष्टाचार मुक्त करने की बात कहते हैं. मतलब कि नोटबंदी पर भी नीयत साफ नहीं है. जीएसटी को वन नेशन, वन टैक्स बताकर लागू कराया लेकिन इसमें इतनी उलझन डाल दी कि आजकत लोगों को समझ हीं नहीं आ रहा है. शायद इसलिए जीएसटी का जिक्र भी साफ नीयत वाली वीडियो में नहीं है.

चौकीदार सरकार की हार

अब भ्रष्टाचार पर क्या कहना, खुद ही देखिए भाजपा सरकार में ही नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चौकसी जैसे भगौड़े करोड़ों की चंपत लगाकर भाग गए और हमारी चौकीदार सरकार देखते रह गई. कुछ एक्शन लिया है तो फिर चार से विकास में इसका जिक्र किया क्यों नहीं क्योंकि ये अबतक के सबसे बड़े घोटालें माने जाते हैं.

बुलेट ट्रेन का सपना

रेलवे की स्थिति तो ज्यों की त्यों बनी हुई है. ट्रेनें लेट, जनरल बोगियों की संख्या नहीं बढ़ी लेकिन हादसें बढ़ गए. रेलवे विकास के नाम पर चार साल में सरकार बता रही है कि टिकट बुक करना आसान कराया है. बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया है.

साफ तौर पर कहें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन वादों के बदौलत सत्ता में आए और चर्चा में रहे, पर अब वह खुद ही रोजगार, नोटबंदी, जीएसटी, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर चर्चा से नजर छिपाते दिख रहे हैं. अब भाजपा सरकार ही इनको अपने विकास के चैप्टर में शामिल नहीं कर रही है तो फिर आम लोग कैसे मान लें कि साफ नीयत के साथ सही विकास हुआ है.

-रवि कुमार गुप्ता

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‘साफ नीयत, सही विकास’ पर कांग्रेस का ‘विश्वासघात’

नई दिल्ली। बीजेपी सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपा ‘साफ नीयत, सही विकास’ के गीत गुनगुना रही है तो वहीं कांग्रेस ने इसको जनता के साथ विश्वासघात बताया है. शनिवार को कांग्रेस देशभर में विश्वासघात मनाकर लोगों को जागरूक करने का काम करेगी. साथ ही बीजेपी का भंडाफोड़ करेगी.

शनिवार की सुबह तक मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस ‘विश्वासघात दिवस’ मनाने में जुटी है. जो कि मोदी सरकार के कारनामों का काला चिट्ठा खोलेगी. राहुल गांधी ने दो-तीन पहले ही कहा था कि भाजपा के चार साल पूरे होने पर ‘विश्वासघात दिवस’ मनाएंगे. ‘विश्वासघात दिवस’ के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि मोदी ने देश को किस तरह जनता को लूटा है. भाजपा की योजनाओं ने जनता को कंगाल कर दिया है.

बता दें कि कांग्रेस ने कर्नाटक में वापसी करने के बाद सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. कर्नाटक में विजयी होने के बाद बीजेपी पर हमला बोला है. राहुल गांधी बीजेपी को हर मुद्दे पर घेर रहे हैं. यहां तक कि प्रधानमंत्री को चैलेंज दिया और कहा कि मोदी जी इसको स्वीकार करें.

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शिवसेना प्रमुख ने कहा- भोगी आदित्यनाथ योगी को चप्पल से पिटना चाहिए

मुंबई। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के संबंध बिगड़ते दिख रहा है. रिश्तों में करवाहट इतनी हो गई है कि शिवसेना प्रमुख ने यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी को चप्पल से पिटने की बात कह दी. इतना ही नहीं योगी को और भी बहुत भला-बुरा कह डाला.

आजतक की खबर के मुताबिक शुक्रवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस तरह की भाषा का प्रयोग किया. ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भोगी कहा. साथ ही ठाकरे ने कहा कि विरार में शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान योगी ने अपना खड़ाऊं नहीं उतारा. योगी को चप्पलों से पीटना चाहिए.

ठाकरे ने कहा कि ईश्वर के प्रतिरूप शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष खड़ाऊं ना उतारना उनके प्रति अपमान है. योगी ने ऐसा शिवाजी का सम्मान नहीं किया है. आगे उन्होंने कटाक्ष करते हुए बोला कि, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है? हालांकि इसको लेकर अभीतक आदित्यनाथ योगी ने कोई जवाब नहीं दिया है. लेकिन इस तरही की भाषा की निंदा की जा रही है.

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मुस्लिम युवक को मारने लगे भगवाधारी, मिला सिख पुलिस का सपोर्ट

प्रतीकात्मक फोटो

उत्तराखंड। आज एक और मुस्लिम युवक भगवाधानी भीड़ की बलि चढ़ जाता. मुस्लिम युवक को मंदिर के पास भगवाधारी युवकों ने घेर लिया और जमकर पिटाई करने लगे. मारता देखकर आसपास के लोगों में खौफ भर गया और किसीकी हिम्मत नहीं हुई बचाने की और मुसलमान युवक बेवजह मार खाता रहा.

शुक्रवार को जानकारी प्रकाश में आई जबकि यह मामला 22 मई का है जो कि उत्तराखंड के रामनगर में गिरिजा मंदिर क पास घटी. दरअसल, मंदिर के पास मिलने आए एक हिन्दू-मुस्लिम जोड़े को भीड़ ने घेर लिया और मुस्लिम लड़के के साथ खींचा-तानी व मारपीट शुरू कर दी. हिंदू प्रेमिका से मिलने के कारण भगवाधारी युवकों ने पिटाई की.

सब-इंस्पेक्टर ने दिखाई बहादुरी

वहां पर मौजूद सिख सब इंस्पेक्टर गगनदीप की नजर गई वह लड़के को बचाने आ गए. भीड़ ने उनपर भी हमला करने की कोशिश की लेकिन गगनदीप लड़के को बचाने में कामयाब हो गए. और वो लड़के को लेकर पुलिस स्टेशन आ गए. इसके बाद लड़के को परिजनों को सौंप दिया.

सोशल मीडिया पर वाहवाही

इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जोर शोर से वायरल हो रहा है. लोग इसमें उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. गगनदीप की इस बहादुरी के कारण लोग ट्विटर पर उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं. यहां तक की सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने भी ट्वीट कर उनकी तारीफ की.

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CBSE Class 12th Results 2018: कल आएगा रिजल्ट,सबसे पहले ऐसे चेक करें

PC-google image

नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) शनिवार 26 मई को 12वीं के नतीजे घोषित करेगा. मानव संसाधन मंत्रालय के सचिव अनिल स्‍वरूप ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. इसके साथ ही स्टूडेंट्स की बेचैनी बढ़ गई है लेकिन रिजल्ट चेक करन के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीके दिए गए हैं. जिनकी जानकारी नीचे आपको मिलेगी. इंटरनेट की दिक्कत होने पर एसएमएस के जरिए भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं.

बता दें कि इस साल 10वीं और 12वीं में 28 लाख स्‍टूडेंट ने बोर्ड परीक्षा दी थी. जहां 10वीं में 16.38 लाख स्‍टूडेंट व 12वीं में 11.86 लाख स्‍टूडेंट शामिल हुए थे. अब 12 वीं की रिजल्ट आ रही है जिसको चेक करने की तमाम सुविधा दी जा रही है लेकिन हम आपको सबसे आसान तरीका बताने जा रहे हैं.

ऑफिशियल वेबसाइट

यदि आप चाहें तो CBSE board 12वीं के नतीजे ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in और cbse.nic.in पर जारी किए जाएंगे. हालांकि इस बार CBSE के 10वीं और 12वीं के रिजल्‍ट www.google.com गूगल के सर्च पेज पर भी उपलब्‍ध होंगे.

गूगल सर्च ऐसे करें

  • सबसे पहले www.google.com पर जाएं.
  • फिर ‘CBSE results’ or ‘CBSE class 10 results’ or ‘CBSE class 12 results’ सर्च करें.
  • अब गूगल के सर्च रिजल्‍ट पेज पर रिजल्‍ट सर्च विंडो दिखाई देगी. यहां अपना रोल नंबर और जन्‍म तारीख डालें.
  • अपनी डिटेल सब्मिट कर रिजल्‍ट चेक करें.
मैसेज के जरिए चेक करें

अब यदि आप चाहते हैं कि एसएमएस के जरिए रिजल्ट प्राप्त करना तो यहां पर चेक कर पाएंगे. इसके लिए आपको 57766 (BSNL), 54321202 (Airtel),5800002 (Aircel), 52001 (MTNL), 55456068 (Idea), 54321, 51234 और 5333300 (Tata Teleservices)  और 9212357123 नंबरों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. साथ ही आप चाहें तो अपने सर्किल नेटवर्क के कस्टमर केयर से संपर्क कर जानकारी लेकर प्राप्त कर पाएंगे.

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मायावती ने योगी को लेटर लिख बताया- 13 ए माल एवेन्यू सरकारी आवास नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व मंत्रियों को सरकार आवास खाली करने को नोटिय दिया था. इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती का सरकारी बंगले सुर्खियों में आ गया था. इसको लेकर मायावती ने एक और बात मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को खत लिखकर बातें बताई है, जिसमें उनका कहना है कि जिस बंगला का खाली करने की बात कही जा रही है वह उनका सरकारी आवास नहीं है.

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिरकार वह मायावती का सरकारी आवास नहीं है तो है क्या. लेकिन इस बात को साफ तौर पर मायावती ने बताया कि, 13 ए माल एवेन्यू तो मायावती का सरकारी आवास है ही नहीं. उनका सरकारी आवास तो 6, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग है और वह इसे जल्द ही खाली कर देंगी.

कांशीराम जी यादगार स्थल घोषित

मायावती के इस पत्र को लेकर शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा और लालजी वर्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले. पत्र में मायावती ने लिखा है कि बसपा शासनकाल के समय 13 जनवरी, 2011 में 13 माल एवेन्यू कांशीराम जी यादगार स्थल घोषित किया जा चुका है. उसके कुछ भाग में मुझे इस उद्देश्य से रहने की अनुमति दी गई थी कि इस स्थल का रखरखाव एवं सुरक्षा मेरी देखभाल में हो सके. उन्होंने कहा है कि 23 दिसंबर 2011 में राज्य संपत्ति विभाग ने  6, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग उन्हें आवास के रूप में आवंटित किया गया था. इसलिए मैं इसे खाली कर विभाग को सौंप दूंगी.

साथ ही मायावती ने ये भी अनुरोध किया है कि श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल की देखरेख और सुरक्षा राज्य संपत्ति विभाग करे और अगर किसी तरह की दिक्कत विभाग को होती है तो पहले की तरह ही बसपा को अधिकृत करे दें. बता दें कि हालही में मायावती ने 13 माल एवेन्यू में कांशीराम जी यादगार स्थल का बोर्ड लगवाया था जिसको लेकर बहस छिड़ गई थी.

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बौखलाए येदियुरप्पा, सीएम कुमारस्वामी को दी चेतावनी

बेंगलुरू। कर्नाटक की करारी हार के बाद येदियुरप्पा के बौखलाए नजर आ रहे हैं. कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस सरकार के खिलाफ येदियुरप्पा आक्रामक दिख रहे हैं. कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. इस चेतावनी के बाद कर्नाटक की राजनीति फिर गरमा गई है. इस चेतावनी के जरिए येदियुरप्पा खुद को किसान नेता दिखाने की कोशिश में लगे हैं.

53,000 करोड़ रुपये माफ…

येदियुरप्पा ने कहा कि यदि कुमारस्वामी की सरकार विश्वास मत के बाद 24 घंटे के अंदर कसानों का कर्ज माफ नहीं करती है तो उनकी पार्टी राज्य भर में आंदोलन करेगी. इस आंदोलन की आवाज देश भर जाएगी. येदियुरप्पा ने कहा कि जेडीएस ने 53,000 करोड़ रुपये का किसान ऋण माफ करने का वादा किया था जिसमें नेशनलाइज्ड बैंकों से लिया गया उधार भी शामिल है. बता दें कि येदियुरप्पा सीएम की शपथ लेने के बाद किसानों का कर्ज माफ करने का घोषणा किए थे और आईएस-आईपीएस का तबादला कराए थे जिसके बाद कोर्ट ने उनको नीतिगत फैसले लेने से रोक दिया था.

गौरतलब है कि शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा में कुमारस्वामी ने बहुमत साबित कर खुद को कदावर व भरोसेमंद नेता साबित कर दिय है. साथ ही उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि गठबंधन का भविष्य सुरक्षित है. उनकी पार्टी गठबंधन पर टिकी है इसलिए वे किसी प्रकार का गलत कदम नहीं उठाएंगे.

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निपाह वायरस को रोकेगी मलेशिया की दवाईयां

PC- zeenews

नई दिल्ली। निपाह वायरस का आतंक बढ़ता जा रहा है. केरल में मरने वालों की संख्या केरल में अबतक 12 लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों का इलाज चल रहा है. निपाह वायरस को रोकने के लिए सरकार ने जरूरी हिदायत बरतने को कहा है. साथ ही इसको रोकने के लिए मलेशिया से दवा मंगाने की बात भी सामने आई है.

इस वायरस का हालिया शिकार कोझीकोड़ के पेरंब्रा गांव के निवासी मूसा बने हैं. मूसा के दोनों बेटे मुहम्मद सादिक, मुहम्मद सालीह और उनकी भाभी मरियम इस बीमारी की वजह से मर चुके हैं. केरल का खौफ अब देश कई राज्यों में पहुंच रहा है. सरकार इसको रोकने का प्रयास कर रही है. लेकिन बहुत फायदा नहीं हो पा रहा है क्योंकि मरने वालों की संख्या के साथ-साथ संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है.

मलेशिया की दवाई

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने रीबाविरीन नाम के एंटी-वायरल ड्रग को मलेशिया से मंगवाया है ताकि निपाह से लड़ा जा सके. कोझीकोड के मेडिकल कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में तीन मरीजों को यह ड्रग दिया जा रहा है. चूंकी निपाह सबसे पहले मलेशिया में फैला था इसलिए उनके पास इसको रोकने की कारगर दवा है. सरकार मलेशिया से दवा मंगाने में जुटी है ताकि जल्दी से इसको रोका जा सके. राज्य में विभिन्न अस्पतालों में इस वायरस के लक्षणों वाले 23 लोग भर्ती हैं. वहीं जिन दो लोगों की पहचान वायरस से पीड़ित के तौर पर हुई थी उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.

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दावे पर खरे उतरे कुमारस्वामी, बीजेपी विधायकों का वॉकआउट

बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अपने दावे पर खरा उतरे. आखिरकार उन्होंने विधायकों का विश्वसा मत हासिल कर लिया. फ्लोर टेस्ट में विश्वासमत हासिल करने के बाद जेडीएस व कांग्रेस की जीत पूरी तरह पक्की हो गई है. कुमारस्वामी ने पहले जिस तरह दावा किया था उस दावे को आज पूरा कर दिखाया.

पार्टी का भविष्य भी गठबंधन

एचडी कुमारस्वामी को उनके समर्थन में 117 विधायकों ने वोट किया. उनके विश्वासमत से पहले बीजेपी विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया था. विश्वासमत पेश करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि काफी सोच-समझकर ही गठबंधन सरकार बनाई है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का भविष्य भी गठबंधन पर ही टिका है. विश्वास मत से पहले पहले विधानसभा के स्पीकर के लिए हुए चुनाव को कांग्रेस ने जीता. बीजेपी के स्पीकर के पद के लिए एस सुरेश कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया. इसके बाद कांग्रेस के पूर्व स्पीकर के आर रमेश कुमार को स्‍पीकर चुना गया.

बता दें कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार ने कर्नाटक जीत के साथ वापसी की है. इस गठबंधन ने पूरे विपक्ष को एकजुट कर दिया है. बुधवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के नेताओं ने एकजुट होकर महागठबंधन की झलक दिखाई दी थी. इसका प्रभाव यूपी के कैराना व नूरपुर में भी देखने को मिला है. मायावती ने वहां पर गठबंधन को समर्थन देने की बात कही है.

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हरामी व्यवस्थाः चार दलित महिलाओं पर आधा दर्जन राजपूतों ने किया जानलेवा हमला

प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दलित अत्याचार का एक शर्मनाक मामला सामने आया है. घर पर अकेला देखकर राजपूतों ने दलित महिलाओं पर जानलेवा हमला किया. इतना ही नहीं घर में घुसकर मारा और फिर घर को पूरी तरह उजाड़ दिया. ये महिलाएं जान बचाकर 100 नंबर डायल कर पुलिस को बुलाई तब जाकर इनकी जान बच पाई.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूपी के बांदा जिले के बिसंड़ा थाना क्षेत्र के तेंदुरा गांव में गुरुवार सुबह ऊंची जाति के एक समूह ने एक दलित परिवार के घर पर हमला बोल दिया. इस हमले में दलित परिवार की एक बुजुर्ग महिला सहित चार महिलाएं बुरी तरह घायल हो गई.

दलित का अकेला घर

पीड़ित परिवार के मुखिया संतोष ने बताया कि कहा, “हमले के समय घर में सिर्फ महिलाएं थीं. वह खुद जरूरी काम से इलाहाबाद में है. हमलावर समूह उसके परिवार का घर छीनना चाहते हैं. ऊंची जाति के इलाके में सिर्फ उसका घर बचा है, जिसे छीनने की पुरजोर प्रयास किया जा रहा है. राजपूतों की ओर से यह छठा हमला है. घटना की सूचना एसपी, थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस अधिकारियों को जरिए फोन दे दी गई है. साथ ही हमेशा मारने-पीटने की धमकी देते रहते हैं.”

ऐसे किया हमला

यह हमला सुबह करीब साढ़े छह बजे किया जब बुजुर्ग दलित महिला शिवकलिया (58) अपने घर के पिछवाड़े गोबर के उपले उठाने गई थी. तभी संतराम सिंह, उसका बेटा अमित सिंह, लालू सिंह और दो महिलाएं सावित्री व सपना ने उपले उठाने से दलित महिला को रोका व धक्का मुक्की की. जब वह नहीं मानी, तब इस समूह के आधा दर्जन लोगों ने एक साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया. उसे बचाने पहुंची गुड्डन (32), रोशनी (16) और सुनीता (29) को भी घर में घुस कर मारा-पीटा गया.

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मायावती की विशेष बैठक, लखनऊ पर होगी देश की नजर

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की एक अहम बैठक कल 26 मई को लखनऊ में होने जा रही है. यह बैठक आम बैठक जैसी न होकर विशेष बैठक होगी. इसमें पार्टी के सभी प्रदेशों के प्रमुख नेता जुटेंगे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय की जाएगी, साथ ही यूपी सहित अन्य प्रदेशों में गठबंधन को लेकर भी आखिरी मुहर लगने की खबर आ रही है. इस बैठक को लेकर सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि पार्टी मायावती को पीएम पद के दावेदार के रूप में प्रस्तुत कर सकती है.

दरअसल, 2019 में मोदी विरोधी मोर्चे को बनाने में जुटी मायावती चुनावी रणनीति और आगामी चुनावों में गठबंधन को लेकर अपना रुख कार्यकारिणी में साफ कर सकती हैं. गठबंधन की रूपरेखा क्या होगी, इसके बारे में भी बैठक में फैसला हो सकता है. कार्यकारिणी की बैठक से ही तीसरे मोर्चे के प्रारूप का भी अंदाजा लग जाएगा.

हरियाणा में गठबंधन

मायावती उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा में नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन का ऐलान कर चुकी हैं. कर्नाटक में उन्होंने जेडीएस के साथ गठबंधन कर विधानसभा चुनाव लड़ा था. इसी तरह दूसरे राज्यों में किन-किन दलों के साथ गठबंधन किया जा सकता है कार्यकारिणी में इस पर भी निर्णय लिया जा सकता है. साथ ही सपा के अलावा यूपी में कांग्रेस और रालोद गठबंधन का हिस्सा होंगे या नहीं इस पर भी फैसला होना हैं.

कर्नाटक में 23 मई को हुए शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों की मौजूदगी के दौरान तमाम नेताओं ने जिस तरह बसपा प्रमुख को तव्वजो दी, उससे पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं. समारोह में जिस तरह सोनिया गांधी और मायावती के बीच शुरू से लेकर आखिर तक करीबी और सहजता दिखी, उससे भी कई संदेश गया है. इन तस्वीरों ने जहां विपक्षी दलों की बेचैनी को बढ़ा दिया है तो वहीं इससे बसपा के कार्यकर्ता खासे उत्साहित हैं. बसपा समर्थकों को यह लगने लगा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी नेता मायावती की भूमिका काफी अहम होगी और अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वो प्रधानमंत्री भी बन सकती हैं.

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कैराना में बीजेपी को हराने मायावती ने चली चाल

लखनऊ। बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. कैराना व नुरपुर उपचुनाव में बसपा प्रमुख मायावती ने नई चाल चल दी है. जिसको लेकर किसी को यकीन नहीं हो रहा है. मायावती ने दलित वोटरों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया है. साथ ही ऐसी बात कह दी है जिससे बीजेपी की मुश्किल बढ गई है. मायावती की चाल को रोकने के लिए बीजेपी ने यूपी मुख्यमंत्री योगी से लेकर तमाम बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है.

जहां एक तरफ कहा जा रहा था कि मायावती कैराना व नुरपुर में गठबंधन नहीं करेंगी. लेकिन इस बात को मायावती ने झूठला दिया है. मायावती ने साफ तौर पर कहा है कि दोनों ही जगहों पर गठबंधन वाले प्रत्याशियों को सहयोग करना है. इसको लेकर उन्होंने 23 मई को कार्यकर्ताओं की एक बैठकर बुलाई थी, इस दौरान कार्यकर्ताओं को कहा कि गठबंधन वाले उम्मीदवारों को जीताने के लिए मदद करें.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी कंवर हसन ने राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को गुरूवार को ही समर्थन दे दिया. इसके बाद लगभग साफ हो गया है कि अब कैराना में महागठबंधन बनाम बीजेपी की सियासी लड़ाई होगी. इससे बीजेपी का डर बढ़ता दिख रहा है. हालांकि इन दोनों जगहों पर दलित वोटरों की संख्या काफी ज्यादा है इसके बावजूद भी मायावती ने गठबंधन को समर्थन देकर बीजेपी को हराने की ठान ली है.

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बोधगया सीरियल ब्लास्ट में पांच दोषी, 31 मई को सजा

पटना। बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट में करीब पांच साल बाद कोर्ट का फैसला आ गया है जिसमें कोर्ट ने पांच लोगों को दोषी कारार दिया. शुक्रवार को कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. कोर्ट पांच दोषियों को 31 मई को सजा सुनाएगी.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार के बोधगया में 7 जुलाई 2013 को महाबोधी मंदिर सीरियल ब्लास्ट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने सभी पांच आरोपियों को दोषी करार ठहराया है. अदालत सभी आरोपियों को 31 मई को सजा पर ऐलान करेगी. बोधगया सीरियल ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट के स्पेशल जज मनोज कुमार ने यह फैसला सुनाया है. बता दें कि 7 जुलाई 2013 को बोधगया में हुए एक बाद एक सीरियल ब्लास्ट में दो लोग घायल हो गये थे. गौरतलब है कि बोधगया ब्लास्ट में एनआईए ने करीब 90 गवाहों को पेश किए.

ये हैं पांच दोषी

जांच एजेंसी एनआईए ने इम्तियाज अंसारी, उमर सिद्दीकी, अजहरुद्दीन कुरैशी और मुजीबुल्लाह अंसारी को आरोपी बनाया था जिसे शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया. हैदर, मुजीबुल्लाह और इम्तियाज रांची के निवासी है. जबकि उमर और अजहर छत्तीसगढ़ के रायपुर का रहने वाला है. फिलहाल इनको बेउर जेल में बंद रखा है.

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कर्नाटकः स्पीकर पद से बीजेपी ने नाम लिया वापस, कांग्रेस जीती

बेंगलुरू। कर्नाटक में बीजेपी की रणनीति पूरी तरह फेल नजर दिख रही है. सरकार बनाने से चूकने के बाद बीजेपी ने स्पीकर पद से भी नाम वापस ले लिया है. नाम वापस लेने के बाद कांग्रेस का रास्ता साफ हो गया और स्पीकर पद पर कांग्रेस की झोली में चला गया.

शुक्रवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक विश्वास मत साबित करने के पहले विधानसभा के स्पीकर के लिए हुए चुनाव को कांग्रेस ने जीत लिया है. बीजेपी के स्पीकर के पद के लिए एस सुरेश कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया है. ऐसे में कांग्रेस ने पूर्व स्पीकर के आर रमेश कुमार को स्‍पीकर नियुक्‍त किया है.

आज शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि विश्वास मत हासिल करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. इसके लिए वे तैयार हैं और जल्द ही बहुमत साबित कर देंगे.

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‘परमाणु’ देखने के लिए बस ये वजह काफी है

नई दिल्ली। ‘परमाणु’ ने धमाके के साथ सिनेमाघरों में एंट्री की है. इस फिल्म को लेकर काफी चर्चा है. इससे देश की सबसे बड़ी शक्ति परीक्षण के पल जुड़े हुए हैं. हालांकि संयुक्त राष्ट्रसंघ की तमाम अटकलों के बाद परमाणु परीक्षण किया गया था. ‘परमाणु’ परीक्षण की कहानी लोगों के दिल में दिलचस्पी व रोमांच पैदा कर रही है, जो आजतक छुपी हुई थी…

परमाणु को पर्दे पर देखने की दिलचस्पी

‘परमाणु’ फिल्म में लोगों को परमाणु परीक्षण की छुपी बातें देखने को मिलेंगी. इस बात को देखना दिलचस्प होगा कि किस प्रकार हमारे देश के वैज्ञानिकों व ईमानदार नेताओं ने मिलकर परमाणु परीक्षण कराया और दुनिया को भनक तक ना लगी.

आखिर किस प्रकार की रणनीति तैयार की गई थी. एक तरफ जहां अमेरिका सेटेलाइट से हम पर नजर रखे रहता है तो वहीं हमनें सेटेलाइट को भी मात दे दी. इसमें सबसे बड़ी व दिलचस्प कड़ी तो यही है. जो कि हमें ‘परमाणु’ देखने के लिए विवश करती है.

तीन दिन पांच सफल परीक्षण

11 मई, 1998 भारत ने तीन परमाणु हथियारों का परीक्षण कर दुनिया को दिखा दिया कि ‘हम किसी से कम नहीं’, तीन दिन के अंदर पांच सफल परीक्षण किए गए. वैज्ञानिक बिरादरी और देश में इसके बाद जश्न का माहौल था. हालांकि धमाका हमारे देश में हुआ लेकिन दुनिया को दहला दिया. इसके साथ ही हम परमाणु शक्ति को आजमाने वाले छठे देश बन गए.

अमेरिकन इंटेलिजेंस की हार

इस परीक्षण को सबसे करारा झटका अमेरिका को लगा था. डीआरडीओ के तत्कालीन चीफ व भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और एईसी के चेयरमैन आर. चिदंबरम की टीम ने देश को परमाणु शक्ति देकर नई शक्ति प्रदान की थी.

इनकी टीम ने इस प्रकार काम किया कि अमेरिका की सबसे चालाक इंटेलिजेंस सीआईए को भनक तक ना लगी. हालांकि अगले दिन अमेरिका की एजेंसी CIA ने उस विस्फोट की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें डाउनलोड कीं तो उसके होश उड़ गए. भारत का ये मिशन CIA की सबसे बड़ी इंटेलिजेंस की हार थी.

इस दौरान गुप्त मिशन के कारण मीडिया में जानकारी नहीं दी गई थी. वैसे भी राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों को गुप्त रखा जाता है लेकिन अब उस पर फिल्म बनाकर मिशन की यादगार झलक दिखाई जा रही है. इन लम्हों को देश आजतक भूला नहीं तो ऐसे में पर्दा पर देखने को मिल रहा तो कैसे चूक सकता है.

-रवि कुमार गुप्ता इसे भी पढ़ें-‘नक्काश’ पोस्टर ने बटोरी वाहवाही, फिल्म के लिए बढ़ी बेताबी!
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तो क्या कुमारस्वामी पांच साल तक नहीं रहेंगे सीएम?

बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर फिर बहस छिड़ गई है. कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कुमारस्वामी के सीएम बने रहने को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. जी परमेश्वर का कहना है कर्नाटक में कुमारस्वामी को पांच साल तक सीएम बनाए रखने को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई है.

शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी विश्वास मत रखेंगे. ऐसे में विश्वास मत साबित करने से पहले कांग्रेस की ओर से इस तरह का बयान आना गठबंधन वाली सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा है. हालांकि इसी प्रकार कांग्रेस व जेडीएस उप मुख्यमंत्री पद को लेकर फंसी थी लेकिन बाद में दोनों पार्टियों ने मिलकर जी परमेश्वर को उप मुख्यमंत्री की कमान सौंपी.

इसके अलावा उन्होंने मीडिया से कहा, ‘अभी इस बात पर फैसला किया जाना भी बाकी है कि कौन से विभाग उन्हें दिये जाएंगे और कौन हम लोगों के पास रहेगा. उन्हें पांच साल रहना चाहिये या हमें भी मिलेगा. इन तमाम विषयों पर हमने अब तक चर्चा नहीं की है.’

किसके कितने मंत्री

लेकिन बुधवार को शपथ ग्रहण से पहले ही कर्नाटक में कांग्रेस के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने मंत्रीमंडल को लेकर बताया था कि कांग्रेस के 22 और जेडीएस से 12 मंत्री होंगे. इनके विभागों का बंटवारा का अबतक नहीं किया गया है. जो कि शुक्रवार को बहुमत साबित करने के बाद बांटे जाने की संभावना है.

बता दें कि बुधवार को कर्नाटक में कुमारस्वामी ने सीएम व कांग्रेस नेता जी परमेश्वर ने उप मुख्यमंत्री की शपथ ली थी जिसमें देशभर के विपक्षी नेता एकजुट हुए थे. बहुत मुश्किलों के बाद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर राजनीति में वापसी की है ऐसे में कांग्रेस किसी भी हाल में सत्ता से हाथ धोना नहीं चाहेगी. राहुल गांधी ने इससे पहले भी कह दिया था कि गठबंधन में बाधा बनने वालों को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी.

रिपोर्ट- रवि कुमार गुप्ता

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हरामी व्यवस्थाः दलित ने फेसबुक नेम में ‘सिंह’ जोड़ा, राजपूतों ने घर पर हमला बोला

प्रतिकात्मक फोटो

गुजरात। एक बार फिर दलित युवक के नाम में सिंह जोड़ने को लेकर राजपूत समुदाय ने हमला बोला है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक दलित युवक के घर पर तोड़फोड़ व मारपीट हुई है. इसे मामले को लेकर दोनों पक्षों में जोरदार हिंसा हुई है. यह मामला बुधवार को प्रकाश में आया.

गुजरात के ढोलका नगर में एक दलित शख्स के अपने उपनाम में ‘सिंह’ जोड़ने से राजपूत बिरादरी के लोग भड़क गए और उसे बेरहमी से पीटा. दोनों पक्षों की ओर से हिंसा भड़काने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है.

फेसबुक पर घोषणा

मौलिक जाधव नाम के दलित युवक ने हालही में फेसबुक पर अपने नाम में ‘सिंह’ जोड़ने की घोषणा और लिखा कि, अब उसे मौलिक सिंह जाधव नाम से जाना जाएगा. पुलिस निरीक्षक एलबी तावड़ी ने कहा कि जाधव ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अपने नाम में ‘सिंह’ जोड़ने पर सहदेव सिंह वघेला नाम के एक राजपूत व्यक्ति और पांच अन्य ने उससे धक्का मुक्की की और उसके घर मे तोड़फोड़ की.

सहदेव सिंह वघेला और अन्य के खिलाफ एसी/एसटी (अत्याचार रोकथाम) कानून की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. दोनों मामलों में फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. बता दें कि इससे पहले भी गुजरात में एक दलित युवक ने शादी कार्ड में सिंह जुड़वाया था जिसको लेकर ऊंची बिरादरी वालों  ने बारात पर हमला किया था.

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योगीराज में दिव्यांग बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म के बाद पटक-पटक कर मार डाला

प्रतिकात्मक फोटो

वाराणसी। योगी सरकार के राज्य व पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में एक दिव्यांग महिला को रेप कर हत्या करने का मामला सामने आया है. मानसिक रूप से कमजोर महिला को रेप कर मार दिया गया है. ऐसे में योगी सरकार के महिला सुरक्षा देने का दावा खोखला साबित हो रहा है.

गुरूवार को पंजाब केसरी की खबर के मुताबिक मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र का है. यहां बगीचे में स्थित हनुमान मंदिर पर बीते 3 सालों से मानसिक विक्षिप्त महिला रह रही थी. अंतिम बार मंगलवार रात को महिला मंदिर के पास चबूतरे पर सोई थी जबकि अगले दिन महिला का शव मंदिर के पास मिला. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

फर्श पर पटक कर…

इस मामले में एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात आरोपी को बगीचे में देखा गया था. सूचना पर जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह और उसके साथी ने मंदिर के पास बैठकर शराब पी. इसके बाद दोनों ने महिला के साथ बलात्कार किया और फिर विरोध किया तो दोनों ने महिला का सिर मंदिर के चबूतरे पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया. फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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