हार से बौखलाई बीजेपी, चुनाव जीत को बता रही…

उत्तर प्रदेश। कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में को बीजेपी करारी हार मिली है. नूरपुर से रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हुसैन बड़ी जीत हासिल करने जा रही हैं. जब कैराना के नतीजों पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह  ने मीडिया का जवाब दिया कि जब एक लंबी छलांग लगानी पड़ती है तो कुछ कदम पीछे लेने पड़ते हैं. दरअसल, राजनाथ सिंह के इस बयान को मार्क्सवादी विचारक व्लादिमीर लेनिन के एक वाक्य से भी जोड़ा जा सकता है. लेनिन का एक मशहूर वक्तव्य है, ” One Step Forward, Two Step Backword’.

‘ये उधार का सिंदूर है’

वहीं बीजेपी की हार पर पार्टी के प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री ने कहा, ‘ये उधार का सिंदूर है’. बीजेपी की हार के बाद थोड़ी बौखलाई नजर आ रही है. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ कैराना लोकसभा ही नहीं बल्कि नूरपुर विधानसभा में भी झटका लगा है. इससे पहले भी गोरखपुर व फुलपुर में भी बीजेपी ने सीट गंवा दी थी. बता दें कि कर्नाटक के साथ ही बीजेपी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है. इस हार के कारण बीजेपी को 2019 में मुश्किल हो सकती है.

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‘एक लाख दो नहीं तो अर्थी को कंधा नहीं मिलेगा’

छत्तीसगढ़। समाज के ठेकेदारों ने आदिवासी लड़की के साथ प्रेम विवाह करने पर लड़के को बिरादरी ने बहिष्कृत कर दिया. इसके बाद समाजिक ठेकेदार लड़के के परिवार को प्रताड़ित करते रहे. लड़के के परिवार वाले बिना गलती किए भी सालों से जुल्म सह रहे हैं और अब कलेक्टर के पास जाकर मदद की गुहार लगाई है. छत्तीसगढ़ के धमतरी के फुसेरा गांव निवासी भागीरथी साहू को परिवार सहित समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है.

आदिवासी लड़की के साथ प्रेम विवाह करने पर गावं-समाज ने ऐसा कदम उठाया.

परिवार वालों का आरोप है कि अब समाज इस परिवार को फिर से अपनाने के एवज में एक लाख रुपये की मांग रहा है. पैसे नहीं देने पर इस परिवार में किसी की अर्थी को भी कंधा नही देने की धमकी दी गई है. पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है.

चार साल पहले

बता दें कि चार साल पहले मजदूरी करने के लिए भागीरथी केशकाल गया और वहीं उसने सीता कंवर से प्रेम विवाह किया. हालांकि प्रेम विवाह करना कोई गुनाह नहीं है फिर भी समाज के ठेकेदार इसे गुनाह बताकर भागीरथी के परिवार को परेशान कर रहे हैं. बगैर किसी गुनाह के चार सालों से भागीरथी का परिवार सजा काट रहा है.

इतना ही नहीं जब भागीरथी के छोटे भाई की शादी हुई और समाज को खाना खिलाने के लिए भागीरथी के पूरे परिवार ने माफी मांगी और कुछ समाज के ठेकेदारों को 10 हजार रुपए दिए तब जाकर बात बनी.

अर्थी के लिए पैसा फिर कंधा…

बात यहीं तक नही रूकी है, एक बार दस हजार रुपए का स्वाद चखने के बाद समाज के ठेकेदारों को चस्का लग गया है. अब इनका कहना है कि आदिवासी लड़की के साथ शादी करने के कारण अब कोई भी भागीरथी के परिवार को मरने पर कंधा नहीं देगा. हां, यदि भागीरथी का परिवार इन ठेकेदारों को एक लाख रुपए देकर माफी मांगेगा तब जाकर बिरादरी में शामिल किया जाएगा.

प्रशासन दिलाएगी न्याय

धमतरी के कलेक्टर सीआर प्रसन्ना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की पड़ताल करने की बात कही है. कुरूद एसडीएम को पूरे मामले का समाधान करवाने के निर्देश दिये गए हैं. इसके अलावा हर संभव मदद की बात भी धमतरी कलेक्टर ने कही है. आशा है कि भागीरथी को जल्द ही न्याय मिलेगा.

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मायावती ने खाली किया सरकारी बंगला, स्पीड पोस्ट से भेजी चाबी

लखनऊ। बीएसपी सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक सरकारी बंगले 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग को खाली कर दिया है. इस सरकारी बंगला का 73 लाख रुपए बकाया बिजली की रसीद व उसकी चाबी स्पीड पोस्ट से सरकार को भेज दी है. लेकिन एक और बंगला अभी खाली करना बाकि है

मायावती के निजी सचिव मेवालाल गौतम ने बुधवार की रात जारी एक प्रेस नोट में कहा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुये उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 29 मई को लालबहादुर शास्त्री मार्ग स्थित बंगला नंबर छह खाली कर दिया है. यह बंगला उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से आवंटित किया गया था. साथ ही मेवालाल गौतम ने बिजली बिल चुकाने व चाबी भेजने की बात का जिक्र भी किया. इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी संलग्न किए थेय

कांशीराम स्मारक के लिए मोहलत

वहीं मायावती के दुसरे सरकारी आवास 13 माल एवेन्यू वाले बंगला को खाली करने के लिए मोहलत मांगी है. फिलहाल वो इसी बंगले में रूकी हैं जो कि कांशीराम स्मारक है. इस सरकारी बंगले को मायावती शासन काल में कांशीराम स्मारक घोषित किया जा चुका है. इसकी जानकारी भी बसपा ने हालही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी थी.

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बिना आधार कार्ड अंतिम संस्कार नहीं कर पाएंगे

वाराणसी। आधार कार्ड के बिना अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाएंगे. जी, हां यह सरकारी फरमान है. यदि मरने के बाद काशी में मोक्ष प्राप्त करने के लिए जाना चाहते हैं तो बिना आधार कार्ड के नहीं जाएं. प्रशासन अंतिम संस्कार के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है.

बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार काशी में अंतिम संस्कार करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इस बीच अब यहां पर अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है. किसी कारणवंश आधार कार्ड लेकर नहीं गए तो अंतिम संस्कार नहीं कर पाएंगे.

अमर उजाला की खबर के मुताबिक मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है. काशी में यह व्यवस्था एनडीआरएफ के सहयोग से शुरू की हुई है. कहा जा रहा है कि शव वाहिनी की सुविधा उसे ही मिलेगी, जिसके पास मृतक से संबंधित पहचान पत्र मौजूद होगा. हालांकि इसको लेकर प्रशासन सख्ती से काम कर रहा है. अंतिम संस्कार के लिए अब आधार कार्ड जरूरी करना लोगों के लिए मुसीबत खड़ा कर सकता है.

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तीन साल के बच्चे पर गुंडा एक्ट, मां के गोद में आरोपी को देख जज साहब हैरान

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीन साल के बच्चे पर एक्ट लगाया है. इसके बाद मां अपने नन्हें बच्चे को गोद में उठाकर कोर्ट पहुंची तो जज भी देखकर हैरान रह गए. बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार श्रावस्ती के गांव निबिहनपुरवा के रहने वाले विद्याराम के तीन साल के बेटे पर गिलौला पुलिस थाने में पहले एससी एसटी/एक्ट लगाया और फिर उसके ऊपर गुंडा एक्ट लगाकर न्यायालय में पेश होने के लिए नोटिस भेजी.

गोद में लेकर कोर्ट पहुंची मां

एनडीटीवी की खबर के अनुसार यूपी पुलिस के फरमान पर जब विद्या राम अपने तीन साल के बेटे को गोद में लेकर कोर्ट पहुंची तो हड़कंप मच गया. बच्‍चे को देखकर जज ने भी पुलिस को खरी खोटी सुनाई. कोर्ट ने कहा कि बिना जांच पड़ताल किए कैसे तीन साल के बच्चे पर गुंडा एक्ट लगाया गया. पुलिस को जज साहब ने सलाह दी कि बिना जांच पड़ताल किए इस तरह का केस ना लिखें. इस मामले में अब पुलिस कह रही है कि इस गलती को तुरंत सुधारा जा रहा है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि एससी/एसटी मामले में बिना जांच किए मामला न दर्ज किया जाए. इस मामले के प्रकाश में आने पर यूपी पुलिस की सोशल मीडिया पर खूब खिंचाई हो रही है.

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10 लाख बैंककर्मी हड़ताल पर, दो दिन बैंकिंग सेवा ठप

नई दिल्ली। वेतन संशोधन की अपनी मांगों को पूरा करान के लिए देशभर के दस लाख बैंककर्मी बुधवार को धरना पर बैठ गए. यह धरना गुरुवार दो दिन तक चलेगा. इससे बैकिंग सेवा पूरी तरह ठप रहेगी. हालांकि पहले दिन ही बैंक सेवाएं ठप रही जिससे कि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. साथ ही बैंककर्मी अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाते दिखे. इनका कहन है कि सरकार जल्द से इनकी मांगों को पूरा करे.

बैंकिंग एसोसिएशन का कहना

बैंककर्मी इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) की तरफ से पूर्व में प्रस्तावित दो प्रतिशत से अधिक वेतन वृद्धि नहीं करने का विरोध कर रहे हैं. तो वहीं अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने यह जानकारी दी कि सरकारी हमारी बातें नहीं मानती है तो और भी बड़े पैमाने पर धरना दिया जाएगा. इस हड़ताल का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) कर रहा है, जो कि नौ यूनियनों का नेतृत्वकारी संगठन है. बैककर्मियों ने बताया कि उनके वेतन में एक नवंबर, 2017 से वृद्धि नहीं हुई है.

यह भी कहा गया कि मांगों पर कदम उठाने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. दो प्रतिशत की पेशकश ठीक नहीं है. इसके साथ ही बैंकों के 7वें स्केल तक के अधिकारी के वेतनमानों को वेतन संशोधन बातचीत में शामिल करने की पहले से चली आ रही व्यवस्था जारी रखी जानी चाहिए. इन तमाम मांगों को लेकर बैंककर्मी धरना दे रहे हैं.

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यूपी का एक और बीजेपी विधायक नाबालिग के साथ रेप मामले में फंसा

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उत्तर प्रदेश। बीजेपी के एक और विधायक पर नाबालिग के साथ रेप करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा. बदायूं के बिसौली से भाजपा विधायक कुशाग्र सागर पर उनकी नौकरानी की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है. मंगलवार को अपनी मां के साथ एसएसपी के सामने पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि कुशाग्र ने पहली बार उसके साथ करीब पांच साल पहले अपने ग्रीन पार्क स्थित आवास में दुष्कर्म किया था. उस वक्त युवती नाबालिग थी.

पांच सालों तक रखा चुप

पीड़िता बताती है कि पांच साल पहले रेप होने पर उसने इस बात को परिजनों से बताया था. लेकिन कुशाग्र और उनके परिवार वालों ने उसे बालिग होने पर शादी करने का झांसा देकर चुप करा दिया. साथ ही इसके बाद भी पांच साल तक कुशाग्र उसके साथ शारीरिक शोषण करते रहे. एसएसपी ने मामले की जांच सीओ नीति द्विवेदी को सौंप दी है.

बता दें कि बारादरी में रहने वाली एक महिला पूर्व विधायक योगेंद्र सागर के ग्रीन पार्क स्थित आवास पर काम करती थी. इस दौरान नौकरानी अपनी बेटी को साथ लेकर जाती थी. तभी मौका देखकर योगेंद्र के बेटे कुशाग्र सागर 2012 से नौकरानी की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता 2014 तक खामोश रही, इस दौरान भी शारीरिक संबंध बनाए जाते रहे और कुशाग्र भी विधायक बन गए.

10 लाख व गर्भपात

आरोप यह भी है कि जब पीड़िता गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात भी कराया गया. 15 जुलाई, 2014 को पीड़िता ने तत्कालीन एसएसपी से मामले की शिकायत की. यहां पीड़िता से लिखित समझौता हुआ और शपथपत्र लिखे जाने पर 10 लाख रुपये कुशाग्र ने पीड़ित परिवार को दिए थे.

पीड़िता का आरोप है कि 04 अप्रैल, 2018 को कुशाग्र ने उसके साथ रातभर दुष्कर्म किया. विरोध करने पर मारपीट की. उसकी मां को भी पीटा और फिर दोनों को घर से निकाल दिया गया. धमकी दी गई कि अगर इस मामले की शिकायत की तो दोनों की हत्या करा दी जाएगी. पीड़ित युवती के मुताबिक अगर विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर लेगी.

युवती को कभी देखा नहीं…

वहीं मामले पर बिसौली विधायक कुशाग्र सागर का कहना है, युवती को मैंने कभी देखा तक नहीं. 2014 में भी साजिशन दुष्कर्म के आरोप लगाए गए. मामला एसएसपी तक जाने के बाद सीओ से जांच कराई गई, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला. मुझे राजनीति में आगे बढ़ते देखकर यह साजिश की जा रही है.

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तो क्या दस दिनों तक नहीं मिलेगी दूध-सब्जी

नई दिल्ली। सरकार से नाराज किसानों ने दूध-सब्जी की सप्लाइ बंद करने की धमकी दी है. किसान नेताओं का कहना है कि पूरे दस दिनों तक दूध-सब्जी आदि को बंद कर हम अपना विरोध जताएंगे. किसान नेताओं ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने और किसानों की बेहतर आर्थिक स्थिति के लिए सरकार के खिलाफ लड़ाई छेड़ने की बात कह दी है.

बुधवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसान नेताओं ने 1-10 जून तक अपने गांव को सील कर बाहर जाने वाले सामान जैसे कि सब्जियां, फल और दूध ना भेजने का ऐलान किया है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई किसान संगठनों से जुड़े किसान नेताओं ने बैठक कर स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू कराने को लेकर बात की थी.

एग्रीकल्चरल एक्टिविस्ट देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऐलान किया कि 1 जून से लेकर 10 जून तक गांव से शहर जाने वाली सप्लाई बंज कर दी जाएगी. किसान नेताओं का कहना है कि लंबे वक्त से हम स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं लेकिन सरकार हमारी मांगों को नजरअंदाज कर रही है. अब किसान आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं.

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तूतीकोरिन में हमलावार पुलिस पर भड़क उठे रजनीकांत

PC-zeenews

तमिलनाडु। तूतीकोरिन में मारे गए लोगों से मिलने सुपरस्टार रजनीकांत पहुंचे. वहां पर उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. इस दौरान रजनीकांत भावुक दिखे लेकिन पुलिस की क्रूरता पर रजनीकांत भड़क गए और पुलिस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

बुधवार को अभिनेता से नेता बने दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने तूतीकोरिन का दौरा किया. वेदांता के स्टरलाइट प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल हुए लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पुलिस फायरिंग की इजाजत देने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही.

साथ ही रजनीकांत ने इससे पहले पुलिस फायरिंग के अगले दिन भी एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी. बता दें कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन के खिलाफ पिछले तीन महीनों से जारी विरोध प्रदर्शन में 22 मई को अचानक उग्र हो गया. जिसमें पुलिस ने फायरिंग की और 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे. इस मामले में हंगामा बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया. साथ ही राज्य सरकार ने स्टरलाइट प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है.

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गौरी लंकेश हत्‍याः SIT ने दाखिल की 650 पेज की चार्जशीट

नई दिल्ली। गौरी लंकेश हत्या के मामले में एसआईटी ने चार्जशीट तैयार कर ली है. एसआईटी ने 650 पेज का चार्जशीट दाखिल की है जिसमें एफएसएल अधिकारियों और आरोपी केटी नवीन और प्रवीण सहित 131 लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. गौरी लंकेश की हत्या के बाद मामला काफी बढ़ गया था और लोग सड़कों पर उतर आए थे. इसके बाद कर्नाटक सरकार ने एसआईटी की गठन कर मामले की जांच आरंभ कराई.

बता दें कि गौरी लंकेश कन्नड़ की साप्ताहिक पत्रिका की संपादक थीं. गौरी लंकेश की 5 सितंबर 2017 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गौरी राइट विंग की कट्टर आलोचक थीं. इस मामले की जांच के लिए कर्नाटक सरकार ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है. सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि हत्यारों ने हत्या वाले दिन लंकेश के घर की दो बार रेकी की थी.

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छह दलितों को जलाने वाले दरिंदे की दया याचिका पर राष्ट्रपति…

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने कार्यकाल के पहली फांसी की सजा पर दया याचिका खारिज कर दी है. करीब दस माह तक चर्चा करने के बाद राष्ट्रपति ने दया याचिका को खारिज किया. पीड़ित परिवार को न्याय देने के लिए कुख्यात दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई थी.

छह लोगों को जलाने का मामला

यह मामला बिहार के एक परिवार के छह दलित लोगों की हत्या का है. बता दें कि भैंस चुराने के आरोप से शुरू हुआ विवाद छह लोगों की हत्या के बाद थमा था. जगत राय पर विजेंद्र महतो ने भैंस चुराने का आरोप लगाया था. इस बात से जगत राय भड़क उठा और विजेंद्र महतो के परिवार को सोते समय जला दिया. इस घटना में विजेंद्र महतो की पत्नी और उसके पांच बच्चे जलकर मर गए.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पांच सला पहले ही जगत राय को फांसी दिए जाने की सजा को रोकने से मना कर दिया था. जिसके बाद उसने राष्ट्रपति से दया याचिका की गुहार लगाई थी. अमर उजाला की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति ने मंगलवार को फांसी की दया याचिका को खारिज कर दी है.

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हरामी व्यवस्थाः दलित की मूंछ साफ कर देशभर के दलितों को धमकी

प्रतीकात्मक फोटो

गुजरात। गुजरात में दलित की मूंछ व नाम के आगे ‘सिंह’ लगाने पर कुछ बदमाश उसे उठाकर ले गए और फिर उससे रेजर द्वारा मूंछ साफ करवाई. उन्हीं बदमाशों ने इसकी वीडियो बना कर दलित को मूंछ ना रखने व नाम के आगे सिंह ना जोड़ने की धमकी दी. एक बार फिर दलित के मूंछ व सिंह का मसला गुजरात में फैली जातिवादी दहशतगर्दी को बता रहा है.

दरअसल इस मामले से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रही है. नेटवर्क 18 के मुताबिक मामला गुजरात के शहर बनासकांठा का है. सूत्रों का कहना है कि एक दलित परिवार ने मुंडन कार्यक्रम के निमंत्रण कार्ड पर नाम के आगे ‘सिंह’ लगाने से ऊंची जाति के लोग उससे नाराज़ थे. इसके बाद गुस्साए ऊंची जाति वालों ने इस घटना को अंजाम दिया.

मूंछ पर चलाई रेजर

नाम के आगे ‘सिंह’ जोड़ने से बौखलाए ऊंची जाति वालों ने दलित युवक को उठाकर एकांत जगह पर ले आए. इसके बाद रेजर से उसकी मूंछ साफ करवाई. दलित युवक वीडियो में माफी मांगता रहा लेकिन बदमाशों पर इसका कोई असर नहीं हुआ. इसके बाद उस वीडियो के जरिए बदमाशों ने दलितों को धमकी दी और इससे सबक लेने की बात कही. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

गुजरात में इस तरह के कई मामले

गुजरात में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं. हालही में फरवरी माह में साबरकांठा जिले के गोराल गांव में ठाकोर समुदाय के आठ लोगों ने 23 वर्षीय अल्पेश पंड्या के साथ पहले मारपीट की, फिर जबरन उसकी मूंछ काट दी. इसके बाद दलित युवाओं ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी थी. इसके अलावा गुजरात के अहमदाबाद में भी ऐसी घटना देखनी की मिली थी. आरोप था कि लड़के ने फेसबुक प्रोफाइल में खुद के नाम के आगे सिंह लिख रखा था. जिसको लेकर उसे धमकियां भी मिल रही थीं. बाद में घर पर हमला बोला.

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राजस्थान के विश्वविद्यालय में SC/ST सीटों पर भर्ती का भंडा फूटा!

राजस्थान। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में आरक्षण रोस्टर में हो रही नियमितताओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. विश्वविद्यालय के बड़े पदों पर बैठे अधिकारी अपनी मनमानी कर एससी व एसटी आरक्षित सीटों पर वैकेंसी नहीं निकाल रहे हैं जबकि यूजीसी इसकी मंजूरी नहीं देता है. यानी कि नियमों को ताकर पर रखकर पिछड़े तबके के शिक्षित लोगों का संवैधानिक अधिकार छिना जा रहा है.

इसको लेकर कई प्रकार की बातें कही जा रही हैं. इस संदर्भ में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, एमएचआरडी, यूजीसी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री से लेकर एससी व एसटी वेलफेयर, नई दिल्ली समेत दस विभागों को आवेदन लिखा है. साथ ही जांच कराकर योग्य उम्मीदवारों को उनका हक देने की बात कही है.

इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक रोस्टर संघर्ष समिति, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर (राजस्थान) ने इस मुद्दे को उठाया है. इस मामले को लेकर हमारी बात प्रोफेसर बीआर बमनिया व डॉ. हरिश से बात हुई. इनका कहना है कि विश्वविद्यालय खुलेआम संविधान का उल्लंघन कर रहा है. अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अधिकारों को छिना जा रहा है. इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा गैर शैक्षिक एलडीसी पदों के रोस्टर में महिलाओं के पदों को अलग से आवंटित नहीं किया गया है जिससे महिला आरक्षण का भी अवहेलना हुआ है. कुल मिलाकर समिति का कहना है कि विवि ने वर्ष 2018 में समस्त भर्तियां आरक्षम नितियों के खिलाफ की है.

उच्चस्तरीय जांच

इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक रोस्टर संघर्ष समिति की ओर से कमिटी गठन कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. साथ ही भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतया प्रभाव से स्थगित किया जाए जिससे आरक्षण नियमों का पालन हो, संवैधानिक अधिकार का हनन से होने बचे व ए ग्रेड प्राप्त विवि की गरिमा बरकरार रहे. बता दें कि 2018 की भर्तियों का विज्ञापन में साफ तौर पर इनको देखा जा सकता है. साथ ही विवि की वेबसाइट पर भी जानकारी मौजूद है.

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दलित दस्तक मैग्जीन का जून 2018 अंक ऑन लाइन पढ़िए

दलित दस्तक मासिक पत्रिका ने अपने छह साल पूरे कर लिए हैं. जून 2012 से यह पत्रिका निरंतर प्रकाशित हो रही है. मई 2018 अंक प्रकाशित होने के साथ ही पत्रिका ने अपने छह साल पूरे कर लिए हैं. हम आपके लिए सांतवें साल का पहला अंक लेकर आए हैं. इस अंक के साथ ही दलित दस्तक ने एक नया बदलाव किया है. इसके तहत अब दलित दस्तक मैग्जीन के किसी एक अंक को भी ऑनलाइन भुगतान कर पढ़ा जा सकता है.

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पतंजलि सीमः जियो से भी सस्ता अनलिमिटेड ऑफर

PC-dailypost.in

नई दिल्ली। स्वदेशी फॉर्मूला पर फिट बैठने वाले बाबा रामदेव ने पतंजलि को टेलीकॉम सेक्टर से जोड़ दिया है. अब पतंजलि की ओर से टेलीकॉम सेवाएं दी जाएंगी. इसके लिए पतंजलि ने देश की सरकारी कंपनी बीएसएनएल के साथ हाथ मिलाया है. पतंजलि सीम को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है. ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि इसमें आपको क्या फायदा मिलेगा.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पतंजलि के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्डधारकों को देश की पूर्ण स्वदेशी टेलीकॉम कंपनी ‘बीएसएनएल’ न्यूनतम शुल्क पर एक प्लान उपलब्ध कराएगी.

इसके फायदे जानें

बताया जा रहा है कि पतंजिल ने एक प्लान का जिक्र किया है. इस प्लान पर 144 रुपये के न्यूनतम शुल्क पर सभी नेटवर्क पर असीमित कॉल, प्रतिदिन 2 जीबी डाटा मिलेगा. साथ ही इसमें कोई रोमिंग चार्ज नहीं होगा और 100 एसएमएस प्रतिदिन करने की सुविधा मिलेगी. मतलब की जियो के बाद पतंजलि ने धमाल मचा दिया है.

प्लान को जारी करने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव ने बीएसएनएल का सिम लांच किया. इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि बीएसएनएल देश की पूर्ण स्वदेशी टेलीकॉम कंपनी है. कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे. पतंजलि इसके लिए जोर शोर के साथ काम कर ही है.

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हरामी व्यवस्थाः प्रेम विवाह करने पर दलित लड़के की आंख निकाल कर मार डाला

PC- ultranews

केरल। एक दलित ईसाई लड़के को ऊंची बिरादरी के ईसाई लड़की से शादी करने के चार दिन बाद ही मौत के घाट उतार दिया. दलित लड़के के शरीर पर जख्म के निशान व उसकी गायब आंखे बता रही थी कि उसको कितनी बेरहमी से मारा गया था. रविवार को शव मिलने पर मृतक लड़के केविन की पत्नी नीनू फफक कर रो पड़ी.

एक अंग्रेजी वेबसाइट ‘अलट्रा’ की खबर के मुताबिक 24 मई को नीनू (लड़की) व केविन (मृतक लड़का) ने शादी की थी. नीनू ने शादी करने से पहले इसकी जानकारी घर पर दी लेकिन दलित लड़के के साथ शादी करने के कारण कोई नहीं आया. फिर भी नीनू ने केविन के साथ रजामंदी से शादी की.

पुलिस को थी खबर

केविन के अपहरण की जानकारी नीनू ने गांधी नगर पुलिस थाना में दी. पुलिस स्टेशन में जाकर वह अपने पति केविन को बचाने के लिए गुहार लगाती रही लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और आखिरकार जिसका डर था वही हुआ. हालांकि लोकल मीडिया के दबाव के बाद पुलिस जागी लेकिन तबतक केविन की हत्या हो चुकी थी. नीनू ने जिस हसरत के साथ केविन का हाथ पकड़ा था, वह चार दिन के अंदर ही ऊंची बिरादरी वाली दरिंदों ने छिन लिया.

हत्या में नीनू का भाई व सीपीआई…

इस हत्या के संबंध में कुल दस लोगों पर केस दर्ज किया गया है. इस हत्या में नीनू के भाई व सीपीआई (एम) के यूथ विंग के दो कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम बताई जा रही है. पुलिस इस मामले को लेकर जांच में जुटी है. पुलिस ने लापरवाही करने वाले गांधी नगर पुलिस थाना के सब-इंस्पेक्टर को निलंबित करने के साथ-साथ कोट्टायम के पुलिस अधीक्षक (प्रभारी) मोहम्मद रफीक का ट्रांसफर कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में सीपीआई (एम) के यूथ विंग के ईशान को गिरफ्तार किया है जबकि दूसरा, नियाज फरार है.

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आंधी-बारिश में 45 की मौत, 24 घंटों में अभी और…

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। तेज आंधी-तूफान व बिजली गिरने से अधिक संख्या में लोगों की मौत हुई है. उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार में आंधी-तूफान ने एक बार फिर तांडव कोहराम मचाया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन दोनों राज्यों में अबतक 45 लोगों की मौत हो गई है. इनमें से 17 बिहार, 15 उत्तर प्रदेश और झारखंड में 13 लोगों की मौत बिजली गिरने व आंधी तूफान की वजह से हुई है.

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम का कहर अभी तक थमा नहीं है क्योंकि मौसम विभाग ने नोटिस जारी कर आशंका जताई है कि अगले 24 घंटों में बिहार के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलेंगी और जोरदार बारिश होगी. मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना, दरभंगा और आसपास के अन्य जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा रहेगा. मौसम विभाग ने इस बात की भी आशंका जताई है कि अगले 24 घंटों में आंधी तूफान और बारिश के बीच बिजली गिर सकती है.

यूपी में भी अलर्ट

इतना ही नहीं बिहार के अलावा मौसम विभाग ने यूपी में अगले 24 घंटे में बाराबंकी, कुशीनगर, गोरखपुर और आजमगढ़ में दोबारा तूफान की चेतावनी जारी की है. राजधानी दिल्ली में भी मौसम विभाग ने आंधी की सूचना दी है. यहां 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तूफ़ान आ सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले 24 घंटे में मरने वाले लोगों के लिए मुआवजे की घोषणा की है.

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हरामी व्यवस्थाः दलित लड़की की शादी में पानी सप्लाई से रोका

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उत्तर प्रदेश। योगीराज में दलितों के साथ भेदभाव के चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक दलित लड़की की शादी में कारोबारी ने पानी सप्लाई से मना कर दिया. यहां तक की पुलिस शिकातय तक की बात कही लेकिन कारोबारी अपनी बात पर डटा रहा और दलित के घर शादी में पानी से इंकार कर दिया.

आजतक की खबर के मुताबिक उत्तर प्रदेश के एटा की घटना है. शिकायतकर्ता परिवार के यहां लड़की की शादी थी. अपनी शिकायत में दलित परिवार ने कहा कि पानी सप्लाई करने वाले ने उनके यहां शादी समारोह में पानी देने से मना कर दिया, क्योंकि वे दलित हैं.

योगी जी से करेंगे शिकायत

दलित परिवार के एक सदस्य ने बताया कि वाटर सप्लायर के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाया है. इतना ही नहीं दलित परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर स्थानीय पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती है तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाएंगे.

सप्लायर का डर

पानी सप्लायर भी डर के कारण मना कर दिया. इसके पीछे उसने अजीब सी वजह भी बताई. सप्लायर ने कहा कि अगर वह दलित के घर पानी सप्लाई करता है तो इलाके के सवर्ण उससे पानी लेना बंद कर देंगे. इस बात से डरकर सप्लायर ने पानी देने से मना कर दिया. लेकिन पीड़ित परिवार आरोपी सप्लायर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर डटा है.

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आदिवासियों के गांव में स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी को कांग्रेस नेता ने बंधक बनाया

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ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पिछले दिनों कुपोषण से हुई मामले के बाद स्थानीय लोगों में काफी रोष है. इस घटना का जायजा लेने गांव में पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी को गांव वालों ने एक स्थानीय नेता की मदद से काम करने से रोक दिया. इनका आरोप था कि अधिकारी आते हैं और घूम फिर कर चले जाते हैं.

रविवार दोपहर में पूर्व क्षेत्रीय विधायक रहे प्रधुमन सिंह के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने गांव पहुंची टीम को घेर लिया. हाल ही में जिले में आए नए सीएमएचओ डॉ. एमके सक्सेना आदिवासियों की बस्ती में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी हासिल कर रहे थे. इसी दौरान पूर्व विधायक ने मोहल्ले की महिलाओं को आंगनवाड़ी के गेट पर लाकर बैठा दिया और वे खुद भी बैठ गए और भजन शुरू कर दिया. कांग्रेस नेता ने मांग किया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां के हर घर में जाकर मरीजों की खोजबीन कर उनका वैक्सीनेशन करें और उन्हें भर्ती करवाए. साथ ही जिन आदिवासियों के बच्चों ने बीमारी के चलते दम तोड़ा है उनके परिवार को मुआवजा दिया जाए.

एक घंटे से ज्यादा वक्त तक काफी जद्दोजहद करने के बाद सीएमएचओ एम.के सक्सेना के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण का आश्वासन देने के बाद ही लोगों ने उन्हें काम करने दिया. पूर्व विधायक का कहना है कि हमेशा सरकारी अफसर सिर्फ अपना दौरा कर के यूं ही वापस चले जाते हैं लेकिन आदिवासी समाज के लोगों की समस्याएं जस की तस रहती हैं.

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… तो इस कारण बहनजी ने अपने भाई को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटा दिया

मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार

नई दिल्ली। बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया है. बसपा प्रमुख ने यह निर्णय 26 मई को लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया. बैठक के दौरान पार्टी के संविधान में कुछ संशोधन करते हुए संगठन में कई अहम बदलाव किए गए. इसके मुताबिक पार्टी अध्यक्ष के परिवार का कोई भी सदस्य संगठन में किसी भी स्तर पर कोई पद नहीं लेगा.

बसपा प्रमुख ने इस ऐलान के बाद खुद अपने भाई आनंद कुमार को भी BSP के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया. इस दौरान बसपा अध्यक्ष ने ये भी ऐलान किया कि उनके बाद जो भी पार्टी का अध्यक्ष बनेगा उसके परिवार के किसी भी नज़दीकी को ना तो कोई चुनाव लड़ाया जाएगा और ना ही उसे राज्यसभा सांसद, MLC और मंत्री बनाया जाएगा.

इसके अलावा अंदर की खबर यह भी है कि भाई आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर भी कई स्तरों पर इसकी निंदा हो रही थी. पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी इसको लेकर गलत संदेश गया था. चूंकि आनंद कुमार पार्टी के भीतर राजनैतिक तौर पर सक्रिय नहीं थे, इस वजह से उनके अचानक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने की स्थिति में कई बड़े नेता भी खुद को ठगा महसूस कर रहे थे. लेकिन बसपा अध्यक्ष के प्रति सम्मान को लेकर किसी भी नेता ने इस विषय पर सार्वजनिक तौर पर अपना कोई विरोध दर्ज नहीं कराया.

तो वहीं दूसरी ओर यह भी सूचना है कि आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने के बाद खुद बसपा प्रमुख के परिवार में भी कुछ लोग राजनीति में सक्रिय होना चाहते थे. ऐसे में पार्टी के भीतर के विरोध और परिवार से दबाव के कारण बसपा अध्यक्ष ने अपने भाई आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया.

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