ओपीनियन

रैदास जयंती की सोशल इंजीनियरिंग और किसान आंदोलन

 जब भी हम किसान के बारे में बात करते हैं तो पंजाब में इसका मतलब जाट सिक्ख होता है। ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि पंजाब में ज्यादातर किसान इसी समुदाय से आते हैं। इस जाट सिख की तस्वीर का संत रैदास से कोई सीधा...

बेगमपुरा बनाम रामराज्य 

डॉ. आंबेडकर ने अपनी किताब ‘प्राचीन भारत में क्रांति और प्रतिक्रांति’ में भारत के इतिहास को क्रांतियों और प्रतिक्रांतियों के इतिहास के रूप में चिन्हित किया है। वे बहुजन-श्रमण परंपरा को क्रांतिकारी परंपरा के रूप में रेखांकित करते हैं,  जिसके केंद्र में बौद्ध परंपरा...

एक ब्राह्मण मित्र की परेशानी: ये ओबीसी और दलित मुसलमानों से मुहब्बत क्यों करते हैं?

एक ब्राह्मण मित्र हैं वे एक बहुत बड़े बिजनेस स्कूल से बड़ी डिग्री लिए हुए हैं। पिछले कई सालों से बार-बार फोन करके दलितों एवं ट्राइबल समाज के लोगों की समस्याओं के बारे में चर्चा करते रहे हैं। वे अक्सर यह जानना चाहते हैं कि...

कौन और किस आधार पर कहता है कि वर्ण व्यवस्था आधारित बंटवार टूटा है? देखिए तथ्य क्या कह रहे हैं?

 आज भी भारतीय समाज में आर्थिक संसाधनों, निर्णायक पदों पर नियंत्रण और सामाजिक हैसियत वर्ण-जाति व्यवस्था पर ही आधारित है और राजनीति और प्रशासन पर भी उच्च जातियों का नियंत्रण है। इसे निम्न तथ्यों के आलोक में देख सकते हैं। आइए तथ्यों की रोशनी...

दलित युवा ने दादी को श्रद्धांजलि के जरिए एक पीढ़ी को किया याद, अंग्रेजी अखबार ने छापा

 पारिवारिक शोक की अवस्था में हम एक हो जाते हैं और अपने सामूहिक स्व से बंध जाते हैं। हमारा मन हमारी उन सबसे खूबसूरत बातों के बारे मे सोचने लगता है जिसे हम परिवार कहते हैं। परिवार एक सबसे मूल्यवान संस्था है जहां आदर...

जाति आधारित जनगणना के आँकड़ों को फिर से दबाने की साजिश

भारत के ओबीसी एवं एससी, एसटी के लिए एक बड़ी खबर राज्य-सभा से आई है। दस फरवरी को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सन 2011 की सामाजिक-आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना के कच्चे आँकड़े सामाजिक न्याय मंत्रालय...

कोविड टीकाकरण अभियान में जातिवाद की दुर्गंध

 कोविड-टीकाकरण के इस दौर में भी भारत की जाति-व्यवस्था ने एक बार फिर अपना घृणित चेहरा दिखाया है। कोविड-काल के शुरू में ही हम भारत का सांप्रदायिक चेहरा देख चुके हैं, जब एक तबक़े ने वायरस के प्रसार के लिए मुसलमानों को निशाना बनाया...

संस्मरण माता प्रसाद: जनता के राज्यपाल का जाना

 वरिष्ठ साहित्यकार और अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद जी का दिनांक 19 जनवरी, 2021 को रात में 12 बजे लखनऊ में निधन हो गया। 20 जनवरी की सुबह लखनऊ से माता प्रसाद जी के पुत्र एस.पी. भास्कर जी ने फोन पर यह...

5 फरवरी यानी हिंदू कोड बिल दिवस, इसी दिन भारतीय महिलाओं की मुक्ति की शुरूआत हुई

 डॉ. आंबेडकर ने हिंदू कोड़ बिल (5 फरवरी 1951) के माध्यम से महिलाओं की मुक्ति और समानता का रास्ता खोलने की कोशिश किया था। उन्होंने ब्राह्मणवादी विवाह पद्धति को पूरी तरह से तोड़ देने का कानूनी प्रावधान प्रस्तुत किया। इसके तहत उन्होंने यह प्रस्ताव...

बजट 2021 : मौत और अकाल के आहट पर चुप्पी

 भारत सरकार का बजट 2021 कोविड महामारी के साये में आया है। पिछले एक साल से दुनिया के अन्य देशों की तरह ही भारत का जन-जीवन लगभग थमा हुआ है। ग़रीब और मध्यम आय-वर्ग के लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। करोड़ों लोग पूरी...

नागरिकता संशोधन कानून पर सरकार ने कदम खींचा, संसद में दिया यह बयान

 ऐसे में जब देश भर में किसान आंदोलन की धमक पहुंच चुकी है, लगता है सरकार फिलहाल कोई दूसरा विवाद नहीं होने देना चाहती है। केंद्र की मोदी सरकार ने दो फरवरी को लोकसभा में कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए), 2019 को लागू...

दक्षिण एशिया से आधी शताब्दी पीछे है अमेरिका

 20 जनवरी 2021, को कमला हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उप राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेकर एक प्रकार का इतिहास रचा। वो पहली अश्वेत, दक्षिण एशिया की महिला हैं जिन्हे यह सम्मान मिला है। यह अमेरिकियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण हो...

जगदेव प्रसादः भागीदारी के सवाल को पुरजोर तरीके से उठाने वाले नायक

 भागीदारी की बात आज की नहीं है। इसका पूरा इतिहास है। आजाद भारत में पहली बार भागीदारी के सवाल पर बात संविधान की प्रस्तावना से शुरू हुई थी। उसके पहले अंग्रेजों ने सवाल उठाया था। मध्ययुग में रैदास ने उठाया(ऐसा चाहूं राज मैं, जहां...

मंदीप पुनिया ने जनपक्षधर पत्रकारिता करने की कीमत चुकाई है

भारतीय समाज एक ऐसे मोड़ आकर खड़ा हो गया है, जहां जो कोई पत्रकारिता करना चाहता है, तो उसके सामने वर्तमान सत्ता ने सिर्फ दो रास्ते छोड़े हैं, पहला सत्ता की दलाली। यह दो तरीके से की जा सकती है, खुले तौर पर...

जब महेन्द्र सिंह टिकैत ने बोट क्लब पर जुटाई थी लाखों की भीड़

 सम्मान हरेक का है, किसान हो या जवान, शहरी हो ग्रामीण। 21वीं सदी में महानगरों में जी रहे उन लोगों की अज्ञानता तो समझी जा सकती है, जिनको अब फिल्मों में भी गांव और किसान देखने को नही मिलते। लेकिन बौद्धिक होने का दंभ...

संविधान के 70 साल बाद भी  मैला ढोता भारत

 जिस देश में संविधान को लागू हुए 70 वर्ष हो गए हों और फिर भी उस देश के नागरिक मैला ढोने जैसे अमानवीय कार्य में लगे हों तो उस देश के विकास का अनुमान लगाया जा सकता है। हम भले ही मंगलयान और चंद्रयान...

डॉ. आंबेडकर के लोकतांत्रिक गणराज्य पर हिन्दू राष्ट्र का खतरा

 26 जनवरी आधुनिक भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में एक है। इसी दिन (26 जनवरी) 1950 को भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया था और भारतीय संविधान को पूरी तरह लागू किया गया था। हालांकि 26 नवंबर 1950 को ही भारतीय संविधान...

जब राजभवन भी झोपड़ी बन जाए : माता प्रसाद का जीवन

  20 जनवरी 2021 को सामाजिक कार्यकर्ता, संस्कृतिकर्मी, लेखक, राजनेता और अरूणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ.माता प्रसाद का लखनऊ का एसजीपीजीआई, लखनऊ में निधन हो गया। माता प्रसाद का जन्म जौनपुर जिले के मछलीशहर तहसील क्षेत्र के कजियाना मोहल्ले में 11 अक्टूबर 1924...

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी से भूपेंद्र सिंह मान के इस्तीफे के मायने

 सुप्रीम कोर्ट ने तीन, कृषि कानूनों पर विचार करने के लिए जिन चार सदस्यों की कमेटी का गठन किया था, उसके एक सदस्य भूपेंद्र सिंह मान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि “वे हमेशा पंजाब और किसानों के साथ...

महिला सशक्तिकरण की प्रतीक मायावती : संघर्ष और चुनौतियाँ

 भारतीय राजनीति में सफल महिलाओं की संख्या गिनी-चुनी ही हैं। उनमें से एक नाम सुश्री मायावती का आता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की मुख्यमंत्री के तौर पर नेतृत्व करना महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है। जिस उम्र में महिलाएं अपना...
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शहीद गौरी लंकेश महिषासुर को महान राजा और अपना नायक मानती थीं

एक दैत्य अथवा महान उदार द्रविड़ शासक, जिसने अपने लोगों की लुटेरे-हत्यारे आर्यो से रक्षा की। महिषासुर ऐसे व्यक्तित्व का नाम है, जो सहज...

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दलित संतों और इन्फ्लुएंसर्स को साधने में जुटी सपा, 5 नवंबर को बड़े कार्यक्रम का ऐलान

लखनऊ। दलित वोटों को साधने के लिए समाजवादी पार्टी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। इसी कड़ी में सपा की नजर अब दलित समाज के...
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