HomeTop Newsराजस्थान पुलिस अब नहीं करेगी 'दलित' शब्द का इस्तेमाल

राजस्थान पुलिस अब नहीं करेगी ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल

इस आदेश का सीधा मतलब है कि अब पुलिस विभाग अपनी एफआईआर (FIR), शिकायतों, चार्जशीट, पंचनामा, गिरफ्तारी मेमो, कस्टडी से जुड़े दस्तावेजों, केस डायरी, क्लोजर रिपोर्ट, फॉर्म, आवेदन, सर्टिफिकेट और सरकारी चिट्ठियों में 'दलित' शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगा।

जयपुर। राजस्थान पुलिस के सभी आधिकारिक कामकाजों या फिर दस्तावेजों में अब ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं होगा। राजस्थान पुलिस के मिसलेनियस सेल (विविध प्रकोष्ठ) ने इसे लेकर एक आदेश जार किया है। इस आदेश में कहा गया है कि किसी भी सरकारी दस्तावेज या बातचीत में ‘दलित’ शब्द न तो बोला जाएगा और न ही लिखा जाएगा। इसकी जगह ‘Scheduled Caste’ (अनुसूचित जाति) शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। यह खबर 11 जुलाई 2026 को सामने आई।
इस आदेश का सीधा मतलब है कि अब पुलिस विभाग अपनी एफआईआर (FIR), शिकायतों, चार्जशीट, पंचनामा, गिरफ्तारी मेमो, कस्टडी से जुड़े दस्तावेजों, केस डायरी, क्लोजर रिपोर्ट, फॉर्म, आवेदन, सर्टिफिकेट और सरकारी चिट्ठियों में ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगा। यह आदेश राजस्थान सरकार के सभी पुलिस महानिदेशकों (DGPs), पुलिस कमिश्नरों, जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) और उनके प्रभारियों को भेज दिया गया है। थाना स्तर पर सभी थाना प्रभारियों (SHOs) को भी इन नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
मिसलेनियस सेल के पुलिस अधीक्षक (SP) ज्ञानचंद यादव ने बताया कि, “साल 2018 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के एक आदेश और 16 मार्च 2019 को भीलवाड़ा से जारी राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एक आदेश के तहत अब ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हमें मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से निर्देश मिले थे, जहां एक शिकायत दर्ज कराई गई थी कि इन पुराने आदेशों के बावजूद ‘दलित’ शब्द अभी भी इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए अब यह नया आदेश जारी किया गया है, जिसके मुताबिक इसकी जगह ‘अनुसूचित जाति’ शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

लोकप्रिय

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Skip to content