
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही भाजपा सक्रिय हो गई है। दलित वोटों को अपने पाले में लाने के लिए पार्टी की पंजाब इकाई ने रविवार 14 जून को ‘पंच तीर्थ यात्रा’ की शुरुआत की। आठ दिनों की इस यात्रा में दलित समाज के लोगों को डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
पार्टी ने चंडीगढ़ के अपने पार्टी मुख्यालय से पंजाब के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 150 यात्रियों को लेकर तीन बसों को रवाना किया। पार्टी नेताओं के अनुसार यात्रा का पूरा खर्च पंजाब भाजपा उठाएगी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान से परिचित कराना है।
उन्होंने कहा, “पंच तीर्थ की अवधारणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2016 में प्रस्तुत की थी। इसमें डॉ. आंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।” इसमें- मध्य प्रदेश के इंदौर जिले का महू, जहां डॉ. आंबेडकर का जन्म हुआ था। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित दीक्षाभूमि, जहां उन्होंने बौद्ध धर्म ग्रहण किया था। दिल्ली स्थित महापरिनिर्वाण स्थल, जहां उनका निधन हुआ। मुंबई स्थित चैत्यभूमि, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। और लंदन स्थित वह घर, जहां वे छात्र जीवन के दौरान रहे थे।

ढिल्लों ने कहा कि इन स्थलों के संरक्षण और विकास पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। मोदी सरकार ने यहां स्मारक, संग्रहालय और अन्य सुविधाएं विकसित की हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां बाबा साहेब के योगदान को समझ सकें। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालु मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के स्थलों का प्रत्यक्ष भ्रमण करेंगे, जबकि लंदन स्थित आंबेडकर निवास का वर्चुअल टूर भी कराया जाएगा।
पंजाब भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.आर. लाधड़ ने बताया कि यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हर दो महीने में तीन बसें भेजी जाएंगी और पूरा खर्च पंजाब भाजपा उठाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की यह पहल महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंजाब में देश के सभी राज्यों की तुलना में अनुसूचित जातियों की आबादी सबसे अधिक है। 2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब की कुल आबादी में अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 31.9 प्रतिशत है। यही वजह है कि सबकी नजर दलित वोटों पर रहती है
हालांकि भाजपा की पंच तीर्थ यात्रा ऐसे समय शुरू हुई है, जब पंजाब सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना चला रही है। इसके तहत 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को खास तौर पर हिन्दू और सिख समुदाय से जुड़े विभिन्न धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। यह योजना नवंबर 2023 में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई थी। बाद में जनवरी 2025 में इसे 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए विस्तारित कर दोबारा शुरू किया गया।
हालांकि भाजपा की पहल इससे अलग है और वह सिर्फ दलित समाज के लोगों को डॉ. आंबेडकर से जुड़े स्थलों का भ्रमण करवा रही है। देखना होगा कि पार्टी की इस पहल का पंजाब चुनाव पर कितना असर होगा।

वीरेन्द्र कुमार साल 2000 से पत्रकारिता में हैं। दलित दस्तक में उप संपादक हैं। उनकी रुचि शिक्षा, राजनीति और खेल जैसे विषय हैं। कैमरे में भी वीरेन्द्र की समान रुचि है और कई बार वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर भी सक्रिय रहते हैं।

