
सिरपुर/छत्तीसगढ़। सौ के करीब ज्यादा बौद्ध विहार और एक पूरी शहरी संरचना को समेटे छत्तीसगढ़ का सिरपुर क्षेत्र यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल हो गया है और विश्व धरोहर घोषित होने के करीब पहुंच गया है। ऐसा होने पर अब सिरपुर को विश्व मानचित्र पर बड़ी पहचान मिलेगी। सिरपुर स्थित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धम्मशील गणवीर के मुताबिक अब अगला कार्य एक साल के भीतर यूनेस्को को प्रस्तुत करने के लिए एक विस्तृत दस्तावेज तैयार करना होगा। एक बार दस्तावेज़ जमा हो जाने के बाद भारत यूनेस्को/ICOMOS /IUCN से एक सलाहकार मिशन को सिरपुर का दौरा करने के लिए आमंत्रित कर सकता है। जिसके बाद इसे यूनोस्कों की विश्व धरोहर यानी वर्ल्ड हैरिटेज सूची में शामिल कर लिया जाएगा। साल 2021 में दलित दस्तक की टीम सिरपुर पहुंची थी और इस बौद्धमय शहर को करीब से देखा था। जानिये क्या है सिरपुर का इतिहास।

अशोक दास (अशोक कुमार) दलित-आदिवासी समाज को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करने वाले देश के चर्चित पत्रकार हैं। वह ‘दलित दस्तक मीडिया संस्थान’ के संस्थापक और संपादक हैं। उनकी पत्रकारिता को भारत सहित अमेरिका, कनाडा, स्वीडन और दुबई जैसे देशों में सराहा जा चुका है। वह इन देशों की यात्रा भी कर चुके हैं। अशोक दास की पत्रकारिता के बारे में देश-विदेश के तमाम पत्र-पत्रिकाओं ने, जिनमें DW (जर्मनी), The Asahi Shimbun (जापान), The Mainichi Newspaper (जापान), द वीक मैगजीन (भारत) और हिन्दुस्तान टाईम्स (भारत) आदि मीडिया संस्थानों में फीचर प्रकाशित हो चुके हैं। अशोक, दुनिया भर में प्रतिष्ठित अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में फरवरी, 2020 में व्याख्यान दे चुके हैं। उन्हें खोजी पत्रकारिता के दुनिया के सबसे बड़े संगठन Global Investigation Journalism Network की ओर से 2023 में स्वीडन, गोथनबर्ग मे आयोजिक कांफ्रेंस के लिए फेलोशिप मिल चुकी है।

