HomeTop Newsतमिलनाडु: 50 साल बाद दलितों को मिली मंदिर में इंट्री, IPS शहनाज...

तमिलनाडु: 50 साल बाद दलितों को मिली मंदिर में इंट्री, IPS शहनाज इलियास की पहल चर्चा में

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में आदि द्रविड़ समुदाय को 50 साल बाद मंदिर में पूजा का अधिकार मिला। जानिए IPS शहनाज इलियास की भूमिका और उनकी सफलता की कहानी।

तामिलनाडु। तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में आदि द्रविड़ समुदाय के लोगों को करीब 50 साल बाद एक मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना करने का अधिकार मिलने का मामला सामने आया है। सितंबर के दूसरे हफ्ते में हुई इस पहल के बाद जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) आईपीएस शहनाज इलियास की भूमिका चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन की पहल के बाद मंदिर के दरवाजे आदि द्रविड़ समुदाय के लोगों के लिए खोले गए हैं। अब समुदाय के लोग मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

इस कदम को लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक भेदभाव को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कल्लाकुरिची की एसपी शहनाज इलियास को इस पहल के लिए तमिलनाडु सरकार के मंत्री वन्नी अरसु ने सम्मानित भी किया है।

कौन हैं IPS शहनाज इलियास?
शहनाज इलियास तमिलनाडु कैडर की 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 2020 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 217वीं रैंक हासिल की थी। खास बात यह है कि उन्होंने मातृत्व अवकाश के दौरान परीक्षा की तैयारी की और सफलता प्राप्त की थी। आईपीएस बनने से पहले वह करीब पांच साल तक आईटी क्षेत्र में काम कर चुकी थीं।

लोकप्रिय

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Skip to content