लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी दलित स्वाभिमान, आरक्षण और रोजगार जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए बसपा अपने पारंपरिक दलित मतदाताओं को फिर से एकजुट करने के साथ युवाओं के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। इसके लिए आकाश आनंद को मैदान में उतार दिया गया है।
बसपा की इस रणनीति की शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने बुलंदशहर के अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन से की है। 28 अक्टूबर से आकाश आनंद ने बुलंदशहर में सभाओं के जरिए पार्टी के अभियान की शुरुआत की। पार्टी की रणनीति में दलित स्वाभिमान और आरक्षण के मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है। इसके
साथ ही रोजगार का सवाल उठाकर युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पार्टी की नजर खासतौर पर जेन-जी यानी युवा मतदाताओं पर भी है। तो वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और गुर्जर मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश भी बसपा की रणनीति का हिस्सा है।
जातीय समीकरण के आधार पर प्रत्याशियों का चयन
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बसपा प्रत्याशियों के चयन में भी जातीय समीकरणों को ध्यान में रख रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रमुख बहन मायावती प्रमुख सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नामों और उनकी जीत की संभावनाओं की समीक्षा कर रही हैं।

राज कुमार साल 2020 से मीडिया में सक्रिय हैं। दलित दस्तक में उप संपादक पद पर हैं। देश और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

