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हाथरस पीड़िता मामले में हाईकोर्ट की योगी सरकार को फटकार, परिवार को नोएडा/गाजियाबाद में बसाने का आदेश

जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने 25 अगस्त 2026 के अपने आदेश में पीड़िता के परिवार को नोएडा/गाजियाबाद में बसाने का आदेश दिया। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के 22 फरवरी 2025 के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पीड़ित परिवार को अलीगढ़, एटा या कासगंज में बसाने का फैसला दिया गया था। हाई कोर्ट ने इसे यूपी सरकार का अड़ियल रवैया बताया।

इलाहाबाद/ लखनऊ। योगी सरकार को बड़ा झटका देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस के बहुचर्चित बूलगढ़ी बिटिया कांड के दलित परिवार को गाजियाबाद/नोएडा में 3 महीने के भीतर घर देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आदेश दिया है। यूपी सरकार अलीगढ़, कासगंज या एटा में उन्हें घर देने पर अड़ी थी। जबकि पीड़ित परिवार सुरक्षा की वजह से यहां नहीं रहना चाहता था।

जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने 25 अगस्त के अपने फैसले में राज्य सरकार के 22 फरवरी 2025 के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पीड़ित परिवार को अलीगढ़, एटा, कासगंज में रहने का फैसला दिया था। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने इसे यूपी सरकार का अड़ियल रवैया बताया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता के भाई का कहना है कि कोर्ट के इस फैसले से परिवार के 9 सदस्यों की उम्मीद जगी है। पूरा परिवार पिछले 6 सालों से सीआरपीएफ की सुरक्षा में घुटन भरी जिंदगी जी रहा है। अब यहां रहना बहुत मुश्किल हो गया है।

 बता दें कि हाथरस जिले में 14 सितंबर 2020 को जातिवादी गुंडों द्वारा दलित बेटी का गैंगरेप करने का आरोप लगा था। 26 सितंबर 2020 में पीड़िता के बयानों के आधार पर कोतवाली चंदपा पर चार आरोपी लवकुश, रामू, रवि और संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। 29 सितम्बर 2020 को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

मामला तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया जब पुलिस ने 29 और 30 सितंबर 2020 की आधी रात में युवती के शव का जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया था। इस घटना को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। यूपी सरकार ने इस मामले में हाथरस एसपी, सीओ समेत 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। साल 2020 में हुई इस घटना के बाद से आज तक पीड़ित परिवार सीआरपीएफ की बटालियन सुरक्षा घेरे में कैद होकर रह गया था। देखना होगा राज्य सरकार हाईकोर्ट के फैसले पर कितना जल्दी अमल करती है।

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