कर्नाटक। राजनीति में नया मोड़ देखने को मिला है जो कि बीजेपी की बेचैनी को बढा सकता है. पूर्ण बहुमत से ज्यादा 113 विधायकों के साथ कुमारस्वामी राजभवन पहुंच गए हैं. वहां पर राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने को लेकर चर्चा होगी. यदि राज्यपाल की मंजूरी मिलती है तो कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार बना लेगी.
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीति गरमाहट और भी बढ गई है. 104 सीटों को जीतने के बाद बीजेपी का रास्ता साफ दिख रहा था लेकिन मायावती के फोन कॉल ने सारा खेल बिगाड़ दिया. साथ ही मौका देखकर बिना समय गंवाए कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देकर बीजेपी को सरकार बनाने से रोक दिया. कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी कई प्रकार की रणनीति बना रही है. अभी तक कई प्रकार की बातें सामनें आ चुकी हैं. जिसमें कि विपक्ष नेताओं को 100-200 करोड़ रुपए व मंत्री पद देने के लालच मिल चुके हैं.
लेकिन अभी तक सरकार बनाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. कांग्रेस-जेडीएस लगातार बहुमत का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि वह सबसे बड़ी पार्टी है. लोकतंत्र व जनादेश के नाते सबसे पहले पार्टी बनाने का मौका बीजेपी को मिलना चाहिए लेकिन कांग्रेस ने कहा कि यदि राज्यपाल हमें मौका नहीं देते हैं वे सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे और धरना भी देंगे. ऐसे में सबकी नजर राजभवन पर टकटकी लगाए बैठी है.
रिपोर्ट- रवि कुमार गुप्ता
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