Saturday, December 13, 2025

ओपीनियन

धम्म दीक्षा विशेषः 1956 के बाद बौद्ध धम्म

बोधिसत्व भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 में विजयदशमी के दिन नागपुर में अपने लाखों अनुयायियों के साथ धम्म दीक्षा ली थी. यह वह तारीख थी, जब भारत में धम्म कारवां को नयी गति और दिशा मिली थी. अब उस...

धम्म दीक्षा विशेषः धर्मांतरण से परिवर्तन

बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने अशोक विजयदशमी के दिन 14 अक्तूबर 1956 को नागपुर में बौद्ध धम्म ग्रहण कर भारत में तथागत बुद्ध के धम्म चक्र को पुनः गतिमान ही नहीं किया, बल्कि विश्व में नई धम्म क्रांति की. पांच लाख से अधिक दलितों...

भुखमरी और कुपोषण के दौर में परमाणु युद्ध की सोच!

भूख के ग्लोबल सूचकांक के ताजा आंकड़े बताते हैं कि हमारे देश में हर तीन बच्चे में से एक बच्चे का विकास बाधित है. इस देश में अब भी आबादी के पंद्रह फीसद लोग कुपोषण के शिकार है. दुनिया के जिन 118 देशों में...

…क्योंकि रावण अपना चरित्र जानता है

रामचरितमानस मध्ययुग की रचना है. कथा का तानाबाना तुलसीबाबा ने कुछ ऐसा बुना की रावण रावण बन गया. हर युग के देशकाल का प्रभाव तत्कालीन समय की रचनाओं में सहज ही परीलक्षित होता है. रावण के पतन का मूल कारण सीताहरण है. पर सीताहरण की...

सर्जिकल स्ट्राइक : मोदी का इलेक्शन मिशन

अपको नहीं लगता कि पीओके में हुए कथित सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश की वर्तमान स्थिति आम भारतीय को आतंकित करने वाली है. वैसे तो ऐसा कोई भी समय नहीं रहा जब आम भारतीय आतंकित न रहा हो. आम जनता कल भी भूखी थी,...

प्रधानमंत्री मोदी का दशहरा और देशभक्ति

9 अक्टूबर को बसपा सुप्रीमों मायावती ने अपने संबोधन में एक गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने राष्ट्र का ध्यान इस बात की ओर आकृष्ट कराया कि उरी में शहीद हुए भारत के 18 जवानों की चिता की आग अभी भी ठंडी नहीं हो पाई है....

हिन्दुत्व से बुद्धत्व की ओर जाने से मिलेगी दलितों को मुक्ति

पदार्थ की तीन अवस्थाएं होती हैं. ठोस, द्रव और गैस. लेकिन इसके साथ ही चौथी अवस्था जिसको प्लाज्मा कहा गया है, उसको खोज लिया गया है. समुद्र की गहराई से लेकर आसमान की ऊंचाई तक, चांद से लेकर मंगल ग्रह तक विज्ञान ने कदम...

कांशीराम ने की थी सौ पत्र-पत्रिकाओं की कल्पना

कांशीरामजी से मेरी पहली मुलाकात 21 अगस्त 1977 को बामसेफ के तात्कालिन केंद्रीय कार्यालय, करोल बाग के रैगरपुरा के मकान में हुई थी. उसके पश्चात उनसे मेरी दूसरी मुलाकात ठीक दस दिन के बाद हुई. यह वह दौर था जब कांशीरामजी को जानने और...

भारत में जाति की उत्पत्ति और उसका सच

मैं सबसे पहले यह बता दूं की दुनिया में किसी भी समाज, व्यवस्था और धर्म का निर्माण किसी भी ईश्वर, अल्लाह या गॉड ने नहीं किया है. इससे साफ जाहिर होता है की जाति को भी ईश्वर ने नहीं बनाया है. दुनिया की सभी...

कितनी गहरी हैं सामाजिक भेदभाव की सदियों पुरानी दीवारें

भारत के मूलनिवासी दलित समाज की दशा और दिशा किसी से छुपी नहीं है. आए दिन दलितों पर भंयकर जुल्म से हाथ रंग कर अपने आप को उच्च जाति बताने वाले लोगों का देश में अपराध की श्रेणी में ग्राफ कम होता नजर नहीं...

कांशीराम ने महाराष्ट्र के दलित नेताओं को गलत साबित किया

बहुजन नायक कांशीराम जी ने अपने मिशन की शुरुआत महात्मा फुले, शाहु महाराज, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की भूमि महाराष्ट्र से की थी, किंतु इस राज्य में जुझारू दलित समाज के साथ ओबीसी बहुजनों को संगठित कर सशक्त आंदोलन खड़ा करने का उनका प्रयास जन...

खुला पत्र महावीर सिंह के नाम…

आदरणीय महावीर सिंह जी, मैं उदय एक गाड़ी ड्राइवर हूं. पिछले दिनों गाड़ी से दिल्ली जा रहा था. रेडियो पर खबर आई की हरियाणा के कुश्ती कोच महावीर सिंह को भारत सरकार द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित करेगी. खबर सुनते ही जो ख़ुशी हुई वो मैं...

‘यूपी में अम्बेडकर का प्रभाव रहा है, बिहार के दलित गांधी टोपी में ही फंसे रह गए’

यह पुराना सवाल है लेकिन जरूरी भी कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में दलित राजनीति अपने समूह के लिए अलग मजबूत नेतृत्व या राजनीति की तलाश क्यों पूरा नहीं कर सकी, जबकि वहां इसकी संभावनाओं के बीज मौजूद हैं. वैसे इसके ऐतिहासिक,...

दलित पॉप गीतों की लोकप्रियता

देश में दलित गीतों की एक नई परंपरा शुरु हो गई है. ये दलित गीत दलितों के स्वाभिमान को बढ़ाने के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं. यह सिलसिला पिछले लगभग 6 साल से दिखाई दे रहा है कि दलित गायक दलितों की समस्या...

दलित महिलाएं: अस्तित्व और अधिकार

मानव अधिकारों के हनन की समस्या दुनिया के सभी समाजों में एतिहासिक एवं सार्वभौमिक रूप से पायी जाती रही है. भारतीय समाज भी कोई अपवाद प्रस्तुत नहीं करता है. यहां भी कई प्रकार के मानव अधिकारों का उल्लंघन पाया जाता रहा है, जिसमें यहां...

अतीत के संदर्भ में स्वच्छ भारत मिशन और दलित विकास

स्कूल के दिनों में 2 अक्तूबर को गांव में सभी छात्रों की एक रैली निकलती थी. जिसे हमारे मराठवाड़ा अंचल में ''प्रभात फेरी'' कहा जाता था. मजे की बात यह थी कि यह फेरी गांव के बाहरी रास्तों से निकलती थी जिस पर सुबह...

गांधीजी की चलती तो संविधान सभा नहीं पहुंच पाते डॉ. अम्बेडकर

यह आम धारणा है कि गांधी की कृपादृष्टि के कारण ही डॉ. अंबेडकर का संविधान सभा में प्रवेश सम्भव हो सका था. इतना ही नहीं यह भी प्रचारित है कि गांधी ने ही उन्हें स्वतंत्र भारत का पहला कानून मंत्री बनवाया था. इस धारणा...

पिंडदान, श्राद्ध और मृत्युभोज ब्राह्मणों का ढोंगी विधान!

मेरे एक मित्र गया में अपने पितरों का पिंडदान करने के बाद कल ब्रह्मभोज देने वाले हैं. मेरे मन में कुछ शंकाए उमड़-घुमड़ रही हैं, उसे आपके समक्ष बिना लाग-लपेट के प्रस्तुत कर रहा हूं. पिंडदान का विस्तृत वर्णन गरुण पुराण, अग्नि पुराण और...

अंधराष्ट्रवाद और भ्रष्टाचार के दौर में शहीद होते जवान!

हर युद्ध,गृहयुद्ध की कीमत जैसे देश काल परिस्थिति निर्विशेष स्त्री को ही चुकानी पड़ती है, उसी तरह दुनिया में कहीं भी युद्ध हो तो उससे आखिरकार हिमालय लहूलुहान होता है. उत्तराखंड के कुमायूं गढ़वाल रेजीमेंट या डोगरा रेजीमेंट,नगा रेजीमेंट या असम राउफल्स सबसे कठिन...

नहीं चाहिए ऐसा विकास जो सेना के जवानों को शहीद कर दे!

70 वर्ष की आजादी के बाद भी जिस देश की 85 प्रतिशत आबादी सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं बन पायी हो और उसमें भी हम जैसी अधिकांश आबादी की जुबान पर यह जुमला "कोई होहिं नृप हमें का हानि" घर कर...
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कास्ट मैटर्स

अंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ में दलितों-पिछड़ों पर हमला

लखनऊ। लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार 17 सितंबर को धार्मिक आयोजन को लेकर विवाद हो गया। बाद में यह विवाद हिंसक...

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ओपीनियन

बिहार: चुनावी लूट के चक्रव्यूह में सामाजिक न्याय

पिछले महीने बिहार विधान सभा के चुनाव पूरे हुये और नीतीश कुमार ने बीस सालों में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का...

राजनीति

नीतीश 10वीं बार बने सीएम, देखिए शपथ लेने वाले कैबिनेट की पूरी लिस्ट

नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यकमंत्री के तौर पर आज 20 नवंबर 2025 को शपथ ली। उनके साथ 26 अन्य ने भी...
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