Saturday, February 14, 2026

ओपीनियन

बहुजन समाज को बेकार करती सरकारी योजनाएं !

सच्ची घटना है। एक गांव में मुझे बचपन का परिचित मिल गया। परदेस में वह ठीक ठाक कमा लेता था लेकिन गांव में मुफ्त की सरकारी सुविधाओं का सुनकर गांव आ गया। बीपीएल में नाम लिखवा दिया। फिर क्या था, उसके तो सपने साकार...

संक्रामक बीमारियों से लैस भारत में कोरोना के खतरे की हकीकत

क्या सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर समूहों को भी कोरोना वायरस से उतना ही खतरा है, जितना कि अन्य बीमारियों और भुखमरी से, जिसकी अब आहट सुनाई देने लगी है। या, इन वर्गों में इस खतरे को महसूस करने के स्तर में गुणात्मक...

लेनिन से सीखने की जरूरत है खारिज करने की नहीं

इंडियन एक्सप्रेस में इधर किसी लेख के जवाब में लेखक, अध्यापक और सामाजिक कार्यकर्ता अपूर्वानंद की टिप्पणी पर नजर पड़ी।  पहले तो मुझे लगा कि शायद लेखक कह रहे हैं कि लेनिन के क्रांति के मॉडल को भारत में दोहराने की जरूरत नहीं है।...

ईद तो खुशियां बांटने का नाम है

  अभय कुमार ईद का मतलब होता है जो "बार बार आए". मगर इसका मतलब "ख़ुशी मनाना" और "जश्न मनाना" भी होता है. महीने भर रोज़ा रखने के बाद ईद मनाई जाती है. यह ख़ुशी का दिन होता है. दरअसल ख़ुशी कोई अकेले मना नहीं...

द्रोण मानसिकता या अग्रणी शिक्षा संस्थानों में ऑपरेशन एकलव्य

- सुभाष गाताडे तेरह साल का एक वक्फा़ गुजर गया जब थोरात कमेटी रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी. याद रहे सितम्बर 2006 में उसका गठन किया गया था, इस बात की पड़ताल करने के लिए कि एम्स अर्थात आल इंडिया इन्स्टिटयूट आफ मेडिकल साईंसेस में अनुसूचित...

श्रम सुधार नहीं, दास युग का आग़ाज़ बोलिये

️ कोरोना के बहाने भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य सरकारों ने श्रम कानूनों में जो मजदूर विरोधी बदलाव किये हैं, उन्हें श्रम सुधार का नाम दिया जा रहा है. सच्चाई यह है कि किसी भी तरह से ये बदलाव श्रम सुधार नहीं बल्कि मोदी सरकार...

दलित दस्तक को ‘मूकनायक एक्सीलेंसी इन जर्नलिस्म अवार्ड’ के मायने

अमेरिका में सक्रिय संगठन अम्बेडकर एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका यानी AANA ने साल 2020 के लिए अपने अवार्ड की घोषणा कर दी है. इस साल चार अवार्ड की घोषणा की है. इसमें आईपीएस अधिकारी और तेलंगाना सोशल वेलफेयर एंड रेजिडेंशियल स्कूल के सेक्रेट्री डॉ....

मेहनतकशों को चाहिए नया गणतंत्र!

देश के बहुसंख्य आमजन-मेहनतकशों के लिए ऐसी सरकार, ऐसे राज्य के बने रहने का तर्क (Raison d'être) खत्म हो गया है। कोरोना की आपदा तो वैश्विक है, लेकिन इससे जिस तरह हमारे देश में निपटा जा रहा है, उसने मजदूरों की जिस दिल दहला...

प्रतिक्रियावादी बनने की बजाए समाज निर्माण में उर्जा लगाएं

मनुवादी मानसिकता से सभी लोग परिचित हैं। मनुवादी आए दिन दलितों-पिछड़ों को प्रताड़ित करते हैं। ऐसे में हमारे लोग प्रताड़ित किए जाते हैं। ऐसे में समाज सिर्फ मनुवादी व्यवस्था द्वारा किए गए कार्य के प्रति प्रतिक्रिया देने में अपनी सारी ऊर्जा लगा देता है।...

एक अच्छा बौद्ध कैसे बनें?

- - भगवान दास मैंने लियू शाओ ची से प्रसिद्ध चीनी नेता और पुस्तक “ हाउ टू बी अ गुड कम्युनिस्ट?” के शीर्षक के अलावा कुछ भी उधार नहीं लिया है, जिसने हजारों को कम्युनिज्म में बदल दिया। ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ और “दास कैपिटल” के अलावा...

क्षमा करना वामपंथी मित्रों, लेकिन अब तुम्हें डूब मरना चाहिए

शशि शेखर हाल ही में कार्ल मार्क्स का जन्मदिन था। अपनी जवानी पूंजीपतियों की मजूरी-हजूरी में बीता देने के बाद, आज भारत के मजदूर अपने घर खाली हाथ लौट रहे हैं। रेल की पटरियों के किनारे 1000 किलोमीटर दूर के सफर पर पैदल चल...

घर लौटे मजदूर अब पलायन से पहले कई बार सोचेंगे, पढ़िए, एक अधिकारी का अनुभव

'तेरे आने की जब खबर महके  तेरी खुश्बू से सारा घर महके' इस समय हम जैसे सरकारी सेवकों के फोन पर जिस बेचैनी और बेसब्री से अपने घर लौटने के लिए प्रवासी मजदूर सवालों की झड़ी लगाये हुए हैं उससे दो निष्कर्ष मेरे सामने आ रहे...

जरूरी है हिन्दू धर्म का लोकतांत्रिकरण

सर्वविदित है कि हिन्दू धर्म पर एक कुलीन वर्ग का कब्ज़ा है। चंद मुट्ठी भर कुलीन वर्ग के लोग हजारों बरसों से हिन्दुओं के सभी संस्थानों और लाखों मंदिरों पर चौकड़ी मार के बैठे हैं। किसान, दस्तकार, मज़दूर, आदिवासी के लिए इनके दरवाज़े आदिकाल...

Vesak Day-Buddha Poornima “Cyber Celebration”

Blessed is the birth of the Buddha; blessed is the discourse on the Noble Law; blessed is the harmony of the spiritual community; blessed is the devotion of those living in brotherhood; blessed is the spiritual effort of the united. - The Dhammapada. Since May...

इरफान खान ने बहुजन किरदारों को भी आवाज दी थी

54 साल की छोटी सी उम्र में कैंसर जैसी घातक बीमारी ने हमारे दौर के सेल्फ मेड एक जानदार और शानदार अभिनेता की जान ले ली। जेएनयू कैम्पस में 'हासिल' फिल्म देखते हुए इरफ़ान खान की एक्टिंग और दमदार संवाद अदायगी से पहली बार...

मैं था..मैं हूँ …और मैं ही इरफ़ान रहूँगा…

दरिया भी मैं दरख्त भी मैं, झेलम भी मैं, चेनाब भी मैं... दैर हूँ हरम भी हूँ... शिया भी हूँ सुन्नी भी हूँ... मैं हूँ पण्डित... मैं था..मैं हूँ …और मैं ही इरफ़ान रहूँगा... मीरा नायर की ‘सलाम बोम्बे’ में सड़क पर बैठा एक राइटर जो लोगों के लिए चिट्ठियाँ...

मशहूर फिल्म अभिनेता इरफान खान नहीं रहे

मशहूर एक्टर इरफान खान नहीं रहे। कल अचानक तबियत बिगड़ने से वो अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हुए थे। और आज उनकी मौत की खबर आ गई। फिल्म निर्देशक सुजीत सरकार ने ट्विट कर इसकी जानकारी दी है। इरफान पिछले काफी समय से कैंसर...

याद रखिएगा महामारियां माफ़ नही करती

1918 के स्पैनिश फ़्लू में सर्वाधिक मौतें भारत में हुई थी प्रति एक हज़ार 60 लोग मारे गए थे पूरे देश में डेढ़ करोड़ से दो करोड़। हाल ऐसा था कि आगे के वर्षों में भारत में अप्रत्याशित तौर पर जन्मदर घट गयी। बात...

कोरोना इफेक्ट में अमीरों से ज्यादा Tax लेने के सुझाव पर क्यों भड़की मोदी सरकार

कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था को हुए भारी नुकसान को सुधारने के लिए राजस्व सेवा के 51 अफसरों ने अमीरों पर आयकर टैक्स बढ़ाने की सिफारिश की है। इन 51 IRS ने फोर्स 1.0 नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने सुझाव...

लॉकडाउन में आदिवासी और उनकी मुसीबतें

- सुमित वर्मा कोरोना संक्रमण (COVID-19) के कारण लॉकडाउन देश और राज्यों में सबसे ज्यादा परेशानी में आदिवासी समुदाय के लोग हैं. इनमें से ज्यादातर कभी खेतों में तो कभी शहरों में मजदूरी करते हुए जीवनयापन करने वाले हैं. इनके पास न तो खेती...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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