ओपीनियन

Vesak Day-Buddha Poornima “Cyber Celebration”

Blessed is the birth of the Buddha; blessed is the discourse on the Noble Law; blessed is the harmony of the spiritual community; blessed is the devotion of those living in brotherhood; blessed is the spiritual effort of the united. - The Dhammapada. Since May...

इरफान खान ने बहुजन किरदारों को भी आवाज दी थी

54 साल की छोटी सी उम्र में कैंसर जैसी घातक बीमारी ने हमारे दौर के सेल्फ मेड एक जानदार और शानदार अभिनेता की जान ले ली। जेएनयू कैम्पस में 'हासिल' फिल्म देखते हुए इरफ़ान खान की एक्टिंग और दमदार संवाद अदायगी से पहली बार...

मैं था..मैं हूँ …और मैं ही इरफ़ान रहूँगा…

दरिया भी मैं दरख्त भी मैं, झेलम भी मैं, चेनाब भी मैं... दैर हूँ हरम भी हूँ... शिया भी हूँ सुन्नी भी हूँ... मैं हूँ पण्डित... मैं था..मैं हूँ …और मैं ही इरफ़ान रहूँगा... मीरा नायर की ‘सलाम बोम्बे’ में सड़क पर बैठा एक राइटर जो लोगों के लिए चिट्ठियाँ...

मशहूर फिल्म अभिनेता इरफान खान नहीं रहे

मशहूर एक्टर इरफान खान नहीं रहे। कल अचानक तबियत बिगड़ने से वो अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हुए थे। और आज उनकी मौत की खबर आ गई। फिल्म निर्देशक सुजीत सरकार ने ट्विट कर इसकी जानकारी दी है। इरफान पिछले काफी समय से कैंसर...

याद रखिएगा महामारियां माफ़ नही करती

1918 के स्पैनिश फ़्लू में सर्वाधिक मौतें भारत में हुई थी प्रति एक हज़ार 60 लोग मारे गए थे पूरे देश में डेढ़ करोड़ से दो करोड़। हाल ऐसा था कि आगे के वर्षों में भारत में अप्रत्याशित तौर पर जन्मदर घट गयी। बात...

कोरोना इफेक्ट में अमीरों से ज्यादा Tax लेने के सुझाव पर क्यों भड़की मोदी सरकार

कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था को हुए भारी नुकसान को सुधारने के लिए राजस्व सेवा के 51 अफसरों ने अमीरों पर आयकर टैक्स बढ़ाने की सिफारिश की है। इन 51 IRS ने फोर्स 1.0 नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने सुझाव...

लॉकडाउन में आदिवासी और उनकी मुसीबतें

- सुमित वर्मा कोरोना संक्रमण (COVID-19) के कारण लॉकडाउन देश और राज्यों में सबसे ज्यादा परेशानी में आदिवासी समुदाय के लोग हैं. इनमें से ज्यादातर कभी खेतों में तो कभी शहरों में मजदूरी करते हुए जीवनयापन करने वाले हैं. इनके पास न तो खेती...

कोटा में कोरोना और लॉकडाउन की ऐसी तैसी

अपने टी. वी. स्क्रीन पर नजर डालिए, कोटा में हजारों छात्र बस पकड़े के लिए उमड़ पड़े हैं, न कोई सोशल डिस्टेंसिंग, न को कर्फ्यू न धारा 144. कर्नाटक के कलबुर्गी में सिद्ध लिंगेश्वर मंदिर में हजारों की भीड़ आप देख चुके हैं। उनके...

कैसा समाज चाहते थे डॉ. आंबेडकर

14 अप्रैल 2020 को बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की 129वी जयंती थी,जो एक अवसर था उनके विचारों, योगदान, दर्शन और आदर्शों को पुनः स्मरण कर अपनी आज की समकालीन चुनौतियों के समक्ष रख कर समझने का और कम से कम इस यक्ष प्रश्न...

अंबेडकरी आंदोलन से दूर सफाई कामगार जातियां

संजीव खुदशाह वैसे तो दलितों में विभिन्न जातियां होती है। विभिन्न जातियों के पेशे भी भिन्न भिन्न होते है। लोकिन पूरी दलित जातियों के बड़े समूह को दो भागों में बांट कर देखा जाता रहा है। पहला चमार दलित जातियां जो मरी गाय की...

डॉ. आंबेडकरः फादर ऑफ मार्डन इंडिया

प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में विभिन्न युग-पुरुषों का योगदान रहा। लेकिन कुछ ऐसे युग-पुरुष भी हुए जिन्होंने प्रचलित व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया हो। ऐसे ही युग-पुरुषों में बाबा भीमराव अंबेडकर का नाम महत्वपूर्ण हो जाता है। भारत में प्रचलित...

गिरफ्तारी से पहले दलित बुद्धिजीवी आनंद तेलतुंबड़े का खुला खत

भारत के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबड़े ने बाबासाहब आंबेडकर की जयंती के दिन दोपहर को एनआईए के सामने सरेंडर कर दिया. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आनंद तेलतुंबड़े को एनआईए ने गिरफ़्तार किया है, पीटीआई...

डॉ. आंबेडकर की लोकतांत्रिक दृष्टि

कँवल भारती डॉ. आंबेडकर की विचारधारा के दो महत्वपूर्ण आयाम हैं- एक लोकतान्त्रिक, और दूसरा वर्गीय. पहले उनके लोकतान्त्रिक दृष्टिकोण को लेते हैं. जिस दौर में हिन्दू महासभा के नेता, आज़ादी के बाद के भारत के लिए, हिन्दू राज की वकालत कर रहे थे,...

कोरोना संकट और आंबेडकरवाद

आज 14 अप्रैल है। इस दिन भारत समेत पूरे विश्व में आंबेडकर जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। किन्तु इस बार हर्षोल्लास सिरे से गायब रहेगा। वजह कोरोना है! कोरोना से पूरा विश्व आतंकित है और इससे बचने के लिए ‘सोशल डिस्टेन्सिग’ का...

एक वायरस ने दुनिया को अछूत बना दिया

लेखक- अरविंद सिंह  एक वायरस ने दुनिया को अछूत बना दिया। इंसान इंसान के साये से भी डर रहा है। अपने पड़ोसी तक को देख के नज़रें चुरा रहा है।सोचिए कि फिर वो अछूत समाज कैसे जिया होगा जिसे इसी समाज ने 5 हज़ार...

कोराना काल में नफ़रत व भेदभाव

हमारी संचित नफरतें कोराना के कुदरती कहर के वक्त भी उसी तरह प्रकट हो रही है ,जैसे सामान्य दिनों में होती रहती है, वैसे भी जाति और धर्म आधारित घृणायें तात्कालिक नहीं होती है, यह हमारे देश में लोगों के दिल, दिमाग में व्याप्त...

बहनजी का बेहतर कदम

राजकुमार ये थोड़ा और पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन देर से ही सही बसपा प्रमुख मायवती ने देशहित और मानव हित में एक बड़ा फैसला लिया है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती ने अपनी पार्टी के सभी विधायकों को...

जयंती विशेषः सामंती दमन के विरुद्ध विद्रोह के प्रतीक थे बाबा चौहरमल

आज महाबली बाबा चौहरमल की जयंती है। चौहरमल का जन्म बिहार में मोकामा अंचल क्षेत्र के शंकरवाड़ टोला में हुआ था। तब इस क्षेत्र को मगध के नाम से जाना जाता था। उनका जन्म दुसाध ज़ाति के एक किसान परिवार में 04 अप्रैल 1313,...

God is a virus

Written by- Dr Ruha Shadab Let us assume good intention. Let us assume that the Government of India (GoI) is not fudging its numbers. Let us assume that GoI is not under-testing and instead assume that the most-at-risk are being tested. This means that a...

माना आप बहुत सयाने हैं, लेकिन थोड़ा मनुष्य बनिए

अभिषेक श्रीवास्तव माना आप बहुत सयाने हैं। आप जानते हैं कि मौत यहां भी है और वहां भी, इसलिए गांव लौट जाना ज़िन्दगी की गारंटी नहीं है। आप ठीक कहते हैं कि गांव न जाकर शहर में जहां एक आदमी अकेला मरता, वहीं उस...
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शहीद गौरी लंकेश महिषासुर को महान राजा और अपना नायक मानती थीं

एक दैत्य अथवा महान उदार द्रविड़ शासक, जिसने अपने लोगों की लुटेरे-हत्यारे आर्यो से रक्षा की। महिषासुर ऐसे व्यक्तित्व का नाम है, जो सहज...

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दलित संतों और इन्फ्लुएंसर्स को साधने में जुटी सपा, 5 नवंबर को बड़े कार्यक्रम का ऐलान

लखनऊ। दलित वोटों को साधने के लिए समाजवादी पार्टी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। इसी कड़ी में सपा की नजर अब दलित समाज के...
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