ठाकुरों ने दलितों को बंधक बनाकर पीटा, पूर्व मंत्री पुलिस पर भी हमला

प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। योगी राज में दलितों के अत्याचार की एक और घटना सामने आई है. दबंग ठाकुरों से बकाया मांगने पर दलितों की जमकर पिटाई की. इस घटना की जानकारी मिलने पर गई पुलिस पर भी हमला बोल दिया. यूपी के गाजीपुर के रेवतीपुर थाना क्षेत्र के नवली गांव में मंगलवार की रात बकाए के विवाद को लेकर दलित और राजपूतों में जमकर लाठी-डंडे चले, पथराव और हवाई फायरिंग भी हुई.

मामला इतना भड़क गया कि काबू पाना मुश्किल भरा हो गया था. स्थिति को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी. लेकिन इससे पहले गुस्साई भीड़ ने डायल 100 पुलिस और रास्ते से गुजर रहे पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह की गाड़ी को भी तोड़ दिया. साथ ही दो दर्जन से अधिक गुमटियों/दुकानों में तोड़फोड़ की. गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है. एहतियात के तौर पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात हैं.

राइस मिल में ले जाकर…

पुलिस की जानकारी के अनुसार नवली इंटर कालेज के सामने दलित बस्ती के बब्लू (20) और राजू (25) पुत्र जवाहर राम की मोबाइल रिपेयरिंग और रिचार्ज की दुकान है. मंगलवार की देर शाम ग्राम प्रधान के बेटे रिचार्ज कराने उनकी दुकान पर पहुंचे. लेकिन पहले से ही बकाया के कारण दुकानदार ने उधार चुकता करने को कहा. इस बात से प्रधान का बेटा प्रदीप सिंह गुस्सा में आपा खो बैठा और अपने साथियों के साथ दुकानदार राजू और बब्लू की पिटाई कर दी. इसके बाद उनको उठाकर राइस मिल में ले जा कर बंद कर दिया.

इस बात से नाराज दलित बस्ती वाले दोनों बच्चों को बचाने के लिए राइस मिल जाकर छुड़ा लाए. इस पर प्रधान के परिवार के लोगों ने दलितों को घेरकर मारने लगे और हवाई फायरिंग शुरू कर दी. साथ ही कुछ लोगों ने आसपास की गुमटियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी.

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार मारपीट में एक पुलिस कर्मी के साथ ही जोखू राम (50), गोलू राम (17), राजू राम (25), खुशी राम (16), मन्नू राम (18), अशोक सिंह (40), रमाशंकर सिंह (65), संजय सिंह (27), प्रदीप सिंह (22) घायल हो गए. पुलिस सभी घायलों को पहले रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर यहां से जिला अस्पताल लाया गया. प्रधान के पति लालबहादुर सिंह ने 15 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है. पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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पत्नी की पिटाई हेतु पुलिस जवान ने एसपी से मांगी अनुमति

नई दिल्ली। वैसे तो इस तरह के कारनामे देश के नेता ही करते हैं लेकिन फिलहाल खबर मिली है कि एक पुलिस का जवान अपनी पत्नी को पिटने के लिए एसपी के पास आवेदन दिया है. उसने साफ तौर पर लिखा है कि वह अपनी पत्नी को मारना-पिटना चाहता है. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है. लोग छत्तीसगढ़ पुलिस की जमकर मजाक उड़ा रहे हैं.

बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार संजय कुमार सिंग, (क्रमांक 211), प्रधान आरक्षक पद, रक्षित केंद्र में कार्यरत है. संजय कुमार ने एसपी को खत लिखकर बताया कि उनकी पत्नी राजनीतिक घराने से ताल्लुकात रखती है. इसके लिए वह 25 जून को उसके परिवार के साथ धरना प्रदर्शन में शामिल होना चाहती है. लेकिन उसे शामिल होने से रोकने के लिए मारना-पिटना आवश्यक है. इसलिए संजय कुमार पत्नी को रोकने के लिए मारने-पिटने की अनुमति मांग रहा है.

आवेदन की वायरल कॉपी/nandkashyap/facebook

इसको लेकर पुलिस जवान की जमकर खिंचाई हो रही है. फिलहाल आवेदनकर्ता पुलिस जवान पर किसी तरह का एक्शन लिया गया है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इसे स्त्री विरोधी व अपराधिक प्रवृति बताकर निंदा कर रहे हैं.

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गेंदबाजों के लिए डरावना होता जा रहा है वन डे क्रिकेट भी

नई दिल्ली। गेंदबाजो के लिए आतंक का सबब बन गई टी-20 क्रिकेट का इतना असर दिख रहा है कि मानो वह दिन अब दूर नहीं जब 50 ओवरों में 500 रनों का जादुई आकड़ा छू लिया जाए, ऐसा ही कुछ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच नॉटिंघम में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के साथ किया. कहने को मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन है ऑस्ट्रेलिया, लेकिन मेजबान इंग्लैंड के सामने इसकी हालत शेर के सामने मेमने जैसी थी. सीधे शब्दों में कहें तो नॉटिंघम के मैदान पर इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया की खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी. नतीजा ये हुआ कि इंग्लैंड ने वनडे का सबसे बड़ा स्कोर तो खड़ा किया ही ऑस्ट्रेलिया को सबसे बड़ी हार रसीद करने के साथ साथ अपनी सबसे बड़ी जीत की स्क्रिप्ट भी लिखी.

नॉटिंघम में खेले सीरीज के तीसरे वनडे में टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले इंग्लैंड को बल्लेबाजी के लिए उतारा. बस फिर क्या था, इंग्लैंड को तो जैसे इसी मौके का इंतजार था. जेसन रॉय और जॉनी बेस्टो ने उतरते ही रंग जमाना शुरू कर दिया. मैदान पर चौके छक्के बरसने लगे. इंग्लैंड का स्कोर बोर्ड रॉकेट की तेजी से आगे बढ़ने लगा. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैरान परेशान थे. वो समझ नहीं पा रहे थे कि चल क्या रहा है. इसी बीच रॉय 82 रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए. 159 रन के स्कोर पर इंग्लैंड का पहला विकेट गिरा. ऑस्ट्रेलिया ने ये सोचते हुए राहत कि सांस ली कि चलो जोड़ी टूटी, बला टली. पर उन्हें क्या पता था कि असली आफत तो अब मैदान पर उतरी है और इस आफत का नाम था एलेक्स हेल्स.

हेल्स- धमाकेदार पारी बेस्टो की

हेल्स ने हल्ला बोला और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को तारे दिखाने शुरू कर दिए. एक छोर से बेस्टो पहले से ही बेजोड़ खेल रहे थे दूसरे छोर से हेल्स ने हालत और पतली कर दी. दोनों के तेज-तीखे और ताबड़तोड़ क्रिकेट की बदौलत इंग्लैंड का स्कोर 35 ओवर से पहले ही 300 के पार जा पहुंचा. इन बनाने की इंग्लिश बल्लेबाजों की जो रफ्तार थी उसके बाद क्रिकेट फैंस तो छोड़िए बड़े बड़े क्रिकेट पंडितों को भी वनडे क्रिकेट की एक पारी में पहली बार 500 रन के आसार दिखने लगे. इसी बीच बेस्टो आउट हो गए. उन्होंने 92 गेंदों पर 139 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 5 छक्के शामिल रहे. पवेलियन लौटने से पहले बेस्टो ने दूसरे विकेट के लिए एलेक्स हेल्स के साथ मिलकर 151 रन की साझेदारी की.

मॉर्गन का सबसे तेज अर्धशतक

हेल्स ने अपनी पारी में 92 गेंदों का सामना करते हुए 147 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 5 छक्के शामिल रहे. कप्तान मॉर्गन ने 21 गेंदों पर अर्धशतक ठोका और सबसे तेज ऐसा करने वाले पहले इंग्लिश बल्लेबाज बने. मॉर्गन 200 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 30 गेंदों पर 67 रन बनाए.

वनडे का सबसे बड़ा स्कोर

कुल मिलाकर देखें तो इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर के 5 में से 4 बल्लेबाजों ने 50+ का स्कोर बनाया, जिसमें 2 ने अपनी फिफ्टी को शतक में भी बदला. हालांकि, एक वक्त 500 के रिकॉर्ड टारगेट की ओर बढ़ता दिख रहा इंग्लैंड का स्कोर बोर्ड 481 रन पर थम गया. फिर भी इंग्लैंड इंटरनेशनल वनडे का सबसे बड़ा स्कोर बनाने में कामयाब रहा और इस मामले में उसने अपना ही पिछला 444 रन का रिकॉर्ड तोड़ा जो उसने साल 2016 में नॉटिंघम में ही पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था.

सबसे बड़ी जीत, सबसे बड़ी हार

इंग्लैंड के इस बड़े स्कोर का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम 37 ओवर में 239 रन पर ऑल आउट हो गई और मुकाबला 242 रन से हार गई. ये रनों के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी हार है तो वहीं इंग्लैंड की सबसे बड़ी जीत भी है.

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मोदी सरकार को झटका, मुख्य आर्थिक सलाहकार ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। मोदी सरकार को करारा झटका लगा है. एक बड़ी खबर आ रही है कि भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने इस्तीफा दे दिया है. इस खबर की पुष्टि वित्त मंत्री अरूण जेटली ने ट्वीट से किया गया है. बुधवार को भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

इस्तीफा देकर जा रहे अमेरिका

खबरों की मानें तो उनके इस्तीफे को निजी वजह बताई जा रही है. अरविंद सुब्रमण्यन के इस्तीफे के संकेत अरुण जेटली के ट्वीट से मिल गया था. श्री जेटली ने लिखा कि, अरविंद सुब्रमण्यन अब मुख्य आर्थिक सलाहकार नहीं रहें और वह निजी वजहों से अमेरिका जा रहे हैं.  फेसबुक पोस्ट में अरुण जेटली यह भी लिखते हैं कि मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन पारिवारिक वजहों से वापस यूएस जा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने लिखा कोई ऑप्शन नहीं है, लेकिन वह अरविंद सुब्रमण्यन के फैसले से सहमत हैं.

जान लें कि अरविंद सुब्रमण्यन अक्टूबर 2014 से अब तक भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में सेवा दे रहे थे. वे सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक हैं तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद के छात्र रह चुके हैं. वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में अर्थशास्त्री तथा जी-20 पर वित्त मंत्री के विशेषज्ञ समूह के सदस्य भी रहे हैं. इनका इस तरह अचानक इस्तीफा देना कई तरह के सवाल भी खड़े कर रहा है.

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बीजेपी के योगा की पोल खोलेगी बसपा की विशाल बाइक रैली

PTI Photo

नई दिल्ली। बीजेपी के गढ़ राजस्थान में बसपा योगा दिवस पर बाइक रैली निकालकर भाजपा की पोल खोलेगी. इसके साथ ही पूरे राज्य भर के 200 विधानसभा क्षेत्रों में बाइक रैली निकालकर 2019 के लिए बिगुल भी फूंकेगी. इस दौरान बसपा के दिग्गज नेता भी शामिल होकर भाजपा की जन विरोधी नीतियों को उजागर करेंगे.

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रही भाजपा को बसपा बेनकाब करने की तैयारी में है. एक तरफ ऊंचे तबके लोगों के लिए बीजेपी योग कराएगी तो वहीं बसपा देश के किसानों व मजूदरों के लिए आवाज उठाकर मोदी सरकार की धज्जियां उड़ाने का काम करेगी. इस रैली के जरिए बसपा बताना चाहती है कि बहन मायावती हीं वंचित तबके का विकास कर सकती है.

बसपा की दलील है कि किसान-मजदूर तो चौबीस घंटे योगा-कसरत करते हैं. इनको योगा सीखाने की कोई जरूरत नहीं है. किसान व मजदूरों का खून चूसकर भाजपा धनवान लोगों के सेहत बनाने में जुटी है. जबकि जरूरत है कि देश की सबसे बड़ी मजदूर-किसानों की आबादी का विकास किया जाए लेकिन भाजपा ऐसा नहीं करेगी. इसके लिए बसपा ने अपील की है कि सभी जाति-धर्म के लोग एक साथ आकर ऐसी सरकार को उखाड़ फेंके और बहनजी की सरकार बनाने के लिए जी-जान से मेहनत करें.

“सत्ता प्राप्त करो संकल्प बाइक यात्रा” के जरिए बसपा की ओर से करीब बीस मांगों को रखा जाएगा. जिसमें से कुछ प्रमुख मांगें हैं 02 अप्रैल, 2018 को भारत बंद के दौरान निर्दोष लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, मनरेगा में सुधार, भूमिहिन मजदूर-किसानों को खाली पड़े जमीन के पट्टे दिए जाएं, दलित छात्रों की बकाया छात्रवृत्ति दी जाए, सफाईकर्मियों को स्थाई नौकरी दी जाए, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आरक्षण के हिसाब से प्रमोशन दिया जाए. योग दिवस के दिन इन मांगों को लेकर बाइक रैली सुबह 08 बजे से शाम 06 बजे तक निकलेगी. इसके लिए बसपा ने सभी दलित नेता व युवाओं को शामिल होने के लिए अपील की है.

बुधवार को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव धर्मवीर सिंह अशोक साहब ने बताया कि 21 जून को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) राजस्थान के कुल 200 विधानसभा क्षेत्रों में बाइक रैली निकालेगी. इस दौरान हम बहुजनों की आवाज बुलंद करेंगे और इनके अधिकारों की मांग को सरकार के सामने रखेंगे. इसके अलावा किसान व मजदूरों के हित के लिए सरकार के समक्ष मांगों को रखेंगे.

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बीजेपी अध्यक्ष की धमकी, कहा- लाशें बिछा सकते हैं

फाइल फोटो

नई दिल्ली। बीजेपी की पश्चिम बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक बार फिर सरेआम धमकी दी है. दिलीप घोष ने कहा कि हम भी चाहें तो लाशें बिछा सकते हैं. इसके लिए हमारे पास भी कोई कमी नहीं है. अपने विवादित बयान की वजह से सुर्खियों में हैं. इस तरह की धमकी देने के बाद दिलीप घिर गए हैं. लेकिन इसके सफाई में फिलहाल उन्होंने कुछ नहीं कहा है.

ऐसा कहा जा रहा है कि दिलीप घोष ने टीएमसी को धमकी दी है. हालांकि पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद बीजेपी नेता बौखालाएं हैं. इसलिए टीएमसी कार्यकर्ताओं पर जमकर हमला बोला. आगे कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता अगर बीजेपी के लोगों को नुकसान पहुंचाएंगे तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा.

तीन सालों में दीदी के साथ क्या होगा

दिलीप घोष गुस्से में टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहे कि ‘बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की सरकार को झेलने के लिए बॉन्ड साइन नहीं किया है. हमारे पास भी गोलियों की कमी नहीं है, हम भी हर जगह लाशें बिछा सकते हैं. पुलिस भी सत्तारूढ़ पार्टी के लिए काम कर रही है. मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि संभल कर रहें. किसी को नहीं पता के आने वाले तीन सालों में दीदी के साथ क्या होगा. या तो नबाना में होंगी या फिर कालीघाट में खाना बना रही होंगी.’ नेटवर्क 18 की खबर के मुताबिक घोष ने ये भड़काऊ भाषण जलपाईगुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया.

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2019 रणनीति की शुरूआत है कश्मीर में गठबंधन का टूटना

पीडीपी से गठबंधन तोड़कर भाजपा ने 2019 के लोकसभा के चुनावी मुद्दों का शंखनाद कर दिया. अब अच्छे दिन, विकास, भ्रष्टाचार के खात्में, कालेधन की वापसी और गुजरात मॉडल के नाम पर वोट नहीं मिलने वाला. अब भाजपा धारा 370 की समाप्ति, कश्मीरीअलगवाद के नाम पर देश की एकता-अखंडता को खतरा, पाकिस्तान से संभावित युद्ध का माहौल, मुस्लिम आतंकवाद, राम मंदिर के निर्माण के नारे, मुसलमानों और अन्य अल्पसख्यकों के प्रति घृणा और भारतीय संस्कृति (उच्च जातीय मर्दों हिंदू मर्दों के वर्चस्व की संस्कृति ) की रक्षा की गुहार के नाम पर ही अपनी नैया पार लगा लगाने के बारे में सोच सकती है.

उच्च जातीय हिंदू कार्पोरेट मीडिया और कार्पोरेट की विशाल पूंजी इसमें खुलकर भाजपा की मदद करेगें. जाति का दांव तो खुला हुआ ही है. नक्सलवाद और माओवाद का खतरा तो शाश्वत एजेंड़ा है हीं.

इसमें धारा 370 को बदलना या बदलने की बात करना और कश्मीरी अलगवादियों को सबक सिखाने के नाम पर आम कश्मीरियों के दमन करने में पीडीपी के साथ रहकर कठिनाई पैदा होती थी, दोहरा चरित्र सामने आता था. अब खुलकर खेल खेला जा सकता है. इसके साथ ही पीडीपी रह-रहकर पाकिस्तान से बात-चीत की भी बात करती थी.

इस गठबंधन को तोड़ने से दोनों को फायदा है. भाजपा हिंदू कट्टरपंथियों के बीच अपनी छवि चमकायेगी और पीडीपी फिर से भाजपा को दोष देकर कश्मीरियों के साथ की गई अपनी दगाबाजी को धोने की कोशिश करेगी. फिर जरुरत पड़ेगी तो दोनों हाथ मिला लेगें.

देश और देश के जन को 2019 के आम चुनावों तक भय और आशंका में जीने के लिये तैयार रहना चाहिए. भाजपा चुनाव जीतने के लिए कोई भी हथकंड़ा छोड़ेगी नहीं, चाहे देश की व्यापक जनता को उसकी कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े.

-सिद्धार्थ रामू

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बीजेपी यूपी अध्यक्ष ने डिप्टी सीएम के सामने कहा चोर

लखनऊ। बीजेपी के नेता हमेशा विपक्षी नेता व धर्म के खिलाफ टिप्पणी करते हैं. उत्तर प्रदेश के बीजेपी सांसद ने कुछ ऐसा ही बोलते नजर आए. यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सामने ही चन्दौली के सांसद महेंद्र नाथ पांडेय ने अपने ही पार्टी के विधायक को चोर कहा. ये बात गलती से नहीं बल्कि बकायदे समझाया भी कि आखिर चोर कहने का कारण क्या है.

वाराणसी में दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय में ऐसा नजारा देखने को मिला. यहां विज्ञान और वाणिज्य विषय के लिए नई बिल्डिंग के शिलान्यास के लिए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सामने ही बीजेपी के यूपी अध्यक्ष और चन्दौली के सांसद महेंद्र नाथ पांडेय के बोल बिगड़ गए. उन्होंने शिलान्यास के वक्त ही क्षेत्र के विधायक कैलाश नाथ सोनकर को चोर कह डाला. सार्वजनिक तौर पर जब महेंद्र नाथ पाण्डेय ने विधायक कैलाश नाथ सोनकर को चोर कहा तो वहां मौजूद भाजपा के बाकी नेता हंसना शुरू कर दिया.

इस बात को लेकर महेंद्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि वो चोर है इसलिए न तो उसका नाम शिलापट्ट पर है. और वो चोर है ये बात मैंने माननीय उप मुख्यमंत्री को बता भी दिया है. दरसअल कैलाश नाथ सोनकर वाराणसी के अजगरा विधानसभा के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हैं.

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पेट्रोल-डीजल के दाम घटे, देखें नए रेट लिस्ट

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर देश में जमकर हंगामा हुआ. इसको लेकर विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला. लेकिन पिछले कुछ दिनों से तेल कंपनियां तीन दिन के अंतराल में पेट्रोल-डीजल के दाम घटा रही हैं. अगर इन तीन दिन के रेट पर गौर करें तो फिर राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 8 पैसा प्रति लीटर कमी की गई है. दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 76.27 रुपये हो गई है. जबकि डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं.

अरुण जेटली ने लिखा…

इस तरह से देश भर के बड़े शहरों में ज्यादा तो नहीं लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम पैसे में कम किए गए हैं. पेट्रोल-डीजल के दाम के को लेकर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को एक पोस्ट किया था. इस लेख में जेटली ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावना को एक तरह से खारिज कर दिया था. साफ तौर पर लिखा कि इस तरह का कोई भी कदम नुकसानदायक हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अपने हिस्से के करों का ‘ईमानदारी’ से भुगतान करें, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों पर राजस्व के स्रोत के रूप में निर्भरता कम हो सके.

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साथ ही यह जान लें कि पेट्रोल-डीजल के दाम की लेटेस्ट जानकारी को आईओसीएल की वेबसाइट पर देखी जा सकती है. साथ ही इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट या एप के माध्यम से भी जानकारी ले पाएंगे.

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धोनी की पत्नी रखना चाहती हैं पिस्टल

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी ने पिस्टल की मांग की है. अपने बचाव के लिए धोनी की पत्नी पास में पिस्टल रखना चाहती है. इसके लिए साक्षी ने हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. फिलहाल आवेदन पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए फाइल आगे बढ़ाई गई है.

कोई मुकदमा दर्ज नहीं…

साक्षी ने आवेदन में कहा है कि वो ज्यादातर समय घर में अकेली रहती हैं, ऐसे में उनकी जान को खतरा रहता है. इसलिए उन्हें हथियार खरीदने का लाइसेंस दिया जाए. साक्षी ने यह आवेदन पिस्टल या फिर 0.32 रिवाल्वर के लिए दिया है. आजतक की खबर के मुताबिक साक्षी ने लाइसेंस के लिए रांची के मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन दिया था जिसे अल्गोड़ा थाना भेजा गया. इसके बाद पुलिस ने जांच की और पाया कि उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं है. इसके बाद उनकी फाइल डीएसपी ऑफिस भेज दी गई.

बता दें कि साक्षी के आवेदन की फाइल हटिया डीएसपी होते हुए सिटी एसपी के ऑफिस से आगे बढ़ चुकी है. अब यह फाइल जल्द ही एसएसपी के कार्यालय और फिर रांची के जिलाधिकारी के पास पहुंचेगा. महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों रातू के दलादिली स्थित फार्महाउस नुमा एक आलीशान आवास में रहते हैं. यह आवास कई एकड़ में फैला है. वैसे इस आवास में अत्याधुनिक हथियारों से लैस 7 गार्ड्स तैनात हैं. निशानेबाजी का शौक रखने वाले धोनी ने करीब 9 साल पहले लाइसेंसी पिस्टल खरीदी थी.

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‘राष्ट्रविरोधी’ गाने पर नाचने वाले नाबालिगों पर देशद्रोह का केस, 8गिरफ्तार

पटना। बिहार के रोहतास जिले में पांच नाबालिगों व तीन अन्य पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है. बीते शुक्रवार को ईद से एक दिन पहले राष्ट्रविरोधी गाने पर डांस करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया है. ऐसा बताया जा रहा है कि नाबालिग एक ऐसे विवादित गाने पर डांस कर रहे थे, जिसमें मुजाहिदों और भारत की एकता को तोड़ने का जिक्र था.

नेटवर्क 18 की खबर के मुताबिक एक नाबालिग के पिता ने कहा “बच्चे तो इन शब्दों का मतलब भी नहीं जानते, वो तो सिर्फ गाने की धुन सुनकर डांस कर रहे थे.” विवादित गाने पर डांस करते इन बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया इसके बाद रोहतास पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए. पुलिस ने प्राप्त जानकारी के आधार पर बीते रविवार को मामला दर्ज कर लिया.

एफआईआक के मुताबिक, चंदन ठाठेरा नामक शख्स ने वीडियो को शूट कर वहां के लोकल बजरंग दल नेता  को दिया इसके बाद नेता ने ये वीडियो पुलिस को दिया था. घटना बीते शुक्रवार को शाम करीब 8 बजे के आसपास की है. जब करीब 150 लोगों की भीड़ जिसमें 10 से 22 साल की उम्र के लोग शामिल थे, ईद का जश्न मनाते हुए डीजे पर डांस कर रहे थे. डीजे चलाने वाला आशीष कुमार नामक शख्स इलाके का ही रहने वाला था. आशीष अपने फोन से कव्वालियां बजा रहा था. अचानक ये विवादित गीत बजा और लोग डांस करते रहे. गाने के बोल थे ” ‘हम पाकिस्तानी मुजाहिद,धरती के हैं रखवाले….’ हैं जो कि विवादित गाना है.

रोहतास एसपी सत्यवीर सिंह के मुताबिक अपराधियों पर आईपीसी की धारा 143 (गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने पर) 122A (देशद्रोह) 153A (नफरत फैलाना) और 295A (गलत भावना से किया गया ) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. एसपी सत्यवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लिया और पांच नाबालिगों सहित आठ लोगों पर देशद्रोह के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. इस संबंध में 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है. एसपी ने कहा कि वीडियो की सत्यता की जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब में भेजा गया है.

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मायावती की नसीहत के बाद कश्मीर में गिराई गई सरकार?

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नई दिल्ली। कश्मीर में भाजपा व पीडीपी की सरकार गिरने से चार दिन पहले ही मायावती ने मोदी सरकार को नसीहत दी थी. 15 जून को दी गई नसीहत के हिसाब से देखा जाए तो लगता है कि कश्मीर में सरकार से समर्थन वापसी में बसपा प्रमुख की नसीहत का भी रोल है. हालांकि जाहिर है कि कोई पार्टी इस तरह की बात को स्वीकार नहीं करती लेकिन कभी-कभार संयोगवश ऐसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है. अपनी नसीहत में सुश्री मायावती ने साफ तौर पर कहा था कि कश्मीर में बिगड़ते हालात को देखकर भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी चाहिए.

इस नसीहत के चार दिन के बाद ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तत्काल बैठक बुलाकर 19 जून को कश्मीर में पीडीपी से समर्थन वापसी का ऐलान कर दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उसी दिन शाम को राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया. मायावती की नसीहत के बाद अचानक से कश्मीर में भूचाल आना बहुत कुछ बताता है.

अब यह जान लिजिए कि आखिर मायावती ने नसीहत क्यों दी थी.

दरअसल श्रीनगर में 14 जून को तीन बाइक सवार आतंकियों ने राइजिंग कश्‍मीर अखबार के संपादक शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्‍या कर दी. इसके बाद आतंकियों ने सेना के जवान औरंगजेब की भी बेरहमी से हत्या कर दी थी. इन घटनाओं ने कश्मीर के हालात इस कदर बिगाड़े कि मायावती ने बीजेपी को जमकर खरी-खोटी सुनाई.

सीमावर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य में जवानों की लगातार हो रही शहादत व सम्पादक सुजात बुख़ारी की हत्या पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती ने कहा था कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार अपनी अड़ियल नीति को त्याग कर देशहित में अपनी कश्मीर नीति पर पुनर्विचार करे.

गठबंधन सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार होने के बावजूद भी वहां के हालात लगभग बेकाबू हैं. चूंकि आम जनता शांति व कानून-व्यवस्था चाहती है, इसको ध्यान में रखकर ही केन्द्र सरकार को कश्मीर नीति में परिवर्तन लाना चाहिये तथा राजनीतिक स्तर पर भी सुधार के प्रयास तेज़ करने चाहिये.

भाजपा की देशभक्ति वाली नीति पर तंज कसते हुए मायावती ने कहा था कि बीजेपी की कश्मीर नीति पूर्णतः जनहित व देशहित पर आधारित नहीं होकर पार्टी की संकीर्ण राजनीतिक सोच से ज़्यादा प्रभावित लगती है. शायद यही कारण है कि बीजेपी का जम्मू नेतृत्व भी काफी ज्यादा स्वार्थ में लिप्त पाया जाता है. इसी कारण जम्मू क्षेत्र भी तनाव व हिंसा का शिकार है तथा आम जनता का जीवन त्रस्त है.

कश्मीर में सरकार गिरने के बाद बीजेपी की ओर से अधिकारिक तौर कहा गया कि समर्थन वापसी का फैसला देशहित को ध्यान में रखकर लिया गया है. सरकार चलाने से ज्यादा जरूरी है कि कश्मीर में शांति व्यवस्था के लिए सही फैसले लिए जाए. भाजपा का बयान व मायावती की नसीहत को गौर से देखिए तो साफ लगता है कि भाजपा वही कहती दिखी तो मायावती पहले कह चुकी थीं.

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मायावती, ममता व सोनिया से समर्थन मांग रही बीजेपी

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने विपक्षी की दिग्गज महिला नेताओं से समर्थन मांगा है. इस वक्त सोनिया गांधी व ममता बनर्जी मायावती एक-दुसरे के बहुत करीब हैं, ऐसे में भाजपा सरकार मौका देखकर समर्थन मांगी है. इनके समर्थन से ही सरकार तीन तलाक के ऐतिहासिक फैसले पर आगे बढ़ पाएगी. मोदी सरकार इस मामले पर विरोधियों से पूरी तरह से घिर गई है. तीन तलाक विधेयक पिछले छह महीने से राज्यसभा में लंबित है. ऐसे में मोदी सरकार राज्यसभा में विपक्ष के आगे कमजोर है.

तीन तलाक को पारित कराने के लिए मोदी सरकार बेताब है. बिना विपक्ष के सहयोग के यह बिल संसद में पारित नहीं हो पा रहा है. अब सरकार इस बिल को पारित कराने के लिए अपने तीनों मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, बीएसपी और तृणमूल कांग्रेस से समर्थन मांगा है. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी पार्टियों की प्रमुख महिला नेताओं से अपील की है कि वे राजनीतिक मतभेद को भूलकर महिला हित में तीन तलाक को प्रतिबंधित करने वाले विधेयक को आगे बढ़ाने में मदद करें. इनका कहना है कि सरकार के इस फैसले का स्वागत मुस्लिम महिलाएं कर रही हैं लेकिन इन तीन महिला नेताओं के समर्थन मिल जाता तो विधेयक जल्द पास हो जाता.

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कपिल शर्मा की तरह निरहुआ ने पत्रकार को दी गालियां, मामला दर्ज

नई दिल्ली। भोजपुरी के स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ विवादों में घिर गए हैं. निरहुआ पर पत्रकार को गाली देने व मारने-पीटने की धमकी देने का आरोप लगा है. इस बात को लेकर निरहुआ की निंदा हो रही है. इस मामले को लेकर पत्रकार ने निरहुआ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. लेकिन निरहुआ ने भी इस पर खुलकर अपनी बात रखी है.

शिकायत की कॉपी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक निरहुआ के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की मुंबई में शिकायत दर्ज कराई गई है. भोजपुरी सिनेमा के पीआरओ और पत्रकार शशिकांत सिंह ने निरहुआ के साथ अपनी इस गाली-गलौत भरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया है. इसमें गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देते हुए सुना जा रहा है. इसको लेकर निरहुआ के छोटे भाई और फिल्म एक्टर परवेश लाल यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से शशिकांत सोशल मीडिया पर ‘बॉर्डर’ के खिलाफ नेगेटिव अभियान चलाए हुए थे. हालांकि उन्होंने निरहुआ और शशिकांत की बातचीत के बारे में कुछ ज्यादा नहीं कहा, लेकिन ये माना कि दोनों में गरमागर्मी हुई थी.

बता दें कि इसी तरह कपिल शर्मा ने एक पत्रकार को गाली दी थी जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था और कपिल शर्मा की निंदा हुई थी. भोजपुरी के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ की नई फिल्म ‘बॉर्डर’ ईद पर रिलीज हुई थी और फिल्म ने बिहार और यूपी के कुछ सेंटर्स में सलमान खान की ‘रेस 3’ को जबरदस्त टक्कर भी दी. फिल्म को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स से फिल्म की टीम बेहद खुश है.

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गायब रेप आरोपी दाती बाबा क्राइम ब्रांच में हाजिर

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नई दिल्ली। शनिधाम के संस्थापक दाती महाराज आखिरकार पुलिस के साथ लुकाछिपी करने का खेल बंद कर हाजिर हो गए. क्राइम ब्रांच ने बाबा के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. लेकिन बाबा नहीं मिला था. इसके बाद मंगलवार को दाती महाराज ने दोपहर में चाणक्यपुरी क्राइम ब्रांच में सरेंडर कर दिया है. बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेप के मामले में पेश होने के लिए बुधवार तक का समय दिया था.

दाती महाराज पर अपनी एक शिष्या के साथ रेप करने का आरोप है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दाती महाराज के दिल्ली और राजस्थान स्थित आश्रमों में उसका यौन उत्पीड़न किया गया था. दरअसल पुलिस ने उसे सोमवार 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन 01 बजे के बाद भी वह पूछताछ में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचा. हालांकि उसके पूछताछ में शामिल होने की संभावना पहले से ही काफी कम थी. शुक्रवार से ही वह पाली, राजस्थान स्थित आश्रम से गायब था. राजस्थान के आश्रम में पुलिस ने जांच के दौरान 600 लड़कियों के गायब होने की बात कही थी.

पुलिस को भी आशंका थी कि वह पूछताछ में शामिल नहीं होगा. वहीं, दिल्ली पुलिस ने दो सीसीटीवी फुटेज व डीवीआर आश्रमों से जब्त कर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की बात कही थी. पुलिस इस मामले को लेकर दाती महाराज से पूछताछ कर रही है.

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ट्रेनी महिला पुलिस अफसरों से नाईटी में कराई परेड और फिर…

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस अकादमी में ट्रेनी महिला पुलिस अफसरों ने जबरदस्त खुलासा किया है. इससे अकादमी के अफसरों द्वारा किए जा रहे ज्यातदी का काला सच सामने आया है. ट्रेनी महिला पुलिस अफसरों ने ट्रेनर पर बदसलूकी करने और अश्लील गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है. ट्रेनी महिला डीएसपी देर रात नाइटी में परेड कराने से भड़की हुईं हैं.

रात में कमरे का दरवाजा खुलवाने…

इस घटना की शिकार हुई दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनी महिला डीएसपी ने एक शिकायत पत्र रायपुर के पुलिस अधीक्षक को भेजा है. इस शिकायत पत्र में एडिश्नल एसपी मिर्जा जियारत बेग पर सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं. इसमें कहा गया कि एडिशनल एसपी महिला प्रशिक्षुओं के सामने ही अभद्र व्यवहार व अश्लील भाषा का प्रयोग करते हैं. साथ ही नाइट ड्रेस में पुरुषों के सामने परेड कराई गई. इसके अलावा रात में कमरे का दरवाजा खुलवाने के लिए अधिकारियों द्वारा उस्ताद व मेजर को भेजा जाता है. रात को दस बजे ऑफिसर पुरुष सहकर्मियों के सामने ही नाइट ड्रेस में परेड कराते हैं. यहां स्त्रियों के लिए अच्छा वातावरण नहीं है. बीमार होने पर उपचार भी नहीं कराया जाता. स्तरहीन खाने और नियत मानक का खाना उपलब्ध ना कराने की भी शिकायत इस पत्र में की गई है.

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तीन साल में बीजेपी ने कश्मीर को किया बर्बाद, सरकार की और गलतियां पढें

नई दिल्ली। आखिरकार तीन साल के बाद कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी की सरकार गिर गई. इस पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि हमनें कश्मीर के भविष्य का फैसला पहले ही कर दिया था. इतना ही नहीं कांग्रेस व अन्य नेताओं ने कश्मीर में विफल सरकार की गलती को गिनाया और कहा कि कश्मीर की बर्बादी के लिए बीजेपी जिम्मेदार है.

कश्मीर में जो हुआ बिलकुल ठीक हुआ…

सरकार गिरने के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने अपने बयान में कहा, ‘बीजेपी और पीडीपी ने जम्मू कश्मीर को बर्बाद कर दिया है. 3 साल की बीजेपी और पीडीपी की सरकार में जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा जवान शहीद हुए हैं. बीजेपी और पीडीपी दोनों को ही सरकार चलाने का अनुभव नहीं था और जम्मू कश्मीर में अब जो हुआ वो बिलकुल ठीक हुआ’. कांग्रेस की ओर से कुल मिलाकर दोनों ही सरकार को विफल बताया. इस दौरान पीडीपी का बचाव करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी ने अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पीडीपी को जमकर बदनाम कर रही है.

हालही में राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी व सेना जवान औरंगजेब की आतंकियों द्वारा हत्या के बाद सरकार घिर गई थी. इससे कश्मीर के हालात और भी बिगड़ चुके थे. पीडीपी नेता नईम अख्तर ने महबूबा के इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें भी कुछ ज्यादा समझ नहीं आ रहा है. पार्टी बैठक में ही बात होगी कि आगे क्या करना है. जबकि कांग्रेस ने पीडीपी के साथ गठबंधन करने से साफ तौर पर मना कर दिया है.

जबकि कश्मीर में हुई बदहाल व्यवस्था के लिए बीजेपी ने पीडीपी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. बीजेपी का कहना है कि कश्मीर के हित को देखते हुए पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया है. हमें ऐसी पार्टी के साथ सरकार नहीं बनानी. फिलहाल हम कश्मीर में राज्यपाल शासन की मांग करते हैं. फिलहाल अब यह देखना है कि इस्तीफा देने के बाद कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती क्या कहती हैं.

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नीतीश कुमार ने गठबंधन पर कही ऐसी बात

पटना। उधर जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन वाली सरकार गिर है तो वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. इससे बिहार में गठबंधन को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जाने लगे हैं. वैसे भी बीजेपी को उप चुनावों में मिली हार के बाद जदयू ने नाराजगी जाहिर की थी.

सांप्रदायिकता से समझौता करना एजेंडे में नहीं…

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वो अपने एजेंडे पर काम करते रहेंगे. लेकिन अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से समझौता करना उनके एजेंडे में नहीं है. उनका एक एजेंडा है, न्याय के साथ विकास का. उन्होंने कहा कि गठबंधन काम करने के लिए होता है. बहुत लोगों को गठबंधन के अंदर झंझट हो जाता है, परेशानी हो जाती है. उसको छोड़िए, काम देखिए. इससे पहले भी बाढ़ राहत राशि व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर नीतीश कुमार ने केंद्र से नाराजगी जाहिर की थी.

वैसे तो बिहार की सियासत में गठबंधन की राजनीति को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. इससे पता चल रहा है कि बिहार की गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है. सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा, जदयू, रासलोपा और लोजपा में बयानबाजी और एक-दूसरे पर छींटाकशी जारी है. इसको लेकर हर कोई अलग-अलग बयान दे रहा है. हालही में अमित शाह के लंच पार्टी में जाने से उपेंद्र कुशवाहा ने साफ मना कर शामिल नहीं हुए थे.

नरेंद्र मोदी या नीतीश कुमार

इसके अलावा भाजपा जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को बड़ा बता रही है वहीं जदयू नीतीश कुमार के चेहरे पर ही चुनाव लड़ना चाहती है. अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशारों-इशारों में गठबंधन पर बड़ी बात कही है. इन तमाम बातों से लग रहा है कि बिहार की गठबंधन किसी भी करवट बैठ सकती है.

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कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन फेल, सरकार गिरी

नई दिल्ली। कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन वाली सरकार गिर गई है. जम्मू-कश्मीर में फिलहाल राष्ट्रपित शासन लगाने की बात सामने आई है. हालांकि इसको लेकर महबूबा मुफ्ती ने गुजारिश की है. सरकार गिरने के बाद पीडीपी की ओर से कहा जा रहा है कि बीजेपी की नाकामी की वजह से कश्मीर में हालात बिगड़ रहे थे. इसको लेकर दोनों ही दलों में खटर-पटर चल रही थी.

दुसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज मंगलवार को दिल्ली में राज्य के सभी बड़े पार्टी नेताओं के साथ बैठक की, जिसके बाद बीजेपी ने समर्थन वापस लेने का फैसला किया.

कुछ ही देर में महबूबा का इस्तीफा…

गठबंधन टूटने के बाद आज 19 जून की शाम को जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अपने पद से इस्तीफा देंगी. BJP कोटे के सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है. बीजेपी ने समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्यपाल को सौंप दी है. फैसले के बाद बीजेपी नेता राम माधव ने कहा कि हमनें गृह मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर के तीन साल के कामकाज, सभी एजेंसियों से राय लेकर ये फैसला किया है.

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हिन्दू आतंकवाद पर दिग्विजय सिंह के बयान से बवाल

भोपाल। हिंदू आंतकवाद व आरएसएस को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह हमेशा से विवादित बयान देते आए हैं. एक बार फिर उन्होंने इतिहास का आईना दिखाते हुए कहा कि अबतक के हिंदू आंतकी आरएसएस से जुड़े हुए थे. इससे संघ की असलीयत का पता चलता है.

इतिहास का पन्ना पलटकर देखें…

दिग्विजय सिंह ने बेखौफ अंदाज में झाबुआ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिंदू आंतकी व संघ का कनेक्शन समझाया और साथ ही कहा कि अभी तक जितने भी हिंदू आतंकी सामने आए हैं, सब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं. जितने भी हिंदू धर्म वाले आतंकवादी पकड़े गए हैं सब संघ के कार्यकर्ता रहे हैं. इसके लिए इतिहास का पन्ना पलटकर देख सकते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘महात्मा गांधी की हत्या करने वाला नाथूराम गोड्से भी कभी संघ से जुड़ा था. यह विचारधारा घृणा फैलाती है. घृणा हिंसा को बढ़ावा देती है और हिंसा फिर आतंकवाद की ओर ले जाती है.” दरअसल में अमेरिकी एजेंसी सीआईए द्वारा बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद को उग्रवादी संगठन और आरएसएस को राष्ट्रवादी संगठन बताए जाने के बारे में एक सवाल पर दिग्विजय ने यह बात कही.

हाल में दिग्विजय सिंह ने संघ आतंकवाद व हिंदू आतंकवाद पर बात करते हुए कहा था कि वह हमेशा ‘संघी आतंकवाद के खिलाफ बोलते रहे हैं न कि हिंदू आतंकवाद के बारे में.’ जान लें कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का हाथ होने के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मानहानि का मुकदमा झेल रहे हैं. 12 जून को ही वे इस मामले में नागपुर की एक कोर्ट में पेश हुए थे. इस बयान के बाद एक बार फिर बहस छिड़ गई है. हालांकि इसको लेकर संघ या बीजेपी की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है.

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