कर्नाटक कांग्रेस विधायक दिल्ली में हाजिर

नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार का खेल अभी थमा नहीं है. कर्नाटक के कांग्रेस विधायक दिल्ली आ गए हैं. सूत्रों का कहना है कि मंत्री पद की आस में कांग्रेस विधायक दिल्ली आए हैं. यहां पर बैठक कर मंत्री पद बनाने पर फैसला लिया जाएगा. इस बात को लेकर कांग्रेस व जेडीएस विधायकों की धड़कनें तेज हो गई हैं. अभी देखना है कि किस विधायक को मंत्री पद सौंपा जाता है. सूत्रों का कहना है कि इस समय दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित कर्नाटक भवन दक्षिण भारत के कांग्रेस नेताओं का ठिकाना बना हुआ है. 34 संभावित मंत्री पदों में से कांग्रेस को 22 पद मिलने की उम्मीद है. मंत्री पद पाने की रेस में प्रमुख कांग्रेसी विधायक दिनेश गुंडू राव, कृष्णा बायरे गौड़ा, आरवी देशपांडे, ईश्वर खंडरे, अजय सिंह आदि हैं. मंत्री पद बंटवारे के बाद कर्नाटक सरकार तेजी से काम करेगी. मंत्री पद बंटवारा ना होने के कारण थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. Read Also-बंगला खाली कर मायावती ने बीजेपी की खोली पोल  

SC/ST कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के कर्मचारियों के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने बड़ी राहत दी है. एससी व एसटी कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण देने की इजाजत दे दी है. एएनआई की खबर के अनुसार मंगलवार को कोर्ट ने कहा कि वर्तमान कानून के हिसाब से यह व्यवस्था इस मामले में संवैधानिक बेंच का अंतिम फैसला आने तक लागू रह सकती है.

पांच साल बाद…

अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के कर्मचारियों के लंबे प्रतिक्षा के बाद जीत मिली है. सुप्रीम कोर्ट एससी-एसटी कर्मचारियों को पांच साल बाद भी प्रमोशन में आरक्षण देने संबंधी केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मंजूरी दी है.

बता दें कि 1992 में बहुचर्चित इंदिरा साहनी मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 1997 तक प्रमोशन में पांच साल तक आरक्षण देने की व्यवस्था लागू थी. तब अगस्त 1997 में केंद्र ने नई अधिसूचना लाकर प्रमोशन में आरक्षण को पूरे सेवाकाल तक बढ़ा दिया. लेकिन इस फैसले को एनजीओ ऑल इंडिया इक्वालिटी फोरम और अन्य लोगों ने दिल्ली हाई कोर्ट में उठाया और चुनौती दे दी थी. इस पर सुनवाई करने के बाद 23 अगस्त 2017 को हाई कोर्ट ने अगस्त 1997 में जारी अधिसूचना को रद्द कर दिया था. दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नवंबर 2017 में इस मामले को अपनी संवैधानिक बेंच को सौंप दिया था. फिलहाल इस फैसले आधार पर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के कर्मचारियों को आरक्षण के आधार पर प्रमोशन मिलेगा.

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वरिष्ठ पत्रकार रहे राजकिशोर की याद में ओम थानवी

राजकिशोरजी नहीं रहे. हिंदी पत्रकारिता में विचार की जगह आज और छीज गई. कुछ रोज़ पहले ही उन्होंने अपना प्रतिभावान इकलौता बेटा खोया था.

पिछले महीने जब मैं उनसे मिलने गया, वे पत्नी विमलाजी को ढाढ़स बँधा रहे थे. लेकिन लगता था ख़ुद भीतर से कम विचलित न रहे होंगे. मेरे आग्रह पर राजस्थान पत्रिका के लिए वे कुछ सहयोग करने लगे थे. एक मेल में लिखा – “दुख को कब तक अपने ऊपर भारी पड़ने दिया जाये.”  फिर जल्द दूसरी मेल: “तबीयत ठीक नहीं रहती. शरीर श्लथ और दिमाग अनुर्वर. फिर भी आप का दिया हुआ काम टाल नहीं सकता. आज हाथ लगा रहा हूँ.”

लेकिन होना कुछ बुरा ही था. फेफड़ों में संक्रमण था. कैलाश अस्पताल होते एम्स ले जाना पड़ा. आइसीयू में देखा तो अचेत थे. कई दिन वैसे ही रहे. तड़के उनकी बहादुर बेटी ने बताया डॉक्टर कह रहे हैं कभी भी कुछ हो सकता है; कुछ घंटे या दो-तीन रोज़ … और दो घंटे बाद वे चले गए. फ़ोन पर मुझसे कुछ कहते नहीं बना. परिवार पर दूसरा वज्रपात हुआ है. ईश्वर उन्हें इसे सहन कराए.

मेरा परिचय उनसे तबका था जब सत्तर के दशक में बीकानेर में शौक़िया पत्रकारिता शुरू की थी. वे कलकत्ता में ‘रविवार’ में थे. तार भेजकर मुझसे लिखवाते थे. फिर जब मैं राजस्थान पत्रिका समूह के साप्ताहिक ‘इतवारी पत्रिका’ का काम देखने लगा, उन्होंने हमारे लिए नियमित रूप से ‘परत-दर-परत’ स्तम्भ लिखा जो बरसों चला. ‘जनसत्ता’ के भी वे नियमित लेखक रहे.

गांधी और समाजवाद में उनकी गहरी आस्था थी.

उन्होंने ‘परिवर्तन’, ‘दूसरा शनिवार’, (ऑनलाइन) ‘हिंदी समय’ और हाल में नए ‘रविवार’ का सम्पादन किया. नवभारत टाइम्स में भी रहे. उनकी किताबें हैं – पत्रकारिता के पहलू, पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य, धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति, एक अहिंदू का घोषणापत्र, जाति कौन तोड़ेगा, रोशनी इधर है, सोचो तो संभव है, स्त्री-पुरुष : कुछ पुनर्विचार, स्त्रीत्व का उत्सव, गांधी मेरे भीतर. समकालीन मुद्दों और समस्याओं पर उन्होंने ‘आज के प्रश्न’ शृंखला में कोई पच्चीस किताबों का सम्पादन भी किया. उनके दो उपन्यास और एक कविता संग्रह भी प्रकाशित हुए.

राजकिशोरजी ही नहीं गए, उनके साथ हमारा काफ़ी कुछ चला गया है. जो लिखा हुआ छोड़ गए हैं, उसकी क़ीमत अब ज़्यादा समझ आती है.

लेख- ओम थानवी, वरिष्ठ पत्रकार Read Also Special Story-विश्व पर्यावरण दिवसः बिहार के तीन लाल, धरती को बचाने में लूटा रहे जवानी

विश्व पर्यावरण दिवसः बिहार के तीन लाल, धरती को बचाने में लूटा रहे जवानी

नई दिल्ली। बिहार के तीन ऐसे युवाओं की कहानी बताने जा रहा हूं, जो किसी लड़की के नहीं बल्कि धरती के दिवाने हैं. कहानी ऐसी ही हैं, ये तीन युवा पर्यावरण को बचाने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ा, तो कोई करोड़ों का मोह त्याग दिया और एक युवा तो और भी पागल; जो कि धरती के लिए छुट्टी लेता है. पर्यावरण दिवस पर रवि रणवीरा, ‘दलित दस्तक’ की बात इन तीनों युवाओं से हुई और इन्होंने कुछ यूं जाहिर की अपनी पर्यावरण प्रेम कहानी…

करोड़पति का चंपा प्रेम

‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) के विजेता सुशील कुमार, मोतिहारी चंपारण को फिर से जिंदा करने में जुटे हैं. चंपारण की असली पहचान को बचाने के लिए ‘चंपा अभियान’ शुरू किए हैं. इनका कहना है कि चंपारण का अर्थ होता है चंपा+अरण्य लेकिन आधुनिक काल में चंपारण के लोग ही अपना अस्तित्व खो दिए हैं. औषधिय गुण से भरपूर पौधे को लगाने का काम 27 अप्रेल, 2018 को नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता व प्रथम ग्रीन नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मेधा पाटकर के हाथों आरंभ कराया और अबतक करीब 30 हजार चंपा के पौधे चंपारण भर में लगा चुके हैं. इनका कहना है कि चंपारण को चंपा से सजाकर ही दम लेंगे. इनके साथ देश-विदेश के युवा भी जुड़कर ‘चंपा-अभियान’ को आगे बढा रहे हैं. सुशील कुमार कहते हैं कि पार्किंग के साथ-साथ एक पेड़ के लिए भी घर में जगह होनी चाहिए.

प्रेमिका के लिए नहीं बल्कि…

दुसरे ऐसे युवा की कहानी है जो कि अपनी प्रेमिका के लिए नहीं बल्कि खेत-खलिहान को बचाने के लिए छुट्टी लेता है. पीयूष तिवारी बताते हैं कि प्राइवेट जॉब में छुट्टी लेना बहुत मुश्किल होता है लेकिन मिट्टी को बचाने के लिए टाइम मैनेज कर दो-तीन माह में गांव जाता हूं और लोगों को जैविक खेती की ट्रेनिंग देता हूं. इसके साथ-साथ मुफ्त में मिट्टी जांच करता हूं. इसके अलावा लोगों को मुफ्त में जैविक खाद आदि भी देते हैं. प्राइवेट जॉब के पैसे को बचाकर जैविक खेती की परंपरा को पुनः जीवित करने के लिए पीयूष तिवारी जी-जान से जुटे हैं. इनकी मेहनत के कारण ही हालही में इनको कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम स्टार्ट अप इंडिया एग्रीकल्चर ग्रांड चैलेंज में कृषि समस्याओं के निदान पर सुझाव देने के लिए नई दिल्ली में शामिल किया गया और आईआईएम कोलकाता व टीएसटी द्वारा आयोजित स्मार्ट-50 में इनकी संस्था सेनटायल बायोटेक को टॉप-3000 स्टार्ट अप में शामिल किया गया. पीयूष तिवारी व इनकी टीम का कहना है कि मिट्टी को रसायनिक खाद के जहर से बचाने के लिए हम लोग ताउम्र काम करेंगे. क्योंकि मिट्टी के बिना किसान व जीवन की कल्पना करना असंभव है.

और लगा दिए 23 हजार पौधे

एक तरफ जहां हमारे युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए सालों-साल पागलों की तरह मेहनत कर रहे हैं तो वहीं राजेश कुमार सुमन सरकारी नौकरी छोड़कर गांव लौट आए और सेल्फी विद ट्री नामक अभियान शुरू कर दिया. इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए रिश्तेदारों के शादी-पार्टी में पौधे गिफ्ट करते हैं. अबतक करीब 22-23 हजार पौधों को लगवाया जा चुका है. 05 मई, 2018 मंगलवार को बिहार के सभी जिलों में इनकी संस्था की ओर से 10 हजार पौधे लगवाएं. साथ ही रैली निकाली गई. आज इस अभियान के साथ लाखों लोग जुड़कर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में वृक्षारोपण कर रहे हैं. राजेश कुमार सुमन का कहना है कि धरती को बचाने व सजाने के लिए हमारा प्रयास जारी है. जिस तरह लोग हमारे अभियान के साथ जुड़कर पौधा लगा रहे हैं उसे देखकर लगता है कि आने वाले दिनों में धरती एक बार फिर श्रृंगार कर सज-संवर जाएगी.

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शिवराज सरकार पर बरसे बसपा के राष्ट्रीय महासचिव

भोपाल। बसपा ने मध्य प्रदेश के दो दिन के दौरे पर राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर को भेजकर पार्टी की रणनीति तैयार करने के लिए भेजा है. सोमवार को पहले दिन महासचिव का स्वागत किया गया. इस दौरान महासचिव ने सभी जिला अध्यक्ष व विधान सभा के प्रभारियों से को संबोधित किया और राज्य के बारे में पार्टी प्रभारी से पूछताछ की.

पहले दिन के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में महासचिव ने शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि सबसे पहले किसान व दलित-मजदूर विरोधी शिवराज की सरकार गिरानी है. इसके साथ ही केंद्र से भाजपा को उखाड़ फेंकना है. इसके लिए उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को मजबूत होने के लिए कहा. साथ ही यह भी कहा कि वे अपने क्षेत्र में दौरा करें और दबे-कुचले लोगों की मदद करें. बसपा प्रमुख मायावती का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी मुखिया ने कर्नाटक में बीजेपी को पटखनी देकर भाजपा की बैचेनी बढ़ा दी है. हमें मायावती के सपने को साकार करने के लिए जमकर मेहनत करनी है.

इस मौके पर राज्य के 51 जिलों व 230 विधान सभा क्षेत्रों से बसपा के प्रभारी व पदाधिकारी आए हैं. हजारों की भीड़ में कार्यकर्ताओं हिस्सा लिया. मंगलवार को मध्य प्रदेश का दौरा करने के बाद अगले राज्य के लिए महासचिव निकलेंगे. बता दें कि राम अचल राजभर को तीन राज्य मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड का प्रदेश प्रभारी भी बनाया गया है.

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वीडियो शेयर कर राहुल ने पीएम मोदी की सच्चाई बताई

प्रतीकात्मक फोटो, साभारः scroll.in

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दनादन हमला कर रहे हैं. सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिंगापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हालिया संवाद कार्यक्रम का वीडियो शेयर कर कटाक्ष किया है. राहुल ने कहा कि अच्छा है कि उनके कार्यक्रम के सवाल-जवाब पहले से तय होते हैं, अगर ऐसा नहीं होता तो ‘हम सभी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो जाती.’

राहुल गांधी ने सिंगापुर दौरे पर पीएम मोदी के एक कार्यक्रम के ऊपर तंज कसते हुए यह ट्वीट किया. राहुल ने मोदी के इस संवाद कार्यक्रम का एक अंश का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के सवाल-जवाब पहले से ही तय कर दिए जाते हैं. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री का सिंगापुर के नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनटीयू) में संवाद कार्यक्रम का वीडिया शेयर किया है. राहुल गांधी ने इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी को ट्वीटर पर चैलेंज किया था.

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मुस्लिम विधायक हाथ-मुंह ढंक पहुंचा विधानसभा, सीएम ने उड़ाया मजाक

केरल। निपाह वायरस का खौफ इतना है कि एक विधायक हाथ-मुंह ढंक कर विधान सभा पहुंचे. इसके बाद मुख्यमंत्री ने पी विजयन ने इस पर विधायक का मजाक उड़ा दिया. हालांकि कुछ विधायकों ने इसका स्वागत भी किया. लेकिन स्वास्थ्य मंत्री शैलेजा ने भी विधायक का मजाक उड़ा दिया लेकिन इससे विधायक कोई फर्क नहीं पड़ा.

इसलिए पहना मास्क

केरल के कोझीकोड जिले में निपाह संक्रमण के प्रभाव की ओर ध्‍यान खींचने के लिए आईयूएमएल के विधायक ने विधानसभा में मास्क और दस्ताने पहनकर हिस्सा लिया. इसके बाद सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के नेता आपस में भीड़ गए. कुट्टीयाडी से विधायक पी अब्दुल्लाह विधानसभा में मास्क और दस्ताने पहनकर दाखिल हुए, इनको देखकर विपक्षी सदस्यों से अभिवादन किया.

सदन में नहीं आना चाहिए था…

विपक्षी दलों ने भले ही स्वागत किया लेकिन मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ये अंदाज रास ना आया. इसलिए मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि सदस्य का व्यवहार एक गंभीर मुद्दे को ‘महत्वहीन’ बनाने के समान है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने इसे ‘हास्यापद’ बता कर उपहास का पात्र बना दिया. इसके अलावा विजयन ने कहा कि विधायक ने मास्क पहनकर सदन में आकर खुद का मजाक बनाया है. स्‍वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मास्क कुछ विशेष कारणों से पहना जाता है. उन्होंने कहा कि अगर विधायक संक्रमण से पीड़ित हैं तो उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए था.

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वरिष्ठ पत्रकार राजकिशोर का लास्ट मूलमंत्रः भाजपा को कैसे हटाएं

PC- facebook/rajkishore

नई दिल्ली। हिंदी पत्रकारिता के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार-संपादक राज किशोर ने सोमवार को एम्स में आखिर सांस ली. राज किशोर का जाना हिंदी पत्रकारिता के लिए अपूर्णक्षति है. हिंदी पत्रकारिता में इनका योगदान अव्वल दर्जे का रहा. देश के सभी पत्रकारों ने इनके प्रति श्रध्दांजलि समर्पित की और इससे सबसे बड़ी क्षति बताई है.

लेकिन जिम्मेदार व निर्भय पत्रकार ने भाजपा को हटाने के लिए अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें वह विपक्ष को विरोध के सिवा अन्य रास्ते भी बता रहे हैं…

भाजपा की कमान में कई तीर हैं, क्योंकि वह पूरे आधुनिक भारत का विपक्ष है.

उसका मुकाबला करने के लिए सिर्फ उसके मुद्दों का विरोध करना काफी नहीं है. विपक्ष को अपने मुद्दे उभारने होंगे.

कुछ मुद्दे ये हो सकते हैं- आक्रामक समाजवादी नीतियां, प्रत्येक को रोजगार नहीं तो बेकारी भत्ता, साठ से ऊपर हर आदमी को पांच हजार की पेंशन, निजी सेक्टर में आरक्षण, महिला आरक्षण तुरंत लागू करना, पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पौष्टिक भोजन, विदेशी कंपनियों के लिए अपनी जरूरत का अस्सी प्रतिशत सामान भारत में बनाना, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अधिक से अधिक उत्पाद आरक्षित करना, प्रत्येक उद्योग में एक जैसा सामान बनाने वाली सिर्फ तीन कंपनियों को मंजूरी देना– बाकी कंपनियों को अन्य क्षेत्रों में निवेश करने का निर्देश देना, किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना मूल्य देना, गांवों और कस्बों में लघु उद्योगों का जाल बिछाना, हर खेत की सिंचाई नहरों की मार्फत सुनिश्चित करना, शहरी संपत्ति की सीमा तय करना, अधिकतम वेतन निर्धारित करना, निजी अस्पतालों का अधिग्रहण, पर्याप्त संख्या में जज और मजिस्ट्रेट नियुक्त कर अधिकतम एक वर्ष में केसों का निपटारा करना, सभी सरकारी रिक्तियों को भरना, रेल समय पर चलाना, बारह वर्ष से अधिक के बच्चों को आधा दिन पढ़ाना आधा दिन काम कराना, पीएचडी तक पढ़ाई और किताबें मुफ्त पर बारह वर्ष से ऊपर के हर विद्यार्थी को रोज चार घंटे काम करना होगा, हर मरीज का मुफ्त इलाज, रिटायर लोगों के लिए पार्ट टाइम रोजगार की व्यवस्था करना, जेलों की स्थिति में सुधार लाना, मंहगे होटल बंद, सेना और पुलिस में गुलामी वाली ड्यूटियां खत्म, अंतरजातीय विवाह करने पर दोनों को सरकारी नौकरी, तीन वर्ष के लिए मंत्रियों और अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक, जिला कलक्टर पद को समाप्त करना,रेलों में सिर्फ दो दरजे रखना – एसी और नान-एसी, जीएसटी की सिर्फ एक दर रखना- 10% आदि.

भाजपा की हालत उलट गए, पीठ के बल फड़फड़ाते तिलचट्टे जैसी न हो जाए, तो कहना.

(मित्रों से निवेदन है कि वे भी अपनी ओर से नए नए प्रगतिशील कार्यक्रम जोड़ते चलें. इस तरह एक राष्ट्रीय मांगपत्र तैयार हो जाएगा.)

साभारः इस पोस्ट को राज किशोर जी के फेसबुक वॉल पर 11 मई को शेयर किया था.

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विदेश मंत्री सुषमा का अचानक गायब हुआ विमान

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नई दिल्ली। विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज मॉरीशस के रास्ते यात्रा पर निकली थीं तभी अचानक उनका विमान गायब हो गया. इसके बाद भारत से लेकर मॉरीशस तक हड़कंप मच गया. प्राप्त खबरों के मुताबिक जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लेकर उड़ान भर रहा वायुसेना का विशेष विमान मॉरीशस के एयरस्पेस में गायब हो गया था. हालांकि, करीब 14 मिनट बाद यह विमान मॉरीशस के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के संपर्क में आ गया.

बताया जा रहा है कि मॉरीशस होते हुए दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर विदेश मंत्री शनिवार को वायुसेना के विशेष विमान आईएफसी-31 द्वारा त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट से भारतीय समयानुसार 02:08 बजे पर मॉरीशस के लिए रवाना हुईं थीं. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जानकारी के अनुसार भारतीय समयानुसार शाम 4:44 बजे मॉरीशस के एयरस्पेस में प्रवेश करने के बाद विमान वहां के एटीसी के संपर्क में नहीं आया. इसको लेकर अफरातफरी मच गई लेकिन जैसे 14 मिनट के बाद विमान संपर्क की सूचना मिली तो सांस में सांस आई.

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डर के साए में शिलांग के दलित सिख, इंटरनेट बंद-कर्फ्यू लगा

शिलांग। मेघालय की राजधानी शिलांग में हालत अबतक गंभीर है. इस दौरान दूसरे दिन भी शहर में कर्फ्यू लगे रहे. रातभर हुई हिंसा के दौरान आक्रोशित भीड़ ने एक दुकान और एक घर को आग के हवाले कर दिया. यहां के दलित सिखों की जान खतरे में पड़ी है. घटना आरंभ होने पर सिख न्यूज अपडेट नामक फेसबुक पेज के जरिए मदद की गुहार लगाई थी. सिखों की जान खरते में देख पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गंभीर चिंता व्यक्त की है.

पंजाब से टीम जाएगी

पंजाब मुख्यमंत्री ने दलित सिखों की सुरक्षा के लिए सोमवार को चार सदस्यीय टीम को मेघायल भेजने का फैसला किया था. इस टीम का नेतृत्व कैबिनेट मंत्री सुखजिंदगर रंधावा करेंगे, जबकि उनके अलावा सांसद गुरजीत उजला, रवनीत बिट्टू और विधायक कुलदीप सिंह वैद जाकर मामले की जानकारी लेंगे. सीएम अमरिंदर सिंह ने अपनी टीम को सख्त निर्देश दिए हैं. वहीं मेघालय के सीएम ने भी पंजाब के सीएम को सिख समुदायों की पूर्ण सुरक्षा के लिए आश्वासन दिया है.

हिंसा का कारण

आपको बता दें कि शिलांग के बारा बाजार इलाके में गुरुवार दोपहर को खासी बस चालक और दलित पंजाबी महिला के बीच बहसबादी के दौरान यह तनाव पैदा हुआ जिसने बाद में एक बड़ी हिंसा का रूप ले लिया. इसके बाद दो लोगों के बीच का मामला समुदाय के तौर पर बंट गया. हालांकि इसको लेकर वहां पर कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है.

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बैंक के इन दो कामों पर जीएसटी फ्री

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नई दिल्ली। जीएसटी को लेकर बैंक खाताधारकों के लिए खुशखबरी है. सरकार जीएसटी को लेकर बैंक खातधारकों को बड़ी राहत दी है. सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार बैंकों की एटीएम निकासी तथा चेकबुक के लिए नि:शुल्क सेवाओं को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर रखा गया है. इसके लिए जीएसटी नहीं लगेगी.

यहां ध्यान दें कि एटीएम निकासी व चेकबुके पर जीएसटी नहीं लगेगी लेकिन क्रेडिट कार्ड बिल के बकाया भुगतान पर लगा विलंब शुल्क (लेट चार्ज) तथा अनिवासी भारतीयों द्वारा बीमा की खरीद पर जीएसटी लगेगा. सरकार इन बातों को अब साफ कर दिया है. राजस्व विभाग ने बैंकिंग, बीमा और शेयर ब्रोकर सेवाओं पर जीएसटी लागू होने के संबंध में ‘बार-बार उठने वाले प्रश्नों का निवारण (एफएक्यू)’ जारी कर इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है.  इसके अनुसार विभाग ने कहा कि प्रतिभूतिकरण, डेरिवेटिव्स और वायदा सौदों से जुड़े लेन-देन को भी जीएसटी दायरे से बाहर रखा है. जीएसटी को लेकर अभी तक लोगों के अंदर कंफ्यूजन है जो कि धीरे-धीरे क्लीयर हो रहा है. बता दें कि ‘वन नेशन, वन टैक्स’ के तर्ज पर बीजेपी सरकार ने इसको लागू किया है.

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तोगड़िया बनाम मोदीः मोदी से खफा 14 हजार बजरंग दल व विहिप कार्यकर्ता का इस्तीफा

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नई दिल्ली। भाजपा के लिए 2019 की राह आसान नहीं दिख रही है, महागठबंधन के बाद एक और मुश्किल खड़ी हो गई है. असम के करीब 90 फीसद बजरंग दल व विहिप कार्यकर्ता मोदी सरकार के खिलाफ प्रचार-प्रसार करने का काम करेंगे. मोदी सरकारी की नीतियों से खफा दोनों हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के खिलाफ जंग छेड़ने का ऐलान कर दिया है.

मीडिया खबरों की मानें तो असम में असम में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 90 फीसद कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया है. बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक दीपज्योति शर्मा ने इस बात कि पुष्टि करते हुए एक स्थानीय अखबार को बताया कि, गुवाहाटी में 820 बजरंग दल कार्यकर्ताओं में से 816 ने अपनी सदस्यता छोड़ी और खुद दीपज्योति शर्मा ने भी 24 मई को शहर के सुरकेश्वर मंदिर में महत्वपूर्ण मीटिंग के दौरान इस्तीफा देने की भी बात कही. चौंकाने वाले आकड़े ये हैं कि पूरे राज्य के 14 हजार बजरंग दल कार्यकर्ताओं में से 13,900 ने सदस्यता त्याग दी है. बजरंग दल के अलावा गुवाहाटी में विश्व हिंदू परिषद के 400 सदस्यों में से 380 ने इस्तीफा दे दिया है. यहां विहिप के राज्य सलाहकार डॉ. टीके शर्मा ने भी इस्तीफा दे दिया है.

तोगड़िया बनाम मोदी

दीपज्योति शर्मा बताते हैं कि 1 जुलाई को विहिप से बागी हुए पूर्व अध्यक्ष डॉ.प्रवीण तोगड़िया नए दल का ऐलान करेंगे. ये दल देशभर में मोदी के खिलाफ अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर प्रचार करेगा. इन तमाम गतिविधियों से महागठबंधन को बल मिलेगा लेकिन भाजपा के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है जो कि हिंदू वोटों को बीजेपी से छिन सकती है.

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बंगला खाली कर मायावती ने बीजेपी की खोली पोल

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ के 13 माल एवेन्यू स्थित बंगले को खाली किया लेकिन इससे पहले उन्होंने बीजेपी की पोल खोल दी. मायावती ने दोनों सरकारी बंगला खाली कर दिया है. साथ ही मीडिया को बताया कि वे बंगला खाली करने से मना नहीं की थी बल्कि बीजेपी कैराना हार को छिपाने के लिए इस मुद्दे को जबरन मीडिया में चलवा रही थी. लेकिन बीजेपी कुछ भी कर ले उसकी हार नहीं छिपने वाली.

प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ के 13 माल एवेन्यू स्थित बंगले को शनिवार को खाली कर दिया. लेकिन इससे पहले उन्होंने मीडिया को बुलाकर बंगला दिखाया. लखनऊ के 13 माल एवेन्यू स्थित बंगले को मीडिया को दिखाया. इस दौरान साफ दिख रहा था कि लखनऊ के 13 माल एवेन्यू बंगला में कांशीराम की स्मृतियां रखी गई हैं. साथ ही बहुजन समाज आंदोलन के यादगार पलों को संजोया गया है. डॉ. भीमराव आंबेडकर, कांशीराम व मायावती की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेती हुई तस्वीरें हैं.

बता दें कि इससे पहले मायावती ने मुख्यमंत्री योगी को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी थी कि लखनऊ के 13 माल एवेन्यू स्थित बंगला बसपा शासनकाल में माननीय कांशीराम जी यादगार स्थल घोषित किया जा चुका है. साथ ही यह भी लिखा था कि यदि सरकार इस यादगार बंगला का ख्याल नहीं रख पाए तो वह बेहिचक बसपा को सौंप सकती है. साथ ही मायावती ने अपना दुसरा सरकार बंगला करीब एक सप्ताह पहले ही खाली कर दिया था.

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इंसाफ ना मिलने पर 120 दलितों ने अपनाया बौध्द धर्म

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। करीब चार माह धरना देने के बाद भी सरकार से इंसाफ ना मिला तो दलितों ने बौध्द धर्म को अपनाने का फैसला लिया और बौध्द के शरण में चले गए. 120 दलितों को सरकार से इंसाफ की उम्मीद थी लेकिन आखिरकार सरकार की ओर से निराशा हाथ लगी.

बौध्द धर्म अपनाने वाले परिवारों ने खुशी जाहिर की. प्राप्त जानकारी के अनुसार जींद व आस-पास के क्षेत्र के दलित इंसाफ व अधिकार के लिए धरना पर बैठे थे. 120 लोगों ने दिल्ली के लदाख बौद्ध भवन में जाकर धर्म अपनाया. इनका कहना है कि हिंदू धर्म के ठेकेदार दलितों का शोषण कर रहे हैं और सरकार भी इनका साथ दे रही है. लेकिन बौध्द धर्म में इससे निजात मिल जाएगी.

चार माह धरना पर

दलित समाज के नेता का कहना है कि वे पिछले तकरीबन 113 दिन से जींद में धरना दे रहे थे. कई बार दलित समाज का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ ना मिला. बता दें कि झांसा गैंग रेप की सीबीआई जांच, ईश्वर हत्याकांड के परिजनों को नौकरी, जम्मू में शहीद हुए दलित के परिवार को नौकरी, एससीएसटी एक्ट में अध्यादेश आदि मुद्दों को लेकर दलित धरना दे रहे थे.

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हरामी व्यवस्थाः ऊंची जाति का खौफ, दलित महिलाएं तीन किमी दूर जाती हैं पानी भरने

प्रतीकात्मक फोटो/khabarndtv

पानीपत। दलितों के साथ भेदभाव आज भी जारी है. देखिए कैसे ऊंची जातियों के खौफ के कारण पानी के लिए दलितों को तीन किलोमीटर दूर जाकर लाना पड़ता है. तपती धूप में तीन किमी दूर जाकर पानी लाकर जीवन जीने को विवश हैं लेकिन अभी तक कोई मदद के लिए आगे नहीं आया है. जबकि हर दिन इन दलितों की भीड़ पानी के लिए आती-जाती दिखती है. लेकिन इनको देखकर हर कोई मुंहफेर लेता है.

मामला हरियाणा के देवरड़ गांव, जिंद की है. शुक्रवार को दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट ने राजेश शर्मा ने फोटो स्टोरी की थी. इसके बाद दैनिक जागरण ने शनिवार को प्रकाशित किया. इनकी खबर के अनुसार देवरड़ गांव के ऊंची जाति के लोगों ने सबमर्सिबल से पानी लेने से मना कर दिया है. फोटो में साफ तौर दिख रहा है कि किस प्रकार दलित महिलाएं नन्हें बच्चों को लेकर पानी भरन के लिए कितने किलो मीटर की दूरी तय करते हैं.

दैनिक जागरण में छपी जिंद की तस्वीर

बता दें कि दलितों के साथ भेदभाव व हिंसा को लेकर कई खबरें हालही में सामने आई हैं जिसमें पानी ना भरने को लेकर यूपी व केरल से हालही में खबर मिली थी. वहां पर भी ऊंची बिरादरी के दबादबा के कारण लोगों को गड्ढें का गंदा पानी पीना पड़ता है. इस तरह के व्याप्त भेदभाव के खिलाफ सरकार ने अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

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मोदी के कृषि मंत्री ने किसान आंदोलन को बताया…

नई दिल्ली। मोदी के केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने देश में किसानों की खुदकुशी को लेकर बेतुका बयान दिया है. इनको किसान आंदोलन दिखावा लगता है. इनका मानना है कि किसान आंदोलन मीडिया कवरेज के लिए किए जा रहे हैं. एक कृषि मंत्री का किसानों के प्रति ऐसा बेतुका बयान बताता है कि उनको किसानों की तनीक चिंता भी नहीं है. अब ऐसे में किसान किसके पास अपनी फरियाद लेकर जाएं.

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मीडिया में आने के लिए कुछ किसान तरह-तरह के उपक्रम कर रहे हैं. देश में करोड़ों की संख्या में किसान हैं और उसमें कुछ किसानों का ये प्रदर्शन मायने नहीं रखता. भारतीय किसान यूनियन शुक्रवार से 10 दिनों की हड़ताल की घोषणा पर हैं. किसानों ने दूध, सब्जियों और अनाज जैसे कृषि उत्पादों की आपूर्ति बंद करने का ऐलान कर धरना शुरू किया है. कुल मिलाकर कहा जाए तो आंदोलन में देश के करीब 22 राज्यों के 130 संगठन समर्थन में उतरे हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के किसान साथ में हैं.

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14 नए जज नियुक्त, 420 पद अभी भी खाली

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नई दिल्ली। देश में चौदह नए जजों की नियुक्ति की गई है. विधि मंत्रालय ने कहा कि तीन हाईकोर्ट में शुक्रवार को कुल 14 जजों को नियुक्त किया गया. इसे हाईकोर्ट में हुई सबसे बड़ी नियुक्तियों में से एक कहा जा रहा है. इसके बावजूद भी करीब 400 सीट खाली हैं.

मंत्रालय की जानकारी के अनुसार मद्रास हाईकोर्ट में सात और कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जज नियुक्त किए गए हैं. तो वहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 5 जज नियुक्त किए गए हैं. बता दें कि मद्रास हाई कोर्ट में जजों की मंजूर संख्या बल 75 है, दबकि 56 जजों के साथ काम कर रहा है. इसी तरह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की मंजूर संख्या बल 53 है. वहां केवल  31 जजों के साथ काम हो रहा है. वहीं, कर्नाटक हाई कोर्ट में जजों की मंजूर संख्या बल 62 है.

इतनी बड़ी नियुक्ति के बाद भी विधि मंत्रालय के एक जून तक के आंकड़े के मुताबिक, देश के 24 हाईकोर्ट में जजों की मंजूर संख्या बल 1,079 है, लेकिन वहां 659 जज ही काम कर रहे हैं, जो मंजूर संख्या बल से 420 कम है.

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सलमान के भाई ने पुलिस के सामने उगला सच

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मुंबई। एक्टर सलमान खान के भाई अरबाज खान ने गुनाह कबूल कर सच बता दिया है. इसके साथ ही अरबाज ने करोड़ों रुपए की बात भी बताई जो कि मीडिया में चल रही थी. एएनआई सूत्रों के हवाले खबर मिल रही है कि अभिनेता अरबाज खान ने पुलिस की पूछताछ में मान लिया है कि वह आईपीएल की सट्टेबाजी में शामिल थे. एएनआई में छपी खबर के मुताबिक अरबाज खान ने माना है कि उन्होंने पिछले साल आईपीएल के मैचों में सट्टा लगाया था.

इस दौरान अरबाज खान ने यह भी बताया कि वह 2.75 करोड़ रुपये हारे थे. अरबाज ने बताया है कि वह पिछले 6 सालों से सट्टेबाजी कर रहे हैं लेकिन दुसरी तरफ कहते हैं कि वह इस साल कोई सट्टा नहीं लगाया. गौरतलब है कि शुक्रवार को ठाणे क्राइम ब्रांच ने समन जारी किया था. इसके बाद सलमान खान के भाई अभिनेता अरबाज खान ठाणे पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के सामने पेश होने पहुंचे थे. पुलिस ने 29 मई को मुंबई के नामी सट्टेबाज सोनू जालान को गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ करने पर अरबाज खान का नाम सामने आया. ऐसा आरोप है कि सोनू क्रिकेट बेटिंग के किंग जूनियर कोलकाता के लिए काम करता है.

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दिल्ली में तेज आंधी का खतरा

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नई दिल्ली। धूल भरी तेज आंधी ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है. शुक्रवार को तेज आंधी के कारण यूपी में 15 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए. देश की राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार की शाम आंधी चली. लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि रविवार को भी तेज हवा मौसम बिगाड़ सकती है.

प्रादेशिक मौसम केंद्र नई दिल्‍ली की से जारी की गई चेतावनी में 2 जून को आंधी और 3 जून को तेज हवाओं के तेज होने के चलने की संभावना है. 2 जून को तेज आंधी और बिजली चमकने की आशंका है. इस दौरान घरों से निकलने में सावधानी बरतें. वहीं 3 जून को लेकर कहा गया है कि इस दिन भी मौसम थोड़ा बदला बदला रहेगा. जबकि 7 और 8 जून को बिजली कड़कने के साथ हल्‍की बारिश होने की संभावना है.

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यूपी में तूफान की तबाही में 15 लोग मरे

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के कारण मरने वालों की संख्या 15 बताई जा रही है. शुक्रवार की देर शाम आए तूफान ने भारी तबाही मचाई. इसमें नौ से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी बात कही जा रही है. आंधी-तूफान ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा और संभल जिलों में सबसे ज्यादा तांडव मचाया. इसके अलावा सूचना विभाग के प्रधान सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया था कि उन्नाव जिले में सोमवार को बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गयी, जबकि चार अन्य घायल हो गये. कानपुर और राय बरेली से भी दो – दो लोगों के मारे जाने की सूचना है.

बता दें कि इससे पहले भी 28 मई को आंधी-तूफान ने यूपी में काफी तबाही मचाई थी. तूफान की वजह से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में आंधी व बिजली की चपेट में आकर 9 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 6 लोग घायल हो गए थे जबकि यूपी समेत बिहार, झारखंड राज्यों में करीब 40 से ज्यादा लोग मर गए थे. गौरतलब है कि मई की शुरुआत से अबतक उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में तूफान ने काफी तबाही मचाई है. तूफान की चपेट में आने से 150 से ज्यादा जानें गई हैं. आंधी-तूफान की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान यूपी को पहुंचा है.

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