हरामी व्यवस्थाः ऊंची जाति का खौफ, दलित महिलाएं तीन किमी दूर जाती हैं पानी भरने

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प्रतीकात्मक फोटो/khabarndtv

पानीपत। दलितों के साथ भेदभाव आज भी जारी है. देखिए कैसे ऊंची जातियों के खौफ के कारण पानी के लिए दलितों को तीन किलोमीटर दूर जाकर लाना पड़ता है. तपती धूप में तीन किमी दूर जाकर पानी लाकर जीवन जीने को विवश हैं लेकिन अभी तक कोई मदद के लिए आगे नहीं आया है. जबकि हर दिन इन दलितों की भीड़ पानी के लिए आती-जाती दिखती है. लेकिन इनको देखकर हर कोई मुंहफेर लेता है.

मामला हरियाणा के देवरड़ गांव, जिंद की है. शुक्रवार को दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट ने राजेश शर्मा ने फोटो स्टोरी की थी. इसके बाद दैनिक जागरण ने शनिवार को प्रकाशित किया. इनकी खबर के अनुसार देवरड़ गांव के ऊंची जाति के लोगों ने सबमर्सिबल से पानी लेने से मना कर दिया है. फोटो में साफ तौर दिख रहा है कि किस प्रकार दलित महिलाएं नन्हें बच्चों को लेकर पानी भरन के लिए कितने किलो मीटर की दूरी तय करते हैं.

दैनिक जागरण में छपी जिंद की तस्वीर

बता दें कि दलितों के साथ भेदभाव व हिंसा को लेकर कई खबरें हालही में सामने आई हैं जिसमें पानी ना भरने को लेकर यूपी व केरल से हालही में खबर मिली थी. वहां पर भी ऊंची बिरादरी के दबादबा के कारण लोगों को गड्ढें का गंदा पानी पीना पड़ता है. इस तरह के व्याप्त भेदभाव के खिलाफ सरकार ने अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

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