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चातुर्वण्य व्यवस्था में बहुजन समाज का अस्तित्व?

भारत वर्ष में अनेक महापुरूष पैदा हुये जिनमें तथागत बुद्ध, संत रविदास, कबीर दास, साहुजी महाराज, बिरसा मुण्डा, ज्योतिबा फूले, सावित्री बाई फूले, रामास्वामी नायकर, संत गाडगे, डाॅ0 बी. आर. अम्बेडकर, जगदेव प्रसाद आदि अग्रगण्य हैं, जिन्होंने सदियों से मानवीय अधिकार से वंचित और...

भीम आर्मी के जांबाज साथी एडवोकेट चन्द्रशेखर रावण के जज्बे को भीम सलाम…..

बहुजनों के बीच अब चन्द्रशेखर रावण किसी पहचान के लिए मोहताज नही हैं.भीम आर्मी के जांबाज साथी एडवोकेट चन्द्रशेखर रावण जी अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नही रह गए हैं लिहाजा उन्हें रिहा कर दिया गया है.एक सुकून मिला है यह जानकर कि...

क्यों न सभी जातियों को संख्या के आधार पर आरक्षण प्रदान कर दिया जाए?

आरक्षण के मुद्दे को लेकर, फेसबुक पर अशोक कुमार गोयल लिखते हैं, ‘जब तक वर्तमान सरकार है सब लोग आरक्षण मांगो...जिस दिन गठबन्धन की सरकार आयेगी तो बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को आरक्षण मिलेगा और बाक़ी लोग केवल संरक्षण माँगेंगे.’ इस टिप्पणी को कई लोगों...

मीडिया में दलित शब्द की मनाही के मायने

मुंबई उच्च न्यायालय और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के हवाले से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया को निर्देशित किया है कि वह ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल न करें. दलित के स्थान पर अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति शब्द का प्रयोग करें. अदालती उपयोग...

हकमार कौन !

गत 23 अगस्त, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह दलितों के आरक्षित तबकों के संपन्न लोगों के बच्चों को प्रमोशन में आरक्षण पर दिए जाने पर सवाल उठाया है, उससे भारत में एक नए वर्ग,‘हकमार वर्ग’ को लेकर एक नया विमर्श शुरू हो...

फेसबुक पर लिखने के कारण एक आदिवासी असिस्टेंट प्रोफेसर को देशद्रोही घोषित किया गया !

( राजकीय पीजी कॉलेज आबूरोड में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ आशुतोष मीना को सिरोही जिला कलेक्टर ने चार्जशीट दी, जिसमें कहा गया है कि उनकी फेसबुक टिप्पणियां समाज विरोधी, धर्म विरोधी ,सरकार विरोधी और राष्ट्र विरोधी है ) राजकीय पीजी महाविद्यालय आबूरोड़ में पदस्थापित असिस्टेंट...

संविधान का अपमान देश का अपमान

एक बार हमारे देश के प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि हमारे देश का संविधान ही पवित्र ग्रंथ है. संविधान से बढ़कर और कोई पवित्र ग्रंथ नहीं है. लेकिन कुछ मनवादियों ने 9 अगस्त, 2018 को दिल्ली में उस महान पवित्र ग्रंथ को ही...

एससी-एसटी एक्ट न हुआ सांप-सीढ़ी का खेल हो गया

दैनिक जागरण (राष्ट्रीय संस्करण) 01.09.2018 के अनुसार नैनीताल हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार द्वारा  एससी-एसटी एक्ट को इसके मूल रूप में लागू करने के विधेयक पारित करने की दशा में  इस एक्ट में पुन: संशोधन करने  को चुनौती देती...

दलितों का दमन और मौत की मार्केटिंग

दलित शौर्य और ब्राह्मणवादी पेशवाओं की शर्मनाक पराजय का प्रतीक बन चुके भीमा कोरेगांव की 200वीं वर्षगांठ पर इकट्ठा हुए दलितों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठनों द्वारा हमला करने के पश्चात भी पीछे न हटने वाले दलित कार्यकर्ताओं में खौफ पैदा करने...

बहुजनों द्वारा अपने धर्म और संस्कृति की घोषणा : एक वास्तविक क्रान्ति

भारत के दलितों-बहुजनों के खिलाफ जो अन्याय अत्याचार हुआ है, जो हो रहा है और जो आगे भी कुछ समय तक जारी रहेगा उसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उनमे बहुत हद तक बहुजनों के हितैषी भी जिम्मेदार हैं. यह एक विचित्र और कठोर...

पूँजीवादी ब्राह्मणवाद के नायक हैं अटल बिहारी वाजपेयी

पिछले लगभग दस वर्षों से सक्रिय राजनीतिक जीवन से विरत व अस्वस्थ रहने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की 16 अगस्त 2018 को मृत्यु हो गयी. उन्होंने सामान्य व्यक्ति से कहीं ज्यादा 93 वर्ष का जीवन जिया. उन्होंने 80 वर्ष की उम्र तक प्रधानमंत्री के...

क्या भारत में कंकालों का म्यूजियम संभव है?

यूरोप के जर्मनी और अफ्रीका के रवांडा जैसे कुछ देशों में कई सारे होलोकॉस्ट म्यूजियम हैं स्कूल कॉलेज के बच्चों को वहां दिखाया जाता है कि हिटलर के दौर में या हुतु तुत्सी जातीय हिंसा के दौर में किस नँगाई का नाच हुआ था,...

तो इसलिए भारत सामाजिक अन्यायमुक्त नहीं हो पाया

7 अगस्त 1990 को मंडल आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद धीरे-धीरे अगस्त ‘सामाजिक न्याय के माह’ के रूप में स्थापित होते गया है . इस माह पूरे देश में वर्ण-व्यवस्था के वंचितों द्वारा सामाजिक न्याय पर असंख्य संगोष्ठियां आयोजित होती हैं. यह...

इस देशभक्त के लिए आप क्या कहेंगे

सर से लेकर पांव तक बागौर देखा जाए, तो मैले कुचैले कपड़ों के भीतर बसाता गन्धाता जीर्ण होता शरीर जो नहाने पर गीला ही हो पाता होगा, भीगे हुए तो अरसे गुजर चुके होंगे. शायद कोई भिखारी है या घरवालों की ओर से तिरस्कृत ,सभ्य...

अटलजी को लेकर बहुजनों और सवर्णों में वैचारिक टकराव कितना जायज

अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त को निधन हो गया. कहा जा रहा है कि उनके साथ एक युग का अंत हो गया. इसकी वजह शायद यह है कि अटल जी आज के दौर के इकलौते व्यक्ति थे, जिनके साथ...

एससी/एसटी और ओबीसी छात्रों को नीतीश कुमार ने दिया बड़ा तोहफा

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अनुसूचित जाति ((एससी)/अनुसूचित जनजाति एसटी), दलितों और ओबीसी छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि एससी/एसटी, दलित और ओबीसी समुदाय के छात्र अगर बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षाएं (पीटी) पास करता है...

प्रधानमंत्री जी बलात्कार राक्षसों की नहीं आपके देवताओं की प्रवृति रही है!

प्रधानमंत्री ने लाल किले से कहा कि बलात्कार राक्षसी प्रवृति है, जबकि डॉ.आंबेडकर ने अपनी किताब हिंदू धर्म की पहेलियों में हिंदू धर्मशास्त्रों और पुराणों के हवाले से बताया है कि ब्रह्मा, विष्णु और तीनों ने मिलकर सती अनसूया के साथ सामूहिक बलात्कार किया...

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में डॉ. आंबेडकर की क्या राय थी

आजादी से 1 वर्ष पहले 1946 में डॉ. आंबेडकर ने लिखा कि “ हिंदुओं और मुसलामनों की लालसा स्वाधीनता की आकांक्षा नहीं हैं. यह सत्ता संघर्ष है,जिसे स्वतंत्रता बताया जा रहा है.. कांग्रेस मध्यवर्गीय हिंदुओं की संस्था है, जिसकों हिदू पूंजीपतियों की समर्थन प्राप्त...

‘ लोकतंत्र का भविष्य समन्वय में है संघर्ष में नहीं ’

लोकतंत्र में प्रयुक्त ‘लोक‘ शब्द अपने अपार विस्तार में समस्त संकीर्णताओं से मुक्त है . ‘लोक’ जाति-धर्म-भाषा-क्षेत्र-वर्ग आदि समूह की संयुक्त समावेशी इकाई है, जिसमें सहअस्तित्व का उदार भाव सक्रिय रहकर ‘लोक‘ को आधार देता है. ‘लोक‘ में सबके प्रति सबकी सहानुभूति का होना...

भीमकवी वामनदादा कर्डक

भारत में शुरुआत से ही सिंधु संस्कृती समतावादी, मानवतादी रही है. बाद में चार हजार साल पूर्व में आर्यों ने भारत पर आक्रमण कर के वर्णभेद, जातीभेद निर्माण किया. उसके खिलाफ में तथागत बुध्द, गुरू कबीर, गुरू नानक, गुरू नामदेव, गुरू तुकाराम, गुरू गाडगेबाबा इन्होने...
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कास्ट मैटर्स

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शहीद गौरी लंकेश महिषासुर को महान राजा और अपना नायक मानती थीं

एक दैत्य अथवा महान उदार द्रविड़ शासक, जिसने अपने लोगों की लुटेरे-हत्यारे आर्यो से रक्षा की। महिषासुर ऐसे व्यक्तित्व का नाम है, जो सहज...

राजनीति

बहनजी ने बनाया आकाश आनंद के लिए स्पेशन प्लॉन, अब बहुजन राजनीति में होगा धमाल

लखनऊ। आकाश आनंद जल्दी ही यूपी के तमाम जिलों सहित उत्तराखंड और पंजाब के चुनावी मैदान में अपना दम दिखाने जा रहे हैं। बसपा...
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