HomeTop Newsकनाडा की संसद में गूंजा सतगुरु रविदास का संदेश

कनाडा की संसद में गूंजा सतगुरु रविदास का संदेश

कनाडा के पार्लियामेंट हिल में 26 अक्टूबर 2026 के दिन गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से पहुंचे लोगों ने गुरु रविदास के समानता, सामाजिक न्याय और बेगमपुरा के संदेश को याद किया।

ओटावा/कनाडा। कनाडा में रविदासिया समुदाय के लिए 26 अक्टूबर 2026 का दिन एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर कनाडा की राजधानी ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कनाडा के विभिन्न हिस्सों के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन से भी रविदासिया समुदाय के लोग शामिल हुए। यह विशेष समारोह स्थानीय संस्था श्री 108 संत सरवन दास चैरिटेबल ट्रस्ट, वैंकूवर के अनुरोध पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी सांसद गुरबक्स सैनी ने की।

ट्रस्ट के संयोजक विरिंदर बांगड़ ने कार्यक्रम को रविदासिया समुदाय के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने सांसद गुरबक्स सैनी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने इस अवसर पर कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में एक मिनट का वक्तव्य भी पढ़ा।

कनाडा की संसद तक पहुंचा समानता और बेगमपुरा का संदेश
कार्यक्रम में गुरु रविदास जी की उन शिक्षाओं को याद किया गया, जो समानता, मानवता, सम्मान और सामाजिक न्याय पर आधारित हैं। कार्यक्रम का एक प्रमुख संदेश गुरु रविदास की उस कल्पना से भी जुड़ा था, जिसे उन्होंने ‘बेगमपुरा’ के रूप में देखा था—एक ऐसा समाज, जहां दुख, भेदभाव और असमानता के लिए कोई जगह न हो। श्री गुरु रविदास सभा वैंकूवर के अध्यक्ष हरजीत सोहौल ने इस आयोजन को कनाडा की संसद में एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आज भी दुनिया भर के लोगों को समानता और मानवीय गरिमा के लिए प्रेरित करती हैं।

कनाडा के कई प्रांतों और विदेशों से पहुंचे लोग
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, ओंटारियो और क्यूबेक सहित कनाडा के विभिन्न प्रांतों से समुदाय के लोग पहुंचे। अमेरिका और ब्रिटेन से भी प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। श्री 108 संत सरवन दास चैरिटेबल ट्रस्ट, वैंकूवर, डेरा बल्लां के वर्तमान प्रमुख संत निरंजन दास जी महाराज के मार्गदर्शन और आशीर्वाद में काम करता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई संगठनों ने सहयोग किया। इनमें श्री गुरु रविदास सभा वैंकूवर, श्री गुरु रविदास सोसाइटी ऑफ कैलगरी, श्री गुरु रविदास सभा ऑफ ओंटारियो, श्री गुरु रविदास सभा ऑफ मॉन्ट्रियल, गुरु बानी सागर, गुरु रविदास सीनियर्स इमिग्रेंट सोसाइटी ऑफ कैलगरी, चेतना एसोसिएशन ऑफ कनाडा, एआईएम टोरंटो, बुद्ध-विहार सोसाइटी ऑफ ओंटारियो, वैंकूवर पंजाबी मेला सोसाइटी और वैंकूवर व टोरंटो के वर्ल्डवाइड बीएसपी सपोर्टर्स ग्रुप शामिल हैं।

समाज सेवा के लिए मरणोपरांत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
समारोह का एक भावुक क्षण तब आया, जब दिवंगत स्वर्ण दास बांगड़ और उनकी पत्नी रेशम कौर बांगड़ को मानवता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके आजीवन योगदान के लिए मरणोपरांत लाइफटाइम कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए उनके चार बच्चे विशेष रूप से ब्रिटेन से कनाडा पहुंचे। परिवार की ओर से राज कुमार बांगड़ ने सभी आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता के जीवन, सेवा और योगदान को इस तरह याद किया जाना पूरे परिवार के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा की संसद जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच पर गुरु रविदास जी के विचारों और संदेश को पहुंचाना इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

समुदाय के लिए एक यादगार दिन
कार्यक्रम के समापन पर विरिंदर बांगड़ ने आयोजन में शामिल सभी लोगों, संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर कनाडा की संसद परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के संदेश को एक अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण अवसर बना।

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