नई दिल्ली। क्या पीएम केयर्स फंड में मौजूद करीब 8500 करोड़ रुपये देश के स्कूलों के विकास के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए? यह बहस शुरू कर दी है काकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने। दरअसल पीएम केयर्स फंड को लेकर ताजा आंकड़े सामने आए हैं, जिसके मुताबिक इसमें साढ़े 8 हजार करोड़ रुपये होने के बावजूद इस फंड का बेहद कम इस्तेमाल हो रहा है।
साल 2020 में कोविड महामारी के दौरान पीएम केयर्स फ़ंड की स्थापना आपदा और आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए की गई थी। तब जिस पीएम केयर्स फ़ंड की शुरुआत महज़ 2.25 लाख रुपए से हुई थी, उसमें 31 मार्च 2025 तक 8,452 करोड़ रुपए जमा हो चुके थे। यह जानकारी पीएम केयर्स फ़ंड की आधिकारिक वेबसाइट ने जारी की है। इस आंकड़े को सुनकर आपको लग रहा होगा ना कि इससे देश की आम जनता का खूब भला हुआ होगा? लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि खर्च करने के मामले में यह फीसड्डी साबित हुआ है।

साढ़े आठ हजार करोड़ रुपए जमा होने के बावजूद साल 2024-25 में इस फ़ंड से सिर्फ़ 87.85 लाख रुपए ख़र्च किए गए। खर्च का यह हैरान करने वाला आंकड़ा तब है, जबकि पिछले कुछ सालों में देश के कई हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात और अन्य बड़ी प्राकृतिक आपदाएं आईं।
इस फंड के बनने के बाद इससे हुए खर्च की बात करें तो शुरुआती दो सालों में इसका ठीक-ठाक इस्तेमाल हुआ। जैसे वर्ष 2020-21 में 3,976.17 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए थे। वर्ष 2021-22 में 3,716.29 करोड़ रुपये खर्च हुए।
लेकिन उसके बात खर्च का ग्राफ धड़ाम से गिरा। वर्ष 2022-23 में पीएम केयर्स फंड से सिर्फ 437.87 करोड़ रुपये खर्च हुए। जबकि वर्ष 2023-24 में 15.59 करोड़ रुपये खर्च हुए।
इन आंकड़ों से साफ है कि खर्च किया जाने वाला पैसा लगातार कम हुआ है। यह तब है जब इन सालों में देश ने कई भीषण आपदा देखा। 20 मई 2020 को पश्चिम बंगाल अम्फान चक्रवात आया। इससे लाखों लोग प्रभावित हुए और बंगाल में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 72 लोगों की मौत हो गई। जून 2023 में बिपरजोय चक्रवात आया था, इससे गुजरात के लाखों लोग प्रभावित हुए थे। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में बताया था कि 30 जुलाई तक प्राकृतिक आपदाओं के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में 1600 से ज्यादा लोग मारे गए।
Use PM Cares Fund for schools! pic.twitter.com/wjqfxgf1ha
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 19, 2026
पीएम केयर्स फ़ंड में आए पैसों की बात करें तो ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2024-25 में मिले कुल दान में से 479.04 करोड़ रुपये देश के भीतर से मिले, जबकि विदेशों से करीब 92 लाख रुपये का दान आया। इस फ़ंड को दान के अलावा 475.14 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में भी मिले।
हम दर्शकों को बता दें कि कोविड-19 महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के कुछ दिनों बाद 27 मार्च 2020 को पीएम केयर्स फ़ंड को एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर किया गया था। इस फ़ंड के अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं जबकि रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री इसके ट्रस्टी हैं। लेकिन आज तक ये जानकारी सार्वजानिक नहीं की गई है कि इस फ़ंड में अब तक पैसा कहां से आया है या किस-किस ने इस फ़ंड को पैसा दान किया।
हालांकि जिस तरह युवाओं से लेकर स्कूली बच्चे शिक्षा में सुधार को लेकर आए दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर निकल रहे हैं, उसमें यह सवाल जायज है कि क्या पीएम केयर्स फंड में मौजूद हजारों करोड़ रुपये से देश की शिक्षा के ढांचे में सुधार नहीं कर देना चाहिए?

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