लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहनजी एक बार फिर से हलचल मचाने जा रही हैं। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख बहन मायावती 6 दिसंबर को बाबासाहेब आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उन्होंने पार्टी की ओर से मिले निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। यह घोषणा उन्होंने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित बीएसपी उत्तर प्रदेश इकाई की समीक्षा बैठक में की। इस घोषणा से यूपी की राजनीति में अचानक से गर्मी बढ़ गई है। पार्टी ने इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।
5 नवंबर को हुई बैठक में बसपा सुप्रीमों मायावती ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों सहित राज्य और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, बेहतर उम्मीदवारों के चयन और गरीबों तथा कमजोर वर्गों के बीच पार्टी के जनाधार को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बीएसपी प्रमुख ने पार्टी के ‘वोट हमारा, राज भी हमारा’ के संकल्प को आगे बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बीएसपी की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया। बैठक में मायावती ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, ईवीएम और बैलेट पेपर से मतदान की मांग सहित विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने की अपील की।
बता दें कि बीते साल मान्यवर कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी ताकत दिखा चुकीं बहनजी यूपी चुनाव से ठीक पहले फिर से अपनी ताकत दिखाने जा रही है। इस बीच समाजवादी पार्टी द्वारा दलितों की राजधानी कहे जाने वाले आगरा में 15 नवंबर को दलित महासम्मेलन का कार्यक्रम होना है। देखना होगा कि दलित समाज किसके साथ अपनी एकजुटता दिखाता है। इन दोनों कार्यक्रमों के जरिये साफ हो जाएगा कि यूपी का दलित किसके साथ है।

राज कुमार साल 2020 से मीडिया में सक्रिय हैं। दलित दस्तक में उप संपादक पद पर हैं। देश और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

