कर्नाटक। सीएम की कुर्सी गंवा बैठे बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. येदियुरप्पा ने चुनाव आयोग को झूठा कहा और साथ ही यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों ने चुनाव में शराब व पैसा बांटने में मदद की है.
मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक चुनाव में कथित गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है. येदियुरप्पा का आरोप है कि कर्नाटक के विजयपुरा स्थित एक गांव में वीवीपैट मशीनों के बॉक्स खुली जगह पर मिले थे. मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत को लिखी चिट्ठी में येदियुरप्पा ने कहा कि आयोग को इस मामले में गंभीर कार्यवाही करनी चाहिए.
चुनाव आयोग झूठा साबित
उन्होंने यह भी लिखा, इससे चुनाव आयोग का निष्पक्ष होने का दावा झूठा साबित हो गया है. वोटिंग से पहले भी बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों को इसे लेकर शिकायत की थी. यह आरोप भी लगाया कि बिदर और कलबुर्गी जिले के कई हिस्सों में पुलिस अधिकारियों ने प्रतिद्वंदी उम्मीदवारों द्वारा वोटरों को शराब और पैसे बांटने में सहयोग किया.
कन्फ्यूजन फैला रहे हैं…
हालांकि कर्नाटक राज्य के चुनाव अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि रविवार को मनागुली गांव में मिले वीवीपैट बॉक्स चुनाव आयोग के नहीं हैं. आग कुमार ने बताया कि यहां मिले वीवीपैट बॉक्स में कोई मशीन और पेपर नहीं था. साथ ही यूनिक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग नंबर भी नहीं था. चुनाव आयोग उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा, जो कन्फ्यूजन फैला रहे हैं. ये बॉक्स विजयपुरा जिले के नहीं हैं. इस जिले के लिए 2744 वीवीपैट इश्यू किए गए थे और ये सभी स्ट्रॉंग रूम में सुरक्षित रखे गए हैं. मनागुली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जा रही है.
नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की वेबसाइट सोमवार की रात में हैक कर ली गई. वेबसाइट को हैक करने के बाद हैकर्स ने होमपेज को पूरी तरह ब्लैक कर दिया. हालांकि वेबसाइट खुल रही थी जिसपर उसने पूजा नामक लड़की के लिए दिल को छुने वाली बात लिख डाली. फिर क्या था सोशल मीडिया पर लोगों ने नए जमानें के प्रेमी की चर्चा शुरू कर दी.
पूजा की तलाश…
वेबसाइट खोलने पर ‘हैप्पी बर्थडे पूजा’ लिखा संदेश दिख रहा था. साथ ही नीचे लव यू भी लिखा था. इसके अलावा स्क्रीन टच करते ही कलरफुल थिम लगा दिया था. सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि पूजा तुम लक्की हो लेकिन हो सकता है कि तुमको अब छुपने के लिए जगह तलाशनी पड़े. तो किसी अन्य लिखा कि पूजा कहां हो तुम, आखिर कैसी दिखती हो कि तुम्हारे प्रेमी ने इतनी बड़ी रिस्क ले ली. इस तरह की तमाम बातें लिखी जा रही थीं.
संस्थान का कहना है कि इस मामले को लेकर जांच पड़ताल जारी है. आईटी वाले इसकी जांच कर रहे हैं. फिलहाल किसी संगठन या व्यक्ति ने हैक की जिम्मेदारी भी नहीं ली है. बता दें इससे पहले भी कई यूनिवर्सिटी और मंत्रालयों की वेबसाइट हैक हो चुकी है.
लखनऊ। एक तरफ अमित शाह कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी होने की बात पर अबतक अड़े हैं तो वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा को 104 सीट जीतने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है. मायावती ने कांग्रेस को कहा है कि यदि वे सुधार नहीं करते हैं तो आगे इसका अंजाम भुगतना पड़ सकता है.
जेडी-एस, भाजपा की ‘बी टीम’
मायावती ने कहा है कि कांग्रेस की एक गलती ने बीजेपी की झोली में 104 सीट डाल दिए. कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह की गलती ना की होती तो आज नजारा कुछ और होता. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लगातर आ रहे बयानों के बाद मायावती ने अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को करारा जवाब दिया है. साथ ही सीधे तौर पर कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण बीजेपी जीती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी भाषणों में जेडी-एस को यदि भाजपा की ‘बी टीम’ न बताया होता तो आज जेडी-एस की झोली में सबसे अधिक सीट होते.
बता दें कि मंत्रीमंडल लिए आज शाम जेडीएस प्रमुख कुमारस्वामी नई दिल्ली में सोनिया गांधी व राहुल गांधी से मिलेंगे. सूत्रों का कहना है कि कुमारस्वामी का मुख्यमंत्री बनना तय है लेकिन उप-मुख्यमंत्री को लेकर पेंच फंसा है. संभावना है कि दो उप मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं और 34 मंत्री होंगे जिसमें 20 मंत्री कांग्रेस के बन सकते हैं.
उत्तर प्रदेश। मेहनत-मजदूरी करने वाले दलित छात्र को अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरेट के लिए चुना लिया गया. 20 मई को उत्तर प्रदेश का बहुजन छात्र अमेरिका के लिए रवाना हो गया. इसके बाद छात्र की चर्चा सोशल मीडिया पर जोरशोर से हो रही है. इस होनहार छात्र का नाम डॉ. चंद्र सेन है जो कि उत्तर प्रदेश के कौशांबी गांव का निवासी है.
चंद्र सेन के दोस्त बतातें हैं कि वह अपने हुनर पर बहुत भरोसा करता है. उसने एक दिन शर्त लगाई थी कि मेहनत-मजदूरी करने वाला चंद्र सेन एक दिन शोध शिक्षा के लिए अमेरिका जरूर जाएगा और आखिरकार चंद्रसेन की मेहनत रंग लाई. चंद्र सेन को अमेरिका में पोस्ट डॉक्टरेट करने के लिए बुला चुन लिया गया. बता दें कि डॉ. चंद्र सेन ने जेएनयू से पीएचडी करने के बाद पोस्ट डॉक्टरेट के लिए अमेरिका में आवेदन किया था. इस कामयाबी से उनके परिजनों व दोस्तों में खुशी की लहर देखने को मिली. डॉ. चंद्र सेन युवा आंदोलनकारी भी हैं.
पाकिस्तानी पत्रकार हसन निसार बार बार एक शब्द दोहराते हैं “सॉफ्ट टेरोरिज्म”. इस शब्द से उनका मतलब उन वहशियाना चालबाजियों से है जिनके जरिये किसी समाज या देश मे सत्ता और धर्म के ठेकेदार अपने ही गरीबों का खून चूसते हैं.
हसन निसार बताते हैं कि ये सॉफ्ट टेरोरिज्म दूसरे रंग ढंग के किसी भी टेरोरिज्म से कहीं अधिक घातक और कारगर है. अक्सर हम हत्या, बम विस्फोट, हथियारों से हमले गोलियां चलने, तलवार चलने को ही आतंकवाद कहते हैं. लेकिन इससे भी खतरनाक एक और आतंकवाद है जो धीरे धीरे काम करता है और इस आतंक से पीड़ित आदमी या कौमें इसके खिलाफ कुछ कर भी नहीं पाती.
उदाहरण देते हुए वे कहते हैं कि गरीब और मजदूर लोगों के बच्चो के लिए स्कूल,कॉलेज, यूनिवर्सिटी, फ्री अस्पताल इत्यादि का इंतज़ाम न करते हुए उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी जहालत और धार्मिक अंधविश्वास में कैद रखना सबसे जहरीला किस्म का आतंकवाद है.
इस आतंकवाद में इंसानों की बोटियाँ और खून बम के धमाकों में उड़ता हुआ नजर नहीं आता, लेकिन करोड़ो लोग पीढ़ी दर पीढ़ी जानवरों की हालत मे पहुँचा दिए जाते हैं.
बच्चों के लिए स्कूल नहीं हैं, स्कूल हैं तो टीचर नहीं हैं. सौ से ज्यादा तरह के स्कूल हैं जिनमें हजार तरह के सिलेबस और किताबें हैं. इन हजार तरह के स्कूलों और किताबों से पढ़कर किसी समाज के बच्चे एक-दूसरे से कोई संवाद कर सकेंगे? एक इंग्लिश मीडियम के महँगे स्कूल में पढ़ा बच्चा किसी मजदूर के सरकारी स्कूल में पढ़े बच्चे को इंसान या अपना दोस्त समझ सकेगा? क्या ये मिलकर इस मुल्क की बेहतरी के लिए कुछ कर सकेंगे?
अक्सर जब भी भारत मे किसी स्कूल बस की या किसी अन्य दुर्घटना में बच्चों की मौत होती है तब बहुत होशियारी से बच्चों की “शारीरिक मौत” तक बात को सीमित रखकर कुछ फौरी राहत के इन्तेज़ाम बाँट दिए जाते हैं. हालांकि इन इन्तेज़ामो में भी खासा अंतर होता है.
अमीर लोगों के बच्चों के साथ कुछ दुर्घटना हो जाये तो सरकार से लेकर धर्मगुरुओं तक की आंख में आंसू आ जाते हैं. अगर इन अमीरों का सरकार, प्रशासन, न्यायपालिका पुलिस आदि में दबदबा होता है. इसीलिए उनके मामले में कार्यवाही बिजली की रफ्तार से होती है.
स्कूल की बस, स्कूल की बिल्डिंग या स्कूल के मैदान में दुर्घटना होना एक मुद्दा है. लेकिन स्कूल का ही अपने आप मे एक दुर्घटना बन जाना बड़ा मुद्दा है.
भारत मे आप स्कूलों को देखिये. ये सॉफ्ट आतंकवाद के अड्डे हैं. यहां करोड़ो मासूम बच्चों को इस समाज मे उपलब्ध सबसे घटिया किताबों, सिलेबस और सबसे अयोग्य शिक्षकों के जरिये पढ़ाया जाता है. हजारों रुपये फीस देने के बावजूद उन बच्चों के बैग में जो कॉपियां और किताबें है उन्हें गौर से देखिये.
न जाने किस किस तरह के लेखक और प्रकाशक बच्चों की किताबें तैयार कर रहे हैं. मासूम और छोटे छोटे बच्चों के कंधों पर बीस से पच्चीस किताबों और कापियों का भारी बोझ होता है. होमवर्क उनके लिए एक सजा होती है और इन्हें पढाने वाले बेरोजगार और सब तरफ से ठुकराए गए शिक्षकों के लिए एकमात्र काम होता है. ये होमवर्क अक्सर बच्चो के माँ बाप करते हैं. आजकल तो होमवर्क कराने के लिए और साइंस सहित आर्ट क्राफ्ट के प्रोजेक्ट बनाने के लिए बाकायदा दुकाने भी खुल गयी हैं.
ये एक भयानक स्थिति है. भारत के गरीब और मिडिल क्लास लोगों के बच्चे इस तरह के घटिया स्कूलों में घटिया किताबो और एकदम अयोग्य शिक्षकों से पढ़ते हैं. वहीं सब तरह से इन्ही गरीबों का पीढ़ी दर पीढ़ी खून चूसने वाले अमीरों के बच्चे बेहतरीन स्कूलों में मानक किताबों और बेहतर शिक्षकों से पढ़ते हैं.
पाकिस्तान सहित भारत जैसे असभ्य समाज मे इस बात की कल्पना करना ही मुश्किल है कि कभी ऐसा समय आएगा जबकि एक कलेक्टर का बच्चा और एक गरीब ग्वाले या अहीर/यादव का बच्चा एक ही स्कूल में मानक किताबों और योग्य शिक्षकों से पढ़ सकेंगे.
जब तक इस तरह की समान शिक्षा की धारणा भारत के गरीबों पिछड़ों में नहीं आएगी तब तक वे अपने वोट का सही इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. तब तक न ही बच्चों के साथ चल रहा ये आतंकवाद रुकेगा और न ही ये मुल्क सभ्य हो सकेगा.
ग्वालियर। नई दिल्ली से विशाखापत्तनम जा रही आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस में ग्वालियर रेलवे स्टेशन से करीब 12 किलोमीटर दूर बिरला नगर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में अचानक आग लग गई. आग लगने के साथ ही बोगियों में भगदड़ मची और मदद के लिए यात्री चिल्लाने लगे. इस घटना में चार बोगी धू-धू कर जलने लगे.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन ग्वालियर के पास बिरला नगर स्टेशन के पास खड़ी थी. तभी ट्रेन के एक एसी कोच से आग की लपटें निकलती दिखी और देखते ही देखते पास के तीन बोगियों में आग पकड़ ली. हालांकि गनीमत रही कि यह ट्रेन उस वक्त रुकी थी, जिस कारण सभी यात्री मौका रहते बोगियों से निकल पाए.
नई दिल्ली से विशाखापत्तनम जा रही ट्रेन नंबर 22416 एपी एसी एक्सप्रेस के चार बोगियों में बिरला नगर रेलवे स्टेशन के पास दोपहर 11.45 बजे आग लगी. रेलवे जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि ट्रेन के सभी यात्री सुरक्षित हैं. और उन्हें सुरक्षित उतारकर बसों से ग्वालियर लाया गया है. आग लगे कोचों को ट्रेन से अलग कर आग पर काबू पा लिया गया है. आग बुझाने में चार दमकलों का उपयोग किया गया. आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.
नई दिल्ली। भाजपा सरकार यूपीएससी परीक्षा में बड़ी बदलाव करने की सोच रही है. सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार सिविल सेवा परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को सेवाओं के आवंटन में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संबद्ध विभाग से पूछा है कि क्या ‘फाउंडेशन कोर्स’ पूरा होने के बाद सेवा/कैडर का आवंटन किया जा सकता है. हालांकि अभी इसको लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
पिछड़ों के अधिकारों पर एक और कुठाराघात
इस बात को लेकर जानकारों का कहना है कि आरक्षण और दलित, पिछड़ों के अधिकारों पर एक और छाती फाड़ कुठाराघात भाजपा सरकार करने की तैयारी कर रही है. भाजपा सरकार ने UPSC की सिविल सेवा में सफल परीक्षार्थी की मेरिट लिस्ट को ताक पर रख कर ऐसा विचार बनाया है. सिविल सर्विस का कैडर अलॉटमेंट यूपीएससी की मेरिट लिस्ट के अनुसार हितकर है. इसमें बड़ी संख्या में दलित, ओबीसी अच्छा रैंक लेकर आते हैं. लेकिन अब उत्तीर्ण कैंडिडेट को एक 3 महीने का फाउंडेशन कोर्स यदि लागू हो जाता है तो बहुत संभावना है कि इसमें हेरा फेरी होगी. दलित, ओबीसी को चिन्हित करके कम अंक देकर मेरिट लिस्ट में पीछे धकेल दिए जाएंगे. जैसा सुब्रमण्यम स्वामी कहते हैं कि आरक्षण को खत्म नहीं महत्वहीन कर दिया जाएगा, ये उसी दिशा मे लिया गया एक मनुवादी मानसिकता का कदम है. धीरे-धीरे भाजपा सरकार आरक्षण को महत्वहीन बना रही है.
नई दिल्ली। भारत के विश्वविद्यालयों में कुलपति (वाइस चांसलर) पदों पर होने वाली नियुक्ति में ओबीसी, एससी व एसटी उम्मीदवारों की संख्या ना के बराबर है. आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के अनुसार ओबीसी, एससी व एसटी उम्मीदवारों की संख्या सामान्य वर्ग के मुकाबले बहुत कम है जो कि चिंताजनक है.
आरटीआई में यूजीसी द्वारा मिली जानकारी के आंकड़े बताते हैं कि भारत में कुल 496 कुलपति नियुक्त हैं जिनमें ओबीसी-36, एससी-06 व एसटी-06 कुलपति हैं. अगर देखा जाए तो तीनों पिछड़े वर्गों के कुल मिलाकर 48 सीटों पर कुलपति हैं. ऐसा कहा जा सकता है कि ना के बराबर नियुक्ति हो रही है. जानकार बताते हैं कि कुलपति की नियुक्ति में ओबीसी, एससी व एसटी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए.
लालू प्रसाद ने केन्द्र सरकार पर लगाया था आरोप
इस मामले में वर्ष 2016 में यूजीसी ने कहा था कि फैकल्टी पदों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उम्मीदवारों के लिए आरक्षण नीति में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को भेजे एक पत्र में कहा था कि यहां होने वाली नियुक्ति में केन्द्र सरकार की आरक्षण नीति के दिशा-निर्देश में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस मुद्दे पर राजद नेता व बिहारा के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया था कि वो विश्वविद्यालयों में आरक्षण नीति खत्म करना चाहती है.
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले खाली करने शुरू कर दिए हैं. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने नया आशियाना ढूंढना शुरू कर दिया है तो किसी-किसी ने नए बंगले में काम चालू हो गया है. बता दें कि राज्य संपत्ति विभाग ने नोटिस जारी कर पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले इस महीने के आखिर तक खाली करने को कहा है.
मायावती के सरकारी आवास पर सोमवार की सुबह “श्री कांशीराम जी यादगार विश्रामास्थल” का बोर्ड लगा मिला है. बसपा से जुड़े कुछ जानकारों का कहना हैं कि कांशीराम जी की यादें इससे जुड़ी हैं इसलिए छोड़ने से पूर्व बोर्ड लगाया है. साथ ही सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा प्रमुख मायावती अब अपने सरकारी आवास 13 ए माल एवेन्यू को छोड़कर 9 माल एवन्यू में शिफ्ट होंगी. 9 माल एवेन्यू निजी मकान है जो कि 13 ए के पास ही स्थित है. हालांकि इस बंगले में काम भी शुरू हो गया है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि 1-2 दिन के अंदर मायावती का सभी सामान 9 मॉल एवेन्यू में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
ये भी तलाश रहें ठिकाना
उधर, दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह विपुल खंड में शिफ्ट हो रहे हैं, जबकि कल्याण सिंह अपने पोते और मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास में शिफ्ट होंगे. वहीं, अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव को लेकर अभी भी संशय बरकरार है. उम्मीद की जा रही है कि दोनों पूर्व मुख्यमंत्री अपने लिए गोमती नगर या फिर हजरतगंज से सटे हुए इलाके में बंगले का इंतजाम करेंगे.
बेंगलुरु। कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा को साकार करने वाली बसपा प्रमुख मयावती को कर्नाटक सीएम शपथग्रहण के लिए जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने मायावती को शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है. इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी व अन्य मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है.
सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी शामिल होंगे. कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार की दोपहर 1 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा.
राज्यपाल से मिलने के बाद कुमारस्वामी ने कहा था कि, “मायावती जी ने मुझे आशीर्वाद दिया है. साथ ही ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू और के चंद्रशेखर राव ने भी मुझे बधाई दी. मैंने सभी क्षेत्रीय नेताओं को शपथ समारोह के लिए आमंत्रित किया है.”
इसके अलावा कुमारस्वामी ने बताया कि आज रात सोमवार को जेडीएस और कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक कर सरकार को आसानी से चलाने की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी. मंत्रीमंडल के गठन को लेकर बातचीत की जाएगी. साथ ही सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी से होंगे. जबकि कुमारस्वामी का मुख्यमंत्री बनना तो पहले से ही तय हो चुका था. शपथग्रहण समारोह बुधवार को आयोजित होगा. इसमें शामिल होने वाले गेस्ट लिस्ट भी तैयार हो गई है.
मुंबई। ‘नक्काश’ फिल्म के पोस्टर ने जमकर वाहवाही बटोरी है. पोस्टर की लॉचिंग के साथ ही ‘नक्काश’ की लोकप्रियता दिखने लगी है. पत्रकार के बाद फिल्म में एंट्री करने वाले निर्देशक जैगम इमाम की तीसरी फिल्म ‘नक्काश’ का पोस्टर कान फिल्म फेस्टिवल में धमाल कर गई. ना केवल जैमम इमाम की टीम बल्कि वहां मौजूद अन्य कलाकारों से लेकर सोशल मीडिया फैन ने खूब तारीफ कर रहे हैं.
गंगा आरती के साथ एक मुस्लिम व्यक्ति…
जैगम इमाम ‘नक्काश’ के जरिए हिंदू-मुस्लिम मजहब को नया रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. जैगम इमाम का कहना है कि बनारस की पृष्ठभूमि पर फिल्म को तराशा गया है. पोस्टर में बनारस के मंदिरों और गंगा आरती के साथ एक मुस्लिम व्यक्ति को दिखाया गया है. हालांकि पोस्टर की चर्चा के बाद फैंस फिल्म के लिए बेताब दिख रहे हैं.
जैगम इमाम ने कहा, ‘यह फिल्म न सिर्फ भारतीयता के पैमाने पर खरी उतरेगी. हिंदू-मुस्लिम संबंधों को लेकर नई झलक देखने को मिलेगी.
हमने नक्काश की पहली झलक दुनिया के सबसे पुराने फिल्म फेस्टिवल के इंडिया पैवेलियन में लॉन्च किया है. सूचना प्रसारण मंत्रालय की देख-रेख में चलने वाले इंडिया पैवेलियन में ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाता है, जो भारत की कला और संस्कृति को बढ़ावा देती है.’
‘आलिफ’ भी रही थी चर्चा में…
जैगम इमाम युवा फिल्म निर्देशक हैं जो कि समाज को आईना दिखाने का काम कर रहे हैं. इनकी दुसरी फिल्म ‘आलिफ’ मदरसा शिक्षा को लेकर बनी थी जो कि काफी सराही गई और कई शिक्षण संस्थानों में स्क्रीनिंग कराई गई. शिक्षा के बाद मजहबी मुद्दों पर जैगम की फिल्म ‘नक्काश’ जल्द ही आने वाली है देखना है कि फिल्म स्क्रीन पर कितना धमाल कर पाती है.
‘नक्काश’ में ईनामुल हक, शारिब हाशमी और कुमुद मिश्रा जैसे उम्दा कलाकार हैं, जो इससे पहले फिल्म फिल्मिस्तान में अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं. नक्काश को जैगम इमाम के साथ पवन तिवारी और पद्मजा पिक्चर्स के गोविंद गोयल ने प्रड्यूस किया है.
गुजरात। एक सरकारी युवक खुद को विष्णु का दसवां अवतार बता रहा है. इसका दावा उसने लिखित रूप से अपने विभाग के कारण बताओ नोटिस में किया है. इस बात का दावा कर ऑफिसर करीब आठ माह से छुट्टी पर है. इस दौरान मीडियाकर्मी व अधिकारियों से उसने कहा कि मैं कल्कि अवतार हूं, मुझमें देखो भगवान दिख रहा है कि नहीं. इस बात ने सबको हैरान कर डाला है.
सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार गुजरात के नर्मदा निगम में इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले ऑफिसर रमेश चंद्र पिछले आठ महीने से दफ्तर नहीं गए. जिसकी वजह से उनके ऑफिस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया. नोटिस के जवाब में रमेश चंद्र ने खुद को भगवान कल्कि बताया और जनकल्याण के लिए तपस्या करने की वजह से दफ्तर नहीं आने की बात कही. साथ ही यह भी लिखा कि वह भगवान विष्णु का दशम अवतार कल्कि है. इसलिए उससे सवाल ना किया जाए.
सूत्रों का कहना है कि 13 महीने पहले रमेश चंद्र की पत्नी ने प्रताड़ना की शिकायत की थी उस वक़्त भी उन्होंने खुद को विष्णु अवतार बताया था. हालांकि इसकी वजह से उसके घर के लोग भी काफी परेशान हैं. साथ ही आसपास के लोगों ने भी आपत्ति जताई है.
राजकोट। गुजरात में एक और दलित युवक की बेरहमी से पीटकर मौत के घाट उतारने की वीडियो सामने आई है. 20 मई को गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने एक शख्स की पिटाई का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है. मेवानी ने लिखा है कि 35 वर्षीय युवक दलित है और फैक्ट्री मालिक की पिटाई से उसकी मौत हो गई.
मेवानी ने ट्विटर पर लिखा, “मुकेश वान्या अनुसूचित जाति का है और राजकोट में एक फैक्ट्री मालिक ने उनकी पिटाई कर मार डाला जिससे युवक की मौत हो गई. साथ ही फैक्ट्री मालिक ने उनकी पत्नी की पिटाई भी की.”
वीडियो में दलित युवक के कमर को एक पाइप से बांधकर एक युवक रॉड से मार रहा है फिर उसके बाद दुसरा युवक आकर मारना शुरू कर देता है. बेरहमी से हुई पिटाई में युवक को जान गंवानी पड़ी. अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. हालांकि वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. बता दें कि गुजरात में दलितों को आए दिन इस तरह की घटना का शिकार होना पड़ रहा है. सूत्रों का ऐसा भी कहना है कि फैक्ट्री मालिक के ऑर्डर पर दलित युवक को मारा गया. फिलहाल इसमें पुष्टि होनी बाकि है.
बेंगलुरु। लंबे समय के बाद कर्नाटक की राजनीति हलचल में विराम लगा. बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने में असफल सिध्द हुई. इसके साथ ही खबर मिल रही है कि सोमवार को जेडीएस अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के नए सीएम पद की शपथ ले सकते हैं. उनके साथ कांग्रेस के जी परमेश्वर को उप मुख्यमंत्री का पदभार सौंपा जा सकता है.
मायावती का रहा अहम रोल
बसपा प्रमुख मायावती ने त्रिशंकु विधानसभा वाली सरकार का सपना कांग्रेस-जेडीएस को दिखाया था. गौरतलब है कि इसको लेकर एचडी देवगौड़ा व सोनिया गांधी से लंबी बात कर गठबंधन कराई थी. इसके बाद कांग्रेस-जेडीएस ने एकजुट होकर लड़ाई लड़ी और बीजेपी को पटखनी दी. मायावती द्वारा बनाई गई रणनीति रंग लाई और बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा. हालांकि बसपा के कर्नाटक विधायक एन महेश को बीजेपी ने ऑफर किया था जिसके बाद उनको करारा जवाब मिला था.
भावुक हो हार मानें येदियुरप्पा
इस्तीफे से पहले बीएस येदियुरप्पा ने भाषण दिया. भाषण के दौरान वह भावुक हो कहा कि वह किसानों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे. कांग्रेस-जेडीएस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा लेकिन सरकार बनाने के लिए एकजुट हो गए. हालांकि इसके बाद कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. आखिरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश का फायदा कांग्रेस व जेडीएस को मिला.
बता दें कि 15 मई 2018 को मतगणना के बाद कर्नाटक विधानसभा में किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिला. बीजेपी को 104 सीट पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस 78 सीटों पर जीत दर्ज की. जेडीएस के खाते में 38 सीट गई जीत दर्ज करने में सफल रहे. कोर्ट के आदेश के अनुसार 19 मई की शाम 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट किया गया.
कर्नाटक। कर्नाटक की राजनीतिक में बड़ा बदलाव आने वाला है. येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा दे दिया है. करीब 2-3 दिन बाद येदियुरप्पा ने त्याग पत्र सौंप दिया है. इससे कांग्रेस को फायदा होगा या नुकसान इसका फैसला तो कुछ ही देर में होना है लेकिन येदियुरप्पा का इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए खुश खबरी हो सकती है.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कर्नाटक में बहुमत साबित करने से पहले ही कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. ये बात कहीं ना कहीं बड़े बदलाव का अंदेशा दे रही है. लेकिन देखना है कि ऐसे में फायदा किसका हो सकता है.
इससे कर्नाटक की राजनीतिक गणित और उलझी नजर आ रही है, क्योंकि अब बहुमत साबित करने वाली सीटों की संख्या घट गई है. अब बहुमत के लिए 110 सीटों का होना जरूरी है. देखना है कि कर्नाटक सरकार की बागडोर किसके हाथ में जाती है.
गौरतलब है कि सुबह प्रोटेम स्पीकर के तौर पर केजी बोपैया की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जेडीएस-कांग्रेस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद हुए चुनाव में बीजेपी ने 110 सीटों के साथ सफलता हासिल की थी. बता दें कि इस बार कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को 104, जेडीएस को 38 और कांग्रेस को 78 सीट हासिल हुई थी. कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान किया है.
कर्नाटक। बस कुछ ही देर बाद विधायकों की परीक्षा विधानसभा में आरंभ होगी. इनकी परीक्षा से कर्नाटक की सरकार पास हो जाएगी. इसमें यह देखना दिलचस्प होगा कि विधायकों को किस तरह वोट देंगे. कांग्रेस-जेडीएस व बीजेपी अपने विधायकों के साथ विधानसभा में मौजूद है जहां पर प्रोटेम स्पीकर के समक्ष दोनों दलों को अपना बहुमत साबित करना है. शाम के 04 बजे कर्नाटक सरकार के लिए पार्टियां फ्लोर टेस्ट देंगी.
ऐसे देना होगा वोट
फ्लोर टेस्ट के लिए गुप्त रूप से ही ज्यादातर वोटिंग की जाती है लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक मसले को देखते हुए पारदर्शिता बनाने के लिए कहा है. इसके लिए सभी विधायकों को स्पष्ट रूप से सबके समक्ष वोट करनी होगी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार फ्लोर टेस्ट की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग होगी और संभावना है कि टेलिकास्ट भी किया जाएगा. इसके साथ ही हर विधायक हाथ खड़ाकर स्पष्ट रूप से कहेगा कि वह किस दल को अपना वोट दे रहा है. ऐसे में सबकुछ स्पष्ट होने के बाद जो पार्टी बहुमत साबिक करेगी उसकी कर्नाटक में सरकार बनेगी.
बता दें कि इससे पहले बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत थी लेकिन राजनीति दावं पेंच के बाद इसका गणित कुछ अलग हो गया है और राजनीति के जानकारों का कहना है कि अब 110 सीट पर भी सरकार बन सकती है. हालांकि एक प्रकार से दोनों दलों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
कर्नाटक। राजनीति का गणित सरकार बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को लेकर डरी कांग्रेस चाहती थी कि बीजेपी की ओर से कोई ना बनें लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और प्रोटेम स्पीकर बीजेपी के अनुसार ही बना. एक तो कांग्रेस के विधायक गायब हैं जिनका कुछ भरोसा नहीं कि किस ओर करवट लेंगे. दुसरी ओर प्रोटेम स्पीकर का वोट बड़ा रोल प्ले करेगा और बाजी पलट सकता है.
घट गई बहुमत की सीट
बता दें कि इससे पहले बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत थी लेकिन राजनीति दावं पेंच के बाद इसका गणित कुछ अलग हो गया है और राजनीति के जानकारों का कहना है कि अब 110 सीट पर भी सरकार बन सकती है. हालांकि एक प्रकार से दोनों दलों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक विधानसभा में अभी विधायकों की कुल संख्या- 222 है. जेडीएस के कुमारास्वामी ने दो सीटों से जीत दर्ज की है, पर उनका सिर्फ एक ही वोट मान्य होगा. इसलिए विधानसभा में वोट की कुल संख्या 221 है.
प्रोटेम स्पीकर की वोट
चूंकि वोट बराबर होने की दशा में प्रोटेम स्पीकर अपना वोट दे सकता है. इसलिए कुल वोट 220 हो गए जिसका आधा 110 हुआ. प्रोटेम स्पीकर को निकालने के बाद बीजेपी के पास 103 वोट हैं इसलिए बीजेपी को 7 और वोट की आवश्यकता होगी. ऐसे में किसी की भी सरकार बन सकती है, लेकिन बात अगर प्रोटेम स्पीकर तक आकर रूकी तो कांग्रेस को झटका लग सकता है.
कर्नाटक। विधायकों की संख्या को लेकर कांग्रेस-बीजेपी की नींद उड़ी हुई है. ऐसे में सबसे ज्यादा कांग्रेस की चिंता बढ़ रही है. सूत्रों का कहना है कि तीन में से दो विधायक बीजेपी के एक नेता के साथ दिखे हैं. इस खबर ने बीजेपी का हौंसला बढ़ाया दिया होगा लेकिन अभी तक बहुमत साबित करने का रास्ता आसान नहीं लग रहा है.
बीजेपी विधायक के साथ कांग्रेस विधायक…
मीडिया खबरों के अनुसार कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह होटल गोल्डेन फिंच से बाहर निकले. तो वहीं प्रताप गौड़ा पहले ही विधानसभा पहुंच चुके हैं. जबकि अन्य विधायकों की तलाश में पुलिस होटल पहुंची है. आनंद सिंह के वहीं मौजूद होने की खबर सामने आई है. हालांकि कांग्रेस के दो लापता विधायकों में से एक प्रताप गौड़ा विधानसभा पहुंच गये हैं. आनंद सिंह को लेकर कोई पक्की जानकारी नहीं मिल पाई है. जबकि दोपहर में करीब 01बजे कांग्रेस के दो लापता विधायक आनंद सिंह और प्रताप गौड़ा के साथ बीजेपी विधायक जी सोमशेखर मौजूद थे.
विधायक को लालच देने का आरोप
इसके साथ ही कांग्रेस ने वीडियो जारी कर रेड्डी बंधुओं पर लगाया विधायक को लालच देने का आरोप लगाया है. ऑडियो टेप में बीएस येदियुरप्पा एक विधायक को प्रलोभन दे रहे हैं. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. बता दें कि शाम 04 बजे विधान सभा में फ्लोर टेस्ट होना है जिसके आधार पर कर्नाटक में नई सरकार बनने पर फैसला किया जाएगा.
इन तमाम प्रकार की जानकारियों के अनुसार यह तो साफ दिख रहा है कि कांग्रेस के विधायक इधर-उधर होते नजर आ रहे हैं. ऐसे में बीजेपी का फायदा नुकसान हो ना हो लेकिन कांग्रेस को झटका लग सकता है. अब देखना है कि कांग्रेस के गायब विधायक किस ओर अपना मत रखते हैं.
नई दिल्ली। गरीब व दलित होनहार स्टूडेंट्स को मुफ्त में पढाई व खाना-आवास के लिए चयन प्रक्रिया कराने का काम आरंभ होने वाला है. सरकारी सेवाओं के लिए होने वाले प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी. इसमें एससी, एसटी व ओबीसी स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे सरकारी सेवाओं में वंचित समाज की संख्या बढ़ेगी. इसके लिए स्टूडेंट्स को लिखित परीक्षा पास करनी होगी. चयनित छात्रों को मुफ्त में सरकारी सेवाओं के लिए प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी.
स्टूडेंट्स के लिए कुछ योग्यताएं रखी गई हैं. जिसके अनुसार स्टूडेंट्स को चयन किया जाएगा. संस्थान द्वार मिली जानकारी के अनुसार उम्मीदवार की आयु 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा वार्षिक आय 2 लाख तक या कम होनी चाहिए. बता दें कि यहां पर पानी, खाना, बिजली, खेलकूद आदि की व्यवस्था संस्था करेगी.
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद-भावनगर हाईवे पर शनिवार की सुबह सीमेंट से लदी ट्रक पलटने से सोलह मजदूरों और तीन बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई है. साथ ही दुर्घटना में छह अन्य की बुरी तरह घायल हो गए. दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों के शरीर को बरामद कर लिया गया.
सूत्रों के अनुसार दुर्घटना धोलेरा के निकट बावालियारी गांव के पास घटी. सीमेंट से लदी ट्रक पीपावाव पोर्ट से आ रही थी. अहमबाद एसपी आरवी अंसारी ने बताया कि दुर्घटना घटने के वक्त ट्रक पर 25 मजदूर सवार थे, जिनमें से 19 की मौत हो गई. मृतकों में 12 महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं. एसपी ने बताया कि 18 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ा.
एसपी आरवी अंसारी ने बताया कि ट्रक ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पुलिस दुर्घटना की जांच कर रही है. मृतकों के शव को पोस्मार्टम के लिए भेज दिया गया है.