गोरक्षा को लेकर फैसला सुरक्षित, सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश

नई दिल्ली। गोरक्षा के नाम पर मुसलमानों को मारने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है. गोरक्षा के नाम पर हो रही मॉब लिंचिंग के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में पूरी हो गई है. मंगलवार को कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने केंद्र व राज्य सरकारों को कहा कि गोरक्षा के नाम पर इस तरह की हिंसा की वारदातें नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि राज्यों का ये दायित्व है कि इस प्रकार की घटना को ना होने दिया जाए. आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार ले और उचित कदम उठाए. सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया है कि गोरक्षकों के द्वारा हिंसा को रोकने के लिए कोर्ट एक विस्तृत आदेश जारी करेगा. SC ने कहा कि केंद्र को इस मसले पर आर्टिकल 257 के तहत एक स्कीम लानी चाहिए.

किसी स्कीम की जरूरत नहीं…

आजतक की एक खबर के मुताबिक ASG नरसिम्हा ने सुनवाई में कहा कि इस मामले में किसी स्कीम की जरूरत नहीं है, ये लॉ एंड ऑर्डर का मामला है. सवाल है कि आखिर कौनसा राज्य सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को मानता है. सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील संजय हेगड़े ने इन घटनाओं से निपटने और घटना होने के बाद अपनाए जाने वाले कदमों पर विस्तृत सुझाव कोर्ट के सामने रखे. ये सुझाव मानव सुरक्षा कानून (मासुका) पर आधारित हैं. सुझावों में नोडल अधिकारी, हाइवे पेट्रोल, FIR, चार्जशीट और जांच अधिकारियों की नियुक्ति जैसे कदम शामिल हैं.

इसके साथ ही तत्काल में घटी घटनाओं को याद दिलाते हुए वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट को बताया कि असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ गया है, वो गाय से आगे बढ़कर बच्चा चोरी का आरोप लगाकर खुद ही कानून हाथ में लेकर लोगों को मार रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसी ही एक घटना में 4 लोगों को मार दिया गया है. इंदिरा जयसिंह ने धर्म, जाति और लिंग को ध्यान में रखते हुए मुआवज़ा की मांग भी की.

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सदी का सबसे लंबा ग्रहण, दिखेगा ‘ब्लड मून’

नई दिल्ली। सदी का सबसे लंबा ग्रहण देखने के लिए तैयार हो जाएं. न्यूज एजेंसी भाषा की जानकारी के मुताबिक ‘ब्लड मून’ दिखने वाला है. दुबई में 27 जुलाई को इस सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा. अधिकारियों ने बताया कि ग्रहण के दौरान चन्द्रमा करीब चार घंटे के लिए धरती की छाया में आ जाएगा. इस ग्रहण को कम से कम तीन महाद्वीपों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. दुबई एस्ट्रोनॉमी ग्रुप के अनुसार, यह ग्रहण सदी का सबसे लंबा ग्रहण होगा जो करीब एक घंटे 43 मिनट का होगा, इस दौरान ‘ब्लड मून’ दिखेगा. ‘ब्लड मून’ पूर्ण चन्द्र ग्रहण के दौरान बनने वाले चन्द्रमा के ‘रिंग’ को कहते हैं. आंशिक चन्द्र ग्रहण दो घंटे बारह मिनट (22:24 से देर रात 2:19) जबकि पूर्ण चन्द्र ग्रहण एक घंटे 43 मिनट (रात 23:30 से देर रात 1:13) का होगा. जानकारों का ऐसा कहना है कि इस दौरान चंद्रमा पूरा दिखाई देगा लेकिन हल्का लाल रंग का दिखाई देने लगेगा. Read Also-बुद्ध पूर्णिमा विशेषः भारत में धम्म कारवां की दिशा
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बच्चियों के साथ रेप में MP नंबर वन

भोपाल। मंदसौर की दर्दनाक रेप की घटना के बाद एक और चौकाने वाली खबर सामने आई है.  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को खत लिखा है. मंदसौर में 7 साल की बच्ची के साथ रेप के बाद सतना में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और ऐसे मामलों को जल्द से जल्द निपटाने की मांग की है.

श्री चौहान ने पत्र लिखकर कहा है कि बलात्कार जैसे मामलों ने आम आदमी को झकझोर कर रख दिया है. ऐसे मामलों को तेजी से निपटाने के साथ-साथ दोषियों को कठोर सजा दिए जाने की जरूरत है. उच्च न्यायालयों को फास्ट ट्रैक की स्थापना कर मामलों की तेजी से सुनवाई करने की जरूरत है.

वहीं अगर सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश बच्चियों और औरतों से बलात्कार के मामले में देश में पहले नंबर पर है. पिछले साल मध्यप्रदेश में 2,467 बच्चियों के साथ रेप की घटनाएं दर्ज हुईं, जो की देशभर में बच्चियों के साथ हुई रेप की वारदातों की कुल संख्या का आधा है.

इससे पहले 26 नवंबर 2017 को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने बच्ची से रेप के मामले में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया. जिसके तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ रेप करने का दोषी पाए जाने पर गुनहगारों को मौत की सजा दिए जाने की घोषणा भी की. रेप के मामलों में इस तरह का सख्त कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया लेकिन फिर भी वहां रेप के मामले थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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महिला के साथ गैंगरेप फिर निर्वस्त्र कर घुमायाःआरोप

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला उत्पीड़न का एक शर्मनाक मामला सामने आया है. हमीरपुर जिले के एक गांव में कुरारा थाना क्षेत्र की महिला ने चार दबंगों पर गैंगरेप और निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने का आरोप लगाया है. महिला का यह भी कहना है कि आरोपियों ने उसे जान से मारने के कई प्रयास किए लेकिन वह किसी तरह से बच निकली. गंभीर रूप से घायल पीड़ित महिला का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

इस घटना को पूरा देख तमाशाबीन बने देख रहा था लेकिन किसी की हिम्मत ना हुई कि बदमाशों को रोके. इस बीच किसी ने पुलिस को पूरे मामले की सूचना दे दी. जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया. इस पूरे मामले में पुलिस ने साधारण मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए दबंगों को बचाने के प्रयास किए हैं. पुलिस ने महिला के आरोपों को झूठा बताते हुए मारपीट, गाली-गलौज की धारा 323, 504, 506, के तहत मामला दर्ज किया है.

हाईकोर्ट का आदेश

जिसके बाद हाईकोर्ट का आदेश है कि महिला द्वारा रेप के आरोप लगाने भर से पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू करनी चाहिए लेकिन इस मामले में पुलिस ने न महिला का मुकदमा दर्ज किया और न ही उसका मेडिकल करवाया. बल्कि मामले को मारपीट की धाराओं में तब्दील कर रफा-दफा कर दिया. इस मामले में हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह का कहना है कि रविवार को कुछ लोगों द्वारा महिला के साथ मारपीट और रेप करने की शिकायत मिली थी. सीओ सदर मामले की जांच कर रहे हैं. फिलहाल महिला का इलाज चल रहा है.

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अयोध्या भूमि पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका

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नई दिल्ली। अयोध्या की विवादित भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इंकार कर दिया है. इससे रामभक्त व बीजेपी समर्थकों को निराशा हाथ लगी है तो वहीं मुस्लिम समुदाय के लिए खुशी की बात कही जा रही है. मुस्लिम समुदाय ने कोर्ट के निर्देश का स्वागत किया है.

स्वामी ने अयोध्या की विवादित जमीन पर पूजा करने के आदेश जारी करने के लिए याचिका दायर की थी. इससे पहले भी मई में स्वामी पूजा के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं. उस समय कोर्ट ने उन्हें जुलाई को इस मामले को कोर्ट के सामने लाने के लिए कहा था. जुलाई में आदेश देने से साफ मना कर दिया है.

बता दें कि इससे पहले अयोध्या विवाद मामले को संविधान पीठ को भेजने संबंधी मांग पर हिंदू और मुस्लिम पक्षकार आमने-सामने आ गए थे. मुस्लिम पक्षकार मामले को संविधान पीठ को सौंपे जाने के पक्ष में थे, जबकि हिंदू पक्षकारों का कहना था कि यह विशुद्ध रूप से भूमि विवाद का मामला है, ऐसे में इसे बड़ी पीठ के पास भेजने का कोई औचित्य नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ के समक्ष हिंदू पक्षकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा था कि मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ कर रही है, इसलिए उसे ही सुनना चाहिए.

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शादी से पहले मिथुन के बेटे व पत्नी पर रेप-गर्भपात का आरोप

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नई दिल्ली।  मिथुन चक्रवर्ती के बेटे महाअक्षय की छह दिन बाद शादी होने वाली है. ऐसे में एक भोजपुरी एक्ट्रेस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और सहमति के बगैर गर्भपात कराने का आरोप लगाया है. पीड़िता ने दिल्ली के बेगमपुर थाने में इसकी शिकायत की थी, पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया. इसके बाद उसने कोर्ट से गुहार लगाई. सोमवार को रोहिणी कोर्ट ने महाअक्षय और उनकी मां योगिता बाली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.

एक्ट्रेस का आरोप है कि महाअक्षय से 2015 में उसकी पहली मुलाकात हुई थी. इसके बाद उनके बीच फोन पर बात और मिलना-जुलना होने लगा. एक दिन महाअक्षय ने उसे फिल्म में रोल दिलाने की बात कहते हुए फ्लैट पर बुलाया. यहां धोखे से ड्रिंक्स में नशीला पदार्थ पिलाने के बाद दुष्कर्म किया. विरोध करने पर उसने शादी करने का वादा किया. इसके बाद भी तीन साल में कई बार शारीरिक संबंध बनाए.

इतना ही नहीं पीड़ित एक्ट्रेस ने मिथुन चक्रवती की पत्नी योगिता पर भी आरोप लगाते हुए कहा है कि मिथुन की पत्नी ने गर्भपात कराया है. इसके बाद कुंडली ना मिलने के नाम पर महाअक्षय ने कई बार शादी करने से गुमराह किया. मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह यानी महाअक्षय चक्रवर्ती बहुत जल्द शादी करनेवाले हैं. बता दें मिथुन की होने वाली बहु मदालसा मशहूर टीवी ऐक्ट्रेस शीला शर्मा की बेटी हैं.

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मुंबई में गिरा ओवर ब्रिज, ट्रेन सेवा भी ठप

PC-zeenews

मुंबई। बड़ा पुल हादसा होने से मंगलवार की सुबह मुंबई में अफरा-तफरी मची है. अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास स्थित गोखले रोड ओवर ब्रिज का एक हिस्सा ढहने से कम से कम चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस पुल के मलबे के नीचे कोई फंसा है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. फिलहाल एनडीआरएफ व बचाव दल मलबा हटाने व घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे हैं.

कम से कम चार घंटों का वक्त

पुल का मलबा रेलवे ट्रैक पर गिरने की वजह से पश्चिम रेलवे की रेल सेवाएं बाधित हुई हैं. इस कारण दफ्तर जाने वाले लोगों को खासी मुश्किलों का सामना पड़ रहा है. वहीं कामकाजी लोगों को टिफिन पहुंचाने वाले डब्बावालों ने भी काम न करने में असमर्थता जताई है. पश्चिम रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि पटरियों से मलबा हटाकर ट्रेनों का परिचालन दुरुस्त करने में कम से कम चार घंटों का वक्त लग सकता है.

रेलवे ने बयान जारी कर बताया कि इस हादसे के कारण गोरेगांव और बांद्रा स्टेशन के बीच सभी लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है, जबकि गोरेगांव से आगे और ब्रांदा व चर्चगेट के बीच ट्रेन का परिचालन सामान्य रूप से चल रहा है.

दूसरा रूट लेने की सलाह

ऐसे में मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने अंधेरी ईस्ट और वेस्ट के बीच सफर करने वाले लोगों को दूसरा रूट लेने की सलाह दी है. ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को अंधेरी ईस्ट से वेस्ट जाने के लिए बिसलेरी जंक्शन, तेली गली, सुर्वे चौक, अंधेरी सबवे-एसवी रोड का रूट लेने को कहा है. वहीं वेस्ट से ईस्ट जाने के लिए जेवीपीडी-सुजय हॉस्पिटल जंक्शन, मिठीबाई कॉलेज, एसवी रोड, कैप्टन गोर फ्लाइओवर- विले पार्ले ईस्ट- आधार जंक्शन और पार्ला जंक्शन का रूट लेने का कहा.

वहीं लोगों की परेशानी इसे देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों की समस्या को कम करने के लिए बीएमसी कमिश्नर को बेस्ट बसों का परिचालन बढ़ाने का निर्देश दिया, जिसके बाद बेस्ट ने बांद्रा और अंधेरी के बीच 39 अतिरिक्त बसें चलाई हैं.

उधर रेलवे की तरफ से हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

अंधेरी – 022676 30054

चर्चगेट – 02267622540

बोरीवली- 02267634053

मुंबई सेंट्रल- 02267644257

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बुराड़ीः 11 लोगों के मौत से पर्दा हटा! हैंड राइटिंग से खुलासा

नई दिल्ली। बुराड़ी में 11 लोगों के मौत की घटना ने देश को झकझोर दिया है. मोक्ष प्राप्ति व हरि से मिलने वाली बात करीब-करीब सच होती दिख रही है. क्राइम ब्रांच की जांच जारी है. इस मामले में एक के बाद एक कई पहलू सामने आ रहे हैं. पुलिस ने मौके से दो रजिस्टर बरामद किए हैं, जिनमें 11 मौतों की स्क्रिप्ट लिखी गई थी. इसके हैंड राइटिंग से बहुत कुछ साफ हो सकता है इसलिए पुलिस इसके पीछे लगी हुई है.

मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया के छोटे भाई ललित ने रजिस्टर में कुछ नोट्स लिखे थे. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, दोनों रजिस्टर्स में छोटे भाई ललित की हैंड राइटिंग लग रही है, जिसकी फर्नीचर की दुकान थी. दोनों रजिस्टर में कुछ ऐसी चीजें लिखी हैं, वो एक-एक बातें वारदात से मेल खाती हैं.

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  1. ललित ने रजिस्टर के नोट्स में लिखा था, ‘अंतिम समय में आखिरी इच्छा की पूर्ति के वक्त आसमान हिलेगा, धरती कांपेगी. उस वक्त तुम घबराना मत. मंत्रों का जाप बढ़ा देना. मैं आकर तुम्हे उतार लूंगा. औरों को भी उतारने में मदद करूंगा.’
  2. इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि ललित अपने मरे हुए पिता से मिलता था. उनसे मिलने के दौरान हुई बातों को रजिस्टर में नोट करता था. रजिस्टर में लिखी इन बातों का मतलब ये निकाला जा रहा है कि ये मैसेज ललित को उसके पिताजी ने दिया. ललित ने परिवार के बाकी 10 सदस्यों ऐसा ही करने को कहा.
  3. रजिस्टर में एक जगह लिखा है कि पट्टियां अच्छे से बांधनी हैं. बता दें कि घर से जितने शव बरामद हुए उनमें से एक को छोड़कर सबकी आंखों पर पट्टियां बंधी थी. रजिस्टर में लिखा है कि सात दिन बाद लगातार पूजा करनी है. कोई घर में आ जाए तो अगले गुरुवार या रविवार को चुनें.
  4. दिलचस्प है कि वारदात रविवार की रात हुई. रजिस्टर में लिखा है कि बेब्बे (दादी) खड़ी नहीं हो सकतीं तो अलग कमरे में लेट सकती हैं. बेब्बे शायद उस बुजुर्ग महिला को कहा गया है जिनकी लाश अलग कमरे में बरामद की गई. रजिस्टर में लिखा गया कि मद्धम रोशनी का प्रयोग करना है. बच्चों के कान में क्यों ठूंसी थी रुई, आंखों में टेप चिपका था.
  5. बुराड़ी की यह घटना अपनी इच्छा से मौत व मोक्ष पाने की हसरत की ओर इशारा कर रही है. इसे सुनकर हर कोई हैरान है. लेकिन फिलहाल मृतक परिवार के डायरी के पन्ने व घर में मिले अजीबो-गरीब चीजें यही कहानी बता रही है.
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उमा भारती ने रामदेव को लिखी चिट्ठी, मचा बवाल

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। बाबा रामदेव व उमा भारती इन दिनों चर्चा में हैं. केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बाबा रामदेव को चिट्ठी लिखकर नसीहत दी है कि वह कुछ भी ना बोला करें. यहां तक कह दिया कि जुमाल उनके राजनीतिक कैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है. लेकिन इस खबर को अलग ढंग से चलाने पर भारत के एक बड़े टीवी चैनल को भी उमा भारती ने नसीहत दी है. उमा भारती की चिट्ठी लिखने पर जमकर बवाल मचा है.

दरअसल, माजरा ऐसा है कि गंगा सफाई कार्यक्रम को लेकर बाबा रामदेव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व उमा भारती के साथ तुलना कर दी. लंदन की टीवी को बयान देने के बाद मामले ने तुल पकड़ ली. तुलना किये जाने की खबर से आहत केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने योग गुरू को पत्र लिखकर कहा है कि उनके मुंह से निकला ऐसा कोई भी जुमला उन्हें (उमा भारती) हानि पहुंचा सकता है. बाबा रामदेव को लिखे पत्र में उमा भारती ने कहा कि मुझे आपके द्वारा गंगा की विवेचना करते समय दो मंत्रियों की तुलना करना अजीब लगा.

आपको बता दें कि लंदन में एक टीवी चैनल से बातचीत में योगगुरू रामदेव ने गंगा स्वच्छता कार्यक्रम के संदर्भ में एक सवाल के जवाब में कहा था कि उमा जी की फाइल आफिस में अटक जाती है जबकि गडकरी जी की फाइल नहीं अटकती. इस खबर को एबीपी न्यूज ने भी चलाई लेकिन गुस्साई उमा भारती ने ट्विट कर लिखा कि, “आदरणीय @abpnewstv मैंने बाबा @yogrishiramdev को ‘वाणी पर संयम’ रखने जैसे शब्द नहीं लिखे हैं. मैं तो बाबा का बहुत आदर करती हूं. आप, बाबा रामदेव तथा सभी लोग उस पत्र को एक बार फिर से पढ़ें.”

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बीजेपी के गढ़ में बसपा उतारेगी ओबीसी कैंडिडेट

रायपुर। चुनाव नजदीक आते हीं बसपा ने अपनी रणनीति के अनुसार काम शुरू कर दिया है. पिछड़ा वर्ग को लेकर राजनीति करने वाली बसपा ने ओबीसी कार्ड फेंक दिया है. छत्तीसगढ़ रमन सिंह के गढ़ में बसपा ओबीसी नेताओं के सहारे चुनाव लड़ेगी. पिछड़ा वर्ग में पकड़ बनाने और उन्हें साधने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा की सीटों पर ज्यादा से ज्यादा ओबीसी कैंडिडेट उतारने की रणनीति बनाई है.

पार्टी नेताओं का कहना है कि पिछड़ा वर्ग के लिए प्रदेश में बसपा से बेहतर विकल्प नहीं है. राजधानी रायपुर में रविवार को बसपा के पिछड़ा वर्ग चेतना सम्मेलन में प्रदेश के ओबीसी वर्ग को साधने का प्रयास किया गया. सम्मेलन को प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को 52 फीसदी प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई. चेतना सम्मेलन में पार्टी ने दावा किया कि अगर बसपा सत्ता में आई तो वो छत्तीसगढ़ के पिछड़ा वर्ग की आरक्षण समेत सभी संवैधानिक मांगों को पूरा करेगी.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश बाजपेयी ने बताया कि पिछड़ा वर्ग को पार्टी से जोड़ने के लिए इस बार विधानसभा चुनाव में ओबीसी उम्मीदवारों को ज्यादा से ज्यादा सीटों पर उतारने की रणनीति बनाई जा रही है. क्योंकि चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों ही पार्टियां केवल चुनाव के वक्त ही ओबीसी वोटरों को लुभाने के लिए झूठे वायदे करती है. जबकि बसपा ओबीसी वर्ग की भलाई के लिए जमीनी और ठोस काम करने पर भरोसा करती है. बहुजन समाज पार्टी राज्य के सभी 27 जिलों में पिछड़ा वर्ग चेतना सम्मेलन का आयोजन करेगी. जुलाई में पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी होना है.

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बसपा ने पूर्व मंत्री को पार्टी से किया बाहर

सुलतानपर। उतर प्रदेश में बसपा पार्टी के खिलाफ काम करने वालों नेताओं को एक-एक कर निकाल रही है. सोमवार को मिली खबर के अनुसार सुल्तानपुर के लंभुआ विधान सभा से पूर्व विधायक एवं मंत्री विनोद सिंह को बसपा से निकाल दिया गया है. इन पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया है.

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव के दौरान विनोद सिंह खुद को व्यवस्त बताकर बीजेपी में जगह बनाने की कोशिश में थे. इस बात की जानकारी होने पर पार्टी ने जांच कराई. बसपा की ओर से त्रिस्तरीय जांच के बाद शनिवार को उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया.

जांच रिपोर्ट पर विचार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सिंह को निष्काषित करने का निर्देश दिया.

पार्टी जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गौतम ने रविवार को बताया कि जो लोग पार्टी को चारागाह समझते है उनका यही हश्र होगा. बहुजन समाज पार्टी में रहना है तो कार्यकताओं का सम्मान करना होगा. धनबल पर कार्यकर्ता काम नही करेगा. उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर के बसपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे विनोद सिंह को मनमानी करने और अनुशासनहीनता पर कई बार चेतावनी दी गई लेकिन वह पार्टी विरोधी गतिविधयों में लगकर तानाशाही रवैया अपनाये हुए थे.

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दंगाईयों को ‘आजादी’, मुसलमानों पर रासुका: रिहाई मंच

आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश में मुसलमान व दलितों पर रासुका लगाने को लेकर रिहाई मंच ने आपत्ति जताई है. एक और मुसलमान पर रासुका लगाने पर प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. सरकार के रवैये को देखते हुए कहा जा रहा है कि किसी खास जाति-समुदाय के लोगों को फंसाने की कोशिश हो रही है. रिहाई मंच ने सरायमीर तनाव के बाद रासुका के तहत फंसाए गए लोगों के परिजनों से मिलने के बाद रासुका की कारवाई को राजनैतिक कारवाई बताया.

रासुका पीड़ित-1

रिहाई मंच के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान आसिफ के पिता इफ्तेखार अहमद बताते हैं कि, आसिफ रोज़ की तरह वह अपनी सिलाई की दुकान पर गया था, दोपहर में खाना खाने के लिए घर भी आया. 28 अप्रैल की शाम को जब उसका भाई सब्ज़ी लेने के लिए गया तो उसी दौरान 6:30 बजे करीब पुलिस उसे और उसके भाई को दुकान से ही उठा ले गई. आसिफ के पिता 3-4 महीने के बच्चे का हवाला देते हुए कहते हैं कि अगर वह बवाल में रहता तो दुकान खोलने क्यों जाता? वे कहते हैं कि तीन साल पहले वह मलेशिया छोड़कर आया कि अपने देश आकर दो जून की रोज़ी रोटी कमाएगा. पर उसे क्या मालूम था कि उसे जेल की रोटी तोड़नी पड़ेगी. रासुका के बारे में पूछने वो बोलते हैं कि पुलिस नोटिस देकर गई है और कहा है कि साल भर जेल में बंद रहेगा. 10 जून को रासुका लगाया गया और 18 जून को नोटिस मिली.

रासुका पीड़ित-2

रासुका में निरुद्ध राजापुर सिकरौर गांव के 24 वर्षीय शारिब के पिता मो० शाहिद बताते हैं. गिरफ्तारी से 15-20 दिन पहले ही शारिब का निकाह हुआ था. शारिब के मामा ज़िकरुल्लाह ने अपने दोस्त की शादी में मेहमानों को खिलाने-पिलाने के लिए उसे और उसके भाई वासिक को बुलाया था. फैज़ान कटरा स्थित अपने मामू के घर अभी दोनों भाई पहुंचे ही थे कि हंगामा सुनकर वहीं रुक गए. करीब एक बजे करीब पुलिस ने उन्हें उठा लिया वे कहते हैं कि बहुत मुश्किल से 19 जून को शारिब ज़मानत पर रिहा होने वाला था कि देर रात पुलिस वालों ने बैरक में जाकर जगाकर दस्तखत करवाए और उस पर रासुका लगा दिया. शारिब पर भी 10 जून को रासुका लगाया गया और 18 जून को नोटिस हुई.

रासुका पीड़ित-3

प्रनिधिमंडल रासुका में निरुद्ध राग़िब के गांव सुरही पहुंचा तो वहां मालूम हुआ कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और उसके भाई विदेश में रह अपना परिवार चलाते हैं। राग़िब के भतीजे दानिश रासुका के बारे में पूछने पर बताते हैं कि आज सुबह ही पुलिस वाले आए थे और उसके भाई ज़ाकिर को एक कागज़ दिया है. उसे नहीं मालूम कि उसमें क्या है. राग़िब की गिरफ्तारी के बारे में पूछने पर बताते हैं कि वह हर रोज़ की तरह सुबह मवेशी खाने पर अपने सैलून गया जहां से उसे गिरफ्तार किया गया. वह पहले किराए के एक कमरे में सैलून चलाता था. बहुत मश्किल से उसने अपनी खुद की गुमटी बना ली थी. परिवार को समझ में नहीं आ रहा है कि लम्बी अवधि तक उसकी हिरासत के बाद घर कैसे चलेगा और मुकदमा किस तरह लड़ा जाएगा.

पुलिस का सच!

सरायमीर तनाव में गंभीर रूप से घायल महीने भर जेल काटने के बाद घर लौटे अबूज़र से भी मुलाकात हुई. वह बताते हैं कि वे अपने दोस्त अहमद के साथ सरायमीर से खरेवां मोड़ शादी में जा रहे थे तभी मची अफरातफरी में वे फैज़ान कटरे में चले गए जहां कटरे एंव मुख्यमार्ग के कुछ दुकानदारों ने खुद को बचाने के लिए कटरे में जाकर ताला बंद कर लिया था. पुलिस ने ताला तोड़कर 12 लोगों को गिरफ्तार कर बहुत मारा पीटा. अबूज़र के साथ गए अहमद को तो एसएचओ ने पुरानी किसी बात को लेकर गाड़ी में से निकाल कर बुरी तरह मारा पीटा. यह मारपीट तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी के निर्देश पर हो रही थी. अबूज़र की स्पलेंडर गाड़ी को तोड़ दिया और गिरफ्तारशुदा सभी को थाना रानी की सराय में रखा गया. वहां भी इन्हें मारा पीटा गया. दो महीने बाद भी कूल्हे और हाथ की गंभीर चोटों को दिखाते हुए अबूज़र बताते हैं कि उन्होंने पुलिस से इलाज के लिए कहा लेकिन उनकी नहीं सुनी गई और दूसरे दिन उनको कोर्ट में पेश कर दिया गया.

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आरोपी अमित साहू पर रासुका लगाने की मांग को नकारते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों पर रासुका लगाना राजनीति से प्रेरित है. सरायमीर तनाव में 34 नामज़द व्यक्तियों पर मुकदमा और 18 गिरफ्तारियों के बाद रिहाई से ठीक पहले 3 लोगों पर रासुका की कारवाई पुलिस प्रशासन की बदले की भावना से की गई कारवाई है. तत्कालीन थानाध्यक्ष राम नरेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ हिंदू समाज पार्टी के अमित साहू जैसे साम्प्रदायिक व्यक्ति का संरक्षण किया बल्कि पुलिस और मुस्लिम समाज के बीच के संवाद को पुलिसिया कारवाई कर साम्प्रदायिक तनाव का रूप दे दिया. सरायमीर तनाव में जिस तरीके से पुलिस ने खुलेआम तोड़फोड़ और हमले किए जिसके वीडियो मौजूद हैं, वह तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी की भूमिका को भी संदिग्ध बना देती है.

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों, राजीव यादव, लक्ष्मण प्रसाद, मसीहुद्दीन संजरी, अनिल यादव, तारिक शफीक, शाहआलम शेरवानी और सालिम दाऊदी ने शेरवां, राजापुर सिकरौर, सुरही, खरेवां और सरायमीर में पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की. Read Also-चंद्रशेखर रावण पर रासुका तीन महीने और बढ़ी
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तोता खरीदने वाली महिला बनी ‘उल्लू’

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। एक औरत का पक्षी प्रेम उसको संकट में डाल दिया है. कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में एक दिलचस्प मामला सामने आया है. एक तोता खरीदने के लिए महिला को 71,500 रुपए देने पड़े फिर भी तोता पालने का सपना अधूरा ही रह गया. इसके बाद महिला ने पुलिसा का दरवाजा खटखटाया है.

बंगलूरू के सरजापुर रोड के विजयकुमार लेआउट इलाके में एक महिला तोता पालना चाहती थी. तोता पालने के चक्कर में महिला ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होकर 71,500 रुपए गंवा दिए. महिला ने साइबर क्राइम में मामले की शिकायत दर्ज कराई है.

श्रीजा नाम की महिला ने पुलिस को बताया है कि वह ऑनलाइन तोता खरीदने के लिए ऑनलाइन सर्च कर रही थी. इस दौरान कई वेबसाइट आदि उसने खंगाले थे. उसी दौरान बॉबी नाम का व्यक्ति से उससे संपर्क किया. फिर तोता खरीदने की बातचीत हुई और उसने अपना फेसबुक और वॉट्सऐप नंबर भी दिया. उसे लगा कि बॉबी उसे तोता दिला देगा. बॉबी से सौदा तय करने के बाद श्रीजा ने बॉबी के विभिन्न बैंक खातों में 21 से 23 जून के बीच पैसे ट्रांसफर किए. रकम खाते में जाने के बाद भी श्रीजा को तोता नहीं मिला. इसके बाद जब श्रीजा ने बॉबी से संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला. फिर उसे लगा कि बॉबी ने उससे उल्लू बना दिया है.

वह 25 जून को साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंची और केस दर्ज कराया. पुलिस ने श्रीजा की शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस उन बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है, जिसमें श्रीजा ने रुपये ट्रांसफर किए हैं.

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दिल्ली के घर में 11 लटकती लाशें, दो डायरी में मौत की दास्तां

PC-indianexpress

नई दिल्ली। रविवार को दिल्ली वालों की आंखे खुली तो एक खबर ने सन्न कर दिया. देश की राजधानी में एक ही घर में 11 लाशें मिली और वो भी लटकती हुई. देखते ही देखते खबर आग की तरह फैल गई और जो सुनता खामोश हो जा रहा था. इनके मौत की अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं यानी कि अभी तक मौत का कारण अज्ञात बना हुआ है. लेकिन मृतक परिवार के घर से बरामद दो डायरी 11 लाशों की कहानी को बता रही है.

सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में जिन 6 लोगों का पोस्टमॉर्टम हुआ हैं उनकी मौत का कारण हैंगिंग है. इसके अलावा चोट का कोई निशान नहीं है. जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि मौत के दौरान कोई हाथापाई या जबरन नहीं हुई है. पुलिस के  साथ-साथ आम लोगों के जेहन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. जिसमें कि मोक्ष पाने व तंत्र-मंत्र की बात सबका ध्यान खींच रही है.

वही तरीका दोनों रजिस्टर में लिखा

पुलिस सूत्रों से कई जानकारियां मिली हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जहां 10 लोगों के शव लटके हुए मिले, उसके पास ही एक कमरे से 2 रजिस्टर बरामद हुए हैं, जिस तरह से मौत हुई है वही तरीका दोनों रजिस्टर में लिखा गया है जिसमें मुंह बांधने और हाथ बांधने का भी ज़िक्र है. दोनों रजिस्टर में मौत और मोक्ष को लेकर एक कहानीनुमा लंबा लेख है, जिसमें किसी आध्यात्मिक गुरु का नाम नहीं है. लेकिन मौत की क्रियाओं को लेकर एक बड़ा हिस्सा है. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रजिस्टर में लिखी हैंड राइटिंग परिवार में से किस की है. क्राइम ब्रांच गुत्थी सुलझाने में जुटी है.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक कुमार ने बताया, ‘हमें हाथ से लिखे नोट मिले हैं जिनमें विस्तार से बताया गया है कि हाथ और पांव किस तरह बांधे जाएं. सूत्रों का कहना है कि घर में मिली डायरी में भी कई जगह जिक्र है कि हरि की प्राप्ति कैसे होगी. हरि भगवान किस दिन मिलेंगे. वहीं जेल में बंद इस बाबा पर शक करने की पुलिस की दूसरी और पुख्ता वजह ये भी है कि बाबा पर पहले भी तंत्र-मंत्र साधना करने के आरोप लगते रहे हैं.

बता दें कि रविवार 01 जुलाई को पुलिस ने बताया कि 10 सदस्यों की आंखें और मुंह कपड़ों से बंधे हुए थे और उनके शव झूल रहे थे जबकि 77 साल की एक महिला फर्श पर मृत पाई गईं और उसकी आंखों और मुंह पर पट्टी नहीं बंधी थी. बच्चों के हाथ-पांव बंधे हुए थे.

सभी 11 मृतकों की आंखों को उनके रिश्तेदारों के कहने पर दान किया गया. अब पोस्टमॉर्टम के बाद सभी का अंतिम संस्कार एक साथ कश्मीरी गेट के पास निगमबोध घाट पर होगा, क्योंकि इतने शव एक साथ राजस्थान के पैतृक गांव ले जाना आसान नहीं है. वैसे पुलिस इस मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. फिलहाल हत्या का कारण अस्पष्ट है.

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दलित-मुस्लिम की शादी से भड़की पंचायत ने दी ऐसी सजा

प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न को लेकर एक और शर्मनाक मामला सामने आया है. हाल ही में बुलंदशहर में एक दलित युवक व मुस्लिम लड़की के शादी होने पर गांव के लोग भड़क गए हैं. इसके बाद दलित व्यक्ति के परिवार को प्रताड़ित किया गया. पीड़ित का आरोप है कि भरी पंचायत में उसे बेइज्जत करते हुए थूक कर चाटने को कहा गया.

पीड़िता परिवार का कहना है कि ‘पंचायत की बैठक के दौरान मुझे थूक चाटने को कहा गया. साथ ही मुझे गांव छोड़कर चले जाने का भी आदेश दिया गया.’ उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत ने मेरी पत्नी और बेटी को नग्न कर गांव में घुमाने का भी फरमान सुनाया है जिसके बाद मैने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

मामला सामने आने पर जिले के एसपी देहात ने कहा, ‘हमें एक दलित शख्स की तरफ से शिकायत मिली है कि उसे थूककर चाटने को कहा गया क्योंकि उसके बेटे ने एक मुस्लिम लड़की से शादी की है. हम जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.’ इस घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत में है और नव दंपति को छुपाकर रखा गया है.

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मोदी के चहेतों का पैसा स्विस बैंक में जमाः मायावती

लखनऊ। कालाधन को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है. स्विस बैंक में भारतीय पूंजीपतियों के जमा धन में पचास प्रतिशत वृध्दि को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी सरकार की नीयत पर सवाल उठाया है. मायावती ने साफ तौर पर कहा कि स्विस बैंक में जमा पैसा मोदी जी के चहेतों का है जिसको रोकने में भाजपा सरकार विफल हुई है.

मायावती का कहना है कि मोदी सरकार विफलताओं का श्रेय लेना क्यों नहीं चाहती है. आम जनता का पैसा लेकर फरार भगोड़ों व स्विस बैंक में बढ़ता पैसा बीजेपी की साफ नीयत व सही विकास की पोल खोल रहा है. मायावती ने यहां एक बयान में आरोप लगाते हुए पूछा कि ‘भाजपा के चहेते भारतीय पूंजीपतियों के स्विस बैंक में जमा धन में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, तो क्या इसका श्रेय भाजपा एण्ड मोदी कम्पनी लेना पसन्द नहीं करेंगे?’ उन्होंने कहा कि वैसे देशहित का मूल प्रश्न यह है कि भारत में कमाया गया धन विदेशी बैंकों में क्यों जमा है?

मोदी सरकार यह अपराध स्वीकार करे…

आगे तीखा सवाल दागते हुए उन्होंने कहा कि क्या मोदी सरकार यह अपराध स्वीकार करने को तैयार है कि विदेशी बैकों में जमा देश का कालाधन वापस लाकर उसे देश की गरीब जनता के घर 15 से 20 लाख रुपये देने के चुनावी वायदे पूरी तरह फर्जी साबित हुये हैं. बसपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने अमीर को अमीर और गरीब को महागरीब बना दिया है.

साथ ही विदेश यात्रा को लेकर महिमामंडन करने वाली पीएम मोदी को पता होना चाहिए कि उनके करीबी अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रंप किस तरह अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों के साथ कैसा बर्ताव किया जा रहा है. इन घटनाक्रमों पर केन्द्र सरकार की खामोशी उसकी विफलता और कमजोरी को ही साबित करती है. उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार अमेरिका में भारतीय पासपोर्ट धारकों के हित तथा सुरक्षा की गारण्टी लेकर इस सम्बन्ध में तत्काल कदम उठाये. इस दौरान मंदसौर की घटना का निंदा करते हुए दोषियों को कठोर सजा दिलाने की बात भी कही.

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20 हजार आदिवासी क्रांतिकारियों का पहला स्वतंत्रता संग्राम

नई दिल्ली। वैसे तो पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 में शुरू हुआ, ऐसा कहा जाता है. लेकिन जानकारों का यह भी कहना है कि उससे पहले 1855 में ही झारखंड के आदिवासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ जंग छेड़ दी थी और इसमें हमारे बीस हजार से अधिक आदिवासी क्रांतिकारी मारे गए थे. इस याद में हम हर साल हूल दिवस को मनाते हैं.

देश आज इनके शहादत याद कर रहा है.

30 जून, 1855 को 400 गांवों के करीब 50 हजार आदिवासी भगनाडीह गांव पहुंचे और आंदोलन की शुरुआत हुई. इसी सभा में यह घोषणा कर दी गई कि वे अब मालगुजारी नहीं देंगे. इसके बाद अंग्रेजों ने सिद्धू, कान्हू, चांद तथा भैरव- इन चारों भाइयों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. जिस दरोगा को चारों भाइयों को गिरफ्तार करने के लिए वहां भेजा गया था, संथालियों ने उसकी गर्दन काट कर हत्या कर दी. इस दौरान सरकारी अधिकारियों में भी इस आंदोलन को लेकर भय पैदा हो गया था.

आंदोलनकारियों को नियंत्रित करने के लिए मार्शल लॉ लगा दिया गया. आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए अंग्रेज सरकार ने पुरस्कारों की भी घोषणा की थी. बहराइच में अंग्रेजों और आंदोलनकारियों की लड़ाई में चांद और भैरव शहीद हो गए. प्रसिद्ध अंग्रेज इतिहासकार हंटर ने अपनी पुस्तक ‘एनल्स ऑफ रूलर बंगाल’ में लिखा है, ‘संथालों को आत्मसमर्पण की जानकारी नहीं थी, जिस कारण डुगडुगी बजती रही और लोग लड़ते रहे.’ जब तक एक भी आंदोलनकारी जिंदा रहा, वह लड़ता रहा. इस युद्ध में करीब 20 हजार आदिवासियों ने अपनी जान दी थी। सिद्धू और कान्हू के करीबी साथियों को पैसे का लालच देकर दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया और फिर 26 जुलाई को दोनों भाइयों को भगनाडीह गांव में खुलेआम एक पेड़ पर टांगकर फांसी की सजा दे दी गई.

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दलित युवक के पेट में मारी गोली

प्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक दलित युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतारने की कोशिश हुई. शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली पट्टी इलाके के धरौली नहर के समीप एक दलित युवक को गोली मारने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. पुरानी रंजिश को लेकर घटना को अंजाम देने की बात कही जा रही है.

अमर उजाला की खबर के मुताबिक आसपुर देवसरा के दियांवा गांव निवासी कृष्ण कुमार गौतम पुत्र भगवानदीन का आरोप है कि वह घर से देवसरा बाजार बाइक से जा रहा था. दोपहर ढाई बजे के करीब धरौली नहर पुलिया पर पीछे से दो बाइक से आए गांव के ही चार लोगों ने उसे रोक लिया और बतकही के दौरान ही किसी ने तमंचे से फायर कर दिया. गोली उसके पेट में लगी. फौरन उसे सीएचसी अमरगढ़ ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया.

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई. कोतवाल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराने मुकदमे को लेकर रंजिश है. तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी जबकि पीड़ित का परिवार कह रहा है कि उसको गोली मारी गई है.

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मंदसौर रेपः बीजेपी MLA का शर्मनाक करतूत

इंदौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की मासूम के साथ हुई बर्बरता पर पूरा देश आक्रोशित है, रो रहा है तो वहीं बीजेपी के विधायक ने घटियापंती दिखाई है. विधायक के इस काम के बाद लोगों में जमकर गुस्सा फूटा है. सोशल मीडिया पर लोग इसकी कड़ी निंदा कर रहे हैं.

बच्ची के बेसुध माता-पिता ने हाथ जोड़ लिए

माजरा यह है कि बीजेपी के विधायक सुधीर गुप्ता पीड़ित बच्ची की तबीयत का जायजा लेने इंदौर के एमवाय (MY) अस्पताल पहुंच गए. शुक्रवार को तड़पती बच्ची को देखने के बाद भी विधायक साहब को इज्जत कराने की याद आई. फिर क्या था तपाक से बच्ची के माता-पिता से बोल पड़े कि वे मंदसौर के विधायक महोदय का धन्यवाद करें, क्योंकि वह उनसे मिलने अस्पताल तक आए हैं. इस पर बच्ची के बेसुध माता-पिता ने विधायक सुधीर गुप्ता के सामने हाथ जोड़ लिए. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विधायक सुदर्शन गुप्ता ने कहा, ‘विधायक जी को धन्यवाद बोलिए, स्पेशल आपके लिए आए हैं.’

सीएम शिवराज सिंह चौहान के इस एमएलए के कारनामे ने साबित कर दिया कि वह घटियापंती करने में पीछे नहीं हैं. फिलहाल इस केस के लिए 15 सदस्यी टीम का गठन किया गया है. संभावना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा जल्द ही आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी. वैसे देश इस घटना के बाद बलात्कारियों के लिए फांसी की सजा पर अड़ा हुआ है.

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‘निर्भया’ से भी बुरे हालात में 7 साल की मासूम, कहा-‘मुझे ठीक करो या मार दो’

नई दिल्ली। निर्भया या आसिफा की घटना के बाद मध्य प्रदेश के मंदसौर में हवस के हैवानों ने सात साल की बच्ची को शिकार बनाया. हैवानियत की हद को पार करते हुए दरिंदों ने तीसरी क्लास में पढ़ने वाली सात साल की बच्ची के साथ रेप किया फिर रॉड के जरिए उसके अंतड़ियों को बाहर निकाल दिया और भी ना जानें क्या-क्या यातनाएं दी.

बच्ची को मरा हुआ समझकर फेंक गए. लेकिन कुछ लोगों की नजर पड़ी तब जाकर बच्ची को  इंदौर के महाराजा यशवन्तराव होलकर चिकित्सालय (एमवाय अस्पताल) में भर्ती कराया गया. इस सात साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के बाद बच्ची को बचाना मुश्किल है फिर भी डॉक्टरों की टीम हर संभव प्रयास कर रही है. बच्ची के कुछ अंतड़ी को काटकर निकाला गया. बच्ची शुक्रवार को दर्द से इतना तड़प रही थी कि उसने तड़पती-कराहती आवाज में कहा कि “मां मुझे ठीक कर दो या मार डालो.”

बचाना सबसे बड़ी चुनौती…

डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के जख्मी अंगों का ऑपरेशन किया जा चुका है. अब उसे संक्रमण से बचाना सबसे बड़ी चुनौती होगी. घाव भरने में दो हफ्ते का समय लग सकता है. जिसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है. बच्ची का इलाज कर रहे पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश लाहोटी ने बताया कि अब उसकी हालत खतरे से बाहर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि घाव ठीक होने के बाद वह सामान्य बच्चों की तरह जिंदगी बिता सकेगी.

शव गांव में नहीं दफनाने देंगे

बाल आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान बच्ची का हाल जानने अस्पताल पहुंचे. उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही. सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलना चाहिए. विधायक उषा ठाकुर ने आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग की. वहीं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मामले की गहन जांच हो. मंदसौर में सात साल की बच्ची के साथ हैवानियत करने वाला दूसरा आरोपी आसिफ शुक्रवार को गिरफ्तार हो गया. उसने कबूल किया कि वे बच्ची को लड्डू खिलाने का लालच देकर ले गए थे. मामले के आरोपी इरफान के गांव रिंगनोद के निवासियों ने कहा है कि फांसी के बाद इरफान का शव गांव में नहीं दफनाने देंगे.

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