Saturday, February 14, 2026

ओपीनियन

दिल्ली में फैला जहर असल में नैतिक प्रदूषण है

भारत में गरीबी या विकास की समस्या असल में व्यवस्था की नहीं बल्कि धर्म और नैतिकता की समस्या है, ये विकास की रणनीति या व्यवस्था का मुद्दा बिलकुल नहीं है. इस बात को प्रदूषण के उदाहरण से समझिये. एक आदिवासी दलित बहुल इलाके में कुछ...

पतंजलि वर्सेस कोलगेट की तरह हो रही है भारतीय राजनीति

पतंजलि का एक टूथपेस्ट है ‘दंत कांति’, जिसका विज्ञापन बड़े जोर-शोर से किया जा रहा है. बाबा रामदेव इसमें आयुर्वेदिक शक्ति का प्रमुख रुप से प्रचार कर रहे हैं और विदेशी केमिकल वाले टूथपेस्ट से खबरदार रहने की सलाह दे रहे हैं. अब आप...

सवर्ण महिलाओं का आंदोलन झूठा नारीवाद!

नारीवाद की अवधारणा भारत में केवल सवर्ण महिलाओं का फैशन है, क्योंकि यहां फेमिनिज़्म पितृसत्ता का बुलेटप्रूफ़ जैकेट और ब्राह्मणवाद का हथियार है. दरअसल स्त्री अधिकारों और समानता की मुनादी करने वाली सवर्ण नारीवादी महिलाएं ब्राह्मणवादी सिस्टम की कठपुतली हैं, जिन्हें जातीय प्रिविलेज की...

पिंड नहीं छूट रहा नोटबंदी कांड से

सालभर होने को आया लेकिन अब तक पुराने नोटों की गिनती का काम चालू बताना पड़ रहा है. पुराने नोटों के असली नकली होने के सत्यापन का काम भी अधूरा है. जब आंकड़े ही न हों तो नोटबंदी की सफलता विफलता की बात कैसे...

ये चुनौत‍ियां कर सकती हैं भाजपा को परेशान

चुनाव आयोग ने अभी गुजरात में चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया है लेकिन उससे पहले ही गुजरात इलेक्शन मोड में आ चुका है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बार-बार गुजरात का दौरा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक महीने में तीन...

दलितों को मनुष्य कब समझना शुरू करेगा ये मनुवादी समाज?

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 34 वर्षीय सुमित्रा देवी, जो की नौ माह की गर्भवती थी, को रोहित कुमार और उसकी मां मंजू देवी ने 15 अक्टूबर को डंडों और लात-घूंसों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया और अस्पताल में सुमित्रा को मृत घोषित...

संगीत सोम साहिब क्या शाहजहाँ हिटलर से भी बुरा था?

शाहजहाँ ने जितनी शदीद मोहब्बत से मुमताज़ की याद में ताजमहल बनवाया था आज वो उससे ज़्यादा शदीद नफ़रत का शिकार है. वो दुनिया के सात अजूबों में है. वो युनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज की फेहरिस्त में है. उसे देखने के बाद बिल क्लिंटन...

शाइनिंग इंडिया में भूख और कुपोषण से मरते बच्चे!

गरीब-दलित के लिए जब उसकी 'पहचान' (जातिगत) उसकी मौत का 'आधार' बन जाए तो अधिकार की बात करना बेईमानी लगती है. झारखंड के सिमडेगा जिले के कारीमाटी में 28 सितंबर को जब 10 वर्ष की बच्ची संतोषी ने 'भात-भात' कहते हुए दम तोड़ दिया....

धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस विशेषः भारत में बौद्ध धर्म के पुनरुत्थान के छह दशक

बोधिसत्व भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने सन् 1956 में विजयदशमी के दिन नागपुर में अपने लाखों अनुयायियों के साथ धम्म दीक्षा ली थी. यह वह तारीख थी, जब भारत में धम्म कारवां को नयी गति और दिशा मिली थी. अब उस तारीख...

सिर्फ दिवस मनाने से खत्म नहीं होंगी बुराइयां और भ्रष्टाचार

भारत परंपराओं और आस्थाओं से भरा देश है. भारत ही नहीं विश्व के विभिन्न देशों की भी अपनी-अपनी मान्यतायें और धार्मिक उत्सव होते हैं. संपूर्ण विश्व भौगौलिक विषमताओं के साथ-साथ धार्मिक भिन्नताओं से भी भरा है. प्रत्येक देश की अपनी अलग मुद्रा और भगवान...

वंचितों की व्यापक बराबरी का सवाल

आज की राजनीतिक गोलबंदी एवं सत्ता की राजनीति के केंद्रीय शब्द हैं 'अस्मिता की चाह और 'विकास. जब 'अस्मिता की चाह पर चर्चा होती है तो सामाजिक एवं राजनीतिक अस्मिता की बात होती है, परंतु किसी भी सामाजिक समूह के 'अस्मिता निर्माण की प्रक्रिया...

अमिताभ बच्चनः एक सदी के नायक

आज अमिताभ बच्चन 75 साल के हो रहे हैं. इसे लेकर फिल्म फिल्म प्रेमियों में भारी हर्ष है. इस अवसर पर भारतीय फिल्म वर्ल्ड उन्हें बधाइयों के सैलाब में डुबो दिया है. इस अवसर पर मैं भी उन्हें जन्म दिन कि बधाई देते हुए,...

तो क्या इन मजबूर‍ियों के चलते बार-बार गुजरात जा रहे हैं नरेंद्र मोदी?

इस साल के आखिर तक होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव ना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नाक की लड़ाई बनकर रह गई है बल्कि भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए भी यह प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है. चूंकि, दोनों सियासी...

कांशीराम: जिन्होंने जाति की सियासत को हमेशा के लिए बदल दिया

कांशीराम दूसरे नेताओं की तरह सफेद खादी के कपड़े नहीं पहनते थे. संघर्ष के दिनों में सेकेंड हैंड बाजार से खरीदे पैंट शर्ट और बाद में सफारी सूट उनका पहनावा बना. दूसरे नेताओं से उनका ये फर्क सिर्फ कपड़ों तक नहीं था. कांशीराम के...

सामंती अन्याय के विरुद्ध दलितों का ‘मूंछ आंदोलन’

मूंछें रखने की वजह से गुजरात के गांधीनगर में पीयूष परमार और उनके दो भाइयों की गैर दलितों द्वारा की गई पिटाई के खिलाफ आक्रोश देश भर में बढ़ता जा रहा है. इस कृत्य की राष्ट्रव्यापी निंदा की जा रही है. मूंछों की वजह...

कौन डरता है कांचा से?

कांचा इलैया की इस किताब पर सारा विवाद इसकी हिंदी कॉपी आने के बाद हुआ. इसका पहला मतलब यह है कि नौ साल से इसकी इंग्लिश कॉपी बिक रही है. अमूमन देश भर की लाइब्रेरी में है. लेकिन मूर्खों को कोई दिक्कत नहीं हुई....

नज़रियाः 10 साल पहले वाल्मीकि समुदाय के बारे में क्या कह गए थे मोदी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अक्टूबर की सुबह ट्वीट किया, ''वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं, एक महान संत और साहित्यिक व्यक्ति के उच्च आदर्श और कार्य कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती हैं.'' मोदी की इन शुभकामनाओं में महान संत, बड़े साहित्यिक, उच्च आदर्शों और कार्यों वाले...

हिंदुत्व के सांस्कृतिक एकाधिकार से हुआ बौद्ध संस्कृति का पतन

भारत बहुभाषी, बहुआयामी और विविधता वाला देश है. इस देश में कई संस्कृतियां जन्मीं और विकसित हुई हैं. दुर्भाग्य से पिछली कुछ शताब्दियों से हिंदू संस्कृति के द्वारा सांस्कृतिक एकाधिकार व आधिपत्य की नियत से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया...

पूजा और लाठीचार्ज के बीच एक देवी, एक मनुष्य और एक शरीर

बीएचयू में धरना चल रहा था. छात्राओं की स्टोरी चल रही थी. न्यूज़ एजेंसी की माइक पर लड़कियां बता रहीं थीं छेड़ख़ानी की शिकायत के बारे में. एक लड़का भी साउंड बाइट देने आया. वो लड़कियों की सुरक्षा से शुरू करके मुद्दा हॉस्टल में...

जिस महिषासुर का दुर्गा ने वध किया उन्हें आदिवासी अपना पूर्वज और भगवान क्यों मानते हैं?

देश भर में दुर्गोत्सव के साथ दशहरा की भी धूम रही. पर झारखंड में गुमला की सुदूर पहाड़ियों पर बसने वाले आदिम जनजाति असुर दस दिनों तक शोक में डूबे रहे. दरअसल महिषासुर को अपना पुरखा मानने वाले असुरों को इसका दुख है कि...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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