Saturday, February 14, 2026

ओपीनियन

मोदी आखिर महाबलीपुरम में कचरा क्यों चुन रहे थे

इस हफ्ते की खास खबर यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कविता लिख दी है. मोदी ने यह कविता महाबलीपुरम में सागर के किनारे लिखी, जहां वह चीन के राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ दो दिनों की अनौपचारिक वार्ता के लिए मौजूद थे और...

दिल्ली विवि के हिन्दी विभाग में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद के मायने

लेखक- लक्ष्मण यादव दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में अध्यक्ष पद को लेकर मामला बहुत पेचीदा हो चुका है. हिन्दी विभाग डीयू ही नहीं, देशभर के सबसे बड़े विभागों में एक है. इसलिए यहाँ राजनीति भी बड़े लेवल की होती रही है. पहले प्रोफ़ेसर...

संयुक्त राष्ट्र में मोदी के बौद्ध प्रेम का सच!

लेखकः सिद्धार्थ रामू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिया. ऐसे में यह सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री मोदी जी का बुद्ध से नाता क्या है? क्या बुद्ध के जीवन, दर्शन, धम्म और...

जाति और सामाजिक पूँजी

“आप क्या जानते हैं यह काफी नहीं है, आप ‘किसे’ जानते हैं यह ज़्यादा महत्वपूर्ण है, आपके जीवन के मुक़ाम को तय करने के लिए.” भारत में आदिवासी, दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग धन-दौलत, ज़मीन-ज़ायदाद, नौकरशाही, न्यायपालिका, मीडिया सब जगह पिछड़े हैं, तो उसका...

पूना पैक्टः अम्बेडकर के साथ गांधी का बड़ा धोखा

वर्तमान में वे भारत की कुल आबादी का लगभग छठा भाग (16.20 %) तथा कुल हिन्दू आबादी का पांचवा भाग (20.13 %) हैं. अछूत सदियों से हिन्दू समाज में सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक व शैक्षिक अधिकारों से वंचित रहे हैं और काफी...

सम-विषम योजना बढ़ते प्रदूषण का हल नहीं

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर सम-विषम योजना शुरू करने की बात कह कर दिल्ली जनता की परेशानियां बढ़ाने का निश्चय किया है. सम-विषम योजना 2016 में दो बार लागू की गई थी. लेकिन...

झारखंड में बांस से हो रहा है विकास

हरा सोना के नाम से मशहूर बांस खेती सदैव फायदे का सौदा साबित हुई है. यह वह फसल है जो बंजर जमीन को भी उपजाऊ बना देती है. 18 सितंबर को विश्व बांस दिवस मनाया जाता है. इसे पृथ्वी पर सबसे टिकाउ मेटेरियल माना...

मलखान सिंह की कविताएं पाखंडवाद को ध्वस्त करके सामाजिक बदलाव की मांग करती हैं

“मलखान सिंह की कविताएं पाखंडवाद को ध्वस्त करके सामाजिक बदलाव की मांग करती हैं”मलखान सिंह हिन्दी दलित साहित्य (कविता) में समावेशी तेवर के रचनाकार थे. उनकी कविता विद्रोही स्वर में होते हुए भी समाज को समरसता का संदेश देती है. सामाजिक चेतना का स्वर...

बात अब आगे बढ़ चुकी है! अब वे CBSE में ही पढ़ेंगे।

CBSE ने एससी एसटी छात्रों का परीक्षा शुल्क 24 गुणा बढ़ा दिया है, पहले 50 रूपये था अब 1200 कर दिया है. मुझे आश्चर्य इस फ़ीस की बढ़ोतरी से नहीं है, बल्कि इस बात से है कि मुझे अभी पता लगा कि एससी एसटी की...

राजनीति में हैं तो दाग अच्छे हैं

हिंदू शास्त्रों के अनुसार भागीरथ ने कठोर तपस्या कर गंगा को पृथ्वी पर उतारा था ताकि उनके साठ हजार पूर्वजों का तारण हो सके. गंगा जीवनदायिनी के साथ साथ मोक्ष दायिनी, मुक्ति दायिनी भी है. आज भी गंगा के प्रति लोगों की आस्था उतनी ही बनी...

दिल की बात- बिहार और कथित डबल इंजन

जिस देश या राज्य की आबादी का जितना प्रतिशत ग़रीबी और हाशिए के अंतिम पायदान पर खड़ा होता है उस राज्य के लिए एक संवेदनशील सरकार का होना उतना ही आवश्यक होता है. हर नीतिगत निर्णय, सरकार व प्रशासन की चपलता या शिथिलता का...

भाजपा नेता पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की को ट्रक ने मारी टक्कर

उन्नाव बलात्कार कांड की पीड़िता, जिसने भाजपा के दबंग विधायक कुलदीप सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था, वह इस वक्त लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में पड़ी है! रायबरेली जाते समय उसकी कार को एक ट्रक ने बड़े संदिग्ध तरीके से टक्कर मारी! यह...

आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना होगा

थार रेगिस्तान में तापमान पचास डिग्री तक पहुंचने, हर तीसरे साल अकाल, दुकाल, त्रिकाल पड़ने पर यहां के ग्रामीण जन परेशान तो होते हैं, पर विचलित नहीं होते. यही कारण है कि दुनिया भर के रेगिस्तानों में थार का रेगिस्तान ही अकेला ऐसा क्षेत्र...

बहुजन समाज का बहुसंख्यक वर्ग मीडिया की ताकत से अंजान क्यों ?

आज मीडिया (प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक, अखबार, पत्र, पत्रिकाएं, टीवी चैनल, फेसबुक, सोशल मीडिया आदि) की ताकत एटम बम से भी घातक सिद्ध हो चुकि है। डॉ अंबेडकर साहब भी मीडिया की ताकत को भलीभांति समझते थे। डॉ अंबेडकर साहब द्वारा अपने अछूत वर्ग के लोगों के...

स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ले रही है जान

आज गर्मियों की छुट्टियों के बाद कॉलेज आया तो एक दुःखद खबर मिली. जिस गांव में रहता हूँ उसके थोड़ी ऊपर जाकर दूसरे एक गांव में एक घर है जहाँ यह बालिका जिसका फ़ोटो यहाँ साझा कर रहा हूँ, (फेसबुक से साभार) इसका नाम...

 ‘स्मार्ट’ के नाम पर आउट डेटेड मीटर लगाने का खेल!

Written By- अजय कुमार, लखनऊ वर्षों पहले अपने घरों में लगे बिजली के पुराने मीटर अब अतीत बनकर रह गए हैं. इस मीटर में एक लोहे की प्लेट लगी रहती थी वह प्लेट घूमती ओर उसी की रीडिंग के अनुसार आपका बिजली बिल निर्धारित किया जाता...

दलितों के हितैषी तो सभी बनते हैं लेकिन सैप्टिक टैंकों में हो रही मौतें कोई नहीं रोक पा रहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुंभ के मेले में सफाई करने वाले पांच कर्मचारियों के पैर धोए थे. प्रधानमंत्री यह दिखाने का प्रयास कर रहे थे कि यह कार्य इतना महत्वपूर्ण है, इसमें कार्यरत श्रमिक भी उतने ही महत्वपूर्ण है, इसलिए ऐसे देश सेवकों का...

राहुल गांधी, आपकी लडाई मोदी से नहीं, खुद से है

आपने इस्तीफा दे दिया. अच्छा किया. पीएम बनने के लिए प्रेसीडॆंट के पोस्ट पर रहना कहां जरूरी होता है. अब, आप क्या करेंगे? आपने कहा, 10 गुना ताकत से अब मोदी से लड सकेंगे. यही गलती आप बार-बार कर रहे है. आपका मुकाबला मोदी...

अन्य पिछड़ा वर्ग में से अलग आरक्षण कोटा ही है लाभप्रद और संवैधानिक समाधान

इधर कई दिनों से अखबार की सुर्खियों में खबर बन रही है कि प्रदेश सरकार ने उ0 प्र0 की कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिन्द, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोडिया, मांझी, मछुआ को अनुसूचित जाति की सूची में सम्मिलित कर...

माब लिंचिंग की घटनाओं में राज्य और पुलिस की अपराधिक भूमिका

इधर कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जबकि किसी न किसी राज्य से माब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हिंसा) की खबर न आ रही हो. यह स्थिति देश के अन्दर अराजकता, कानून के राज्य का भाव एवं विभिन्न समुदायों में गहरा अविश्वास तथा शत्रुता का...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

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राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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