उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में नया आगाज हुआ है. भीम आर्मी ने अपना स्टूडेंट विंग बनाया है. लखनऊ में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने यह ऐलान करते हुए कहा कि भीम आर्मी के स्टूडेंट विंग का नाम भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन (बीएएसएफ) होगा. यह संगठन कई विश्वविद्यालयों में छात्र संघ का चुनाव भी लड़ेगा.
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि छात्रसंघ के जरिये एससी/एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक युवाओं में उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना है. उन्होंने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं और हमें उन्हें सशक्त बनाने की जरूरत है.”
चंद्रशेखर ने कहा कि इन वर्गों के छात्रों से ज्यादा फीस वसूलने के लिए कहा जा रहा है. इसके अलावा उन्हें परिसर में भी प्रताड़ना झेलनी पड़ती है. उन्होंने कहा, “बीएएसएफ युवाओं को अनुसरण करने के बजाय नेता बनने के लिए तैयार करेगा. साथ ही यह राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों को भी बताएगा.”
चंद्रशेखर ने कहा कि लखनऊ के बाद बीएएसएफ को पुणे, महाराष्ट्र सहित अन्य सभी राज्यों में लांच किया जाएगा.
एक सवाल का जवाब देते हुए भीम आर्मी के नेता ने कहा कि पहले दलित छात्रों के लिए 630 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई थी जो अब घटकर 283 करोड़ रुपये हो गई है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में युवा हालात को बदलने की भूमिका के तौर पर उभरेंगे.
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