दलित साहित्यकार का IIAS के लिए चयन

नई दिल्ली। हिंदी के युवा साहित्यकार-आलोचक डॉ. राम भरोसे का आईआईएस के लिए चयन किया गया है. डॉ. भरोसे दलित साहित्यकार तौर पर भी प्रसिध्द हैं. शनिवार को प्राप्त खबर के मुताबिक सामाजिक अध्ययन एवं मानविकी विज्ञान अनुसन्धान क्षेत्र में प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्था भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आई.आई.ए.एस.) राष्ट्रपति निवास, शिमला-हिमाचल प्रदेश में सह-अध्येता (एसोसिएट) के रूप में चयन हुआ है.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संस्था में डॉ. राम भरोसे जी का अनुसन्धान हेतु चयन होना सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है. डॉ. राम भरोसे ‘वर्तमान साहित्यिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में दलित साहित्य की प्रमाणिकता, मूल्यांकन और प्रासंगिकता’ विषय पर अनुसन्धान कर रहे हैं.

इस खुशखबरी के बाद प्रशंसक इनको बधाईयां दे रहे हैं. प्रशंसकों का कहना है कि यह न केवल हमारे समाज के लिए गर्व की बात है. हमारी और से इनको इस महती कार्य हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं, और ये कामना करते हैं कि ये इसी प्रकार अपने अनुसन्धान से समाज और साहित्य प्रेमियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे.

उल्लेखनीय है डॉ. राम भरोसे अनेक सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े हैं, इन संस्थाओं के माध्यम से हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल व देहरादून क्षेत्र में विविध सामाजिक परिवर्तन भी आया है. इनके द्वारा स्थापित सामाजिक संस्था ‘प्रगत भारत संस्था’ हरिद्वार परिक्षेत्र में गरीब बच्चों के लिए विगत दस वर्षों से कार्य रही है.

डॉ. राम भरोसे एस.बी.सी. राजकीय महाविद्यालय, पोखरी टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड में हिंदी विषय में असिस्टेन्ट प्रोफेसर पद पर कार्यरत है. दलित साहित्य के क्षेत्र में डॉ. राम भरोसे का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनको राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरुस्कार प्राप्त हैं. उनकी पुस्तक ‘दलित विमर्श तथा प्रेमचंद साहित्य’ हिंदी आलोचना क्षेत्र में चर्चित रही है.  सामान्य परिवार में जन्मे डॉ. राम भरोसे जी कविता, कहानी, आलोचना विधाओं में लेखन कर रहे हैं.

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दलित दस्तक मैग्जीन का जुलाई 2018 अंक ऑन लाइन पढ़िए

दलित दस्तक मासिक पत्रिका ने अपने छह साल पूरे कर लिए हैं. जून 2012 से यह पत्रिका निरंतर प्रकाशित हो रही है. मई 2018 अंक प्रकाशित होने के साथ ही पत्रिका ने अपने छह साल पूरे कर लिए हैं. हम आपके लिए सांतवें साल का दुसरा अंक लेकर आए हैं. इस अंक के साथ ही दलित दस्तक ने एक नया बदलाव किया है. इसके तहत अब दलित दस्तक मैग्जीन के किसी एक अंक को भी ऑनलाइन भुगतान कर पढ़ा जा सकता है.

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छात्रा के साथ रेप, प्रिंसिपल व 17 लोग शामिल

प्रतीकात्मक फोटो

पटना। बिहार के छपरा जिला के एक दसवीं कक्षा की छात्रा के साथ गैंगरेप करने की दर्दनाक घटना सामने आई है. आरोप है कि 10वीं की छात्रा के साथ करीब 18 लोगों ने रेप किया और इस घटना में स्कूल का प्रिंसिपल भी शामिल है. मामला सामने आने के बाद लोगों में स्कूल के प्रति गुस्सा फूट पड़ा है.

अमर उजाला की खबर के मुताबिक सारण जिला मुख्यालय छपरा के दीपेश्वर बाल ज्ञान निकेतन में छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. घटना एकमा थाना क्षेत्र के परसागढ़ इलाके की है. पीड़ित छात्रा के बयान पर प्रिंसिपल, दो शिक्षक और 15 छात्रों पर नामजद मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल, एक शिक्षक और दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है.

एसपी हरकिशोर राय ने बताया कि प्रिंसिपल छात्रा के साथ पिछले सात महीने से दुष्कर्म कर रहा था. शुक्रवार की सुबह पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में मामला दर्ज कराया है. एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह तथा महिला थानाध्यक्ष इंद्रा रानी ने घटना स्थल पर जाकर मामले की जांच की और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पीड़ित छात्रा 10वीं में पढ़ती है. पुलिस ने छपरा सदर अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल जांच कराया है. इस मामले में शनिवार को कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया जाएगा.

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पार्टी की छवि बचाने को मायावती का बड़ा फैसला

File Photo

भोपाल। बसपा सुप्रीमो मायावती को ऐसे ही एक्शन के लिए जाना जाता है. मायावती ने पार्टी की छवि व महिला को न्याय दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मध्य प्रदेश में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार को बसपा सुप्रीमो ने उनके पद से हटा दिया है. नर्मदा प्रसाद पर एक महिला ने छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी के आरोप लगे हैं. पीड़ित महिला बसपा की कार्यकर्ता भी है.

दरअसल मामला 04 मई का है. इस दिन 74, बंगले में पार्टी की मीटिंग हुई थी. महिला का आरोप है कि बैठक के बाद नर्मदा प्रसदा अहिरवार ने उसको रात भर रुकने को कहा था. इतना ही नहीं इसके बाद नर्मदा प्रसाद का समर्थक महेश कुशवाहा ने महिला को अश्लील फोटो और वीडियो भेज कर प्रताड़ित कर रहा था. इसके बाद महिला ने टीटी नगर थाने में नर्मदा प्रसाद अहिरवार के खिलाफ शिकायत की. पुलिस ने धारा 354, 506 और साइबर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.

छेड़खानी और जान से मारने की धमकी के आरोपों पर नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है. बड़े पद की मांग को लेकर इस महिला ने चार जून के कार्यक्रम में हंगामा किया था इसके बाद उसे पार्टी से बाहर निकाला गया था. अहिरवार ने कहा कि पुलिस ने मेरा बयान दर्ज कर लिया है. उन्होंने कहा कि मैं बसपा सुप्रीमो के फैसले का सम्मान करता हूं.

वैसे मायावती ने ऐसा पहली बार नहीं किया है. बसपा सुप्रीमो पार्टी के पदाधिकारी, विधायक या मंत्री के अनुशासनहीनता पर एक्शन लेने में देर नहीं करती हैं. कुछ ही महिनों बाद चुनाव हैं ऐसे में बहनजी का इस तरह फैसला लेना उनके लोकतांत्रिक व न्यायसंगत होने की बात को बताता है.

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फूलपुर में अगवा कर दलित युवती का गैंगरेप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दलित युवती का अपहरण कर गैंगरेप करने की शर्मनाक घटना सामने आई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगापार के फूलपुर में बृहस्पतिवार की रात दो युवकों ने एक दलित किशोरी का अपहरण कर लिया और उसे एक कमरे में बंद कर रात भर उसके साथ दुराचार किया. सुबह किशोरी उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंची. इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पेड़ से बांधकर पिटाई की.

पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो जाकर आरोपी को लेकर थाना जाने लगे. इसी बीच आरोपी मौका पाकर फरार हो गया. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है. पीड़िता ने दो युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. रायपुर गांव निवासी जितेंद्र कुमार बिंद उर्फ गोरेलाल के खिलाफ नामजद तथा उसके अज्ञात साथी के खिलाफ 342, 323, 506, 376-डी तथा एससीएसटी एक्ट तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया. इंस्पेक्टर फूलपुर ने बताया कि किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए डफरिन हास्पिटल भेज दिया गया है. आरोपियों की खोजबीन की जा रही है.

पीड़िता बहरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है लेकिन करीब एक माह से फूलपुर के एक गांव में अपने ननिहाल में रह रही है. किशोरी गुरुवार की रात घर से शौच के लिए निकली. खेत में पहले से ही घात लगाए बैठे दो युवकों ने उसे अगवा कर लिया और एक कमरे में ले जाकर रात भर उसके साथ दुराचार किया. विरोध करने पर किशोरी की रात में कई बार पिटाई भी की. इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहोल बना हुआ है.

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OLA कैब ड्राइवर ने की महिला के साथ ऐसी हरकत

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। ओला कैब की आए दिन खराब कामों के कारण खबरों में बना रहा है. फिलहाल खबर आ रही है कि नशे में ओला ड्राइवर ने एक महिला को लेकर भागने की कोशिश की लेकिन कामयाब ना हो सका. इस घटना के बाद ओला के सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.

बताया जा रहा है कि एक महिला एयरपोर्ट जाने के लिए कैब की बुकिंग की थी. गुरूवार को बनासवाड़ी नामक स्थान से उसको टैक्सी में बिठाया. फिर उसको एयरपोर्ट की बजाय कहीं ओर लेकर जाने लगा. इस मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि बनासवाड़ी निवासी सुरेश (28) ने बृहस्पतिवार को सुबह एक महिला यात्री को बनासवाड़ी से टैक्सी में बिठाया. उसे महिला सवारी को केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर छोड़ना था. सुरेश कथित तौर पर नशे में था. हवाई अड्डे के टोल गेट के पास पहुंचते ही उसने रास्ता बदल दिया. वह कार को हैदराबाद मार्ग पर ले जाने लगा. महिला ने जब चालक से रास्ता बदलने पर टोका तो उसने महिला को अपशब्द कहे और उससे चुप रहने के लिए कहा.

इसके बाद टोल प्लाजा से गुजरते वक्त महिला ने शोर मचाना शुरू किया. इस दौरान टोल प्लाजा कर्मचारियों का ध्यान महिला के शोर पर गया तो उन्होंने वाहन रोककर पीड़िता को छुड़ाया. उन्होंने आरोपी कैब चालक सुरेश को पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया. बता दें कि इस घटना से कुछ दिन ही पहले एक जुलाई को ओला के एक अन्य कैब चालक ने हवाई अड्डा जा रही एक महिला यात्री से रेप की कोशिश की थी.

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पाक के पूर्व PM व उनकी बेटी को जेल की सजा

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही उनकी बेटी मरियम नवाज को भी 7 साल की सजा हुई है. यह मामला लंदन की संपत्ति से जुड़ा हुआ है. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह खबर है. इस मामले के बारे में न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी ट्वीट किया है.

जान लें कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को यह सजा लंदन के एवियन फील्ड में चार फ्लैट के मामले में मिली है. बताया जा रहा है कि फिलहाल नवाज शरीफ और उनकी बेटी इस समय लंदन में ही हैं. पाकिस्तान की एकाउंटिबिलिटी कोर्ट ने नवाज शरीफ और उनकी बेटी को यह सजा सुनाई है. इससे पहले शुक्रवार को ही 7 दिन फैसला टालने की नवाज़, मरियम और सफ़दर की अर्ज़ी एकाउंटिबिलीटी कोर्ट ने खारिज कर दी थी.

लंदन में ‘अवैध ढंग से’ हासिल की गई संपत्ति केस में यह फैसला आया है. इस फैसले के बाद अब मरियम का राजनीतिक भविष्य दांव पर लग गया है. बता दें कि पनामा पेपर्स मामले में न्यायालय के फैसले के बाद शरीफ प्रधानमंत्री पद के लिये अयोग्य हो गए थे. अब इस इस फैसले के बाद इनकी बेटी का राजनीतिक कैरियर भी खत्म होने की कगार पर है.

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इतिहास में पहली बार केंद्र सरकार ने SC के फैसले को मानने से इनकार कियाः केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली में अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला तो सुना दिया लेकिन अरविंद केजरीवाल का कहना है कि केंद्र सरकार कोर्ट का फैसला नहीं मान रही है. दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एलजी अनिल बैजल से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं अभी एलजी साहब से मिलकर आ रहा हूं. अब हर फाइल के लिए एलजी साहब की मंजूरी नहीं होगी, जितने निर्णय हैं दिल्ली सरकार से लिया जाएगा सिर्फ उससे LG साहब को अवगत कराया जाएगा. इस पर एलजी साहब तैयार हो गए हैं. अब दिल्ली के लटके काम जल्द ही किए जाएंगे.

लेकिन दिल्ली व केंद्र सरकार के बीच की लड़ाई की अभी खत्म नहीं हुई है. क्योंकि एलजी साहब सर्विसेज मामले में तैयार नहीं हुए हैं. सीएम केजरीवाल का कहना है कि, मैंने एलजी साहब को बताया कि सर्विसेज का पावर सरकार के पास होगा, इससे एलजी साहब ने मना कर दिया. इस पर केजरीवाल ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत के इतिहास में पहली बार होगा, जब केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार किया हो. इस तरह से अगर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार कर दे तो ऐसे अराजकता फैल जाएगी.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ अपने फैसले में कहा है कि तीन सब्जेक्ट को छोड़कर पुलिस, लैंड और लॉ एंड ऑर्डर को छोड़कर सभी पावर जैसे- ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन, नई पोस्ट बनाना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना दिल्ली सरकार के पास होगी. फिलहाल इनके लिए लड़ाई अभी भी जारी है.

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10वीं पास डाक विभाग में करें आवेदन, 2411 पदों पर वैकेंसी

नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने कम पढ़े लिखे लोगों के लिए वैकेंसी निकाली है. इस पोस्ट के लिए दसवीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक के 2411 पदों पर वैकेंसी निकाली हैं. ये वैकेंसी मध्य प्रदेश सर्किल के लिए है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 16 जुलाई है. भारतीय डाक विभाग में सरकारी नौकरी करने का ये अच्छा मौका है. इच्छुक उम्मीदवारों के लिए वैंकेसी के संबंध में अधिक जानकारी नीचे दी गई है. फिलहान जरूरी जानकारी को पढ़कर फटाफट आवेदन करें.

पद का नाम: ग्रामीण डाक सेवक

योग्यताः इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना अनिवार्य है. साथ ही कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए. उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए. उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा.

ऐसे करें आवेदन

  • स्टेप 1: ऑफिशियल वेबसाइट http://appost.in/gdsonline/ पर जाएं.
  • स्टेप 2: Apply Online के लिंक पर क्लिक करें.
  • स्टेप 3: मांगी गई सभी जानकारी भरकर सबमिट करें.

इच्छुक उम्मीदवारों के लिए वैकेंसी के संबंध में और अधिक जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट http://appost.in/gdsonline/ पर दी गई है. यहां पर आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी. किसी प्रकार की दुविधा होने पर वेबसाइट पर जाकर स्पष्ट कर लें.

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बसपा महिला नेता को बदमाशों ने घेरा

लखनऊ। बसपा की महिला नेता का पीछा करने व छिना झपटी का मामला सामने आया है. पहले तो दोनों पल्सर सवार बदमाशों ने पूरी कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. बदमाश इतने ढीठ व शातिर थे कि दिन दहाड़े चलती सड़क पर शुरू हो गए. इसके बाद महिला नेत्री डर के मारे चिल्लाने लगी तब जाकर लोगों ने आकर उनको बचाया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक बसपा नेत्री कार से जा रही थीं उसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने असुरन चौराहे से शाहपुर आवास विकास स्थित उनके घर तक पीछा किया.

दरअसल, काली मंदिर शाहपुर आवास विकास कॉलोनी निवासी बसपा नेत्री दुलारी देवी अपनी ननद को डॉक्टर से दिखाने कार से शहर में गईं थीं. लौटते समय असुरन चौराहे पर पल्सर सवार दो युवकों ने कार में ठोकर मार दी. बसपा नेत्री ने कार चालक को आगे बढ़ने को कहा उसके बाद दोनों कार के आगे बाइक खड़ी कर अभद्र भाषा में कहते हुए बसपा नेत्री के गले से सोने की चेन खींचने की कोशिश किए. नाकाम होने पर कार का पीछा करते हुए बसपा नेत्री के घर तक पहुंच गए. घर के पास पहुंचने पर बसपा नेत्री चोर-चोर कह कर शोर मचाना शुरू कर दिया. दोनों युवक बाइक मोड़कर भागने लगे. लेकिन सन्तहुसैन नगर कॉलोनी गेट पर राहगीरों ने उन्हें पकड़ लिया और पिटाई के बाद 100 नम्बर पर फोन कर पुलिस को सौंप दिया. पुलिस दोनों युवकों को थाने ले जाकर पूछताछ कर रही है.

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राजनीति में उतरेंगी लालू-राबड़ी की बहू

पटना। बिहार और राष्ट्रीय जनता दल की राजनीति में एक नए चेहरे की सुगबुगाहट दिखने लगी है. यह नया चेहरा कोई और नहीं बल्कि लालू यादव की नई बहू और बड़े बेटे तेजप्रताप की पत्नी ऐश्वर्या हैं. असल में बिहार की राजनीति में यह नया नाम राष्ट्रीय जनता दल के 22वें स्थापना दिवस के मौके पर सामने आया, जब कार्यक्रम के दौरान ऐश्वर्या के पोस्टर सामने आए. पोस्टर में ऐश्वर्या का चेहरा दिखने के बाद बिहार की राजनीति में ऐश्वर्या के नाम की चर्चा जोरो पर है.

हालांकि शादी के बाद ही ऐश्वर्या के राजनीति में आने की चर्चा हो रही थी, लेकिन तब लालू परिवार ने इस बात से इंकार किया था. लेकिन अब पटना की सड़कों पर पोस्टर सामने आने के बाद राजनीति के मैदान में लालू और राबड़ी की बहू की दिलचस्पी साफ हो गई है. इस एंट्री के साथ ही तेजप्रताप की पत्नी मीडिया में छा गई हैं. पोस्टर में छाना और मीडिया में सुर्खियां बटोरना, ये सारे संकेत ऐश्वर्या की राजनीति की शुरूआत को बता रहे हैं. खबर है कि पति तेजप्रताप भी पत्नी ऐश्वर्या को राजनीति में लाना चाहते हैं.

दरअसल इस कयास को इसलिए बल मिल रहा है क्योंकि ऐश्वर्या का नाम राजद के सबसे खास कार्यक्रम यानी स्थापना दिवस के मौके पर सामने आया है. पोस्टर में ऐश्वर्या की फोटो लालू की बेटी व राज्यसभा सांसद मीसा भारती के साथ है. इसी के साथ पार्टी के भीतर से इस तरह की जानकारी भी आ रही है कि ऐश्वर्या आगामी चुनाव में सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं. सारण की यह सीट लालू परिवार के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है. लालू चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं तो वहीं राबड़ी की उम्र अब बहुत भागदौड़ की नहीं रही. ऐसे में ऐश्वर्या इस सीट को संभाल सकती हैं.

वैसे भी ऐश्वर्या का बैकग्राउंड राजनीतिक रहा है. उनके पिता चंद्रिका राय सारण के परसा विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं. वह बिहार के ट्रांसपोर्ट मंत्री भी थे. दिल्ली युनिवर्सिटी और एमिटी युनिवर्सिटी की छात्रा रह चुकी ऐश्वर्या की शादी इसी साल 12 मई को हुई थी. पिछले दिनों तेजप्रताप यादव ने पार्टी में खुद की अनदेखी का आरोप लगाया था, तब चर्चा चली थी कि इसके पीछे ऐश्वर्या का हाथ है. कुल मिलाकर आगामी चुनाव में यादव परिवार की बहुरिया के चुनाव लड़ने की चर्चा चल पड़ी है, इसमें उसकी हार होगी या जीत ये तो जनता तय करेगी.

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बच्चा चोर समझ तीन साधुओं को भीड़ ने घेरा

प्रतीकात्मक फोटो

गुवाहाटी। सेना अगर समय पर नहीं पहुंचती तो फिर एक भीड़ तीन साधुओं को मौत के घाट उतार देती. स्थानीय लोग साधु के वेश में उन्हें बच्चा चोर समझ बैठे. इसके बाद देखते ही देखते भीड़ आक्रोश का रूप लेने लगी. ये घटना असम के डीमा हसाओ इलाके की है.

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक इन तीन लोगों में से दो उत्तर प्रदेश से हैं जबकि एक गुजरात से है. इन लोगों को बाद में सेना के महुर कैंप ले जाया गया जहां इनसे पूछताछ भी की गई. सेना के अधिकारियों की माने तो ये लोग असम में होने वाले मेले में भाग लेने के लिए यहां आए थे. गौरतलब है कि त्रिपुरा में हाल ही में एक फेक न्यूज की वजह से हुई हिंसा 4 लोगों की जान चली गई है. मृतकों में सुकांत चक्रवती नाम का एक वो शख्स भी शामिल है जिसे पुलिस ने फेक न्यूज के खिलाफ जागरुकता अभियान में शामिल कर रखा था.

दरअसल, भारत में बच्चा चोर का अफवाह फैलाकर मारने की दो तीन घटनाएं सामनें आ चुकी हैं. हाल हीं में सीरिया के एक वीडियो को भारत में किसी ने फैला दिया जिससे महाराष्ट्र के धुले में भी 5 लोगों को बच्चा चोर समझकर मौत के घाट उतार दिया गया. जब इस वीडियो की पड़ताल की गई तो पता चला कि यह वीडियो सीरिया के उन बच्चों का जो एक रासायनिक हमले में मारे गये हैं. आपको बता दें कि फेक न्यूज की वजह से अलग-अलग घटनाओं में 20 लोगों की जान चुकी है.

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दलितों ने जोरदार तरीके से शुरू किया द्रविड़ आंदोलन

PC-TimesofIndia

जालंधर। पंजाब के दलितों ने द्रविड़ आंदोलन आरंभ कर दिया है. जात-पात मिटाने के लिए दलित नाम के आगे राक्षस, अछूत जोड़ने के साथ-साथ रावण की पूजा करनी शुरू कर दी है. ईवी रामस्वामी यानी पेरियार ने 1925 में मद्रास में जो द्रविड़ आंदोलन या आत्मसम्मान आंदोलन शुरू किया था, वह काफी हद तक उत्तर भारत विरोधी और हिंदी विरोधी था. जातीय व्यवस्था और अंधविश्वास से लड़ाई की परख होने के बाद उत्तर भारत के दलित अब इस आंदोलन से जुड़ने लगे हैं. हालांकि पेरियार ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका द्रविड़ आंदोलन एक दिन भारत के बिल्कुल उत्तरी कोने में भी जगह बना लेगा.

एनबीटी की खबर के मुताबिक 90 से भी ज्यादा वर्षों के बाद अब पंजाब के कई दलितों ने द्रविड़ पहचान को स्वीकारना शुरू कर दिया है. यहां तक कि उनमें से कई पेरियार और या उनके दक्षिण भारत के आंदोलन के बारे में नहीं जानते हैं लेकिन उनका कहना है कि वह खुद को अलग तरह परिभाषित किए जाने की जरूरत महसूस करते हैं. पंजाब में सभी राज्यों की अपेक्षा दलितों का आंकड़ा सबसे अधिक 32 फीसदी है.

बता दें कि पंजाब में इस तरह एक पहचान बनाने का शुरुआती कदम करीब 50 साल पहले उठाया गया था लेकिन तब यह कुछ ही लोगों तक सीमित था. सुप्रीम कोर्ट के हालिया एसटी-एसटी ऐक्ट में संशोधन के फैसले को लेकर पंजाब में भी दलितों के बीच इस मुद्दे का आवाहन हुआ है. पंजाब के दलित अब द्रविड़ या अनार्य (नॉन-आर्य) के रूप में खुद की व्याख्या कर रहे हैं. उनमें से कई अब दैत्य, दानव, अछूत और यहां तक कि राक्षस तक अपने नाम के आगे लगा रहे हैं. यहां तक कि द्रविड़ को भी सरनेम के रूप में स्वीकार कर रहे हैं.

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मदुरै एक्सप्रेस बेपटरी, बैक बोगी काटकर निकाली

दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की तस्वीर

मुबंई। एक बार फिर यात्रियों से भरी ट्रेन बेटपरी हो गई है. प्राप्त खबर के मुताबिक मुंबई से मदुरै जा रही मदुरै एक्‍सप्रेस शुक्रवार सुबह पटरी से उतर गई. पटरी से उतरने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी. इस हादसे में किसी के जानमाल को नुकसान की बात सामने नहीं आई है लेकिन ट्रेन का पिछला डिब्‍बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो गया है.

मदुरै एक्‍सप्रेस (11043) शुक्रवार रेलवे की समयानुसार सुबह मुंबई से मदुरै के लिए निकली थी. अभी वह खंडाला स्‍टेशन के पास पहुंची ही थी कि ट्रेन का पिछला डिब्‍बा पटरी से उतर गया. ड्राइवर की सूझबूझ से ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया. इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. ट्रेन का पिछला डिब्‍बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो गया है. ट्रेन के पिछले डिब्‍बे को देखकर लगता है जैसा कि पीछे से जोरदार टक्‍कर हुई हो. घटना की सूचना पाकर मौके पर रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और डिब्‍बे को काटकर ट्रेन से अलग किया. इसके बाद सुरक्षा की जांच आदि करने के पश्चात ट्रेन को रवाना किया गया.

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दलित को बांधकर मालिक ने हंटर बरसाया

दलित की पिटाई करता हंटर लिए युवक

होशंगाबाद। एक युवक पर हंटर बरसाने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस वीडियो का सच सामने आया है. दरअसल मामला ये है कि एक दलित ने छुट्टी ले ली थी. इसके बाद उसके मालिक ने बुलाकर उसे बेरहमी से मारा. यह मामला मध्यप्रदेश के होशंगाबाद का है.

जानकारी मुताबिक होशंगाबाद के ग्राम रायपुर निवासी अजय अहिरवार होशंगाबाद में शिवनंदि पेट्रोल पम्प पर काम करता है. कुछ दिन पहले उसका एक्सीडेंट हो गया. एक्सीडेंट के कारण अजय कुछ दिनों से ड्यूटी पर नहीं जा पा रहा था. इसकी जानकारी अजय ने मालिक को नहीं दी थी. इस बात से खफा उसका मालिक गुस्सा हो कर अपने आदमी को भेजकर उसको बुलवाया. और जैसे ही अजय गया उसके मालिक ने मशीन से बांधकर कोड़े बरसाना शुरू कर दिया.

वीडियो में अजय को बेरहमी से पीटने वालों का नाम दीपक साहू और चिंटू साहू बताया जा रहा है. दोनों दबंगो ने करीब दस मिनट में दलित अजय पर सौ से अधिक हंटर बरसाए और अजय की पिटाई का वीडियो भी अपने कैमरे में कैद कर लिया. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी चिंटू साहू और दीपक साहू पर एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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शिक्षण संस्थानों में किन्नरों को आरक्षण

प्रतीकात्मक फोटो

तिरुवनंतपुरम। केरल में किन्नर जश्न मना रहे हैं. राज्य सरकार ने आदेश जारी कर विश्वविद्यालयों और राज्य के मान्यता प्राप्त कला एवं विज्ञान कॉलेजों में हर पाठ्यक्रम के लिए दो सीट विशेष तौर पर किन्नरों के लिए आरक्षित की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि ट्रांसजेंडर या किन्नरों के लिए आरक्षित सीटों पर नामांकन योग्यता पूरा होने पर ही इसका लाभ मिलेगा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य हाशिये पर चल रहे समूहों को उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और समाज की मुख्य धारा में लाना है.

आदेश में कहा गया है , ‘सामाजिक कारणों से इन छात्रों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या एक शैक्षणिक वर्ष के बाद दूसरे शैक्षणिक संस्थानों में जाना पड़ता है.’ माकपा नीत एलडीएफ सरकार ने हाल में ऐसे किन्नरों को आश्रय गृह मुहैया कराने का निर्णय किया था जो राज्य साक्षरता मिशन के तहत शिक्षा कार्यक्रमों में शामिल होना चाहते हैं.

मिशन द्वारा हालिया किए गए एक सर्वे में पाया गया था कि ट्रांसजेंडर समुदाय के करीब 50 प्रतिशत सदस्य 1000 और उससे कम मासिक आय में अपना जीवनयापन कर रहे हैं. सर्वे में शामिल 28.53 प्रतिशत की मासिक आय 1000 से 5000 रूपये रही, 19.46 प्रतिशत की 5000 से 10000 रुपये की बीच रही. सर्वेक्षण में शामिल 20.35 प्रतिशत ट्रांसजेंडर बेरोजगार थे, और 30 प्रतिशत से अधिक किसी न किसी प्रकार के स्वरोजगार में थे.

(न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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प्लेस्कूल में 2 साल के मासूम के साथ यौन उत्पीड़न

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कोलकाता। स्कूल-कॉलेजों में यौन उत्पीड़न के मामले के बाद प्लेस्कूल में यौन उत्पीड़न की घटना घटी है. दो साल के मासूम के प्राइवेट पार्ट व कपड़े पर लगे खून के निशान ने सारी कहानी बयां कर डाली. इसके बाद परिजनों ने मेडिकल जांच करवाई जिसमें भी यौन उत्पीड़न की बात सामने आई. ऐसे में परिजनों ने स्कूल के पास शिकायत की लेकिन किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है.

गुरूवार को मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक प्लेस्कूल में 2 साल के मासूम के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. पुलिस ने बताया कि बच्चे के मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. वैसे यह शर्मनाक घटना सोमवार की है.

प्राइवेट पार्ट पर…

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, बच्चे की मां का कहना है कि जब वह उसे प्लेस्कूल से लाने गई तो वह बहुत ज्यादा रो रहा था. उन्होंने उसके कपड़े पर खून के निशान दिखे, जिसके बाद कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ. इसके बाद वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गईं, जहां उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान को देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए.

अगले दिन बच्चे के पैरेंट्स स्कूल गए और इसकी शिकायत वहां के प्रिंसिपल से की. स्कूल की प्रिंसिपल जयश्री आनंद ने ऐसी किसी घटना के होने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद बच्चे के पैरेंट्स ने सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. स्कूल प्रशासन ने उन्हें सीसीटीवी फुटेजे दिखाने से मना कर दिया. बाद में स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चे के पैरेंट्स को फोन पर बताया कि सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा है. जयश्री आनंद ने बताया कि सीसीटीवी में 26 जून से लेकर 2 जुलाई तक की कोई भी रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी है, जबकि इसी दौरान बच्चे के दौरान उत्पीड़न की घटना हुई थी. अब ऐसे में स्कूल प्रशासन पूरी तरह घिरता दिख रहा है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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स्थापना दिवस पर राजद ने बोला नीतीश पर हमला

File Photo

पटना। बिहार के राजधानी में राजद ने 22 वां स्थापना दिवस मनाया है. इस दौरान 22 साल में पहली बार लालू प्रसाद यादव नजर नहीं आए लेकिन बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला. तेजस्वी ने कहा कि नीतीश चच्चा का हाल तो ऐसा हो गया कि केवल तेजप्रताप के ट्वीट पर आधा घंटा भाषण देते हैं लेकिन सृजन घोटाला, शिक्षा व्यवस्था पर कोई जवाब नहीं देते हैं. साथ ही महागठबंध में शामिल करने को लेकर कहा कि नीतीश चाचा की नो इंट्री हमेशा के लिए है, नीतीश चाचा जो भी कर लें लेकिन हम उनको कभी शामिल नहीं होने देंगे.

अंबेडकर व मंडल याद आए…

तेजस्वी ने लालू प्रसाद यादव की कमी का अहसास नहीं होने दिया. इस दौरान नीतीश कुमार पर हमला कर जमकर तालियां बटोरी. अंबेडकर व मंडल को याद कर कहा कि मनुवादी सरकार को गिराने का काम बिहार से शुरू होगा और नीतीश कुमार के साथ-साथ मोदी का सपना चकनाचूर करेंगे. साथ ही कहा कि मुझे किसी के रहमों करम की बदौलत बिहार का नेतृत्व नहीं करना है. आने वाले दिनों में बिहार की जनता मुझे खुद चुनेगी. हम किसी मनुवादी का तलवा चाटकर राज नहीं भोगना चाहते हैं. नीतीश जी को ये सब आता है इसलिए वो हीं करें तो बेहतर है.

लालू-राबड़ी नहीं आए

गुरूवार को राजधानी के वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय परिसर में राजद का 22वां स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है. इस मौके पर पार्टी के सभी बड़े नेता, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सभी पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, सांसद, पूर्व सांसद,  विधायक, पूर्व विधायक, एमएलसी, पूर्व एमएलसी और जिलाध्यक्षों ने शिरकत की. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की गैर मौजूदगी में समारोह का उद्घाटन बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव व तेज प्रताप ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि लालू प्रसाद यादव सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, विचारधारा हैं. उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है.

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रेप केसः मिथुन के बेटे व पत्नी को हाईकोर्ट से झटका

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के बेटे महाअक्षय और उनकी पत्‍नी योगिता बाली फंसते दिख रहे हैं. रेप केस को लेकर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. मुंबई हाईकोर्ट ने मिथुन चक्रवर्ती के परिवार को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. मिथुन के बेटे की शादी भी होने वाली है तो ऐसे में शादी के जश्न पर पानी फिर सकता है.

बता दें कि महाअक्षय की शादी पक्की होने के बाद एक भोजपुरी एक्ट्रेस ने महाअक्षय व योगिता के खिलाफ केस दर्ज कराई थी. पहले तो पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया लेकिन बाद में दिल्‍ली के रोहिणी कोर्ट के आदेश के बाद महाअक्षय और योगिता बाली के खिलाफ बलात्‍कार, धोखाधड़ी और सहमति के बिना गर्भपात के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई.

जानकारी के अनुसार एक भोजपुरी अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि महाअक्षय ने उनसे शादी का वादा किया था. इसके बाद शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और जब वह गर्भवती हो गई तो उसकी सहमति के बिना उसका गर्भपात करा दिया गया. गर्भपात कराने में मिथुन चक्रवर्ती की पत्नी योगिता बाली ने भी बेटे का साथ दिया. इस पर रोहिणी कोर्ट ने बेगमपुर थाने की पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं. गौरतलब है कि मिथुन चक्रवर्ती के बेटे महाअक्षय और फिल्‍म निर्देशक सुभाष शर्मा की बेटी मदालसा शर्मा की जल्‍द शादी होने वाली है.

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स्कूल का फरमानः लड़कियां इस कलर का इनरवियर पहनकर स्कूल आएं

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पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में एक निजी स्कूल द्वारा जारी अजीब फरमान जारी किया गया है. इस फरमान के बाद विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, बुधवार को पुणे के ‘एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल स्कूल’द्वारा लड़कियों को विशेष रंग के इनरवियर पहनने का फरमान दिया है. इसके बाद अभिभावकों और छात्रों ने स्कूल के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया.

बताया जा रहा है कि ‘एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल स्कूल’ ने छात्राओं को सफेद तथा बेज रंग के अंत:वस्त्र (इनरवियर) पहनने का निर्देश दिया है. इतना ही नहीं, स्कूल प्रशासन ने यह भी तय कर दिया कि लड़कियां कितनी लंबी स्कर्ट पहनेंगी. स्कूल का यह भी कहना है कि जो स्टूडेंट्स और अभिभावक निमय का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

एक अभिभावक ने कहा कि ‘लड़कियों को या तो सफेद या त्वचा के रंग के अंदरूनी वस्त्र पहनने के लिए कहा गया है. स्कूल प्रशासन ने स्कर्ट की लंबाई को लेकर भी फरमान जारी किया है. उनके पास इन सभी चीजें स्कूल डायरी में मौजूद हैं और हमें इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है.’

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक शिक्षा (प्राथमिक) के निदेशक दिनकर दीमकर ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है. पीएमसी के शिक्षा बोर्ड ने मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों को नियुक्त किया है.

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