Sunday, February 15, 2026

ओपीनियन

एससी-एसटी एक्ट न हुआ सांप-सीढ़ी का खेल हो गया

दैनिक जागरण (राष्ट्रीय संस्करण) 01.09.2018 के अनुसार नैनीताल हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार द्वारा  एससी-एसटी एक्ट को इसके मूल रूप में लागू करने के विधेयक पारित करने की दशा में  इस एक्ट में पुन: संशोधन करने  को चुनौती देती...

दलितों का दमन और मौत की मार्केटिंग

दलित शौर्य और ब्राह्मणवादी पेशवाओं की शर्मनाक पराजय का प्रतीक बन चुके भीमा कोरेगांव की 200वीं वर्षगांठ पर इकट्ठा हुए दलितों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठनों द्वारा हमला करने के पश्चात भी पीछे न हटने वाले दलित कार्यकर्ताओं में खौफ पैदा करने...

बहुजनों द्वारा अपने धर्म और संस्कृति की घोषणा : एक वास्तविक क्रान्ति

भारत के दलितों-बहुजनों के खिलाफ जो अन्याय अत्याचार हुआ है, जो हो रहा है और जो आगे भी कुछ समय तक जारी रहेगा उसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उनमे बहुत हद तक बहुजनों के हितैषी भी जिम्मेदार हैं. यह एक विचित्र और कठोर...

पूँजीवादी ब्राह्मणवाद के नायक हैं अटल बिहारी वाजपेयी

पिछले लगभग दस वर्षों से सक्रिय राजनीतिक जीवन से विरत व अस्वस्थ रहने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की 16 अगस्त 2018 को मृत्यु हो गयी. उन्होंने सामान्य व्यक्ति से कहीं ज्यादा 93 वर्ष का जीवन जिया. उन्होंने 80 वर्ष की उम्र तक प्रधानमंत्री के...

क्या भारत में कंकालों का म्यूजियम संभव है?

यूरोप के जर्मनी और अफ्रीका के रवांडा जैसे कुछ देशों में कई सारे होलोकॉस्ट म्यूजियम हैं स्कूल कॉलेज के बच्चों को वहां दिखाया जाता है कि हिटलर के दौर में या हुतु तुत्सी जातीय हिंसा के दौर में किस नँगाई का नाच हुआ था,...

तो इसलिए भारत सामाजिक अन्यायमुक्त नहीं हो पाया

7 अगस्त 1990 को मंडल आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद धीरे-धीरे अगस्त ‘सामाजिक न्याय के माह’ के रूप में स्थापित होते गया है . इस माह पूरे देश में वर्ण-व्यवस्था के वंचितों द्वारा सामाजिक न्याय पर असंख्य संगोष्ठियां आयोजित होती हैं. यह...

इस देशभक्त के लिए आप क्या कहेंगे

सर से लेकर पांव तक बागौर देखा जाए, तो मैले कुचैले कपड़ों के भीतर बसाता गन्धाता जीर्ण होता शरीर जो नहाने पर गीला ही हो पाता होगा, भीगे हुए तो अरसे गुजर चुके होंगे. शायद कोई भिखारी है या घरवालों की ओर से तिरस्कृत ,सभ्य...

अटलजी को लेकर बहुजनों और सवर्णों में वैचारिक टकराव कितना जायज

अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त को निधन हो गया. कहा जा रहा है कि उनके साथ एक युग का अंत हो गया. इसकी वजह शायद यह है कि अटल जी आज के दौर के इकलौते व्यक्ति थे, जिनके साथ...

एससी/एसटी और ओबीसी छात्रों को नीतीश कुमार ने दिया बड़ा तोहफा

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अनुसूचित जाति ((एससी)/अनुसूचित जनजाति एसटी), दलितों और ओबीसी छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि एससी/एसटी, दलित और ओबीसी समुदाय के छात्र अगर बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षाएं (पीटी) पास करता है...

प्रधानमंत्री जी बलात्कार राक्षसों की नहीं आपके देवताओं की प्रवृति रही है!

प्रधानमंत्री ने लाल किले से कहा कि बलात्कार राक्षसी प्रवृति है, जबकि डॉ.आंबेडकर ने अपनी किताब हिंदू धर्म की पहेलियों में हिंदू धर्मशास्त्रों और पुराणों के हवाले से बताया है कि ब्रह्मा, विष्णु और तीनों ने मिलकर सती अनसूया के साथ सामूहिक बलात्कार किया...

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में डॉ. आंबेडकर की क्या राय थी

आजादी से 1 वर्ष पहले 1946 में डॉ. आंबेडकर ने लिखा कि “ हिंदुओं और मुसलामनों की लालसा स्वाधीनता की आकांक्षा नहीं हैं. यह सत्ता संघर्ष है,जिसे स्वतंत्रता बताया जा रहा है.. कांग्रेस मध्यवर्गीय हिंदुओं की संस्था है, जिसकों हिदू पूंजीपतियों की समर्थन प्राप्त...

‘ लोकतंत्र का भविष्य समन्वय में है संघर्ष में नहीं ’

लोकतंत्र में प्रयुक्त ‘लोक‘ शब्द अपने अपार विस्तार में समस्त संकीर्णताओं से मुक्त है . ‘लोक’ जाति-धर्म-भाषा-क्षेत्र-वर्ग आदि समूह की संयुक्त समावेशी इकाई है, जिसमें सहअस्तित्व का उदार भाव सक्रिय रहकर ‘लोक‘ को आधार देता है. ‘लोक‘ में सबके प्रति सबकी सहानुभूति का होना...

भीमकवी वामनदादा कर्डक

भारत में शुरुआत से ही सिंधु संस्कृती समतावादी, मानवतादी रही है. बाद में चार हजार साल पूर्व में आर्यों ने भारत पर आक्रमण कर के वर्णभेद, जातीभेद निर्माण किया. उसके खिलाफ में तथागत बुध्द, गुरू कबीर, गुरू नानक, गुरू नामदेव, गुरू तुकाराम, गुरू गाडगेबाबा इन्होने...

रानी लक्ष्मीबाई की जान बचाने वाली योद्धाः झलकारी बाई

1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम और बाद के स्वतन्त्रता आन्दोलनों में देश के अनेक वीरों और वीरांगनाओं ने अपनी कुर्बानी दी. इतिहासकारों ने उन्हें अनदेखा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इतनी अधिक लोक मान्यता मिली कि उनकी शहादत बहुत दिनों तक गुमनाम नहीं...

स्‍वतंत्रता दिवस पर अंधविश्‍वास की परछाई

यह प्रश्न अटपटा हो सकता है. लेकिन क्या आपको मालूम है कि 14 अगस्त को पाकिस्तान में आजादी का दिवस मनाया जाता है. इसके पीछे इतिहास में कुछ कहानियां छिपी हुई है. 1929 में तत्कालीन कांग्रेस के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरु ने ब्रिटिश शासन...

केरल में बाढ़ से 50 के करीब मौत, हजारों बेघर

केरल में बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है. पिछले 40 साल में यहां सबसे भीषण बाढ़ देखी गई है. 8 जिले बाढ़ की चपेट में है. सेना, नेवी से लेकर एनडीआरएफ राहत कार्य में लगे हुए हैं. बाढ़ के कारण मरने वालों...

अब मीडिया सरकार की नहीं बल्कि सरकार मीडिया की निगरानी करती है: पुण्य प्रसून बाजपेयी

दिल्ली में सीबीआई हेडक्वार्टर के ठीक बगल में है सूचना भवन. सूचना भवन की 10वीं मंज़िल ही देश भर के न्यूज़ चैनलों पर सरकारी निगरानी का ग्राउंड ज़ीरो है. हर दिन 24 घंटे तमाम न्यूज़ चैनलों पर निगरानी रखने के लिए 200 लोगों की...

दलितों को मन्दिरों में पुजारी बनाने के निहितार्थ

हिन्दूवादी शक्तियों को हिन्दू धर्म से निरंतर अलग होते जा रहे दलित जातियों के लोगों के हितों की चिंता आज भी नहीं है, चिंता है तो बस इतनी कि हिन्दू धर्म से विघटित हुए लोगों को वापिस हिन्दू धर्म में कैसे मिलाया जाय. इस...

सत्य प्रताड़ित हुआ पर पराजित नहीं!

10 मार्च 2007 वह मनहूस दिन था ,जब मेरे दो पत्रकार साथियों ( अब्दुल हमीद बागवान और योगेंद्र सिंह पंवार ) को भीलवाड़ा पुलिस द्वारा कईं गंभीर धाराओं में दर्ज कराए गए एक मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया. मुझे सुबह सुबह तत्कालीन जिला कलेक्टर...

अण्णाभाऊ साठेः महाराष्ट्र की धरती का तड़पता सूरज

काले सावले वर्ण का, दुबला-पतला, लगभग 5 फीट ऊंचे अण्णाभाऊ साठे के शब्दों और आवाज में वो करश्मिाई जादू था, जिसे सुनने के बाद आम लोगों के रगों में लहर दौड़ पड़ती थी. अण्णा भाऊ महाराष्ट्र की सर जमी पर 1 अगस्त 1920 में...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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