न्यूयार्क में आतंकी हमले में 8 लोगों की मौत और 11 घायल

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Newyork

मैनहट्टन। अमेरिका के मैनहेट्टन में एक आतंकी ने सड़क पर चल रहे लोगों को तेज रफ्तार ट्रक से रौंद दिया है जिसमें अब तक 8 लोगों के मारे जाने की खबर है. वहीं इस हमले में 11 अन्य घायल हो गए. मरने वालों में 5 लोग अर्जेंटीना के हैं. घटना लोअर मैनहट्टन इलाके के चैम्बर्स के क्षेत्र और वेस्ट स्ट्रीट के अप मार्केट ट्रिबेका में हुई है. हमले के बाद पुलिस ने आतंकी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी पहचान 29 वर्षीय सेफुलो साइपोव के रूप में हुई है. गिरफ्तार आतंकी फिलिस्तीन मूल का बताया जा रहा है और अमेरिकी में पिछले कई सालों से रह रहा था.

न्यूयॉर्क सिटी पुलिस डिपार्टमेंट ने टि्वटर पर सूचना दी है कि फिलहाल सभी सूचनाएं प्रारंभिक हैं. इनकी पुष्टि की कोशिश की जा रही है. लोगों के अनुसार एक ट्रक चालक ने बाइक लेन में तेज रफ्तार में ट्रक चलाया और उसके बाद फायरिंग भी की.

हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर इसकी निंदा की है. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि मीडिल ईस्ट में हराने के बाद आईएस को वापिस नहीं आने देंगे और ना ही अमेरिका में घुसने देंगे.

पीएम मोदी ने भी इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों के साथ मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं हैं.

उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण स्थल के पास 200 की मौत

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kim jong

टोक्यो। नॉर्थ कोरिया के पुंगरी न्यूक्लियर टेस्ट साइट पर एक सुरंग के ढहने से 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जापान के आशाई टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक यह हादसा पिछले माह उस समय हुआ जब एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया जा रहा था. सुरंग उस सम ढह गई जब नॉर्थ कोरिया के उत्तर पूर्वी हिस्से में स्थित पुंगरी में इसका निर्माण कार्य चल रहा था. चैनल ने अपनी रिपोर्ट में नॉर्थ कोरिया के सूत्रों का हवाला दिया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 100 मजदूरों की मौत शुरुआत में हुए एक एक्सीडेंट में हो गई थी. इसके बाद जब बचाव कार्य चल रहा था तो उस समय सुरंग का एक हिस्सा ढह गया और इसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. तीन सितंबर को नॉर्थ कोरिया के छठवें परमाणु परीक्षण के दौरान इस जगह को खासा नुकसान पहुंचा था.

नॉर्थ कोरिया ने तीन सितंबर को जिस हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया था, वह अमेरिका के सन 1945 में हीरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से भी सात गुना ज्यादा ताकतवर था. आशाई टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक माना जा रहा है कि तीन सितंबर को हुए परीक्षण के बाद यहां की जमीन ढीली हो गई थी.

बाबासाहेब के विचारों पर व्याख्यान देने कनाडा जाएंगे प्रो. विवेक कुमार

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Pro. Vivek Kumar

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के प्राध्यापक और दलित विचारक प्रो. विवेक कुमार “डिकोडिंग बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकरः आईडियाज और प्रैक्सिस” पर व्याख्यान देने कनाडा जाएंगे. प्रो. विवेक  2 नवंबर को यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलम्बिया और 4 नवंबर को साइमन फ़्रेज़र यूनिवर्सिटी में पहले “एनुअल बी.आर. अम्बेडकर मेमोरियल लेक्चर” में व्याख्यान देंगे.

इस कार्यक्रम को चेतना एसोसिएशन ऑफ कनाडा, डॉ. हरि शर्मा फाउंडेशन, सेंटर फॉर इंडिया और साउथ एशिया रिसर्च, डिपार्टमेंट ऑफ एशियन स्टडीज, रोबर्ट एच.एन. हो फेमली फाउंडेशन प्रोग्राम इन बुद्धिज्म और कंटेपरेरी सोसाइटी के समर्थन से यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलम्बिया में किया जा रहा है. और साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी में इंस्टिट्यूट फोर द ह्युमेनिटीज समर्थन दे रहा है.

प्रो. विवेक कुमार प्रख्यात समाजशास्त्री हैं. भारत और विदेशों में एक चिंतक, बुद्धिजीवी और ओजस्वी वक्ता के रूप में उनकी ख्याति है. प्रो. विवेक कुमार ने 2001 में साउथ अफ्रीका में संपन्न संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवधिकार आयोग द्वारा आयोजित नस्लवाद के खिलाफ विश्व सम्मेलन में हिस्सा लिया.

‘दलित लीडरशिप इन इंडिया’ विषय पर प्रो. विवेक का अखिल भारतीय स्तर का पहला अध्ययन है. दलित एशर्सन एंड बहुजन समाज पार्टी इन उत्तर प्रदेश, इंडियाज रांगिंग रिवोल्यूशन, दलित एशर्सन एंड न्यू होहाजन्स जैसी अन्य पुस्तकें प्रो. विवेक कुमार ने लिखी है.

प्रो. विवेक कुमार ने दलित समाज से जुड़े मुद्दों पर करीब दो दर्जन से अधिक शोध पत्र तथा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में सैंकड़ों लेख भी लिखे हैं. प्रो. विवेक कुमार 2015 में विश्व धर्म संसद में दलित समाज के एक प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हो चुके हैं. प्रो. विवेक विश्व प्रसिद्ध कोलंबिया विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में बतौर विजटिंग प्रोफेसर के रूप में जा चुके हैं.

अंगुरी भाभी के सीक्रेट का हुआ खुलासा

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नई दिल्ली। टीवी की दुनिया में ‘अंगुरी भाभी’ के नाम से फेमस एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे इन दिनों ‘बिग बॉस 11’ में दिखाई दे रही हैं. इस शो में उनके साथ विकास गुप्ता भी नजर आ रहे हैं और शो की शुरुआत से ही दोनों के बीच की अन-बन लोगों को साफ नजर आ रही है. हाल ही में बिग बॉस के वीकेंड के वार में शो में दिखाया गया था कि किस तरह शिल्पा घर में विकास को परेशान करते हुए कहती हैं कि वह घरवालों को पार्थ समनथा के बारे में बता देंगी.

इसके बाद विकास गुप्ता शिल्पा को कहते हैं कि अगर वह पर्सनल बातें करेंगी तो वह उनका राज खोल देंगे. अब अगर आप यह सोच रहे हैं कि विकास किस राज को खोलने की बात कर रहे थे तो बता दें वह शिल्पा शिंदे की शादी से जुड़े राज को खोलने की बात कर रहे थे. हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के अनुसार शिल्पा और उनके एक्स बॉयफ्रेंड रोनित राज 2009 में शादी करने वाले थे लेकिन किन्ही कारणों से दोनों की शादी टूट गई थी.

शिल्पा ने अपने इस ब्रेकअप की जानकारी एक बार इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में दी थी. उन्होंने कहा था, ‘मेरी शादी की तैयारियां हो गईं थी, शादी की ड्रेस भी तैयार थी. यहां तक कि मैंने अपनी शादी के लिए गेहने भी ले लिए थे और कार्ड्स भी छप चुके थे, लेकिन शादी से एक महीने पहले मेरी शादी टूट गई. हालांकि, मुझे लगता है कि यह सही फैसला था और अब मैं खुश हूं क्योंकि मुझे एडजस्ट होने की जरूरत नहीं और मैं मेरे फैसले खुद ले सकती हूं’

दुल्हन ने दूध में मिलाया जहर, ससुराल के 13 लोगों की मौत

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जबरन शादी कराने का बदला लेने के लिए दुल्हन ने दूध में जहर मिलाकर पति की हत्या की साजिश रची. लेकिन परिणाम में परिवार के 13 लोगों की मौत हो गई. 14 लोग अब भी अस्पताल में हैं.

घटना मुजफ्फरगढ़ के दौलत पुर की है. पुलिस के अनुसार आसिया के परिजनों ने उसकी मर्जी के खिलाफ अमजद से निकाह कराया था. शादी के कुछ दिनों बाद ही वह वापस अपने मां-बाप के पास आ गई, लेकिन उन्होंने जबरन उसे पति के घर भेज दिया. इससे नाराज आसिया ने दूध में जहर मिलाकर पति की हत्या की साजिश रची.

समाचार पत्र नेशन के अनुसार घटना छह दिन पुरानी है. आसिया ने पति को जहर वाला दूध पिलाना चाहा, लेकिन किसी कारण उसने इन्कार कर दिया. बाद में आसिया की सास ने उसी दूध से दही जमाकर लस्सी बना ली. उस लस्सी को करीब 28 लोगों ने पिया, जिसमें से 13 लोगों की जान चली गई. अस्पताल में अब भी 14 लोगों जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वह उसके कथित प्रेमी की भी तलाश में है. इस हत्याकांड में उसका हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है.

हीना सिद्धू ने राष्‍ट्रमंडल चैंपियनशिप में जीता स्‍वर्ण पदक

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ब्रिसबेन। देश की शीर्ष निशानेबाज हीना सिद्धू ने राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप के 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई. सिद्धू ने 626.2 का स्कोर किया. यह उनका लगातार दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक है.

भारत के दीपक कुमार ने 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता. लंदन ओलिंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता गगन नारंग इसमें चौथे और रविकुमार पांचवें स्थान पर रहे. नारंग ने क्वालीफिकेशन में 626.2 स्कोर करके राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड स्‍थापित किया था. हीना ने पिछले सप्‍ताह ही आईएसएसएफ वर्ल्‍डकप में जीतू राय के साथ स्‍वर्ण जीता था.

इस जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में यह ‘सुनहरी’ सफलता हासिल की. आईएसएसएफ वर्ल्‍डकप में पहली बार आधिकारिक तौर पर मिश्रित टीम स्पर्धा को शामिल किया गया है. इस साल वर्ल्‍डकप में प्रायोगिक आधार पर मिश्रित टीम स्‍पर्धा को शामिल किया गया है. टोक्‍यो ओलिंपिक 2020 में पहली बार मिश्रित टीम स्पर्धा को जोड़ा जाएगा.

मनुवादियों से पीड़ित दलित परिवार आमरण अनशन पर बैठे

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Dalit farmer protest

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के ढाका क्षेत्र स्थित चैनपुर गांव का एक भूमिहीन दलित किसान अपने परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठा है. दलित परिवार यह भूख हड़ताल पूर्वी चंपारण के ढाका अनुमंडल कार्यालय के सामने कर रहा है. पीड़ित परिवार के कहना है कि गांव के कुछ मनुवादियों ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है.

दरअसल, वर्ष 1980-81 में सरकार द्वारा एक योजना के तहत भूमिहीन दलित परिवार को दो डिसमिल के हिसाब से जमीन का वितरण किया गया था. जिसमें चैनपुर गांव के शिवदयाल राम को भी जमीन दी गई. जहां वह घर बनाकर परिवार के साथ रह रहा था. लेकिन मनुवादियों की नजर इनकी जमीन पर पड़ गई. और उसे जमीन से बेदखल कर दिया गया.

बीते 12 अक्टूबर को मनुवादियों ने उसके घर में तोड़फोड़ और परिवार के सदस्यों के साथ भी मारपीट की. वहीं, घटना को लेकर शिवदयाल थाने गए तो पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की. यहां तक कि शिवदयाल राम की गुहार एसडीओ से लेकर अन्य सीनियर पदाधिकारियों ने भी नहीं सुनी.

अंत में हार मानकर शिवदयाल राम अपने परिवार के साथ अनुमंडल कार्यालय के सामने अनशन पर बैठ गए. उनके समर्थन में कई भूमिहीन दलित परिवार के भी अनशन पर बैठ गए हैं. हालांकि इस अनशन की खबर होने के बावजूद भी कोई भी प्रशासनिक पदाधिकारी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा.

योगी सरकार को अच्छी नहीं लगती यूपी की हरियाली

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Yogi

लखनऊ। एक तरफ जहां दुनिया भर में पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की मुहिम चल रही है तो दूसरी तरफ यूपी की योगी सरकार के फरमान से ऐसा लगता है कि इन्हें पर्यावरण की सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं है. दरअसल, योगी सरकार ने वन और पर्यावरण नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सिर्फ चार पेड़ों को प्रतिबंधित सूची में रखा है जिसमें आम, नीम, साल और महुए के पेड़ शामिल हैं.

यानि सरकार ने अब चार तरह के पेड़ों को छोड़ बाकी पेड़ों की कटान पर लगी रोक हटा दिया है. जिसके बाद किसान अब चार चुनिंदा पेड़ों को छोड़कर अपनी मर्जी से बांकि पेड़ को काट सकेंगे. योगी सरकार के इस कदम से न सिर्फ पर्यावरणविद हैरान हैं. बल्कि वृक्षारोपण को बढ़ावा देने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं में भी खासी नाराजगी देखी जा रही है.

आपको बता दें कि पिछले साल प्रदेश की 6 हजार एक सौ 66 जगहों पर करीब 81 हजार हेक्टेयर में 5 करोड़ पौधे लगाए गए थे. प्रदेश सरकार की इस कवायद को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्र्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था और इसकी सराहना भी हुई थी. पर्यावरण को बचाने की मुहिम के बीच योगी सरकार के इस फैसले ने प्रदेश के लोगों को सकते में डाल दिया है. कहीं ऐसा न हो कि पिछली सरकार की योजनाओं की सेहत बिगाड़ने के चक्कर में योगी आदित्यनाथ प्रदेश की सेहत ही बिगाड़कर रख दें.

हाथियों की लीद से अनाज निकालकर खाते हैं आदिवासी

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Adivasi

कुंजियाम। जब देश में लोगों को पेट भर खाना भी नसीब न हो, तो काहे का देश में विकास और किस तरह का अच्छे दिनों का सपना. इस तरह की बातों में बेईमानी ही बेईमानी दिखती है. ओडिशा के कुंजियाम के लोगों के गमों पर गौर फरमाएंगे तो आप अपना सारा गम भूल जाएंगे.

दरअसल, यहां के लोगों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है. पेट की आग को बुझाने के लिए लोग हाथियों की लीद से अनाज निकालकर खाते हैं. सोच कर ही रुह कंपा देनी वाली इस हकीकत से एक दो नहीं बल्कि 100 से ज्यादा परिवार ऐसे हैं जो अपनी भूख को इसी तरह मिटाते हैं.

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में यहां के लोगों का कहना है कि खाने के लिए इस तरह का जुगाड़ करते हुए इन लोगों को एक दशक से ज्यादा हो गए. हर साल हाथियों के झुंड आते हैं. खेतों को तबाह कर चले जाते हैं. खेतों में लगी खड़ी फसल को खा जाते हैं. लोगों का ये भी कहना है कि सरकार और प्रशासन से इस बात की शिकायत भी की जाती है लेकिन कुछ हल नहीं निकलता है.

वैसे सरकार ने अपनी तरफ से इनका पेट भरने के लिए एक रुपए में एक किलो अनाज देने की योजना चला रखी है. लेकिन सरकार की इस योजना में एक शख्स को ज्यादा से ज्यादा 5 किलो ही अनाज देने का नियम है. ऐसे में एक महीने में 5 किलों अनाज से लोगों का कैसे गुजर बसर होगा. जहां तक सरकार की तरफ से नष्ट हुए फसलों पर मुआवजा देने का सवाल है तो यहां के लोगों का कहना है कि मुआवजा कभी आधा मिलता है और कभी-कभी तो मिलता भी नहीं है. अब सवाल ये है कि सरकार की उन योजनाओं का क्या फायदा जिससे लोगों का पेट ही न भर सके.

दलित विधायकों से कन्नी काट रहे हैं नीतीश कुमार

Shyam Rajak

पटना। बिहार के सुशासन बाबू यानि सीएम नीतीश कुमार ने जब से आरजेडी का दामन छोड़ भाजपा का दमन पकड़ा है. तब से जेडीयू में कुछ भी ठीक ठाक नहीं चल रहा है. खासकर दलित नेता खुलकर पार्टी के खिलाफ हल्ला बोलते दिखाई दे रहे हैं. सोमवार को पार्टी के विधायक श्याम रजक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने इशारों ही इशारों में भाजपा की खबर ली है. इन लोगों का कहना है कि वंचित समाज को मुख्य धारा में लाने का बाबासाहेब अम्बेडकर का जो सपना था, वो देश की आजादी के सात दशक बाद भी पूरा नहीं हो सका है. आलम ये है कि वंचित समाज आज भी कूड़े के ढेर से अनाज चुनकर पेट की भूख मिटा रहा है. श्याम रजक का कहना है कि शासन में जो लोग हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाएं. लेकिन ये अब हमारे अधिकार को छीन रहे हैं. दूसरी तरफ पार्टी के आलाकमान ने दलित नेताओं के इस बयान पर चुप्पी साध ली है. भले ही सुशासन बाबू जेडीयू के अंदर सब कुछ ठीक होने का लाख दावा करे. लेकिन नेताओं के बयान से इतना तो तय है कि पार्टी में अब सब कुछ नीतीश के मनमाफिक नहीं चल रहा है. अब देखना ये है कि पार्टी में अंदरूनी खींचतान के बीच सुशासन बाबू अपने कुनबे को कैसे संभाल कर रख पाते हैं क्योंकि नीतीश के कुनबे पर शरद की भी नजरें टिकी हुई हैं जो लगातार जेडीयू के तीर को अपने तरकश में लाने की कोशिश में जुटे हैं.

जूनियर असिस्टेंट पदों पर निकली भर्ती, 12वीं पास भी करें अप्लाई

Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission (UKSSSC) ने junior Assistant/Computer Operator के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस पद के लिए इच्छुक और योग्य  16 नवंबर, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन से जुड़ी जानकारियां नीचे दी गई हैं.

संस्थान का नाम

Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission (UKSSSC)

12वीं पास के लिए इंडियन आर्मी में Soldier Technical के पद पर निकली वैकेंसी, ऐसे करें एप्लाई

पद का नाम

Junior Assistant/Computer Operator

पदों की संख्या

नोटिफिकेशन के अनुसार कुल पदों की संख्या 96 है.

योग्यता

उम्मीदवार ने उत्तराखंड या उत्तर प्रदेश से इंटरमीडिएट परीक्षा पास की हो या उसे समकक्ष कोई परीक्षा पास की होनी चाहिए. कम्प्यूंटर की अच्छी नॉलेज हो. डेटा एंट्री ऑपरेटर के लिए अच्छी हिंदी टाइपिंग स्पीड होनी चाहिए.

चयन प्रक्रिया

इस पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा.

UPPSC Recruitment: 799 पदों के लिए निकली भर्ती, जल्द करें एप्लाई

मासिक आय

25,000 से 81,100 रुपये .

अंतिम तिथि

16 नवंबर, 2017

कैसे करें आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार UKSSSC की आधिकारिक वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

बिहार महादलित विकास मिशन में हुआ ट्रेनिंग घोटाला

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डेमो पिक

पटना। बिहार महादलित विकास मिशन में हुए ट्रेनिंग घोटाला मामले में तीन आईएएस अधिकारी सहित दस लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिसके बाद से मुख्य आरोपी आईएएस एसएम राजू अपने विभाग और आवास से गायब हो गये हैं. सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस एसएम राजू को उपस्थित होकर नोटिस लेने और जवाब देने का निर्देश दिया है. साथ ही विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह उपस्थित नहीं होते हैं, तो विभाग एकतरफा कार्रवाई करेगा.

गौरतलब है कि एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में आईएएस एसएम राजू को निलंबित कर दिया गया है. उसके बाद से न तो वह कार्यालय आ रहे हैं और न ही सरकारी आवास पर हैं. बिहार दलित विकास मिशन में ट्रेनिंग घोटाले की शिकायत वर्ष 2016 में निगरानी ब्यूरो को मिली थी. इसमें अब तक चार करोड़ 25 लाख रुपये से ज्यादा की गड़बड़ी सामने आ चुकी है. आशंका जतायी गयी है कि यह राशि और भी ज्यादा हो सकती है.

जांच में दोषी पाये जाने के बाद एसएम राजू सहित दो आईएएस और अन्य सात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. एसएम राजू एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले में भी मुख्य अभियुक्त हैं. अन्य दो आईएएस अधिकारी तत्कालीन सचिव रवि मनुभाई परमार और मिशन के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक निदेशक केपी रमैय्या शामिल हैं. केपी रमैय्या ने आईएएस के पद से वीआरएस ले लिया है. वर्तमान में वह बिहार भूमि न्याय अधिकरण में सदस्य (प्रशासनिक) के पद पर हैं. इन तीन आईएएस के अलावा एक प्रोन्नत आईएएस रामाशीष पासवान तथा मिशन के अन्य अधिकारियों और निजी एजेंसी शामिल हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, फरेबी, धांधली, घपले से जुड़ी सभी धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण निरोध अधिनियम की दो अहम धाराओं 120बी, 13(2)डी और 13(1)डी के तहत मामले दर्ज किये गये हैं.

आरोपितों में कौन-कौन है शामिल एसएम राजू : बीडीडीएम के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह तत्कालीन सचिव एससी-एसटी विभाग रवि मनु भाई परमार : बीडीडीएम के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पी रमैय्या : बीडीडीएम के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रामाशीष पासवान : बीडीडीएम के तत्कालीन मिशन निदेशक प्रभात कुमार : बीडीडीएम के तत्कालीन मिशन निदेशक देवजानी कर- बीडीडीएम के राज्य परियोजना निदेशक उमेश मांझी : बीडीडीएम के राज्य परियोजना प्रबंधक शरद कुमार झा : निदेशक, कोलकाता स्थित ट्रेनिंग एजेंसी आईआईआईएम लिमिटेड. सौरभ वसु : नयी दिल्ली स्थित एसआरएनएच कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशन) जयदीप कर : जगत अमरावती अपार्टमेंट, बेली रोड (हड़ताली मोड़ के नजदीक). इसने मुख्य रूप से सेटिंग और दलाली का काम किया है. इसमें अन्य अज्ञात लोगों को भी अिभयुक्त बनाया गया है.

कैसे हुआ ट्रेनिंग घोटाला बिहार राज्य महादलित विकास मिशन दलित समुदाय के छात्रों को 16 से ज्यादा ट्रेडों में कौशल विकास के तहत मुफ्त ट्रेनिंग देता है. ट्रेनिंग का पूरा खर्च राज्य सरकार देती है. इसके लिए निजी एजेंसियों का चयन किया जाता है. इन ट्रेनिंग कार्यक्रमों को संचालित कराने के लिए मिशन निजी एजेंसियों को कई स्तर पर निर्धारित मानकों पर इनका चयन करता है.

इस पूरे मामले में हुई अब तक की जांच में तीन तरह से की गयी धांधली सामने आयी है. जिन ट्रेनिंग सेंटरों में दलित छात्रों का नामांकन एक जिले में किया गया है, उन्हीं छात्रों का नाम दूसरे, तीसरे और चौथे ट्रेनिंग में दर्ज करवा कर पैसे निकाल लिये गये. इस तरह एक छात्र के नाम पर कई बार रुपये निकाले लिये गये. इसके अलावा कई ऐसी एजेंसियों को ट्रेनिंग सेंटर दे दिया गया, जो सिर्फ कागज पर ही मौजूद हैं. इनका हकीकत में कोई अता-पता ही नहीं है.

कई ऐसी एजेंसियों को भुगतान कर दिया गया, जिनमें कभी कोई ट्रेनिंग हुई ही नहीं है. इस तरह से पूरे ट्रेनिंग कार्यक्रमों को कागजी तौर पर संचालित करके सवा चार करोड़ से ज्यादा सरकारी राशि का गबन किया गया है, जिसमें बड़े अधिकारी से लेकर सभी स्तर के सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत है. जांच में अभी कई लोगों के नाम सामने आने और घोटाले की राशि बढ़ने की आशंका जतायी गयी है.

प्रभात खबर से साभार

अब 30 नवंबर तक भर सकते हैं GST रिटर्न

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सरकार ने जुलाई के लिए जीएसटीआर-2 भरने का समय 1 महीने बढ़ाकर 30 नवंबर और जीएसटीआर-3 के लिए 11 दिसंबर कर दिया है. जीएसटीआर-2 या खरीद रिटर्न का मिलान जीएसटीआर-1 से किया जाना है जो बिक्री रिटर्न है. मूल रूप से जीएसटीआर-2 भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर थी. वहीं जीएसटी-3 फाइल करने की आखिरी तारीख 11 नवंबर थी. जीएसटीआर-1 और 2 के मिलान का फॉर्म जीएसटीआर-3 है.

जुलाई का जीएसटीआर-1 दर्ज करने की अंतिम तारीख एक अक्टूबर थी. 46.54 लाख से अधिक कंपनियों ने जीएसटीआर-1 रिटर्न दाखिल किया है. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि समय सीमा बढ़ाये जाने से 30.81 लाख करदाताओं को जुलाई, 2017 महीने की जीएसटीआर-2 जमा करने में सुविधा मिलेगी. सक्षम प्राधिकरण द्वारा व्यवसायियों और अन्य करदाताओं की सुविधा के लिए जुलाई, 2017 की जीएसटीआर-2 जमा करने की तिथि बढ़ाकर 30 नवम्बर, 2017 कर दी गई है.

कंपनियां जीएसटी नेटवर्क पोर्टल पर जीएसटीआर-2 भरने में बिलों के मिलान में समस्याओं की शिकायत कर रहीं हैं. जीएसटीआर-2 भरने का यह पहला महीना है. रिटर्न फाइल करने करने की अंतिम तिथि बढ़ाये जाने से कंपनियों को राहत मिलेगी. साथ ही जीएसटीएन अपने पोर्टल को और बेहतर बना सकता है. जुलाई महीने के लिए शनिवार तक करीब 12 लाख कंपनियों ने जीएसटीआर-2 रिटर्न भरे हैं.

ओला ऑटो में भी शुरू हुई ‘ऑटो-कनेक्ट वाई-फाई सर्विस’

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ओला

नई दिल्ली। कैब प्रोवाइडर कंपनी ओला ने ऑटो-कनेक्ट वाई-फाई सर्विस का विस्तार किया है. इस सर्विस को अब ओला ऑटोरिक्शा में इस्तेमाल किया जा सकेगा. इस सर्विस को पहली बार इस्तेमाल कर रहे यात्रियों को अपने फोन से रजिस्ट्रेशन करना होगा जिसके बाद वो इसका इस्तेमाल कर पाएंगे. वहीं, इससे पहले उबर ने एक नया फीचर पेश किया था. इसके जरिए यूजर्स अपने दोस्तों के साथ कैब शेयर कर सकते हैं.

ओला के वरिष्ठ निदेशक व कैटिगरी हेड सिद्धार्थ अग्रवाल ने अपने बयान में कहा, “ऑटो कनेक्ट वाई-फाई के जरिए हम थ्री वीलर वाहन को मॉर्डन अंदाज दे रहे हैं और अपने ग्राहकों को जुड़ाव का अनुभव पाने में सक्षम कर रहे हैं.” कुछ समय पहले कंपनी ने बताया था कि उसके ओला प्राइम यात्रियों ने एक महीने में 200 टीबी से ज्यादा डाटा का इस्तेमाल किया है. देखा जाए तो ओला ग्राहक औसत तौर पर 20 एमबी डाटा का इस्तेमाल करते हैं. आपको बता दें कि ओला ऑटो-रिक्शा सर्विस 73 शहरों में चल रही है.

इसके लिए आपको उबर एप में जाना होगा. यहां आपको मल्टीपल स्टॉप फीचर को + आइकन पर टैप करके एक्टिव करना होगा. इसके बाद आपको where to? सेक्शन में अपनी यात्रा का लास्ट स्टॉप बताना होगा. अब यात्रा के दौरान आप किन-किन जगहों पर रुकना चाहते हैं इसकी जानकारी फीड करनी होगी. इससे आप अपने दोस्तों या परिवार वालों के साथ एक ही कैब शेयर कर पाएंगे. वहीं, उबर कैब चालक को उनकी ड्राइवर एप के जरिए रियल टाइम अपडेट मिलता रहेगा. सबसे अहम बात की यात्रा के दौरान जितने किलोमीटर सफर किया है उसके हिसाब से किराया यूजर को देना होगा.

इस मशहूर एक्ट्रेस का रेप करने के बाद दिया 6 करोड़ का ऑफर

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Metoo

नई दिल्ली। हॉलीवुड में मूवी मुगल के नाम से प्रसिद्ध हार्वे वेनस्‍टेन पर मशहूर अमि‍रिकी अभिनेत्री रोज मैकगोवान ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. मैकगोवान ने कहा कि वेनस्‍टेन ने होटल के एक कमरे में उनका बलात्‍कार किया और फिर मुं‍ह बंद करने के लिए 6.4 करोड़ रुपये ऑफर किए गए.

अभिनेत्री रोज ने कहा था कि हार्वे ने उनका रेप किया था और जब उन्‍होंने इसकी शिकायत की तो उनका शो ही बंद कर दिया गया. रोज की उम्र इस वक्‍त 44 साल है. रोज के मुताबिक घटना 1997 की है जो एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान हुई थी.

एक्ट्रेस ने कहा है कि हार्वे के एक सहयोगी ने इस ऑफर की पेशकश की थी. रोज ने कहा कि वह और भी अधिक रुपये की डील कर सकती थी. लेकिन उन्होंने हार्वे का पैसा लेने से इनकार कर दिया.

आपको बता दें कि हार्वे वेनस्‍टेन पर 24 से ज्‍यादा एक्‍ट्रेसस और मॉडल्‍स ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. इन बातों का खुलासा सबसे पहले एक अभिनेत्री ने किया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर #MeToo कैंपेन चलाया गया. इस कैंपेन में महिलाएं अपने साथ हुए शोषण की कहानी बयां कर रही हैं.