मनुवादियों को खटक रहा है दलित पुजारी

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Priest

नई दिल्ली। देश में सामाजिक विकास के दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन हकीकत के धरातल पर आज भी दलितों को मंदिरों में पूजा करने का हक नहीं मिला है. अगर ऐसे में जब कहीं पर पुजारी की बागडोर दलित ही संभाले तो मनुवादियों के पेट में दर्द उठना लाजमी है. कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिल रहा है यूपी के फतेहपुर में, जहां समाज के ठेकेदारों को दलित का पुजारी होना आंखों में खटक रहा है. ये लोग पुजारी को हटाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं.

दलित पुजारी की माने तो खुद को समाज का ठेकेदार बताने वाले लोग उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हैं. मंदिर न छोड़ने की सूरत में जान से मारने की धमकी भी देते हैं. दरअसल मंदिरों की जमीन से होने वाली आमदनी से धार्मिक कार्यक्रमों को सम्पन्न कराया जाता है और इसी आमदनी पर मनुवादियों की बुरी नजरें लगी हुई है.

अब मनुवादियों की धमकी से परेशान होकर पुजारी ने खुद को और मंदिर की जमीन को बचाने के लिए पुलिस से मदद की गुहार लगाई है. इधर पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अब देखना ये है कि दलित पुजारी की इस शिकायत पर कार्रवाई भी होती है या फिर हमेशा की तरह दलितों की आवाज को सिर्फ भरोसा ही नसीब होता है.

गरीबों के लिए नहीं, उद्योगपतियों के लिए है गुजरात मॉडलः राहुल गांधी

rahul Gandhi

भरूच। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भरूच की रैली में केंद्र और गुजरात सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने बिजली, पानी और किसानों की जमीन को लेकर गुजरात सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा है कि वोटिंग के दिन भाजपा को करंट लगेगा.

रैली में राहुल ने गुजरात मॉडल पर हमला किया. उन्होंने कहा कि गुजरात का मॉडल उद्योगपतियों के लिए है गरीबों के लिए नहीं. राहुल ने कहा कि गरीबों से जमीन, बिजली, पानी लो और उद्योगपतियों को दो यही मोदी जी का और विजय रुपाणी जी का गुजरात मॉडल है. इतना ही नहीं अस्पताल भी उद्योगपतियों के पास है. इलाज के लिए पैसे की जरूरत है. पैसा नहीं तो इलाज नहीं. यही गुजरात मॉडल है.’

राहुल ने कहा कि जेब में अगर पैसा नहीं है तो आपका कैंसर या दिल की बिमारी का इलाज नहीं होगा और पैसे खत्म होने के बाद आपको अस्पताल से निकालकर बाहर फेंक दिया जाएगा. यही गुजरात मॉडल है. उन्होंने कहा कि आज गुजरात का हर समाज तकलीफ और गुस्से में है. यहां पानी की बड़ी समस्या है. यही हाल बिजली और जमीन का भी है.

रैली में राहुल ने कांग्रेस में शामिल हुए अल्पेश ठाकोर के साथ साथ पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और जिग्नेश का भी नाम लिया. उन्होंने कहा कि गुजरात में यही युवा आंदोलन कर रहे हैं. गुजरात में आज पांच-दस लोग ही खुश हैं औऱ वो उद्योगपति हैं.’’ राहुल ने कहा कि उद्योगपतियों को किसानों की जमीन दे दी गई लेकिन आज सड़क पर कहीं भी नैनो कार दिखाई नहीं देती.

दलित अधिकारों की रक्षा के लिए अम्बेडकर रविदास महासंघ ने निकाली महारैली

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बिहार

छपरा। अपने अधिकारों की रक्षा और अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए बिहार के छपरा में बुधवार (1 नवंबर) को अम्बेडकर रविदास महासंघ के लोगों ने सड़कों पर हल्ला बोल दिया. आरक्षण बचाओ और संविधान बचाओ के नारों के साथ हजारों की संख्या में लोग शहर के स्मारक हॉल में इकट्ठा हुए. जिसमें काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थी.

इस मौके पर दलित समुदाय के लोगों का कहना था कि जहां एक तरफ देश के कोने-कोने में मनुवादियों द्वारा दलितों पर अत्याचार किया जा रहा है तो दूसरी तरफ संविधान की तरफ से दलितों को दी गई सुविधाओं में सरकार कटौती कर रही है.

इतना ही नहीं रैली में आए लोगों का कहना था कि तकनीकि शिक्षा में सरकार की तरफ से दी जाने वाली छात्रवृति में कटौती होने की वजह से उनके बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी है. आरक्षण में हो रही कटौती पर अम्बेडकर रविदास महासंघ के लोगों ने सरकार पर साजिश रचने का भी आरोप लगाया. इन लोगों का कहना था कि सरकार आरक्षण के नियमों में छेड़छाड़ कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की व्यवस्था कर रही है. जो साफ तौर पर उनके साथ अन्याय है.

इस रैली के जरिए अम्बेडकर रविदास महासंघ ने जिस तरह से अपने अधिकारों को लेकर बिगुल बजाया है. खासकर जिस तरह से छपरा के सड़कों पर लोगों का जनसैलाब देखा गया है. वो इतना बताने के लिए काफी है कि ज्यादा दिनों तक सरकार अपने कानों मे तेल डालकर नहीं सो सकती. सुशील कुमार की रिपोर्ट

NTPC प्लांट में बॉयलर फटने से लगी भीषण आग, 20 की मौत और सैंकड़ों झुलसे

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NTPC

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली के NTPC प्लांट में बड़ा हादसा हुआ है. इस हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. NTPC का यह प्लांट रायबरेली के ऊंचाहार में है. बताया जा रहा है कि बॉयलर फटने से यह हादसा हुआ. मौके पर जिले का पूरा सरकारी अमला पहुंच गया है. डीएम और एसपी खुद राहत और बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं.

न्यूज एजेंसी ANI ने स्थानीय डीएम के हवाले से कहा है कि घायलों की संख्या 100 तक पहुंच गई है. शुरुआती जांच के आधार पर बताया जा रहा है कि बॉयलर का स्टीम पाइप फटने से यह हादसा हुआ है. अब तक करीब 4 मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं. यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) आनंद कुमार ने 20 मजदूरों के मौत की पुष्टि की है. हालांकि बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या ज्यादा है.

यह हादसा बुधवार शाम करीबी साढ़े तीन बजे हुआ. हादसे के शिकार लोगों को NTPC के अस्पताल और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुछ लोगों को स्थानीय निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है.

इस हादसे पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. उन्होंने प्रमुख सचिव और गृह सचिव को पूरे मामले पर नजर रखने और घायलों को तत्काल राहत और बचाव कार्य को कराने का आदेश दिया है. प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को दो-दो लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है. इसके अलावा घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान किया है. मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपए दिए जाएंगे.

कई देशों के युवा नवंबर में नहीं काटेंगे दाढ़ी-मूंछ…

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Country

नई दिल्ली। आपकी बढ़ी हुई दाढ़ी और मूंछे आपको एक अनोखे अभियान का हिस्सा बना सकती है. वो अभियान है “No Shave November” यानि नवंबर महीने में आप अपनी दाढ़ी और मूंछ को बढ़ा कर रखिए. सोशल मीडिया पर चल रहे इस अभियान से जुड़ जाईए. दरअसल, बुधवार से सोशल मीडिया पर दाढ़ी और मूंछे बढ़ाने वाले पोस्ट और सेल्फी आम होने वाली है. ये कोई फैशन या ट्रेंड नहीं है बल्कि ये एक ग्लोबल कॉज यानि वैश्विक अभियान है जिसे दुनियाभर में चलाया जाता है.

इस अभियान का खास मकसद दुनियाभर के पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर, टेस्टिकुलर कैंसर और सुसाइड से जुड़ी जागरुकता फैलाना है. इस आभियान से जितने ज्यादा लोग जुड़ते हैं उतना ही फंड उन पुरुषों के इलाज और स्वास्थ्य योजनाओं के लिए भेजा जाता है. जो कम उम्र में ही प्रोस्टेट और टेस्टिकुलर कैंसर की बीमारी का शिकार होते हैं.

आपको बता दें कि इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में हुई थी. जहां पर कुछ युवकों ने मिलकर “MOVEMBER” नाम का अभियान चैरिटी के लिए शुरु किया था. शुरुआत में इस अभियान से केवल 80 लोग ही जुड़े थे. जिसके बाद ये अभियान पूरे ऑस्ट्रेलिया में फैल गया. उसके बाद अलग अलग देशों में कैंसर पर जागरुकता फैलाने के लिए इस अभियान को चलाया जा रहा है.

यूपीः निकाय चुनाव में किया सोशल मीडिया से प्रचार तो होगी जेल!

Social media

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने नई गाइड लाईन जारी की है. राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों के मद्देनजर एसएमएस, फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए चुनावी सन्देश, फोटो या वीडियो शेयर करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं.

इस गाइड लाईन के तहत कोई भी उम्मीदवार अपने प्रचार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. इसका मतलब साफ है कि चुनाव के दौरान फेसबुक और व्हाट्सएप पर उम्मीदवारों की तरफ से किसी भी तरह का प्रचार प्रसार नहीं होगा और कोई ऐसा करता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है. इतना ही नहीं प्रत्याशी के साथ साथ व्हाट्सएप के ग्रुप एडमिन को भी जेल जाना पड़ सकता है.

चुनाव आयोग ने इसके लिए बकायदा सूबे के हर जिले के एसपी को निर्देश दिए हैं कि वो फेसबुक या व्हाट्सएप ग्रुप में चुनाव से जुड़े हुए किसी भी तरह के वाद-विवाद, चर्चा, बहस की मॉनिटरिंग करे. साथ ही उन्होंने कहा है कि वे आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं.

आपको बता दें कि प्रदेश में निकाय चुनावों की घोषणा के साथ ही अधिसूचना जारी की गई है. जिसके तहत सूबे के 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 439 नगर पंचायतों में चुनाव तीन चरणों में संपन्न होंगे जबकि वोटों की गिनती 1 दिसंबर को होगी.

भाजपा सरकार के खिलाफ एक जुट हुए विपक्षी दल और सामाजिक संगठन

Jharkhand

रांची। आदिवासी सेना और बिरसा सेवा दल के तत्वाधान में बीते मंगलवार (31 अक्टूबर) को रांची के मोरहाबादी मैदान में भाजपा हटाओ, झारखंड बचाओ महारैली आयोजित की गई. झारखंड विकास मोर्चा के महासचिव बंधु तिर्की की पहल पर आयोजित की गई इस रैली में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और वाम दल सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने शिरकत की.

इस महारैली में राजनीतिक दलों के अलावा कई सामाजिक संगठन भी शामिल हुए. 2019 में होनेवाले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया और पांच प्रस्ताव रखे. इस प्रस्ताव में सरना कोड लागू करने, रघुवर सरकार को उखाड़ने, आरक्षण में छेड़छाड़ का विरोध करने, गोरक्षा के नाम पर हो रहे अन्याय को समाप्त करने और भूमि अधिग्रहण बिल 2013 में किये गये संशोधन के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला किया गया.

रैली में वक्ताओं ने रघुवर सरकार को गरीब, आदिवासी और झारखंडी विरोधी बताया. उद्योगों के नाम पर आदिवासियों की जमीन और स्थानीयता के नाम पर झारखंडियों की नौकरी छीनने का साजिशकर्ता करार दिया. झारखंड विकास मोर्चा प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार झारखंड के लोगों के हालात को नजरअंदाज कर रही है. भूल रही है कि धरती की हर बड़ी लड़ाई जमीन को लेकर ही लड़ी गयी है.

उन्होंने आगे कहा कि बिरसा मुंडा जैसे आदिवासियों के पूर्वजों ने भी इसी वजह से ऐसी लड़ाई कि अंग्रेजों को भी झारखंडियों की जमीन बचाने के लिए सीएनटी, एसपीटी एक्ट बनाना पड़ा. फिर भी आजादी के बाद झारखंड के लोगों की हजारों एकड़ जमीन विकास के नाम पर छीन ली गयी. आज भी उन विस्थापितों को न्याय नहीं मिला है. 2014 के बाद से बनी सरकार ने केवल लोगों को जमीन से उजाड़ने का काम किया. लोगों की सुनने के लिए सरकार तैयार नहीं है.

झारखंड में सर्व शिक्षा अभियान में 5.5 करोड़ का घोटाला

चतरा। झारखंड में सर्व शिक्षा अभियान में साढ़े पांच करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है. 181 स्कूलों में 270 कमरों के निर्माण के लिए यह राशि आवंटित की गई थी, लेकिन इसकी बंदरबांट कर ली गई. कुछ गांवों में निर्माण का काम हुआ भी तो आधा-अधूरा. कहीं प्लींथ तक तो कहीं लिंटर तक काम हुआ.

सूत्रों की मानें तो अधिकांश विद्यालय प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष व सचिवों ने ही राशि की निकासी कर बंदरबाट कर ली. 100 से अधिक ऐसे सचिव हैं, जो सेवानिवृत हो चुके हैं. वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भी बदल चुके हैं. अधूरे निर्माण और गड़बड़ी के नतीजे को भांपते हुए अधिकांश कनीय अभियंता और सहायक अभियंताओं ने या तो अपना तबादला करवा लिया या फिर खुद ही उनका तबादला हो गया.

अब जब मामला सामने आया तो शिक्षा समितियों को दी गई राशि में करीब 5.50 करोड़ रुपये का हिसाब ही नहीं मिल रहा है. खास यह कि अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी देते हुए विद्यालयों की प्रबंध समितियों को बतौर अग्रिम पांच करोड़ 48 लाख 19 हजार 498 रुपये दिए गए थे, मगर एक भी कमरे तैयार नहीं  हो पाया.

इस अग्रिम का ही कोई हिसाब नहीं मिल रहा. झारखंड शिक्षा परियोजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अग्रिम के समायोजन को लेकर विद्यालय प्रबंधन समितियों को लगातार पत्र लिख रहे हैं, मगर उसका जवाब नहीं मिल रहा. अग्रिम के समायोजन को लेकर उपायुक्त संदीप सिंह ने सितंबर में ही सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट मुहैया नहीं कराया जा रहा है.

जन्मदिन विशेष: ऐश्वर्या राय के जन्मदिन पर जानें उनसे जुड़ी बातें

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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय आज अपना 44वां जन्मदिन मना रही हैं. नीली आंखों वाली यह एक्ट्रेस अपने सिर पर दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला का ताज पहन चुकी है. ऐश्वर्या राय पढ़ाई में काफी अच्छी थीं, उनका जन्म 1 नवंबर को कर्नाटक के मेंगलोर में हुआ था. आज 44 की हुई ऐश्वर्या राय की खूबसूरती में कोई कमी नहीं आई है, वह आज भी उतनी सुंदर और प्यारी लगती हैं. ऐश्वर्या को स्कूल टाइम से ही मॉडलिंग के ऑफर मिलने शुरू हो गए थे और उन्होंने अपनी सबसे पहली एड फिल्म 9वीं क्लास में की थी. वह एक पेंसिल की एड थी. 1 नवंबर 1973 को जन्मी ऐश्वर्या ने 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया था. इस कॉम्पिटिशन में अलग-अलग देश की 87 मॉडल्स ने हिस्सा लिया था, जिनमें ऐश्वर्या ने सबको पीछे छोड़ते हुए मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया था.

इसके बाद ऐश्वर्या ने 1997 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने पहले तमिल की फिल्म इरूअर में काम किया था. इसी साल उन्होंने बॉबी देओल के साथ फिल्म और प्यार हो गया से बॉलीवुड में भी डेब्यू किया था. ऐश्वर्या ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाईं. कॉन फिल्म फेस्टिवल की ज्यूरी में शामिल होने वाली ऐश्वर्या राय पहली बॉलीवुड एक्ट्रेस हैं. ऐश्वर्या ने 2007 में अभिषेक बच्चन से शादी की थी, लेकिन इससे पहले उनका नाम बॉलीवुड एक्टर सलमान खान और एक्टर विवेक ओबरॉय के साथ जुड़ा था. बहुत कम लोगों को ही पता है कि ऐश्वर्या ने क्लासिकल डांस सीखा है और इसका फायदा उन्हें उनके करियर में भी हुआ. उन्होंने उमरावजान, देवदास, जोधा अकबर जैसी फिल्मों में अपना क्लासिकल डांस दिखाया है.

ऐश्वर्या को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, तमिल, तुलू, कन्नड़, और मराठी भाषाएं भी आती हैं. उनकी मातृ भाषा तुलू है. ऐश्वर्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें कभी किसी पर क्रश नहीं रहा.यहां तक कि जब उनकी शादी अभिषेक से हुई तब भी उन्हें उन पर क्रश नहीं था. ऐश्वर्या राय को 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. ऐश्वर्या ने 2011 में बेटी को बेटी आराध्या को जन्म दिया था. आज उनके जन्मदिन पर हमारी तरफ से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं.

हिमाचल चुनावः फ्री लैपटॉप और बिना ब्याज के लोन के वादे के साथ मैदान में कांग्रेस

Congress Menifesto

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस घोषणापत्र में कांग्रेस ने कई लुभावनी घोषणाएं की हैं. घोषणापत्र में कांग्रेस ने छात्रों और किसानों को लुभाने की कोशिश की है. कांग्रेस छात्रों को लैपटॉप के साथ महीने में एक जीबी डेटा मुफ्त देगी जबकि छोटे किसानों को बिना किसी ब्याज के कर्ज देने का वादा किया गया है.

मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी 350 रुपये होगी. बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन बढ़ाकर 1300 रुपये की जाएगी. गरीब परिवारों के 50 हजार मेधावी छात्रों को लैपटॉप और 1 जीबी डाटा मुफ्त दिया जाएगा. एक लाख युवाओं को नौकरी दी जाएगी. 2003 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल होगी. 2 साल में कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा.

नए वादों की झड़ी के साथ कांग्रेस ने अपनी सरकार के कार्यकाल में 95 फीसदी वादे पूरे करने का भी दावा किया. घोषणापत्र कमिटी के अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह ने इसे जारी किया. उन्होंने बताया कि पिछले 5 सालों में हमने अपने 95 फीसदी वादे पूरे किए हैं. घोषणापत्र में कहा गया है कि किसी भी शिकायत के निपटान के लिए शिकायत आयुक्त की नियुक्ति की जाएगी और प्रदेश में जीरो करप्शन की नीति लागू की जाएगी.

गौरतलब है कि हिमाचल और गुजरात के चुनाव एक साथ होने हैं. हिमाचल में तो भाजपा ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह लगातार हिमाचल प्रदेश का दौरा कर रहे हैं. तो वहीं घोषणापत्र जारी होने के बाद कांग्रेस पार्टी भी अपनी चुनावी सरगर्मी को बढ़ाने के लिए तैयार है.

पिछड़ेपन में यूपी के जिले टॉप पर

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Niti Aayog

नई दिल्ली। कहने को तो देश में विकास की बयार खूब बह रही है, लेकिन नीति आयोग की माने तो देश के 201 जिले शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के मामले में पिछड़े और बदहाल हैं. चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन जिलों में 25 फीसदी जिले अकेले भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के हैं. उसके बाद बिहार और मध्य प्रदेश का नंबर आता है.

दरअसल नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने ‘यंग लाइव्स लांजीट्यूडिनल सर्वे’ को जारी करते हुए कहा कि देश के बदहाल जिलों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 53, बिहार के 36 और मध्य प्रदेश के 18 जिले आते हैं. वहीं नीति आयोग का ये भी कहना है कि दक्षिण और पश्चिम भारत के साथ कोई समस्या नहीं है. बदहाल केवल पूर्वी भारत के सात राज्यों के 201 जिले हैं. आयोग का यह भी कहना है कि इन जिलों को बदले बगैर देश में कभी बदलाव नहीं आ सकता.

नीति आयोग के सीईओ की माने तो राज्यों की बदहाली का सबसे बड़ा कारण अधूरी जानकारी है और ज्यादातर अधिकारी वैसे आंकड़ो के सहारे काम करते रहते हैं, जो वर्तमान का है ही नहीं. इसलिए नीति आयोग मौजूदा आंकड़ा इकट्ठा करने और उन्हें सार्वजनिक करने का काम कर रहा है.

कांत ने कहा कि वास्तविक समय के डेटा की उपलब्धता, सार्वजनिक डोमेन में बहुत नजदीकी से निगरानी और राज्यों की रैंकिंग से ही यह समस्या दूर होगी. बकौल कांत, ऐसे राज्यों के नाम सार्वजनिक कर उन्हें शर्म का अहसास दिलाना चाहिए, क्योंकि नेता और सरकारी अधिकारी को यह महसूस होना चाहिए कि उन्हें दंडित किया जा सकता है. अगर आप स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में अपना प्रदर्शन नहीं सुधारते हैं तो मतदाता आपको खारिज कर देंगे.

रेलवे ने जारी की ट्रेनों की नयी समय-सारिणी, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्ली। रेलवे ने नयी समय-सारिणी जारी कर दी है. इसमें ट्रेनों को ज्यादा रफ्तार से चलाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. इसके तहत उत्तर रेलवे की 65 ट्रेनें अब ज्यादा रफ्तार से चलेंगी. नयी समय-सारिणी के मुताबिक लगभग सभी रेल जोनों में ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है. उदाहरण के लिये दक्षिण रेलवे के तहत संचालित 51 एक्सप्रेस और 36 सवारी गाड़ियों की गति बढ़ाई गयी है जबकि पूर्व तटीय रेलवे की 37 एक्सप्रेस और 19 लोकल सवारी गाड़ियां पहले से तेज रफ्तार से चलेंगी. नई समय सारिणी एक नवंबर से लागू हो गई है.

रेलवे ने 3 साल में करीब 150 ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा दिया है. इनमें से ज्यादातर आज भी एक्सप्रेस के टाइम से ही चल रही हैं. आपको ये भी बताते चलें कि सुपरफास्ट होने पर रेलवे स्लीपर में 30 और एसी में 45 से 75 रुपये प्रति यात्री वसूलता है. यानी ट्रेन की स्पीड का पूरा असर जेब पर पड़ेगा.

इन ट्रेनों के बदलेंगे नंबर और समय

  • 15548 एलटीटी-जयनगर
  • 19046 छपरा-सूरत एक्सप्रेस
  • 12168 वाराणसी-एलटीटी
  • 12295 संघमित्रा एक्सप्रेस
  • 14115 हरिद्वार एक्सप्रेस
  • 12427 रीवा एक्सप्रेस और उधमपुर एक्सप्रेस शामिल हैं.​

इन ट्रेनों की बढ़ी स्पीड * मुंबई सेंट्रल नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 5 बजे रवाना होगी और 25 मिनट अब जल्द पहुंचाएगी. * मुंबई सेंट्रल अहमदाबाद शताब्दी भी 25 मिनट जल्दी पहुंचाएगी. * पटना बांद्रा टर्मिनल एक्सप्रेस 1 घंटा 45 मिनट जल्दी पहुंचाएगी. * बांद्रा टर्मिनल भावनगर एक्सप्रेस अब आधा घंटा पहले पहुंचाएगी. * पुरी गांधीधाम एक्स प्रेस अब 2 घंटा 35 मिनट कम समय लेगी.

इन ट्रेनों में किए बदलाव

  • 15065/15066 गोरखपुर-पनवेल (सप्ताह में चार दिन)
  • 15067/15068 गोरखपुर-बांद्रा (साप्ताहिक)
  • 19305/19306 इंदौर-गुवाहाटी (साप्ताहिक)
  • 22163/22164 भोपाल-खजुराहो (प्रतिदिन)
  • 22167/22168 सिंगरौली-निजामुद्दीन (साप्ताहिक)
  • 19041/09042 बांद्रा-गाजीपुर सिटी (सप्ताह में दो दिन)
  • 22433/22434 आनंद विहार-गाजीपुर सिटी (सप्ताह में दो दिन)
  • 22427/22428 आनंद विहार-बलिया (साप्ताहिक)
  • 15063/15064 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक (साप्ताहिक)
  • 17323/17324 हुबली-वाराणसी (साप्ताहिक)
  • 20903/20904 वडोदरा-वाराणसी महामना एक्स. (साप्ताहिक)
  • 16793/16794 रामेश्वरम-फैजाबाद (साप्ताहिक)
  • 11901/11902 मथुरा-कुरुक्षेत्र (सप्ताह में पांच दिन)
  • 14117/14118 इलाहाबाद-बस्ती (सप्ताह में पांच दिन)
  • 12571/12572 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस(साप्ताहिक) सहित कई अन्य ट्रेनों को भी रेलवे की नई समय सारिणी में शामिल किया गया है.
हालांकि रेलवे ट्रेनों की गति बढ़ाने का तो दावा कर रहा है, लेकिन उसके सामने अभी भी गति से ज्यादा ट्रेनों को समय से चलाने की चुनौती है.

यूपी निकाय चुनाव में युवाओं को मौका देंगी मायावती

Body election

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में हो रहे नगर निगम चुनाव में इस बार बहुजन समाज पार्टी युवाओं को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में है. पार्टी के संगठन अधिकारियों की माने तो नगर पार्षद पद के लिए चयनित हो रहे प्रत्याशियों में युवाओं को प्रमुखता दी गई है. वहीं मेयर पद के लिए टिकट का दावा ठोक रहे लोगों में वैसे उम्मीदवारों को चयनित किया जा रहा है जो सामाजिक और जातिगत समीकरण साधने में माहिर हो.

बसपा प्रमुख मायावती वैसे कार्यकर्ताओं को तवज्जो दे रही हैं जो पिछले दिनों हुए आजमगढ़ की रैली में ज्यादा सक्रिय थे और भीड़ जुटाने में अव्वल रहें. पार्टी सूत्रों की माने तो बसपा के बड़े नेताओं ने बैठकर उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, जिसकी घोषणा एक-दो दिन में कर दी जाएगी.

आपको बता दें कि बसपा पहली बार निकाय चुनाव को पार्टी के सिंबल पर लड़ने जा रही है. निकाय चुनाव के जरिए मायावती अपने भाई  और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद को भी सियासत की मुख्य धारा में शामिल करने की जुगत में हैं. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि निकाय चुनाव को लेकर हुई अहम बैठक में मायावती के भाई आनंद को आगामी निकाय चुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी गई है.

माना जा रहा है कि बसपा जल्द ही अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी. आपको बता दें कि राज्य निवार्चन आयोग ने राज्य में निकाय चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. इसके तहत 1 नवंबर से नगर निगम और नगर पंचायतों में पर्चे दाखिल होंगे. इसके बाद 31 दिसंबर को मेयर चुनाव के लिए डीएम की तरफ से अधिसूचना जारी की जाएगी.

नेहरा आज रिटायर होंगे: खेलेंगे अपने करियर की पारी का आखिरी मैच

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नई दिल्ली। तेज गेंदबाज आशीष नेहरा बुधवार को दिल्ली में अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच खेलेंगे. उन्होंने पहले ही एलान कर दिया था कि न्यूजीलैंड के खिलाफ दिल्ली के कोटला स्टेडियम में बुधवार को होने वाला टी 20 मैच उनका आखिरी मैच होगा. इस मैच के साथ ही नेहरा भारतीय गेंदबाजों में सबसे लंबे इंटरनेशनल करियर का रिकॉर्ड बना लेंगे. नेहरा से पहले घरेलू मैदान पर मैच खेलकर रिटायर होने का मौका सचिन तेंदुलकर (2013) को मिला था.

नेहरा का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर 18 साल, 8 महीने और 9 दिन तक चला. यानी उनका करियर कुल 6826 दिन का रहा. इस मामले में उन्होंने पूर्व स्पिनर एस वेंकटराघवन का रिकॉर्ड तोड़ा. वेंकटराघवन का करियर 6784 दिन का रहा था. तीसरे स्थान पर अनिल कुंबले हैं. उनका करिअर 6767 दिन का रहा है. नेहरा अपने क्रिकेट करियर में 7 कप्तानों के साथ खेले. इनमें मो. अजहरुद्दीन, गांगुली, द्रविड़, कुंबले, सहवाग, धोनी और विराट कोहली शामिल हैं.

आशीष नेहरा अपने साथी खिलाड़ियों के बीच अपनी सादगी के लिए मशहूर हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2016 के वक्त आशीष नेहरा ने बताया था कि वो अब भी अपना पुराना नोकिया फोन इस्तेमाल करते हैं. फोन में मुझे दो ही चीज पता हैं- हरे बटन से फोन रिसीव होता है, लाल से कटना. उन्होंने फेसबुक, ट्विटर से भी दूर रहने और अखबार भी नहीं पढ़ने की बात कही थी. इसके बाद उनकी जमकर ट्रोलिंग हुई. फिर उन्होंने आईफोन खरीदा और वॉट्सएेप चलाना सीखा. सीनियर खिलाड़ी नेहरा के सीधे-सादे स्वभाव की वजह से टीम के साथी उन्हें प्यार से नेहराजी बुलाते हैं. विराट कोहली और युवराज सिंह के तो नेहराजी खासे चहेते हैं. युवराज ने नेहरा को टीम का सबसे कंजूस, लेकिन सबसे प्यारा साथी बताया था. वहीं विराट ने कह दिया था कि जब उन्होंने नेहराजी को एक चैट शो में देखा, तभी खुद भी इस शो में आने का फैसला कर लिया.

भारतीय टीम बुधवार से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की सीरीज में अगर क्लीन स्वीप कर लेती है तो भी वह नंबर-1 नहीं बन पाएगी. अभी भारतीय टीम 116 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है. वहीं न्यूजीलैंड 125 अंकों के साथ टॉप पर है. भारतीय टीम टी 20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक पांच में एक मैच भी नहीं जीत सकी है. फिरोजशाह कोटला मैदान पर यह टीम इंडिया का अब तक का पहला टी20 मैच है. वहीं न्यूजीलैंड की टीम यहां एक मैच खेल चुकी है.