तीसरा वनडे जीतने के बाद नंबर वन बने विराट कोहली

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विराट कोहली

नई दिल्ली। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली आईसीसी वनडे रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ रेटिंग अंकों के साथ आज एक बार फिर शीर्ष पर पहुंच गए. इस दौरान वह रेटिंग अंकों के मामले में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर को पछाड़ सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले भारतीय हो गए हैं. कोहली नंबर 1 रैंकिंग साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स से गंवाने के 10 दिनों के बाद एक बार फिर शीर्ष पर काबिज हो गए.

दिल्ली के इस 28 वर्षीय बल्लेबाज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ कल (29 अक्टूबर) खत्म हुए 3 मैचों की वनडे सीरीज में बनाए 263 रन के दम पर 889 रेटिंग अंकों तक पहुंच गए, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिये सर्वाधिक है. इस सीरीज को भारत 2-1 से अपने नाम किया. आईसीसी के बयान में कहा गया, इससे पहले 1998 में सचिन तेंडुलकर और इस साल विराट कोहली 887 अंकों के साथ सबसे अधिक रेटिंग अंक वाले भारतीय बल्लेबाज थे. सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने सीरीज में 174 रन बनाने के साथ करियर के सर्वश्रेष्ठ 799 अंको तक पहुंचे, हालांकि उनकी रैंकिंग में कोई सुधार नहीं हुआ और वह 7वें स्थान पर बने हुए है.

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ताजा रैंकिंग में एक स्थान के सुधार के साथ 11वें स्थान पर आ गए. गेंदबाजों में पाकिस्तान के हसन अली पहले पायदान पर बने हुए हैं, जबकि न्यू जीलैंड सीरीज में छह विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर पहुंच गए. सीरीज में 2-1 की जीत भारतीय टीम को रैंकिंग में नंबर एक बनाने के लिए काफी नहीं था. भारत से 2 अंको की बढ़त के साथ साउथ अफ्रीका (121 अंकों) शीर्ष पर बना हुआ है.

बेगूसराय से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे कन्हैया कुमार

Kanhaiya Kumar

पटना। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार अगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. कन्हैया को बिहार के बेगुसराय जिले से चुनाव लड़ेंगे. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय काउंसिल के सचिव केआर नारायण ने इसकी घोषणा की है.

पटना में राज्य परिषद की कार्यकारिणी की दो-दिवसीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केआर नारायण ने कहा कि कन्हैया कुमार को केरल से भी लोकसभा चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव है, लेकिन बिहार इकाई की मांग हैं कि उन्हें यहीं से चुनाव में खड़ा किया जाए.

अगर कन्हैया कुमार बेगूसराय सीट से चुनाव लड़ते हैं तो मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है. क्योंकि यहां पिछली दो बार से भाजपा प्रत्याशी जीत रहे हैं. भाजपा नेताओं का भी मानना है कि कन्हैया के मैदान में कूदने से उनके लिए सीट पर कब्ज़ा बरकरार रखना आसान नहीं होगा, क्योंकि तब लालू प्रसाद यादव उन्हें समर्थन दे सकते हैं. वैसे भाजपा अब तक मामूली अंतर से ही चुनाव जीतती आई है.

वामपंथी नेताओं  का कहना है कि इस मुद्दे पर आखिरी फैसला गठबंधन के सभी दल मिलकर करेंगे, क्योंकि वामपंथी इस बार आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन में रहकर ही चुनाव लड़ना पसंद करेंगे. हालांकि आरजेडी का कहना है कि वामपंथी दलों की ओर से सीट की मांग को मानना मुश्किल है. कन्हैया कुमार जैसा उम्मीदवार होने पर एक सीट पर समर्थन करने में कोई ऐतराज़ नहीं.

यूपी में मरते हैं सबसे ज्यादा बच्चेः रिपोर्ट

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Encaphalitis

नई दिल्ली। मासूमों की जिंदगी से अगर देश में सबसे ज्यादा कहीं खिलवाड़ हो रहा है तो वो है यूपी. जी हां ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ये प्रदेश का आंकड़ा बोल रहा है. दरअसल, यूपी में पिछले कुछ महीनों से बच्चों की मौत की खबरें आ रही है. अब तो आलम ऐसा हो गया है कि नेशनल हॉरर लिस्ट में यूपी का नाम सबसे ऊपर आ गया है.

आपने देखा होगा कि किस तरह जुलाई, अगस्त और सितंबर में सीएम योगी के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर के साथ साथ कई जिलों से लगातार बच्चों की मौत की खबरों ने सबका दिल दहला दिया था. यानि यूपी देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है जहां 5 साल से कम उम्र के बच्चों की सबसे ज्यादा मौत हुई है.

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक 1000 बच्चों में से 130 बच्चे पांच साल से कम उम्र में मर जाते हैं. श्रावस्ती में तो 1000 बच्चों में से 96 बच्चे 1 साल की उम्र में और 49 बच्चे 28 दिनों के अंदर ही मर जाते हैं. भले ही ये आंकड़ा गोरखपुर का है लेकिन ऐसी दहशत फैलाने वाले आंकड़े और भी जिलों से हैं.

आपको बता दें कि आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सात हजार तीन सौ अड़तीस डॉक्टरों की कमी है. ज्यादातर डॉक्टर अस्पताल में ड्यूटी के दौरान मौजूद नहीं रहते है इसलिए ऐसे हादसे होते रहते हैं.

श्मशान के पास बन रहे हैं दलित छात्रों के हॉस्टल

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Sagar

सागर। ये सही है कि जब पढ़ेगा इंडिया तभी बढ़ेगा इंडिया लेकिन इंडिया को बढ़ाने वाले बच्चे ही जब खौफ के साए में पढ़ने को मजबूर हो तो देश के सुनहरे कल का क्या होगा. दरअसल, मध्यप्रदेश के सागर में इन दिनों दलित बच्चों का बचपन और उनकी तालीम खौफ के साए में पल रही है.

दलित बच्चों के लिए एक दो नहीं बल्कि आधा दर्जन हॉस्टल सरकार ने श्मशान घाट के आसपास बना दिए हैं. जिसके बाद आलम ये है कि बच्चों की नजरें पढ़ाई-लिखाई और लंच करते समय कई दफे श्मशान से उठते धुंए पर पड़ती है. जिसके बाद आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बच्चों के दिल पर क्या बितती होगी.

दूर दराज के गांव से अपनी किस्मत संवारने आए ये बच्चे आज इस विरान जगहों पर बने हॉस्टलों में डर-डरकर सोते और जागते हैं. जब इस बावत विभाग के अधिकारियों से एक निजी समाचार पत्र के संवाददाता ने पूछा तो उनका भी कहना था कि हॉस्टलों की लोकेशन ठीक नहीं है. लेकिन जब इसकी जिम्मेदारी की बात की गई तो पल्ला झाड़ते हुए कहते हैं कि ये काम हमारे कार्यकाल में नहीं हुआ है.

श्मशान के नजदीक हॉस्टल बनने का सिलसिला अब भी नहीं थमा है. आलम ये है कि प्रशासन अब भी हॉस्टल के लिए श्मशान के पास ही जमीन अलाट कर रहा है और इसके चारों तरफ आदिवासी विकास विभाग ने चार हॉस्टल और बना दिए हैं. अब इसे प्लानिंग में कमी कहे या फिर अफसरों की लापरवाही. लेकिन आज देश का बचपन खौफ के साए में जिंदगी जीने और तालीम हासिल करने पर मजूबर है.

‘दलित लड़की से शादी करें राहुल गांधी’

Rahul Gandhi

अकोला। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सलाह दी है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को किसी दलित लड़की से शादी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दलित समुदाय के साथ केवल खाना खा लेने से जातिवाद नहीं खत्म होगा. बता दें, कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने शादी के सवाल पर कहा था, ‘यह एक पुराना सवाल है और मैं भाग्य में विश्वास करता हूं. जब होगी, तब होगी.’

रविवार को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने महाराष्ट्र के अकोला में कहा कि वह राहुल के लिए दलित कन्या ढूंढ़ने में मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी कभी-कभी दलितों के घरों में जाते हैं. उनके साथ खाना खाते हैं. मैं समझता हूं कि उन्हें एक दलित लड़की के साथ शादी करनी चाहिए. यदि जरूरत होगी तो मैं लड़की ढूढ़ने में उनकी मदद कर सकता हूं.’ बता दें आठवले केंद्र की एनडीए सरकार में सामाजिक न्याय राज्य मंत्री हैं.

आठवले ने कहा, ‘मेरा उनका अपमान करने का कोई इरादा नहीं है लेकिन मैं उन्हें देश के समक्ष एक उदाहरण पेश करने की सलाह दे रहा हूं. मैंने खुद एक ब्राह्मण लड़की से शादी की है जो जातिवाद को खत्म करने के लिए बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर के मत अनुसार है. साथ बैठकर खाने से जातिवाद खत्म नहीं होगा.’

उन्होंने कहा कि जहां तक नेतृत्व क्षमता की बात है तो राहुल गांधी में बदलाव आया है. आठवले ने कहा, ‘वह अब पप्पू नहीं रहे. वह आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं और आशा करता हूं कि वह एक अच्छे नेता होंगे.’

यूपी निकाय चुनाव में बसपा की रणनीति बनाएंगे मायावती के भाई

Mayawati brother

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर एक रणनीति बनाई है. इस रणनीति के तहत बसपा ने पहली बार अपने सिम्बल पर निकाय चुनाव लड़ने का फैसला किया है. बसपा का कहना है कि इस बार वो निकाय चुनाव में किसी पार्टी से कोई तालमेल नहीं करेगी और सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार को उतारेगी.

अब तक अकेले पूरी पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहीं मायावती ने इस बार निकाय चुनावों के जरिए अपने भाई आनंद को भी राजनीति की मुख्य धारा में लाने की योजना बना ली है. दरअसल, शनिवार को मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की जिसमें उनके भाई आनंद भी मौजूद रहे.

बसपा की इस अहम बैठक में मायावती के भाई आनंद को आगामी निकाय चुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. माना जा रहा है कि बसपा जल्द ही अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी. आपको बता दें कि राज्य निवार्चन आयोग ने राज्य में निकाय चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. जिसके तहत 1 नवंबर से नगर निगम और नगर पंचायतों में पर्चे दाखिल होंगे. इसके बाद 31 दिसंबर को मेयर चुनाव के लिए डीएम की तरफ से अधिसूचना जारी की जाएगी.

प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

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सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। एससी एसटी को नौकरी में प्रमोशन को लेकर मिलने वाले आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है. कोर्ट ने एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर न होने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एससी एसटी के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से ऊपर उठ चुके लोग अपने ही वर्ग के पिछड़े लोगों का हक मार रहे हैं.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट एससी एसटी को पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा संविधानपीठ को भेजे जाने पर सुनवाई कर रहा है. इसी सुनवाई के दौरान कोर्ट का ध्यान एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू न होने की ओर गया. जिसके बाद जस्टिस कुरियन जोसेफ ने मामले में बहस कर रहीं वरिष्ठ वकील इंद्रा जयसिंह से सवाल किया कि एससी एसटी वर्ग में आरक्षण के सहारे अब ऊपर उठ चुके लोगों को इसका लाभ क्यों मिलना चाहिए. और एससी एसटी की क्रीमी लेयर को आरक्षण के लाभ से बाहर क्यों नहीं किया जाना चाहिए.

आपको बता दें कि कोर्ट एससी एसटी को पदेन्नति में आरक्षण के मसले पर एम नागराज मामले को पुर्न विचार के लिए पांच न्यायाधीशों से बड़ी पीठ को भेजे जाने पर सुनवाई कर रहा है. एम नागराज के फैसले में पांच जजों ने कहा था कि पदोन्नति में आरक्षण देने से पहले सरकार को आंकड़े जुटाने होंगे कि आरक्षण पाने वाला वर्ग पिछड़ा है और उसका नौकरियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है. मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और बिहार ने एससी एसटी को पदोन्नति में आरक्षण रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसलों को चुनौती दी थी.

नदी में मिली ढाई हजार साल पुरानी तथागत बुद्ध की अष्टधातु प्रतिमा

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Tathagat Bauddh

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जिले में तथागत बुद्ध की अष्टधातु प्रतिमा मिली है. बताया जा रहा है यह प्रतिम लगभग ढाई हजार साल पुरानी है. यह मूर्ति छठ घाट की साफ सफाई के दौरान जमुआर नदी से मिली है. अष्टधातु की इस मूर्ति की कीमत तकरीबन 10 करोड़ आंकी गई है.

दरअसल, रविवार की दोपहर नगर पालिका अध्यक्ष मो. जमील सिदृदीकी जमुआर नदी पर बने छठ घाट की सफाई करवा रहे थे. सफाई के दौरान मजदूर जब नदी में घुस कर उनके किनारों को साफ करने लगे तो उन्हें यह मूर्ति मिली. जमील सिदृदीकी ने मूर्ति देखा तो वह चौंक पड़े. वह बुद्ध की दो फीट उंची मूर्ति थी और काफी वजनी थी. उन्हें मूति की प्राचीनता और महत्व का अहसास हुआ तो फौरन इसकी खबर प्रशासन को दी गई.

प्रशासनिक अमला घाट पर पहुंच गया. अनुमान है कि मूर्ति नदी में बह कर आई होगी. जिले में गौतम बुद्ध के पिता की राजधानी प्राचीन कपिलवस्तु नदी से जुड़ी है. कपिलवस्तु बजहासागर के पास है. बजहासागर का पानी जमुआर नदी में गिरता है. इसलिए संभव है कि बुद्ध के पुरातात्विक क्षेत्र से मूर्ति नदी में बह कर यहां तक चली आई हो.

फिलहाल पुलिस विभाग ने इसे अष्टधातु की मूर्ति बताते हुए इसकी कीमत दस करोड़ आंका है. और इसके ढाई हजार साल तक पुरानी होने की संभावना बताई जा रही है. मूर्ति को देखने के लिए मौके पर हजारों की भीड़ थी. इस बारे में नगर पालिका अध्यक्ष मो. जीमल सिदृदीकी ने कहा है कि प्रतिमा महत्वपूर्ण है उसकी कलात्मकता देख कर बौद्ध काल के स्वर्णिम युग का इतिहास ताजा हो गया है.

हिंदू देवी-देवताओं पर लिखा पोस्ट, दो दलित छात्र के खिलाफ FIR दर्ज

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खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन में मंगलवार को दो छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में दलित कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. दोनों छात्रों के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है. एफआईआर के मुताबिक दोनों छात्रों ने फेसबुक पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किए थे, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.

पुलिस ने खरगोन सरकारी स्नातकोत्तर कॉलेज के दो छात्रों की शिकायत पर रितेश महेश्वरी और ओजस निजली के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि महेश्वरी ने अपने फेसबुक पोस्ट पर आश्चर्य प्रकट करते हुए लिखा है कि लोग दिवाली के अवसर पर देवी लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की पूजा क्यों करते हैं, उन्हें इस दिन भगवान राम की पूजा करनी चाहिए, जो दिवाली के दिन ही अयोध्या लौटे थे.

जबकि निजली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत में लक्ष्मी और कुबेर जैसे देवी-देवता हैं, फिर भी हंगर इंडेक्स में भारत 100वें पायदान पर है. अनुसूचित जाति जनजाती सरक्षण मोर्चा दोनों छात्रों की गिरफ्तारी के खिलाफ खरगोन में प्रदर्शन कर रहा है.

दलित कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रों के पोस्ट में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था. उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार के खिलाफ है. पुलिस का कहना है कि पोस्ट आपत्तिजनक है या नहीं ये कोर्ट तय करेगी. इलाके के एसपी डी कल्याण चक्रबर्ती का कहना है कि कुछ लोग इस मामले को अलग रंग देने में लगे हुए हैं.

अमर उजाला से साभार

भाजपा नेता पर लगा दलित महिला से रेप का आरोप

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Victim woman शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वॉड चलाने वाली भाजपा सरकार आज खुद सवालों के घेरे में है. शाहजहांपुर में एक भाजपा नेता पर महिला से चाकू की नोक पर रेप करने और धमकाने का आरोप लगा है. वहीं वारदात के बाद से आरोपी नेता फरार है. लेकिन हैरानी की बात है कि पीड़ित महिला के शिकायत करने पर भी पुलिस ने उसकी एक भी बात नहीं सुनी, लेकिन अब आला अधिकारियों से शिकायत करने पर जांच के आदेश दिए गए है. वेतन बढ़ाने के नाम दलित महिला से रेप बता दें यह शर्मनाक मामला शाहजहांपुर के अल्लाहगंज क्षेत्र का है. पीड़ित दलित महिला की मानें तो वो एक प्राथमिक विद्यालय में रसोईया के पद पर काम करती है. आरोपी रामकुमार जोकि भाजपा के किसान मोर्चा का महामंत्री है, ने उसे वेतन बढ़ाने की बात करने के लिए बुलाया और वो उसके साथ नेता की बोलेरो गाड़ी में जा रही थी. चाकू की नोक पर किया रेप इसी बीच बीजेपी नेता और बोलेरो ड्राइवर ने गाड़ी को कच्चे रास्ते पर डाल दिया. जिसके बाद दलित महिला को बंधक बनाकर, चाकू की नोक पर गाड़ी में ही उसके साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया. घटना को अंजाम देने के बाद महिला को धमकी दी गई कि अगर उसने मुंह खोला तो उसकी हत्या कर दी जाएगी. नेता के दबाव में पुलिस ने नहीं सुनी शिकायत वहीं वारदात के बाद जब महिला शिकायत करने थाने पहुंची तो बीजेपी नेता के दबाव में पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाए पीड़िता को थाने से भगा दिया. जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस के आला अफसर के पास न्याय की गुहार लगाई. आलाधिकारी से शिकायत पर अब पुलिस ने पूरे मामले की जांच सीओ जलालाबाद को सौंपी है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी. पंजाब केसरी से साभार

घर में नजरबंद किए गए दलित लेखक कांचा इलैया

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kancha ilaiah

हैदराबाद। दलित लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता कांचा इलैया को विजयवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करने से रोकने के लिए शनिवार को घर में नजरबंद कर दिया गया. हैदराबाद के तरनाका में उनके घर के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

आंध्र प्रदेश की एक टीम ने उन्हें बता दिया है कि यदि वह अपने घर से बाहर निकले तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुट गए हैं. उनके एक समर्थक ने कहा कि वे निश्चित तौर पर विजयवाड़ा जाएंगे.

पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को कांचा को नोटिस थमाते हुए कहा था कि विजयवाड़ा में जनसभा के लिए अनुमति नहीं है क्योंकि शहर में निषेधाज्ञा लागू है. कांचा को आर्य वैश्य समुदाय के विभिन्न संगठनों से धमकियां मिल रही हैं. इस बीच कुछ दलित और पिछड़े वर्ग के संगठन कांचा का साथ निभाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

हैदराबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांचा को विजयवाड़ा में जनसभा करने की अनुमति नहीं देने की एक याचिका पर आंध्र प्रदेश पुलिस को निर्देश देने से मना कर दिया था. अदालत आर्य वैश्य संघ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

आर्य वैश्य ब्राह्मण एक्य वेदिका यानी आर्य वैश्य और ब्राहण समुदायों की संयुक्त समिति ने कांचा को चेतावनी दी है कि यदि वह विजयवाड़ा जाकर जनसभा करेंगे तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. संयुक्त समिति ने एक बैठक करने की भी योजना बनाई थी लेकिन पुलिस द्वारा शहर में बैठकों और रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की वजह से उन्होंने अपनी योजनाएं ठंडे बस्ते में डाल दी. कांचा का आरोप है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारें अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास कर रही हैं.

वृन्दावन और बरसाना तीर्थ स्थल घोषित

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योगी आदित्यनाथ

मथुरा। यूपी में कानून व्यवस्था की हालत जहां एक तरफ बद से बदतर होती जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार इन सभी बातों से बेखबर प्रदेश में अपना हिंदुत्व ऐजेंडे के तहत सभी कामों को करने में लगी हुई है. सीएम योगी ने अब पहली बार प्रदेश के दो धार्मिक स्थानों को तीर्थ स्थल का दर्जा देने की घोषणा की है, जिसमें पहला कृष्ण की नगरी वृंदावन और दूसरा राधा की जन्म स्थली बरसाना है.

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने अयोध्या में 18 अक्टूबर को ‘ग्रैंड दिवाली’ मनाई जहां करीब 2 लाख दीये जलाकर रेकॉर्ड बनाया गया था. इसके बाद उन्होंने चित्रकूट में भी कामदगिरी मंदिर में पांच किमी की परिक्रमा की थी. लेकिन दुनिया में भारत की शान माने जाने वाले ताजमहल को लेकर भाजपा नेताओं के बोल हर वक्त कोई न कोई बखेड़ा खड़ा करते रहते हैं. यानि योगी सरकार को देश की धर्म निरपेक्ष छवि से कोई लेना देना नहीं है. इन्हें बस अपनी हिंदुत्व नीति के तहत काम करना है.

वहीं राजनीतिक गलियारों में भी भाजपा का ये फैसला हिंदुत्व एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है और खासकर नगर निकाय चुनाव में अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश का एक हिस्से के रुप में देखा जा रहा है. क्योंकि आचार संहिता लागू होने से दो घंटे पहले की गई इस तरह की घोषणा साफ जाहिर करती है कि इनके तरफ से उठाया जा रहा कोई भी कदम प्रदेश हित में कम और पार्टी हित में ज्यादा होता है.

योगी राज में बढ़ा दलितों पर अत्याचारः CPIM

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Yogi adityanath

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दलितों पर हो रहे बार-बार हमले से प्रदेश की योगी सरकार अब चौतरफा हमला झेल रही है. मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य इकाई ने दलितों पर हो रहे हमले के विरोध में योगी सरकार को खरी खोटी सुनाई है. सीपीआईएम की प्रदेश इकाई ने कहा है कि जिस तरह से बुलंदशहर में पिछले दिनों एक दलित महिला की पीट पीटकर हत्या कर दी गई. वो वाकई समाज को शर्मसार कर देने वाली घटना है.

पार्टी की राज्य इकाई ने कहा कि इस तरह की घटना साफ कर देती है कि राज्य में सामंती और जातिवादी मानसिकता का कितना घिनौना और अमानवीय रूप मौजूद है. दलित महिला की हत्या पर सीपीआईएम ने सरकार से मांग की है कि अभियुक्तों के ऊपर धारा 304 को बदलकर धारा 302 के अंतर्गत एफआईआर हो इसके आलावा मृतक महिला के परिवार को कम से कम 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए.

आपको बता दें कि 20 अक्टूबर को देर शाम बुलंदशहर के खेतलपुर भंसोली में एक दलित महिला की हत्या कर दी गई थी. जो कुछ माह की गर्भवती थी. वो घर जाने के दौरान गांव की ही दूसरी महिला की बर्तन से टकरा गई थी. जिसके बाद दलित महिला की पिटाई कर दी गई थी.

IBPS में निकली 1315 पदों पर वैकेंसी, ऐसे करें अप्लाई

 

इंस्‍टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्‍शन यानी IBPS ने साल 2017-18 के ‘स्पेशलिस्ट ऑफिसर’ के पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 7 नवंबर से शुरू होंगे. इच्छुक उम्मीदवार 27 नवंबर 2017 तक विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन एप्लाई कर सकते हैं. नोटिफिकेशन के मुताबिक IBPS ने 1315 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं.

इन पदों पर निकली है वैकेंसी

  •  I.T. ऑफिसर – 120
  •  एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर – 875
  •  राजभाषा अधिकारी – 30
  •  लॉ ऑफिसर – 60
  •  एचआर/ पर्सनल ऑफिसर – 35
  •  मार्केटिंग ऑफिसर (Scale I) – 195

योग्यता:

I.T. ऑफिसर किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री ली हो.

एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से एग्रीकल्चर साइंस में ग्रेजुएशन की हो.

राजभाषा अधिकारी हिंदी और अंग्रजी भाषा में पोस्ट-ग्रेजुशन की हो.

लॉ ऑफिसर किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से LLB की डिग्री ली हो.

एचआर/ पर्सनल ऑफिसर किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से मार्केटिंग में MBA किया हो.

उम्र सीमा IBPS के इन सभी पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 20 और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है.

अंतिम तारीख पदों पर आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 नवंबर, 2017 है.

कैसे करें एप्लाई स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.