कड़ी सुरक्षा के बीच घोड़ी पर बैठा दलित दूल्हा

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अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में अंराई कस्बे के पास सरवर गांव में दलित समाज के युवक की बिन्दौरी (बारात) निकालने पर उच्च जातियों के साथ विवाद हो गया. गांव के कुछ मनुवादियों की गुंडागर्दी के कारण घोड़ी पर दलित की बिन्दौरी नहीं निकलने दी गई. दलित बैरवा समाज के लोगों ने जिला कलेक्टर को शिकायत की. इसके बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए. कलेक्टर के निर्देश पर नसीराबाद और किशनगढ उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस उपाधीक्षक सहित दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद दलित दुल्हे की बारात शांतिपूर्वक निकाली गई.

सरवर निवासी प्रधान बैरवा की शादी होनी थी. विवाह कार्यक्रम के अनुसार बिन्दौरी निलकने लगी. आरोप है कि शादी का कार्यक्रम शुरू होने के बाद से ही गांव के कुछ मनुवादी परिवार पर बिन्दौरी नहीं निकालने का दबाव बना रहे थे. जब दलित की बिन्दौरी निकलने लगी तो मनुवादियों ने विवाद करते हुए घोड़ी पर बिन्दौरी नहीं निकालने दी.

इस पर दलित समाज के लोगों में रोष फैल गया. बैरवा समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत कर पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई. कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सरवर गांव भेजा गया. यहां पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दलित समाज के दूल्हे की घोड़ी पर बिन्दौरी शांतिपूर्वक निकाली गई. इसके बाद दूल्हा और बारात रवाना हो गई.

दलित परिवार के दूल्हा प्रधान बैरवा ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में घोड़ी पर बिन्दौरी निकालने के बाद प्रशासन का आभार जताया. गौरतलब है कि राजस्थान में दलितों को घोड़ी पर बैठकर बारात निकालने पर दलित जाति के लोगों को पीटने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती है.

दाखिले के लिए पैसे न होने पर छात्र ने किया सुसाइड

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रांची। झारखंड के गुमला जिले के शास्त्री नगर इलाके में गरीबी की मार झेल रहे लोहरा जाति के एक छात्र ने स्कूल में दाखिले के लिए पैसे न होने के कारण सुसाइड कर लिया. गरीबी के कारण उसका अंतिम संस्कार करने के लिए उसके घर वालों के पास पैसे नहीं थे. उसके मोहल्ले के लोगों ने चंदा देकर अंतिम संस्कार करवाया.

शास्त्री नगर का रहने वाला 20 वर्षीय कृष्णा लोहरा के पास दाखिला लेने के लिए पैसे नहीं थे, जिसके कारण वो पिछले कई दिनों से परेशान चल रहा था. कृष्णा अपनी मां दुलारी देवी और एक भाई के साथ किराए के मकान में रहता था. दुलारी देवी मजदूरी कर अपने दोनों बेटों के साथ जिंदगी गुजर बसर कर रही थी. उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपने बेटे को दाखिला करा सके.

कृष्णा के पिता का लगभग 12 साल पहले निधन हो चुका है. घर के हालात ऐसे थे कि कृष्णा के अंतिम संस्कार के लिए दुलारी देवी के पास पैसे तक नहीं थें. घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके के सीओ महेंद्र कुमार ने दो हजार रूपये दिए.

कृष्णा के भाई ने बताया कि मां कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रखंड कार्यालय गई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें कोई भी लाभ नहीं दिया गया. दुलारी देवी के पड़ोसी ने बताया कि महिला मजदूरी करके ठीक से अपने बच्चों की देख भाल नहीं कर पा रही थी. अंतिम संस्कार के लिए पैसा कम होने के कारण मोहल्ले के लोगों ने चंदा इक्ट्ठा कर उसका अंतिम संस्कार किया.

एक किसान के उम्मीद की कड़ी है ‘कड़वी हवा’

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नई दिल्ली। सिनेमाघरों में यूं तो हम सिर्फ मनोरंजन के लिए ही जाते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ फिल्‍में हमें जिंदगी के बेहद अहम सच से रूबरू करा देती हैं और निर्देशक नील माधव पांडा की फिल्म ‘कड़वी हवा’ एक ऐसी ही फिल्‍म है. आज रिलीज हुई फिल्‍म ‘कड़वी हवा’ में एक्‍टर संजय मिश्रा, रणवीर शौरी और तिलोत्तमा शोम मुख्‍य भूमिका में हैं. यह सच्‍चाई से जुड़ी एक ऐसी फिल्‍म है जिसमें आपको ज्यादा तामझाम देखने को नहीं मिलेगा.

इसका नाम और भारीभरकम विषय को देखते हुए हो सकता है आप पहले से ही इस फिल्‍म को न देखने का अपना मन बना चुके होंगे, लेकिन यह फिल्म आज के दौर की एक अहम सच्‍चाई दिखाती है और इसलिए इसे एक बार तो जरूर देखना चाहिए. ऐसी फिल्में हमें हमेशा अपने समय से जोड़ती नजर आती है.

‘कड़वी हवा’ की कहानी चंबल के रेतीले गांव से शुरू होती है. फिल्म में संजय मिश्रा एक नेत्रहीन वृद्ध व्‍यक्ति हेदु की भूमिका में हैं, जबकि उनके बेटे मुकुंद के रूप में भूपेश सिंह और हेदु की बहू पार्वती के किरदार में तिलोत्तमा शोम हैं. किसान हेदु गांव में अपने बेटे, बहू और दो पोतियां के साथ रहते हैं. हेदु एक गरीब किसान है और जैसे-तैसे कर के अपनी जिंदगी की गाड़ी आगे खींच रहा है. इस गांव की जमीन बंजर होने के कारण वहां का किसान कर्जा तो ले लेता है, लेकिन फसल पैदा न होने के चलते यह कर्जा चुना नहीं पाता है. ऐसे में कर्जे से दबे किसानों की आत्‍महत्‍या का सिलसिला यहां आम हो जाता है. इन किसानों से कर्जा वसूलने का काम गुनु बाबू करते हैं और यह किरदार रणवीर शॉरी निभा रहे हैं.

वसूली का काम करने वाले गुनु को इस बीच काफी समस्या होती है, क्योंकि कभी कुछ किसान पैसे दे देते हैं तो कभी कुछ आनाकानी करते हैं, जिस वजह से गुनु चिंतित भी रहता है. यहां तक कि गांव के लोग गुनु को यमदूत के नाम से बुलाते हैं. इसी बीच जब हेदु और इस गुनु का आमना-सामना होता है, तो एक नया समीकरण सामने आता है.

हेदु और गुनु, दोनों ही मौसम के मारे हैं. इन दोनों के मिलने से क्या स्थितियां सामने आती हैं, इसी पर बनी है यह फिल्‍म. निर्देशक नील माधव पांडा ने अपनी इस फिल्‍म में संजीदगी के साथ हर सीन में बिगड़ते मौसम की भयानकता बिन कहे उकेर दी है. इस फिल्म में ऐसे-ऐसे संवाद हैं, जो आपके रोगंटे खड़े कर देंगे. इस बात में कोई शक नहीं है कि नील माधव पांडा ने अपने समय की एक बेहतरीन फिल्म बनाई है.

BPSC ने निकाली बंपर वैकेंसी, जल्द करें आवेदन

बिहार लोक सेवा आयोग ने ’63वें कंबाइंड (प्री) कंपेटेटिव एग्जामिनेशन’ के तहत भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के जरिए परीक्षा के लिए योग्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इच्छुक और योेग्य उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन से विस्तृत जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं. संस्थान का नाम बिहार लोक सेवा आयोग पद का नाम 63वें कंबाइंड (प्री) कंपेटेटिव एग्जामिनेशन पदों की संख्या नोटिफिकेशन के मुताबिक कुल पदों की संख्या 355 है. योग्यता उम्मीदवार ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री ली हो. चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा. जॉब लोकेशन बिहार आवेदन शुल्क आवेदन करने का शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 809 रुपये होगा. SC/ST और PWD उम्मीदवारों के लिए 259 रुपये है. वहीं कुछ अन्य वर्गों को भी आवेदन फीस में छूट दी गई है, जिसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में मौजूद है. उम्र सीमा उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 22 साल और अधिकतम आयु 37 साल होनी चाहिए. आयु की गणना 01.08.2017 से की जाएगी. पे-स्केल 9,300 से 34,800 रुपये. महत्वपूर्ण तारीख रजिस्ट्रेशन करने और आवेदन फीस जमा करने की आखिरी तारीख 4 दिसंबर, 2017 है. कैसे करें आवेदन उम्मीदवार आवेदन करने के लिए BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जा सकते हैं. अंतिम तारीख 4 दिसंबर है.

कुछ लिखने से अवैध नहीं होंगे नोट- लेन देन से पहले रखें ध्यान

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जोधपुर। देश में नए जारी पांच सौ व दो हजार रुपए के नोट पर कुछ लिखने से ये नोट अवैध नहीं ठहराए जा सकेंगे. ऐसे नोट स्वीकार करने से बैंक इनकार नहीं कर सकते है. एक आरटीआई के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) ने स्पष्ट कहा है कि नियमानुसार ऐसे नोट मान्य है. आरबीआई ने साफ कर दिया है कि केवल धार्मिक चिन्ह बने या राजनीतिक बातें लिखे नोट ही बिना वैल्यू के होंगे यानी रद्द हो जाएंगे. इसके अलावा और कुछ लिखे नोट लेने से बैंक इनकार नहीं कर सकते.यह है मामला…

कई बैंकों में इस बात की सूचनाएं चस्पां की गई है कि 2000 व 500 रुपए के नोट पर पेन से कुछ भी लिखा हो तो स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इसको लेकर कई बार जमाकर्ताओं और बैंककर्मियों के बीच तकरार होती रहती है. आमजन को परेशानी भी होती है. राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता और आरटीआई सलाहकार रजाक के. हैदर ने भारतीय रिजर्व बैंक में आरटीआई के तहत पूछा था कि 2000 व 500 रुपए के नोट पर पेन-मार्कर से कुछ लिखे जाने अथवा स्टेपल किए जाने के बाद ऐसे नोट जमा किए जाएंगे अथवा नहीं ? आरबीआई के मुख्य लोक सूचना अधिकारी पी. विजय कुमार ने रजाक के. हैदर को भेजे जवाब में कहा है कि, सभी बैंक नोट सहित नए 500 व 2000 के नए नोटों (भारतीय मुद्रा) पर कुछ लिखने से अवैध नहीं होंगे और वह बैंक खाते में जमा करवाए जा सकते हैं.

हैदर ने यह भी पूछा था कि जिन नोट पर धार्मिक और राजनीतिक संदेश चिह्न अंकित होगा, वह स्वीकार्य होगा अथवा नहीं…? इसके जवाब में आरबीआई ने कहा है कि नोट रिफंड रूल के अंतर्गत किसी धार्मिक स्लोगन या चित्र बने नोट व राजनीतिक चिन्ह या स्लोगन लिखे नोट शून्य माने जाएंगे. हैदर ने कहा कि कई बैंकों में इस तरह की सूचनाएं लिखी हुई मिल रही है कि 2000 व 500 रुपए के नोट पर पेन से कुछ भी लिखा हो तो स्वीकार नहीं किए जाएंगे. भारतीय स्टेट बैंक में मुझे भी यह सूचना दिखाई दी थी. इस पर मैंने आरबीआई से आरटीआई लगाई थी, ताकि इस संबंध में नियमों की स्थिति स्पष्ट हो जाए. अब साफ हो गया है कि 500 व 2000 रुपए के नए नोटों पर कुछ लिखने से वह अवैध नहीं होंगे. ऐसे नोट बैंक खाते में जमा करवाए जा सकते हैं. जो बैंक नोट नहीं लेता है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

हार्दिक पटेल की जान को खतरा, मिली Y सुरक्षा

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अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को Y श्रेणी की सुरक्षा मिली है. इंटेलिजेंस ब्यूरो ने हार्दिक पटेल पर हमले की आशंका जताई थी. आईबी के इनपुट के बाद केंद्र सरकार ने हार्दिक को Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है. इसके तहत हार्दिक की सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे, जिनमें 2 निजी सुरक्षा अधिकारी भी शामिल होंगे.

आरक्षण पर कांग्रेस का फार्मूला स्वीकारने के बाद हार्दिक पटेल की जान पर खतरा बढ़ गया है. जिसके कारण ये सुरक्षा दी गई है. हार्दिक ने ऐलान किया था कि हम कांग्रेस को सीधा समर्थन नहीं दे रहे हैं लेकिन हम भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे.

गौरतलब है कि CISF देश के 60 वीआईपी की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है. यह सुरक्षा उन लोगों को मुहैया कराई जाती है जिनकी जान को खतरा होता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और संघ प्रमुख मोहन भागवत को भी Y श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.

सेंट्रल इंटेलीजेंस और सुरक्षा एंजेसियों ने उन लोगों की लिस्ट तैयार की थी जिनकी जान के खतरा है. इस लिस्ट में हार्दिक पटेल का भी नाम शामिल था. इससे पहले हार्दिक पटेल ने सुरक्षा लेने से मना कर दिया था. हार्दिक ने आरोप लगाया था कि सरकार उन्हें सुरक्षा इसलिए देना चाहती है कि वह उनकी जासूसी करा सके.

चित्रकूट में 13 डिब्बे पटरी से उतरे, 3 की मौत और 12 घायल

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चित्रकूट। देश में एक और ट्रेन एक्सिडेंट हुआ है. यूपी में बांदा जिले के चित्रकूट के पास मानिकपुर में पटना जा रही वास्को डि गामा एक्सप्रेस की 13 बोगियां पटरी से उतर गई. इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि 12 लोग घायल हुए हैं. उत्तर-प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि दुर्घटना की वजह पटरियों में दरार आना है.

रेलवे ने मृतकों के परिवार वालों को पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को एक लाख तथा घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल हादसे पर गहरा दुख जताया है. सीएम योगी ने मृतकों के परिवार वालों को 02-02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. साथ ही दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 50-50 हजार एवं मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

उत्तर-मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि एस-तीन से एस-11 तक शयनयान डिब्बे, दो जनरल कोच और दो अतिरिक्त कोच पटरी से उतरे. रेलगाड़ी के जो डिब्बे बेपटरी हुए हैं, उसमें एस3, एस4, एस5, एस6, एस7, एस8, एस9, एस10, एस11, दो अतिरिक्त स्लीपर कोच और दो जनरल डिब्बे हैं.

उन्होंने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है और राहत-बचाव कार्य जारी है. मालवीय ने बताया कि दुर्घटना के बाद एक मेडिकल ट्रेन घटनास्थल के लिए तुरंत रवाना कर दी गयी. सुबह पांच बजकर 20 मिनट पर दुर्घटना राहत ट्रेन भी मौके पर रवाना कर दी गयी.

इलाहाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मौके पर हैं जबकि उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक पहुंच रहे हैं. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हादसे में मारे गये यात्रियों के निकटतम परिजन को पांच-पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.

पद्मावती विरोधः नाहरगढ़ किले पर लटका मिला शव, पत्थर पर लिख कर दी धमकी

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जयपुर। फिल्म पद्मावती के विरोध में नया हिंसक मोड़ आ गया है. जयपुर के नाहरगढ़ किले की दीवार से एक शख्स की लाश लटकी मिली है और उसके पास पत्थर पर लिखा है- हम पुतला जलाते नहीं लटकाते हैं. चेतन तांत्रिक मारा गया.

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस हरकत में है. पुलिस ने अपने शुरुआती तफ्तीश में बताया है कि शव की पहचान कर ली गई है. उसका नाम चेतन शर्मा बताया गया है और उसके पास मुंबई का एक रेल टिकट मिला है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है, लेकिन उसने इस वारदात को पद्मावती से जोड़ने से इनकार किया है. पुलिस फिलहाल इस एंगल से जांच कर रही है कि ये मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या का.

राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है. लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए.

विरोध मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और कर्नाटक तक पहुंच गया है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में सरकार ने इसे रिलीज नहीं करने की बात कही. राजनाथ सिंह, उमा भारती, लालू प्रसाद यादव, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने बयान दिए कि लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए. गुरुवार को राजपूतों ने चितौड़गढ़ का किला बंद रखकर प्रदर्शन किया था.

राजस्थान की राजपूत करणी सेना के अलावा राजघराने भी फिल्म के खिलाफ हैं. इनकी मांग है कि इसे रिलीज करने के पहले उन्हें दिखाई जाए. करणी सेना ने सूर्पणखा की तरह दीपिका पादुकोण की नाक काटने, हरियाणा के बीजेपी नेता ने दीपिका और भंसाली का सिर काटने पर 10 करोड़ के इनाम का एलान किया था.

प्रेस क्लब ने वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय की सदस्यता छीनी

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नई दिल्ली। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का चुनाव बस दो दिन बाद है यानि पच्चीस नवंबर को. उसके ठीक पहले एक बड़ी खबर आ रही है. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय की सदस्यता सस्पेंड कर दी है. साथ ही उन्हें वोट न डालने देने का भी फैसला ले लिया है. इससे आहत जाने-माने पत्रकार और अपनी बेबाक बयानी के लिए मशहूर राम बहादुर राय ने घोषणा की है कि वह चुनाव के दिन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया जाएंगे और अपना ड्यूज क्लीयर करने के बाद वोट देने की कोशिश करेंगे. अगर वोट देने से रोका गया तो वो विरोध स्वरूप वहीं पर खड़े रहेंगे.

मालूम हो कि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के उन्हीं सदस्यों को वोट डालने दिया जाता है तो अपना सालाना फीस जमा कर देते हैं. पिछले तीन वर्षों से ऐसा संयोग रहा कि राम बहादुर राय को चुनाव के दिन दिल्ली से बाहर रहना पड़ा. इस बार वह चुनाव के दिन दिल्ली में हैं. उन्होंने अपने एक करीबी को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया भेजकर ड्यूज वगैरह के बारे में पता करवाया ताकि वोट डालने के दिन कोई दिक्कत न आए. तब पता चला कि राम बहादुर राय समेत सैकड़ों पत्रकारों की सदस्यता निलंबित कर दी गई है.

अपनी सादगी और ईमानदारी के लिए चर्चित वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय का आरोप है कि प्रेस क्लब प्रबंधन की तरफ से उनसे कहा जा रहा है कि वो वोट डालने न आएं क्योंकि उनका ड्यूज तीन साल तक जमा न होने और उस पर पेनाल्टी लगे होने के कारण सदस्यता निलंबित कर वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है. राम बहादुर राय का कहना है कि प्रेस क्लब प्रबंधन तीन साल का सदस्यता शुल्क ले ले और पेनाल्टी माफ कर दे. इसके बाद स्वत: वोट देने का रास्ता खुल जाएगा लेकिन प्रेस क्लब प्रबंधन इस पर राजी नहीं है. ऐसे में वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने दुखी और आहत मन से विरोध करने का फैसला कर लिया है. श्री राय चुनाव के दिन वोट देने जाएंगे और ड्यूज चुकाने के बाद भी वोट न डालने देने पर विरोध स्वरूप वहीं खड़े रहकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे.

भड़ास के संपादक यशवंत सिंह, जो प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव में सेन-फरीदी-गांधी पैनल की तरफ से मैनेजिंग कमेटी मेंबर के लिए प्रत्याशी हैं, इस प्रकरण पर कहते हैं :

अगर हमारा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का प्रबंधन अपने बुजुर्ग पत्रकारों, अपने अग्रजों, अपने वरिष्ठों, अपने माननीयों का सम्मान नहीं कर सकता, इनके प्रति संवेदनशील नहीं हो सकता तो इस प्रेस क्लब के क्या मायने हैं. राम बहादुर राय जैसे जाने-माने और वरिष्ठ पत्रकार को हर हाल में वोट का अधिकार न सिर्फ दिया जाना चाहिए बल्कि सदस्यता निलंबन जैसी हरकत के लिए प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के वर्तमान प्रबंधकों को माफी मांगनी चाहिए. वरिष्ठों से जुड़े मामलों में प्रेस क्लब को संवेदनशील होना चाहिए और स्वयं पहल करके किसी भी तकनीकी दिक्कत को दूर कर चीजों को आसान बनाए रखना चाहिए. नौकरशाही और तानाशाही वाली मानसिकता से काम करने वाला प्रबंधन अक्सर अहंकार से भरा होता है और वह अपने सामने किसी को कुछ नहीं समझता. यही अहंकार एक दिन विनाश का कारण बनता है. राय साहब जैसे बड़े पत्रकार के साथ प्रेस क्लब प्रबंधन के इस अपमान जनक हरकत को कोई भी पत्रकार उचित नहीं मानेगा और इसका बदला जरूर वोटिंग के दिन बैलट पेपर के जरिए वर्तमान प्रबंधकों/पदाधिकारियों को सबक सिखा कर लेगा.

लेखक भड़ास फ़ॉर मीडिया के संस्थापक एवं संपादक हैं.

तीन मौलवियों की पिटाई कर चलती ट्रेन से फेंका

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मेरठ। यूपी के बागपत जिले में तीन मौलवियों ने दबंगों पर चलती ट्रेन में बुरी तरह पीटने और बाहर फेंकने का आरोप लगाया है. तीनों मौलवियों को चोटें आई हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना बुधवार रात की है जहां ग्रामीणों ने मौलवियों के पक्ष और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बागपत कोतवाली पर हंगामा किया. गुरुवार को पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

शिकायत करने वाले तीनों मौलवी बागपत जिले के ही गांव अहेड़ा के रहने वाले हैं. घायल इसरार अपने साथी रोजुद्दीन निवासी अहेड़ा गांव के एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाते हैं. बुधवार को दोनों एक अन्य मौलाना के साथ बागपत से दिल्ली मरकज मस्जिद को देखने गए थे. हादसे के वक्त वहीं से लौट रहे थे. घायल मौलवी इसरार के मुताबिक बुधवार रात वह अपने दो अन्य साथियों के साथ पैसेंजर ट्रेन से दिल्ली से घर अहेड़ा लौट रहे थे. ट्रेन में मामूली बात को लेकर दबंगों ने विवाद हो गया.

इसरार ने आगे बताया कि मामला उसी वक्त शांत हो गया था, लेकिन जैसे ही वह अहेड़ा पहुंचने वाले थे और उतरने की तैयारी कर रहे थे तभी ऊपर की सीट पर बैठे दबंगों ने गालीगलौच शुरू कर दी और ट्रेन का गेट बंद कर दिया. पिटाई शुरू कर दी. करीब सात हमलावरों ने विरोध करने पर लोहे के रॉड से पीटा और फिर बड़ा रेलवे स्टेशन पर फेंक कर फरार हो गए.

घायल मौलवियों ने पास के गांव के लोगों को मदद के लिए बुलाया. ग्रामीणों ने रात में ही तीनों मौलवियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी. फिलहाल मामले में एसपी बागपत के आदेश पर पुलिस ने सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मामल दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है. इसरार का कहना है कि वह हमलावरों के नाम नहीं जानते, लेकिन सामने आने पर पहचान सकते हैं.

दलित लेखक कांचा इलैया पर एक बार फिर से हुआ हमला

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तेलंगाना के जगतियाल जिले में दलित लेखक कांचा इलैया पर बुधवार को कोर्ट के बाहर चप्पल से हमला किया गया. प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे भी फेंके. वहां मौजूद पुलिस ने यह सुनिश्चित किया वो सुरक्षित रूप से कार में बैठ जाए. यह घटना तब हुई जब वह कोरूतला कोर्ट से बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने जा रहे थे.

बता दें कि कांचा इलैया की किताब ‘सामाजिका स्मगलेर्लु कोमाटोलु’ का विरोध हो रहा है. इस किताब में वैश्य समुदाय के सदस्यों को सामाजिक तस्कर कहा गया है. किताब का आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दो तेलगु प्रभावी राज्यों में व्यापक विरोध हो रहा है. सामुदायिक संगठनों ने कांचा इलैया से माफी मांगने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया

इससे पहले सितम्बर महीने में भी उनके ऊपर हमला हुआ था. वारंगल जिले में वैश्य समुदाय के लोगों ने लेखक को निशाने पर लेकर उन पर चप्पल फेंकी थी. कांचा यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे. जैसे ही प्रदर्शनकारियों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने वहां पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी थी. प्रदर्शनकारियों के हमले से बचने के लिए कांचा को पुलिस स्टेशन में शरण लेनी पड़ी थी.

रेलवे ने 800 से अधिक पदों के लिए निकाली वैकेंसी

पूर्वी रेलवे ने Apprentice पदों के लिए भर्ती निकाली है और भर्ती के माध्यम से 863 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. इस भर्ती में आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 7 दिसंबर 2017 से पहले आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती में अलग-अलग पद शामिल है और उन पदों के अनुसार पदों की संख्या भी तय की गई है.

पद का विवरण- भर्ती में अलग अलग डिविजन के आधार पर आवेदन मांगे गए हैं, इसमें लिलुआ और हावड़ा स्टेशन शामिल है. सभी पदों में लिलुआ डिविजन में फिटर के 80 पद, टर्नर के 11 पद, वेल्डर के 50 पद, पेटर जनरल के 5 पद, इलेक्ट्रीशियन के 15 पद, वायरमैन के 15 पद, मशीनिस्ट के 23 पद पर आवेदन मांगे गए हैं. वहीं हावड़ा डिविजन के लिए कई पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं.

योग्यता- भर्ती में 50 फीसदी अंकों के साथ एसएससी परीक्षा पास कर चुके और संबंधित फील्ड में आईटीआई कर चुके उम्मीदवार भाग ले सकते हैं.

आयु सीमा- भर्ती में 15 से 24 साल तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं और यह उम्र 30-10-2017 के आधार पर तय की जाएगी.

जॉब लोकेशन- पश्चिम बंगाल

चयन प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन 10वीं के अंक और आईटीआई परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा.

आवेदन फीस- आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को 100 रुपये फीस का भुगतना करना होगा और फीस पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से जमा की जाएगी. वहीं एससी-एसटी, दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को फीस का भुगतान नहीं करना होगा.

कैसे करें अप्लाई- इस परीक्षा में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को अपना आवेदन पत्र भरकर और सभी आवश्यक कागज साथ में सलंग्न कर रेलवे ऑफिस भेजना होगा.

बैंकॉक मंदिर विस्फोट: एक संदिग्ध महिला गिरफ्तार

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नई दिल्ली। साल 2015 में थाईलैंड के इरावन मंदिर में हुए घातक विस्फोट मामले में एक संदिग्ध महिला को गिरफ्तार किया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक बुधवार रात को पुलिस ने उस महिला को सुवर्णाभूमि हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है. ऐसा कहा जा रहा है कि गिरफ्तार की गई महिला अपना निर्दोषता को साबित करने आयी है.

दरअसल बुधवर को सुवर्णाभूमि हवाई अड्डे पर पुलिस थाईलैंड की एक संदिग्ध महिला वान्ना सुआनसन (30) का इंतजार कर रही थी. जो तुर्की से आने वाली थी. हवाई अड्डे पर महिला के पहुंचते ही उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. तभी महिला की रिश्तेदारों ने मीडिया को बताया कि वान्ना सुआनसन अपनी निर्दोषता को सिद्ध करने के लिए थाईलैंड वापस आयी है. उसने बताया कि वह 2015 के हमले के दौरान तुर्की में ही थी.

वहीं पुलिस का कहना है कि वन्ना हमले से पहले समन्वयक के रूप में काम कर रही थी, उसने हमले में शामिल अन्य संदिग्धों को किराए पर कमरे दिए थे. जो उसके पति इमराह दावुतोग्लू के दोस्त थे. वहीं महिला के पति पर बम बनाने की सामग्री मुहैया कराने का आरोप है. यह जोड़ा अपने नवजात बेटे के साथ 17 अगस्त 2015 को हुए विस्फोट से पहले फुकेट से होते हुए तुर्की चला गया था.

यह बम एक बैक-पैक में छिपाया गया था, जिसमें विस्फोट से 20 लोगों की मौत हो गई. जिसमें 12 विदेशी भी शामिल थे. इसके साथ ही 120 से अधिक लोग उस विस्फोट के कारण घायल हो गए थे. संदिग्ध आरोपी वन्ना को गिरफ्तार करने के मामले में राष्ट्रीय पुलिस उपप्रमुख श्रीवारा रानसिब्रामनकुल ने मीडिया को बताया कि उस पर हत्या की साजिश रचने में सहयोग और बम रखने का आरोप लगा है. इसलिए उसे गुरुवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. वहीं अधिकारी ने बताया कि इस मामले से जुड़े 14 और संदिग्ध फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में है.