
कौशांबी। डेरा सच्चा सौदा का 29 लाख रुपये का बिजली बिल बाकी था. महीनों से बिजली बिल बकाया होने के बावजूद राम रहीम की गिरफ्तारी से पहले यहां बे रोक टोक बिजली जलती रही. एक तरफ जहां देश के पीएम और प्रदेश के सीएम भले ही दलितों को लेकर भरे मंच पर दरियादिली दिखाते हैं वहीं दूसरी ओर बड़े बकायेदारों पर हाथ डालने के बजाय छोटे बकायेदारों को उनके दरवाजे पहुंच आए दिन धमकाते और परेशान करते हैं.
कौशांबी के कसिया पूर्व गांव की एक घटना आपको अंदर तक झकझोर कर रख देगी. चौखट पर अपने सर को कभी पटकती तो कभी दहाड़े मार कर चीखती और चिल्लाती दुखियारी दलित महिला सावित्री देवी का आरोप है कि उसके पति के मौत का जिम्मेदार बिजली विभाग का जेई और उसके ठेकेदार हैं. दलित महिला का कहना है कि इस विभाग के जेई और ठेकेदार ने उसके पूरे परिवार को बेसहारा बना दिया.
कोखराज थाना क्षेत्र के कसिया पूर्व गांव में यह दलित परिवार रहता है. बुधवार की शाम बकाया बिजली बिल की वसूली करने आए मूरतगंज उपकेन्द्र के जेई आशीष मौर्या व बिल रीडिंग ठेकेदार उत्तम शुक्ला ने उसके पति अजय को धमकाया था कि बिल का बकाया 56141 रुपया नहीं जमा किया तो उसे जेल भेज दिया जाएगा. बिजली का कनेक्शन अजय के पिता रामू के नाम है. रामू की तीन महीने पहले मौत हो चुकी है. अजय ने जेई से कुछ दिनों की मोहलत मांगी लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया. जेई की बात से अजय को इस कदर सदमा लगा कि उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई.

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