सिंधु बार्डर पर लखबीर सिंह की हत्या ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। खासकर दलित समाज इससे काफी आहत है। हर कोई अपने तरीके से इसका विरोध कर रहा है। दलित समाज के नेताओं में भी इस घटना को लेकर खासा रोष है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के साथ ही आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी इस मुद्दे पर मुखर हैं। इस बीच चंद्रशेखर आजाद आज 18 अक्टूबर को मृतक लखबीर सिंह के घरवालों से मिलने पंजाब के तरणताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लखबीर सिंह के घरवालों से मिलकर उनका दर्द बांटा।
पंजाब के तरणताल जिले में लखबीर सिंह के परिवार से मिलने के बाद आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। अपने इस पत्र में चंद्रशेखर आजाद ने सीबीआई जांच की मांग सहित बातें उठाई है। चंद्रशेखर आजाद ने लिखा है-
माननीय चरणजीत सिंह चन्नी
मुख्यमंत्री, पंजाब सरकार
महोदय,
जैसा कि आप जानते हैं कि 14-15 अक्टूबर को दिल्ली हरियाणा के बीच सिंधु बार्डर पर किसान आंदोलन के मंच के पास आपके राज्य पंजाब के एक दलित मजदूर लखबीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मजदूर पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने पवित्र ग्रंथ के साथ बेअदबी की थी।
मैंने 18 अक्टूबर को लखबीर सिंह के पंजाब के तरनतारन जिला स्थित गांव पर जाकर परिवार और गाँव के लोगों से मुलाकात की और जो तथ्य सामने आए हैं, उससे इस मामले में संदेह पैदा हो रहा है। परिवार का साफ कहना है कि लखबीर सिंह ऐसा कर ही नहीं सकता।
मेरा तो ये भी मानना है कि अगर ये आरोप सही भी मान लिया जाएं, तो किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए देश में कानून है, कोर्ट है। अब स्थिति ये है कि परिवार लगातार अपमान झेल रहा है। साथ ही वे लोग खुद को असुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं। पंजाब के हर नागरिक के अभिभावक होने के नाते आपको इस मामले में न्याय दिलाने की कोशिश करनी चाहिए। मेरा आग्रह है कि –
1. आप इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को लिखें
2. पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दें।
3. परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी आपकी पुलिस ले और इसके लिए जरूरी हो तो परिवार को चंडीगढ़ में फ्लैट देकर शिफ्ट किया जाए।
उम्मीद है आप इस मामले में न्याय करेंगे।
चंद्रशेखर आजाद
राष्ट्रीय अध्यक्ष
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
निश्चित तौर लखबीर सिंह की हत्या ने समाज के बीच में एक बड़ी बहस शुरू कर दी है और धार्मिक कट्टरता के इस रूप में मानवीयता में यकीन रखने वाले सभी लोगों को परेशान कर दिया है।

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