“डिप्रेस्ड और सप्रेस्ड वर्ग के लोगों को उच्च जाति के हिन्दु नेताओं के नेतृत्व पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, और ना ही ऐसे किसी व्यक्ति को अपना नेता बनाना चाहिए, जिसके पास लोकतान्त्रिक उद्देश्य ना हो. इन समुदायों के लोगों को अपने समुदाय में...
भारत 15 अगस्त, 1947 को राजे-रजवाड़ों, बादशाहों-नवाबों, ठाकुरों-जागीरदारों और ब्रिटिश राज की गुलामी से आजा़द हो गया. बाबा साहेब चाहते थे कि राजनैतिक आजादी से पहले सामाजिक आजादी मिले, लेकिन तत्कालीन नेताओं ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया. इसका नतीजा यह रहा कि...
पीडीपी से गठबंधन तोड़कर भाजपा ने 2019 के लोकसभा के चुनावी मुद्दों का शंखनाद कर दिया. अब अच्छे दिन, विकास, भ्रष्टाचार के खात्में, कालेधन की वापसी और गुजरात मॉडल के नाम पर वोट नहीं मिलने वाला. अब भाजपा धारा 370 की समाप्ति, कश्मीरीअलगवाद के...
कुछ चीजों को तथाकथित ऊँची जात के लोगों ने अपना जातीय श्रेष्ठता दिखाने का बपौतीया अधिकार मान लिया है जैसे- मूँछ, सूट-बूट, जींस, सुनहरी मोजड़ी( जूती), सोने की मोटी सी चेन, गोरा रंग, घोड़े की सवारी, सिंह जैसे सरनेम, अच्छी कद-काठी आदि-आदि.
इसलिए जब कोई...
किसी ने कहा था की "जिस विचार को आने का समय हो गया है उसे रोका नहीं जा सकता" गाँधीवाद, समाजवाद, वामपंथ के बाद ''अम्बेडकरवाद" ही वो विचार है जो भारतीय विमर्श में आ गया है.
और उसी को स्थापित करती है फिल्म "काला"...
अगर मैं...
संघी सरकार लगातार ही बहुजनों के हक़ मारने वाले निर्णय ले रही है. एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट को कमज़ोर किया जाना, आरक्षण को अप्रभावी या कमज़ोर करने वाले निर्णय, सीट कटौती, स्कॉलरशिप कटौती जैसे कई बहुजन विरोधी निर्णय लगातार सरकार ले रही है. ताकि इसके...
विगत चार वर्षों से देश में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है. केन्द्र में ऐतिहासिक बहुमत की सरकार बनी है. ऐतिहासिक पार्टी अर्थात् कांग्रेस मुक्त भारत लगभग बन चुका है. लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा हमेशा रही है और होती ही रहेगी. विपक्षी पार्टी को...
सदियों से सोये हुए लोगों, अपने दिमाग पर थोड़ा प्रेशर डालिये और बीजेपी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी का एक बयान याद किजिए जो उन्होंने जयपुर में दिया था. उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार आरक्षण को ऐसी स्थिति में पहुंचा देगी जहां इसके होने...
देश में चुनावी वर्ष प्रारंभ हो चुका है और इसी के साथ प्रारंभ हो चुका है आगामी चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-भारतीय जनता पार्टी का चुनावी तिकड़म. देश में लगातार बढ़ रही मंहगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भूखमरी, आत्महत्या, अपराध, दलितों-आदिवासियों-अल्पसंख्यकों-महिलाओं के उत्पीड़न, महिलाओं...
बहुत कम लोगो को जानकारी होगी कि दिल्ली का प्रेमलता हत्याकांड सन् 1974 का दलित स्त्री अस्मितार्थ पहला दलित आन्दोलन था जिसका संयुक्त नेतृत्व रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया व भारतीय बौद्ध महासभा दिल्ली के कार्यकर्ताओ ने किया था!
प्रेमलता दिल्ली के कस्तूरबा गांधी हायर सेकंडरी...
ज्ञात हो कि निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में भाजपा के शीर्ष नेता सुब्रहमनियम स्वामी का यह कहना, ‘सरकारी नौकरियों में एससी और एसटी को मिलने वाले आरक्षण के नियमों को इतना शिथिल कर दिया जाएगा कि आरक्षण को किसी...
आज के दिन को भारत के सामाजिक लोकतंत्र के इतिहास के कलंकित दिन के तौर पर याद किया जाएगा. आज पहली बार भारत सरकार ने एक विज्ञापन जारी करके कहा है कि सरकारी नीति बनाने के लिए वह अफसरों की बगैर किसी परीक्षा के नियुक्ति...
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 5 जून को पदोन्नति में आरक्षण के संबन्ध में दिया गया फैसला जहां अनुसूचित जाति/जनजाति के लाखों कर्मचारियों को राहत देनी वाली खबर है, वहीं आरक्षण के विरोधियों के लिए एक करारा झटका भी. इससे ज्यादा मुश्किलें अब केंद्र सरकार के...
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) लगातार आन्दोलनरत हैं . हम उनके आन्दोलन का समर्थन करते हैं और हर मार्च या धरने में शामिल होते हैं . सरकार केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में नया रोस्टर लागू करके आरक्षण के संवैधानिक प्रावधान को कमजोर करना चाहती है ....
वनों के विनाश की क्षतिपूर्ति के लिए एकप्राधिकरण बनाया गया था, जिसका नाम है - प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण(सीएएमपीए). बांध, खनन और कारखाने आदि परियोजनाओं की मंजूरी से पहले केंद्रीय पर्यावरणमंत्रालय इसप्रकार की परियोजना से होने वाली वन्य क्षतियों का आंकलन...
उत्तर प्रदेश के फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उप चुनावों से एकजुट हो रहीं विपक्षी पार्टियों के सामने भाजपा की हार का जो सिलसिला शुरू हुआ वह हाल में कैराना और नूरपुर समेत अन्य जगहों पर हुए उप चुनावों में भी जारी रहा. उप चुनावों...
राजकिशोरजी नहीं रहे. हिंदी पत्रकारिता में विचार की जगह आज और छीज गई. कुछ रोज़ पहले ही उन्होंने अपना प्रतिभावान इकलौता बेटा खोया था.
पिछले महीने जब मैं उनसे मिलने गया, वे पत्नी विमलाजी को ढाढ़स बँधा रहे थे. लेकिन लगता था ख़ुद भीतर से...
‘साहित्य की छन्नी’ शीर्षांकित अपने लेख में संजय कुंदन जी लिखते है, “फेसबुक और व्हॉट्सऐप सोशल मीडिया के वो भाग हैं जो साहित्यिक प्रवृत्ति वाले लोगों को सबसे ज्यादा रास आए हैं. फेसबुक पर सार्वजनिक रूप से और व्हॉट्सऐप पर निजी स्तर पर अपने...
23 मई को कर्णाटक के नए मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी नेताओं की भीड़ देखकर भाजपा के कुशासन से त्रस्त जिन लोगों ने भारी राहत की सांस लिया था, वे निश्चय ही 31 मई को आये चार लोकसभा और दस विधानसभा...
केंद्र में मोदी सरकार के चार साल पूरे हो गये हैं. वर्ष 2014 में जब इस सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब जनता की उम्मीदें यूं ही आसमान पर नहीं थीं, बल्कि मोदी जी ने जनता को दिन में ऐसे तारे दिखाए थे, जिन्हें...
Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...