लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी प्रशासन दलित छात्रों को मिला 50 प्रतिशत आरक्षण खत्म करना चाहती है, जिसका विरोध करने वाले 19 छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन एफआईआर दर्ज कराने जा रहा है. जिसके विरोध में अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंटृ यूनियन (एयूडीएसयू) छात्रों की मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं. दलित छात्रों की मांग है कि जिन 19 छात्रों के खिलाफ एफआईआर करने जा रहे है, उसे वापिस लिया जाए, विश्वविद्यालय प्रशासन ने जो याचिका कोर्ट दायर की है, उसे वापिस लिया जाए. दलित छात्रों को झूठे केस में फंसाने की निष्पक्ष जांच की जाए और बीएड विभाग में शिक्षक नियुक्ति पर हुई धांधली को लेकर उचित कार्रवाई की जाए.
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यूनिवर्सिटी से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति को मिले 50 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करना चाहता है. इस आरक्षण प्रणाली को खत्म करने के लिए विश्वविद्यालय ने न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसका छात्र विरोध कर रहे हैं. प्रशासन द्वारा छात्रों की मांग अनदेखी करने पर एयूडीएसयू के साथ छात्र धरने पर बैठ गए हैं.
इस मामले पर एयूडीएसयू ने अपने पेज पर 23 जुलाई को लिखा था कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में विश्वविद्यालय प्रशासन की सह पर अशोका हॉस्टल के बाहर आरएसएस ने बैठक की. इस बैठक में गुजरात के आंदोलनरत दलितों को गालियां दी गई, तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ भी की गई थी.

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