तमिलनाडु। राज्य के तूतीकोरिन में वेदांता कंपनी की स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ पिछले कई महीनों से जारी विरोध प्रदर्शन में आज मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान आठ लोगों की मौत हो गई जबकि तीस से अधिक लोग घायल हो गए हैं. इसके बाद इलाके में धारा 144 लगा दी गई है. खबरों के अनुसार इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के साथ झड़प हुई.
इस घटना को लेकर तमिलनाडु के डीजीपी टीके राजेंद्रन ने कहा, ‘तूतीकोरिन के लोग घबराए नहीं. हम हालात को काबू में लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और शातिं व्यवस्था बनाने में हमारी मदद करें.’
वहीं प्रदर्शनकारियों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी मौत पुलिस की गोलियों से हुई है या नहीं यह जांच के बाद हीं स्पष्ट हो सकेगा.
दो हजार से ज्यादा पुलिस तैनात
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को कारखाने तक पहुंचने से रोका तो उन्होंने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, पुलिस वाहन को पलट दिया. साथ ही प्रदर्शनकारियों ने स्टरलाइट प्लांट के साथ-साथ कलेक्टर ऑफिस को घेरने की कोशिश की. स्थिति को बिगड़ता देख भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का भरपूर उपयोग किया. ऐसे में हालात पर काबू करने के लिए पास के जिलों से 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को घटनास्थल पर भेजा गया है.
विरोध का कारण
स्थानीय लोग स्टरलाइट कारखाने के खिलाफ लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और कारखाने को बंद करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. उनका कहना है कि कारखाने के कारण इलाके में भूमिगत जल (अंडरग्राउंड वाटर) भी प्रदूषित हो रहा है. इससे कई प्रकार की बीमारियां फैल रही है. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड तूतीकोरिन स्थित इस प्लांट से सालाना करीब चार लाख टन तांबा ढाला जाता है. वेदांता का विरोध ओड़िशा में किया गया था और वेदांता को वहां से लौटना पड़ा था.
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