1991 में उस समय के वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण की शुरुआत की थी। इसके साल भर के भीतर 1992 में महाराष्ट्र के एक दलित उद्यमी अशोक खाड़े ने अपनी कंपनी ‘डीएएस ऑफ़शोर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ लॉन्च की। अब उदारीकरण के तीन दशक बाद, ये दोनों अपने क्षेत्रों में ऊँचे मुक़ाम पर खड़े हैं। ऑफ़शोर स्ट्रक्चर (समुद्र के किनारे बनने वाली संरचना) खड़ा करने के क्षेत्र में आज डीएएस ऑफ़शोर ने दुनिया में अपना नाम बना लिया है। वहीं अशोक खाड़े दलित समुदाय के पहले और अपने दम पर आगे बढ़ने वाले चुनिंदा उद्यमियों में से एक हैं।
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