अनिल के हौसलों को नहीं रोक पाई गरीबी, 20 देशों के धावकों को पछाड़ जीता गोल्ड मेडल
यमुनानगर। जिनके हौसला बुलंद होता है उनकी उड़ानों को गरीबी की बाधा नहीं रोक पाती है. ऐसा ही एक कारनामा हरियाणा के अनिल ने कर दिखाया है. अनिल ने मॉरीशस में इतिहास रचते हुए 42 किलोमीटर की मैराथन दौड़ में जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किया है. इस जीत के साथ ही उसने अगस्त में होने वाले वर्ल्ड मैराथन चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है.
मॉरीशस में हुई मैराथन में 20 से अधिक देशों के धावकों ने हिस्सा लिया था. अनिल ने सबको पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता. अनिल ने 42 किलोमीटर की यह मैराथन 2 घंटे 20 में पूरी की.
गरीबी के कारण पिछले वर्ष 2016 में आयोजित ओलंपिक के लिए पौलेंड में होने वाली प्रतियोगिता के लिए भाग नहीं ले सका था. लेकिन इस बार रोटरी क्लब व अन्य एनजीओ के माध्यम से उसे कुछ आर्थिक मदद मिली और उसने वर्ल्ड मैराथन चैम्पियनशिप से पूर्व मॉरीशस में हुई मैराथन दौड़ में भाग लेते हुए गोल्ड मैडल हासिल कर क्वालीफाई किया.
अनिल की इस जीत से पूरे देश का नाम रोशन हुआ है. अनिल व उसकी सहायता करने वाले रोटरी क्लब के सुमित छाबड़ा व जिला बाल कल्याण अधिकारी राजेन्द्र बहल को भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
मॉरीशस से फोन पर की बातचीत में अनिल ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 20 से भी अधिक देशों के धावकों ने भाग लिया. उसने सभी धावकों को पछाड़ते हुए 2 घंटे 20 मिनट में 42 किलोमीटर की यह मैराथन दौड़ पूरी की. अब उसका लक्ष्य अगस्त माह में लंदन में आयोजित वर्ल्ड मैराथन चैंपियनशिप जीतकर भारत का नाम रोशन करना है. उसने फोन पर बताया कि यदि संभव हुआ तो अब वह लंदन से वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने के बाद ही वापस लौटेगा.
भाजपा सरकार में भूखे पेट सो रही हैं छात्रावास में रहने वाली आदिवासी छात्राएं
जबलपुर। यह खबर मध्य प्रदेश के प्रमुख जिले जबलपुर की है. शहर मुख्यालय से पांच किमी दूर छपरा, करौंदी मार्ग पर एक मॉडल हाईस्कूल है. सूचना इसी स्कूल से मिली है और सूचना यह है कि इस हाईस्कूल के आवासीय विद्यालय में रहने वाली आदिवासी छात्राओं को भूखे पेट सोना पड़ रहा है. इनके लिए खाने का प्रबंध करने का जिम्मा स्वयं सहायता समूह के पास है जो लगातार इन आदिवासी छात्राओं की अनदेखी कर रहा है. छात्राओं को कच्चा खाना परोसा जा रहा है, जिसे खाकर कई छात्राएं बीमार भी हो चुकी हैं. खबर दैनिक अखबार राजस्थान पत्रिका के हवाले से सामने आई है.
अब जरा घर से दूर रह रहीं इन छात्राओं के खाने का मेन्यू सुन लिजिए. भोजन के नाम पर इन्हें सिर्फ दो रोटी और एक चम्मच चावल मिल रहा है. इस पूरे मामले का खुलासा छात्राओं ने खुद किया है. छात्राओं का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है. वहीं खाने की जम्मेदारी जिस स्वयं सहायता समूह और जिस ठेकेदार के पास है, उसकी दबंगई के चलते आवासीय विद्यालय के टीचर भी कुछ नहीं बोलते हैं.
अगर नियम कायदों की बात करें तो प्रशासन द्वारा आवासीय हॉस्टलों में खिलाने के लिए एक मेन्यू है. और नियम यह है कि सातों दिन का खाना उसी मेन्यू के हिसाब से देना है. मीनू के अनुसार सुबह-शाम चाय फिर नाश्ता और भरपेट भोजन दिया जाना चाहिए. लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है. छात्राओं का आरोप है कि मेन्यू की पूरे तौर पर अनदेखी की जाती है और चावल-दाल रोटी के अलावा कभी-कभार हरी सब्जी के रूप में चौरई की सब्जी भर ही दी जाती है.
वीडियों देखने के लिए यहां क्लिक करेंछात्राओं के विरोध में आने के बाद इस आवासीय विद्यालय से जुड़े सभी प्रमुख लोग सकते में हैं. उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि आदिवासी छात्राएं इस कदर विद्रोह पर उतर जाएंगी. प्रिंसिपल पीएस मरावी बस इतना भर कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि छात्राओं को कच्चा भोजन परोसने के संबंध में शिकायत मिलने के बाद इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया गया है. लेकिन सवाल है कि क्या प्रिंसिपल और अन्य संबंधित अधिकारियों की आंखों के सामने हो रहे इस जुल्म को लेकर पहले किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई?
गाय को बचाने में तीन मुसलमानों की जान गई

उन्नाव। गाय को लेकर मार पिटाई की घटनाऐँ तो आए दिन हो रहीं हैं लेकिन ताजा मामला सड़क हादसे का है जिसका कारण एक गाय रही. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में तीन मुसलमानों की गाय को बचाने की कोशिश में जान चली गई. 48 वर्षीय मोहम्मद असलम, 35 वर्षीय जहांगीर आलम और 45 वर्षीय दिलशाद खान की कार उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई जब ड्राइवर ने सड़क पर आ गई एक गाय को बचाने के लिए गाड़ी को अचानक से दाएं घुमाया. जहांगीर, दिलशाद और असलम राजस्थान के अजमेर से ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से जियारत करके वापस आ रहे थे. दुर्घटना लखनऊ से करीब 60 किलोमीटर दूर उन्नाव में हुई. कार में सवार अन्य यात्रियों का इलाज कानपुर के एक अस्पताल में चल रहा है.
दुर्घटना में घायल मोहम्मद इमरान ने द टेलीग्राफ को बताया कि गाड़ी असलम चला रहे थे. एक्सप्रेस वे पर उन्होंने गाड़ी के सामने एक गाय अचानक आ गई. असलम ने गाय को बचाने के लिए गाड़ी घुमाई जिसके बाद वो डिवाइडर से टकरा गई. ये हादसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुआ. खबर के अनुसार सभी मारे गए लोग बिहार के रहने वाले थे और व्यापारी थे.
उन्नाव की पुलिस एसपी नेहा पाण्डेय ने बताया कि जहांगीर, असलम और दिलशाद की कार गाय को बचाते हुए डिवाइडर से टकरा गई. नेहा पाण्डेय के अनुसार तीनों मृतक बिहार के गोपालगंज जिले के मारवाड़ी मोहल्ला के रहने वाले थे. कार में छह लोग सवार थे. सभी शनिवार (14 जुलाई) को अजमेर पहुंचे थे. बिहार वापसी से पहले वो एक दिन दिल्ली में रुके और अपनी कार की मरम्मत करवाई. दिल्ली से सभी असलम के बेटे का अलीगढ़ स्थित एक पब्लिक स्कूल में दाखिला कराने के लिए गए जहां से लौटते हुए ये बड़ा हादसा घटित हो गया.
मोदीराज में बिना परीक्षा पास किए बनेंगे IAS-IPS
दिल्ली। भारत की सबसे कठिन परीक्षा सिविल सर्विस को पास करके जिलाधिकारी, सचिव, पुलिस अधिकारी जैसे पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं ऐसे पद सरकारी सेवाओं में सबसे श्रेष्ठ स्थान पर हैं. पर अब निजी क्षेत्र के लोगों को बिना परीक्षा पास किये ही लाने की सेँध मारी शुरु हो चुकी है. जी हां, अब मोदी सरकार देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली सिविल सेवाओं में परीक्षा के माध्यम से भर्ती के अलावा केंद्र सरकार अब लैटरल एंट्री का भी प्रावधान करने जा रही है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है.
सरकार चाहती है कि निजी क्षेत्र के अधिकारियों को विभिन्न विभागों में उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव रैंक के पदों पर नियुक्त किया जाए. सूत्रों के मुताबिक, निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर चयन किया जाएगा.
बता दें की कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी समिति ऐसे लोगों का अंतिम रूप से चयन करेगी. पिछले साल ही अगस्त में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में यह बताया था कि ऐसी समिति गठित करने की कोई योजना नहीं है, जो सिविल सेवाओं में लैटरल इंट्री की संभावना पर विचार कर सके. जानकारी के अनुसार शुरूआत में निजी क्षेत्रों, शिक्षा, गैर सरकारी संगठनों से जुड़े तकरीबन 40 ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा. अगर इस तरह का बिल पारित हुआ तो सरकारी विभागों की और अधिक बर्बादी तय है.
मुलायम के होर्डिंग से पार्टी और अखिलेश गायब
नई दिल्ली। सपा की नींव रखने वाले मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश के बीच विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है कल राष्ट्रपति चुनाव में भी मुलायम सिंह का वोट रामनाथ कोविंद को जाने की आंशका जतायी जा रही है. गौरतलब है कि इटावा को सपा का गढ़ माना जाता है जहां शिवपाल और मुलायम की जगह-जगह होर्डिंग लगी रहती हैं. ताजा लगे होर्डिंग की खास बात यह है कि इसमें अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का नाम तक नहीं है. होर्डिंग लगने के बाद इलाके में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है.
बता दें यह होर्डिंग्स यादव परिवार में कलह के बाद इटावा में बने संगठन “मुलायम के लोग” के बैनर तले लगाया गया है. इस होर्डिंग में लिखा है की गूंजे धरती और पाताल, प्रदेश के नेता हैं शिवपाल. इस होर्डिंग में न तो अखिलेश यादव की फोटो नजर आ रही है न ही पार्टी के लिए कुछ लिखा है. यहां तक की इसमें समाजवादी पार्टी का निशान तक नहीं है.
जानकारी देते हुए सपा से इस्तीफा दे चुके इटावा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि हमारा और हमारे नेता मुलायम सिंह यादव और शिवपाल का सपा से कोई मतलब नहीं है. हम समय-समय पर इस तरह की मुहिम चलाते रहते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि हम 15 अगस्त को इटावा में एक बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं, जिसमें मुलायम सिंह और शिवपाल यादव शामिल होंगे.
सहारनपुर मुद्दे पर बहनजी ने राज्यसभा में कहा- इस्तीफा दे दूंगी

नई दिल्ली। राज्यसभा में मानसून सत्र के दौरान आज बसपा प्रमुख मायावती भड़क गईं और उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा तक देने की पेशकश कर दी. असल में हुआ यूं कि बसपा प्रमुख ने राज्यसभा की कार्रवाई शुरू होते ही सहारनपुर की अपनी यात्रा का मुद्दा उठाया.
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने के दौरान कई दिक्क्तों का सामना करना पड़ा. उन्हें वहां हैलीकॉप्टर से जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसकी वजह से उन्हें गाड़ी से जाना पड़ा जिसमें कई घंटे लगे. सरकार ने उनकी सुरक्षा की भी अनदेखी की.
मायावती जब अपनी बात रख रही थीं तो राज्यसभा के उप सभापति ने उन्हें बोलने से रोका और उनकी अनदेखी की. बस फिर क्या था, बसपा प्रमुख ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें वहां न तो सुना जा रहा है और न ही बोलने दिया जा रहा है. इसके बाद हंगामा होने लगा और मायावती ने उपसभापति को कहा कि आप मुझे बोलने नहीं देंगे तो मैं सदन से इस्तीफा दे देती हूं. वह गुस्से में राज्यसभा से वॉक आउट कर गई. मायावती के समर्थन में कांग्रेस के सांसदों ने भी वॉक आउट कर दिया.
संसद कैंपस में मीडिया से बात करते हुए बहनजी ने राज्यसभा से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी. मायावती ने कहा की सहारनपुर घटना केंद्र की साजिश थी. BSP सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार हो रहा है. सरकार दलितों को बाबा साहब के नाम पर गुमराह कर रही है और दलितों के नाम पर नौटंकी कर रही है. मैं आज ही इस्तीफा दे दूंगी.
यहां क्लिक कर वीडियों में देखिए मायावती ने और क्या कहा.मायावती ने यह भी कहा जब वो सहारनपुर में दलितों से मिलने गई और उनकी मदद करने की कोशिश की तो वहां के DM/SDM ने उनको मना कर दिया. और बड़े पैमाने पर दलितों का उत्पीड़न हो रहा है. उन्होंने इस्तीफे की भी धमकी दी और कहा कि अगर मेरी बात नहीं सुनी गयी तो मैं इस्तीफ़ा दे दूंगी.
मायावती ने राज्य सभा में सहारनपुर हिंसा को दलित कांड बताया और कहा कि यह बीजेपी की साजिश है. उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर घटना पर पर्दा डालने का आरोप लगाया.
सीताराम येचुरी ने सरकार पर विपक्ष की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया. राज्यसभा में सरकार पर दलित-विरोधी होने का विपक्ष ने लगाया नारा. इस बीच हंगामे के बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया.
शशिकला के ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ का खुलासा करने वाली डीआईजी का ट्रांसफर
बेंगलुरू। भारत में ईमानदार अधिकारियों को अपने काम का फल कुछ इस तरह से ही मिलता है. सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरू के केंद्रीय कारागार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और भारी अनियमितताओं का पदार्फाश करने वाली भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी डी रूपा का सोमवार को तबादला कर दिया. असल में इसकी वजह एक दिन पहले ही जेल में शशिकला को मिलने वाले वीआईपी ट्रीटमेंट का खुलासा करना रही.
उन्होंने AIADMK नेता शशिकला को जेल में मिलने वाली गैरकानूनी सुविधाओं को लेकर एक और रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसमें खुलासा किया गया था कि शशिकला के व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए बैरक के पांच सेल खुले रखे गए थे जहां ताला नहीं लगाया जाता था.
इसके साथ ही रूपा ने कहा, एक पूरा कॉरिडोर शशिकला के लिए रखा गया था, वहां किसी और को जाने की अनुमति नहीं थी. पिछले सप्ताह डीआईजी डी रूपा की रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया था. इस रिपोर्ट में उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद शिशिकला को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि 2 करोड़ देकर शशिकला ने अपने लिए जेल में अलग से किचन भी बनवाया है.
डी रूपा की रिपोर्ट सामने आने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हाई लेवल इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं. वहीं जेल अधीक्षक एचएसएन राव ने इस तरह की किसी भी रिपोर्ट से इनकार किया है. सोमवार को राज्य सरकार ने डी रूपा का ट्रैफिक विंग में ट्रांसफर कर दिया.
बता दें की मुख्यमंत्री का कहना है की यह कार्रवाई रिपोर्ट को लेकर मीडिया तक जाने की वजह से की गयी है. इस रिपोर्ट की वजह से काफी विवाद पैदा हो गया है. इस पर सिद्धरमैया सरकार ने उलटे रूपा से सफाई मांगी है. अपने काम को ईमानदारी से करना डीआईजी डी रुपा को काफी मंहगा पड़ गया.
कोई भी जीतें, दलित राष्ट्रपति बनने से खुश हूंःमायावती
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बीते सोमवार को खुशी जाहिर करते हुए कहा कि चुनावी हार-जीत से परे भारत का अगला राष्ट्रपति दलित होगा. मायावती ने अपना वोट देने के बाद कहा, “जब भी चुनाव होता है कोई एक व्यक्ति जीतता है, और दूसरा हारता है. हालांकि, मैं खुश हूं कि जो भी नतीजा हो एक अनुसूचित जाति का व्यक्ति राष्ट्रपति बनने जा रहा है. यह हमारे आंदोलन और हमारी पार्टी के लिए खुशी का क्षण है.” राष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी पार्टियों की संयुक्त उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के बीच सीधा मुकाबला है. दोनों ही दलित समुदाय से हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव में वोट डाला. कांग्रेस नेता ने रविवार को राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों व विधायकों से ‘स्वविवेक से मतदान करने’ की अपील की थी. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह ‘संकुचित विचारधारा, विभाजनकारी और सांप्रदायिक दृष्टिकोण’ को देश पर थोपने की कोशिश कर रही है.
सभी निर्वाचित सांसद और विधायक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए मतदान करने के योग्य हैं. मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है.
राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्षी दलों की साझा उम्मीदवार व पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार आमने-सामने हैं.
क्रिकेटर मोहम्मद शमी को घर में घुसकर मारने की कोशिश
कोलकाता। इंडियन क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मो. शमी के साथ बदसलूकी और मारपीट की कोशिश का मामला सामने आया है. उनके कोलकाता स्थित अपार्टमेंट पर हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है. इस संबंध में शमी ने कोलकाता के जादवपुर पुलिस स्टेशन में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, कोलकाता के काटजू नगर में रहने वाले क्रिकेटर मो. शमी अपनी पत्नी के साथ कार से घर की तरफ जा रहे थे. रास्ते में बाइक सवार एक शख्स खड़ा था जिसे सामने से हटने को लेकर उनके ड्राइवर और आरोपी से तीखी बहस हो गई. क्रिकेटर शमी ने बीच-बचाव किया और अपने अपार्टमेंट में चले गए. लेकिन बाद में आरोपी कुछ लोगों के साथ आया.
बताया जा रहा है कि उन लोगों ने शमी के अपार्टमेंट पर हमला कर दिया. उनके केयरटेकर से लड़ने लगे, मैनेजर का कॉलर पकड़ कर उनके साथ बदसलूकी और मारपीट कर दी. जिसके बाद शमी और उनकी पत्नी ने जादवपुर पुलिस स्टेशन जाकर इसकी शिकायत दर्ज करा दी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया है जिसके बाद मामला शांत हुआ.
रोजर फेडरर ने आठवीं बार जीता विंबलडन ग्रैंड स्लैम
टेनिस के स्टार रोजर फेडरर ने एकबार फिर महारथ हासिल की है. स्विट्जरलैंड के स्टार टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर ने रविवार को फाइनल में क्रोएशिया के मारिन सिलिच को सीधे सेटों में मात देकर रिकॉर्ड आठवीं बार विंबलडन का पुरुष सिंगल्स खिताब जीत लिया है. ये फेडरर के करियर का 19वां ग्रैंड स्लैम खिताब है और पहले ही सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के अपने रिकॉर्ड को उन्होंने और बेहतर किया है. फेडरर ने फाइनल में सिलिच को सीधे सेटों में 6-3, 6-1, 6-4 से मात देते हुए आठवीं बार विंबलडन खिताब जीता.
फाइनल में फेडरर के शानदार खेल का सिलिच के पास कोई जवाब नहीं था और सिलिच कभी भी फेडरर को चुनौती देते नजर नहीं आए. 2014 के यूएस ओपन विजेता रहे सिलिच किसी भी सेट में फेडरर की चुनौती का मुकाबला नहीं कर पाए. सिलिच ने सेमीफाइनल में अमेरिका के सैम क्वैरी को मात देकर अपने पहले विंबलडन फाइनल में पहुंचकर फेडरर के साथ भिड़ंत पक्की की थी, जबकि फेडरर ने टॉमस बर्डिच को मात देकर अपने 11वें विंबलडन फाइनल और 29वें ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई थी.
फेडरर ने फाइनल में पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया. दूसरे सेट में तो सिलिच बिल्कुल बेअसर नजर आए और फेडरर ने आसानी से ये सेट भी 6-1 से अपने नाम कर लिया. तीसरे सेट में सिलिच ने वापसी की कोशिश की लेकिन वह आखिरी में 6-4 से फेडरर ने सेट और खिताब अपने नाम कर लिया. जिसके बाद उनकी भावुक तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहीं.
4.54 रुपये में मिलेगा अनलिमिटेड 4G इंटरनेट और कॉल: JIO
नई दिल्ली। फ्री इंटरनेट और कालिंग के लिये मशहूर रिलायंस जियो एक बार फिर से धमाकेदार ऑफर ला रहा है. जियो के धन धना धन ऑफर और समर सरप्राइज ऑफर खत्म होने वाले हैं. इससे पहले ही जियो ने अपना नया प्लान यूजर्स के लिए पेश कर दिया. इसके अलावा भी रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स के लिए कई और प्लान पेश किए हैं.
जियो ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के यूजर्स के लिए नए प्लान पेश किए हैं. जियो के 509 रुपये के प्लान में 56 दिन की वैधता के साथ अनलिमिटेड वॉयस कॉल और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी. इसमें शर्त है कि यूजर को 4G स्पीड के साथ रोजाना 2GB डेटा मिलेगा. रोजाना की लिमिट खत्म होने के बाद स्पीड 128kbps हो जाएगी.
अगर इस प्लान में देखें तो यूजर को महज 4.54 रुपये में रोजाना में ही अनलिमिटेड वॉयस कॉल और इंटरनेट की सुविधा मिल रही है. जियो धन धना धन ऑफर के तहत यूजर को 399 रुपये में 84 दिन की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉल और इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है.
इसमें एक शर्त है कि यूजर को रोजाना 4G स्पीड के साथ केवल 1GB डेटा ही मिलेगा. एक जीबी डेटा की लिमिट खत्म होने के बाद इंटरनेट तो चलता रहेगा लेकिन उसकी स्पीड 128kbps की हो जाएगी. रिलायंस जियो के प्रीपेड यूजर्स के लिए सबसे सस्ता रिचार्ज 19 रुपये का है. इसमें यूजर को 1 दिन की वैधता के साथ अनलिमिटेड वॉयस कॉल की सुविधा मिल रही है. वहीं 200MB डेटा भी मिलेगा. इस तरह जियो के धमाकेदार ऑफर अन्य टेलीकॉम कंपनियों के लिये परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं जिसके बाद अन्य कंपनियों के ऑफर्स में भी गिरावट होने के आसार हैं.
RSS विचारक को दंगा भड़काने के आरोप में गैरजमानती वारंट जारी
कोलकाता। दंगा भड़काने के मामले में एक बार फिर आऱएसएस का नाम उछला है. इस बार आरोप संघ विचारक मनोज सिन्हा पर है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है. ममता ने संघ विचारक राकेश सिन्हा पर कानूनी चाबुक चलाकर उनकी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगा दी है. सिन्हा पर शांति भंग करने और दंगा भडकाने के आरोप में उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर गैर जमानती वारंट जारी किया है.
सिन्हा के खिलाफ कलकत्ता के सेक्शपीयर सरानी थाने में 12 जुलाई को भारतीय अचार संहिता की धारा 153 ए1 (ए)(बी), 505(1)(बी),295ए,120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं के जरिए राकेश सिन्हा के खिलाफ दंगा भडकाने, लोगों की भावनाओं को आहत करने और भविष्य में उनके बयानों के जरिए दंगा भडकने की आशंका जताई गई है.
बता दें कि सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे फोटो और पोस्ट डाले थे जिससे सूबे की शांति व्यवस्था भंग हुई थी. हालांकि सिन्हा का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है, जिससे की पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति बेपटरी हो.
बता दें की अपने अकाउंट से विवादित सामग्री हटाने के बाद उन्होंने बताया कि मेरे ट्वीटर और फेसबूक पेज पर दंगा भडकाने वाले बातों के लिखे जाने का एफआईआर में वर्णन है. जबकि मैंने अपने सोशल मीडिया साईट पर कोई विवादित फोटो नहीं डाली है. बीते कई दिनों में महज तीन फोटो डाली हैं. जिसमें एक तस्वीर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से पुरस्कार ग्रहण करते वक्त, दूसरी फोटो पीएम मोदी के साथ बुक रिलीज के एक कार्यक्रम की है और तीसरी फोटो उज्जैन के महाकाल की है.
जय प्रकाश कर्दम को मिलेगा हिंदी अकादमी सम्मान
नई दिल्ली। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी नई दिल्ली में हिंदी अकादमी द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार जयप्रकाश कर्दम को “विशिष्ट योगदान सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान जयप्रकाश कर्दम को हिंदी साहित्य में विशेष योगदान के लिए दिया जा रहा है.
हिंदी भवन में 20 जुलाई को हिंदी सम्मान समारोह आयोजित होगा. इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रहेंगे हैं साथ ही विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र पाल गौतम (कला व संस्कृति मंत्री), विशेष उपस्थिति श्री वी. अब्राहम (सचिव भाषा) तथा सानिध्य मैत्रयी पुष्पा (उपाध्यक्ष हिन्दी अकादमी) आदि अतिथियों की मौजूदगी रहेगी.
20 जुलाई की शाम 5:30 बजे हिंदी अकादमी के द्वारा हिंदी भवन में आयोजित किये जा रहे सम्मान अर्पण समारोह में हिन्दी की अलग- अलग विधाओं के लिये साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है जिसमें नाटक, हास्य व्यंग्य, गद्य विधा, अनुवाद, बाल साहित्य व पत्रकारिता योगदान(इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट) सम्मान जैसे अन्य सम्मान भी दिग्गजों को दिये जायेंगे.
बीफ की पुष्टि के बाद भाजपा नेता गिरफ्तार
नागपुर। चार दिन पहले गोरक्षकों ने जिस भाजपा कार्यकर्ता की पिटाई की थी उसके पास बीफ था, इसकी पुष्टि आज 17 जुलाई को नागपुर लैब ने भी कर दी है. वहीं पुलिस ने लैब रिपोर्ट आने के बाद आरोपी सलीम शाह को गिरफ्तार कर लिया है.
बता दें की पुलिस ने बीतें शनिवार को बताया कि 12 जुलाई को सलीम शाह (34) को पीटने के आरोप में उन्होंने चार लोगों को गिरफ्तार किया था. सलीम भाजपा की कटोल इकाई का सदस्य था और जो मांस उसके पास था, उसे जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया था. पुलिस अधीक्षक नागपुर देहात ने बताया कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है कि यह बीफ ही था. उन्होंने बताया कि कानून के मुताबिक पुलिस शाह के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगी.
बीफ की जानकारी मिलते ही भाजपा ने सलीम को अल्पसंख्यक मोर्चे के सदस्य के पद से हटा दिया. इस बात की जानकारी भाजपा नागपुर की शहरी यूनिट के अध्यक्ष राजीव पोडार ने दी. राजीव ने कहा कि उनको यह सब सुनकर काफी हैरानी हुई. राजीव ने सलीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की. पुलिस ने बताया है कि उन्होंने केस दर्ज कर लिया है और सलीम के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है जिसके बाद उस पर जरूरी कार्रवाही की जायेगी.
सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार दलितों की मौत
नई दिल्ली। एकतरफ सरकार देश में सफाई अभियान के नाम पर जगह जगह आयोजन कराती है, तरह तरह के वादे करती रहती है तो वहीं सेप्टिक टैंको में मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा घटना दक्षिणी दिल्ली के घिटोरनी इलाके की है जहां सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दम घुटने के कारण चार सफाई कर्मचारियों की मौत हो गयी. इस मामले में ‘लापरवाही’ को लेकर दो व्यक्तियों को आज गिरफ्तार भी किया गया.
बता दें की यह घटना कल एक निर्माणाधीन इमारत में हुई. जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि निरंजन सिंह (42) और रिधिपाल (47) नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. निरंजन संबंधित इमारत का सुपरवाइजर है. टैंक की सफाई के दौरान स्वर्ण सिंह , दीपू, अनिल और बलविंदर नामक चार सफाई कर्मचारियों की की मौत हो गई थी.
सफाई के लिए सुपरवाइजर के आदेशानुसार चारो लोग एक हार्वेस्टिंग टैंक की सफाई के दौरान नीचे गये जिसमें दम घुटने से चार सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि ये कर्मचारी इलाके में टैंक की सफाई करने के लिए नीचे उतरे, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकले. टैंक के भीतर वे सभी जहरीली गैस की चपेट में आ गए जहां दम घुटने से सभी की मौत हो गयी.

