बच्चों के लिए खतरनाक है मोबाइल!

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नई दिल्ली। क्या आपको पता है कि आपके घर आंगन में हंसते खेलते बचपन को आज किसी की नजर लग रही है. लेकिन दुख तो इस बात का है कि आप जानकर भी अनजान बने हुए हैं. हम बात कर रहे हैं बच्चों के मोबाईल लत की. जो अंदर ही अंदर उसे चिड़चिड़ा बनाता जा रहा है. बड़ों की बातों पर ध्यान देना बंद कर दिया है. यानि मोबाईल फोन के ज्यादा और बेजा इस्तेमाल ने बच्चों को रोगी बनाना शुरू कर दिया है. चिकित्सकों की माने तो 10 से 15 साल के उम्र के बच्चे मोबाइल एडिक्शन के चलते डिप्रेशन, एंजाइटी, अटैचमेंट डिसॉर्डर और मायोपिया जैसी बीमारी की जकड़ में आ रहे हैं. औसतन एक दिन में दो घंटे से अधिक मोबाइल के प्रयोग का सीधा असर बच्चों के दिमाग पर पड़ता है. इससे उनका शारीरिक विकास भी बाधित होता है. डॉक्टरों की माने तो बच्चे जब मोबाइल का प्रयोग करते हैं तो वे उसमें खो जाते हैं. मोबाइल के गेम्स की एक अलग ही दुनिया होती है.

अगर आप चाहते हैं कि आपका लाडला हानिकारक रेडिएशन से होने वाली खतरनाक बीमारी से बचे तो इसके लिए सबसे पहले आपको ही ध्यान देना होगा कि बच्चे को मोबाइल की लत न लगने पाए. भले ही इसके लिए कुछ सख्ती बरतनी पड़े. दरअसल, मां-बाप ही बच्चे को मोबाइल की लत लगा रहे हैं. छोटा बच्चा खाना नहीं खा रहा हो तो मोबाइल दिखाते हुए खाना खिलाना, शुरुआत यहीं से होती है. जबकि कम उम्र के बच्चों पर मोबाइल रेडिएशन का असर अधिक पड़ता है.

कूड़े का डिब्बा छूने पर गर्भवती दलित महिला को जमकर पीटा, अस्पताल में मौत

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बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जिस गर्भवती दलित महिला की “कूड़ेदान को खराब” करने के आरोप में पिटाई की गयी थी उसकी शनिवार (21 अक्टूबर) को मौत हो गयी. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्टूबर को रोहित कुमार और उसकी मां अंजू देवी ने 34 वर्षीय सुमित्रा देवी की कथित तौर पर लाठी-डंडे से पिटाई कर दी थी. पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार सुमित्रा देवी के पेट में गंभीर चोटें लगी थीं. सुमित्रा की नौ वर्षीय बेटी हमले के समय मौके पर मौजूद थी. पुलिस ने शिकायत दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ये घटना बुलंदशहर के खेतलपुर भंसोली गांव की है.

सुमित्रा देवी के पति दिलीप कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पिटाई के कारण सावित्री का तुरंत गर्भपात हो गया था. वो नौ महीने से गर्भवती थीं. उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में डॉक्टरों ने उन्हें घर वापस भेज दिया. शनिवार (21 अक्टूबर) को जब सुमित्रा देवी की तबीयत दोबारा बिगड़ गयी तो उन्हें घरवाले अस्पताल लेकर गये. अस्पताल पहुंचने से पहले सावित्री बेहोश हो चुकी थीं. डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका देहांत हो चुका था.

दिलीप कुमार ने टीओआई को बताया, “मेरी पत्नी ने कूड़ेदान को गलती से छू दिया था. लेकिन रोहित और उसकी मां अंजू ने उसे बुरी तरह पीटा और उसे कूड़ेदान को खराब करने का आरोप लगाया. वो ठाकुर समुदाय से आते हैं. 15 अक्टूबर को हम कोतवाली देहात पुलिस थाने गये थे लेकिन पुलिस ने हमें लौटा दिया था. शुक्रवार (22 अक्टूबर) को हमारी शिकायत दर्ज की गयी.” रिपोर्ट के अनुसार पुलिस एसपी प्रवीण रंजन ने बताया कि आईपीसी की सभी संबंधित धाराओं के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एसपी स्तर के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. टीओआई के अनुसार कोतवाली (ग्रामीण) के थाना प्रभारी तापेश्वर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुमित्रा देवी की मौत सिर में अंदरूनी चोट लगने से हुई.

जनसत्ता से साभार

पांच बार गोल्ड जीतने वाली दलित महिला खिलाड़ी का सीएम ने किया अपमान

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Bhivani

भिवानी। भारतीय जनता पार्टी इस बार सत्ता में आने से पहले दलितों और पिछड़ों की हितैषी बनीं वोट मांग रही थी. लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा दलितों को प्रताड़ित कर रही है. चाहे वो उत्तर प्रदेश हो या राजस्थान, या फिर मध्यप्रदेश. दलितों के साथ भाजपा शासित राज्य में सबसे ज्यादा हो रहा है. अब हरियाणा के मुख्यमंत्री एक दलित महिला खिलाड़ी का अपमान किया है. जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री और भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

दरअसल, भिवानी में 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के एक प्रोग्राम में दलित महिला खिलाड़ी प्रियंका नौकरी की मांग लेकर गई थी. महिला खिलाड़ी की सीएम से मुलाकात तो दूर पुलिस ने उसे धक्के देकर भगा दिया था. उस समय बेइज्जती सहन करनी पड़ी थी. रोती बिलखती खिलाड़ी को देख वहां मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी थी.

पंजाब केसरी के मुताबिक बावड़ी गेट की रहने वाली प्रिंयका कराटे की खिलाड़ी हैं. प्रिंयका पांच बार अंतराष्ट्रीय स्तर पर कराटे में गोल्ड मैडल जीत चुकी हैं. वह बेहद गरीब परिवार से है. घर की आर्थिक जिम्मेदारी भी उसके सिर है. ऐसे में वह सरकार से नौकरी की गुहार लगा रही थी लेकिन पुलिस ने उसकी सीएम से मुलाकात नहीं होने दी. बल्कि उसे धक्का देकर अपमानित किया.

यह मामला विपक्ष के नेताओं ने भी उठाया था पर इस खिलाड़ी के परिवार की किसी ने नहीं सुनी. आज महिला खिलाड़ी के परिवार के साथ दलित समाज ने प्रदर्शन कर सरकार से उसके सम्मान की आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि दलितों पर अन्याय सहन नहीं होगा. महिला खिलाड़ी के अपमान को लेकर दलित समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

देशभक्ति साबित करने के लिए राष्ट्रगान पर खड़े होने की जरूरत नहींः सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान गाने को लेकर अपना अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान नहीं गाने वालों को कम देशभक्त नहीं माना जा सकता है. देशभक्ति साबित करने के लिए थियेटर में राष्ट्रगान के वक्त खड़ा होना अनिवार्य नहीं है. ये सख्त टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने सोमवार को की.

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कोई राष्ट्रगान नहीं गा रहा है तो इससे वह देशद्रोही नहीं हो जाता, ना ही ये मान लिया जा सकता है कि वो कम देशभक्त है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से ये भी कहा कि अगर उसे लगता है कि राष्ट्रगान के समय सभी को खड़ा रहना चाहिए तो वह इसके लिए कानून क्यों नहीं बना लेती?

सुप्रीम कोर्ट ने ये सब टिप्पणियां उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कीं जिसमें देश भर के सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने और इस दौरान खड़े रहने के आदेश में बदलाव की बात कही गई है.

इससे पहले 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने थियेटरों में फिल्म शुरु होने से पहले राष्ट्रगान और दर्शकों के लिए खड़ा होना अनिवार्य कर दिया था. कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया था कि जब सिनेमाघर में राष्ट्रगान बजाया जाएगा तब राष्ट्रीय झंडे को परदे पर दिखाया जाएगा.

ताजम‌हल पर शिव चालीसा के पाठ से मचा हड़कंप

Taj

नई दिल्ली। ताजमहल पर विवाद रूकने का नाम नहीं ले रहा है. भाजपा विधायक संगीत सोम के विवादित बयान के बाद कुछ लोगों ने ताजमहल में शिवा चालीसा पढ़ी. सोमवार को कुछ लोगों ने ताजमहल के अंदर शिव चालीसा पढ़कर ताजमहल या तेजो महालय विवाद को और हवा दे दी.

राष्ट्रवादी स्वाभिमान दल के कार्यकर्ता ताजमहल के अंदर घुस गए. इसके बाद उन्होंने शिव चालीसा पढ़ना शुरू कर दिया. जैसे ही उन्होंने शिव चालीसा पढ़ना शुरू किया वैसे ही सुरक्षा एजेंसियों में हडकंप मच गया. सीआईएसएफ के जवानों और दल के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर कहासुनी हुई.

काफी मशक्कत के बाद कार्यकर्ता ताजमहल के अंदर से बाहर निकाले गए. राष्ट्रवादी स्वाभिमान दल के नेता दीपक शर्मा का कहना है कि वो ताजमहल को तेजो महालय मंदिर मानते हैं. आज सोमवार को व्रत रखकर शिव चालीसा पढ़ने आए थे.

मालूम हो कि इससे पहले विनय कटियार भी ताज पर विवादित बयान दे चुके हैं. उन्होंने दावा किया है कि शाहजहां ने इस स्मारक को बनाने के लिए हिंदू मंदिर को ध्वस्त किया. उन्होंने कहा कि ताजमहल एक हिंदू मंदिर हैं, जो तेजोमहल के नाम से जाना जाता है.

सलमान ने क्यों कहा- बिग बॉस में उनका आखिरी सीजन

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ढिंचैक पूजा बिग बॉस के घर का हिस्सा बनेंगी या नहीं, इससे जुड़ी तमाम अटकलों के बीच रविवार को पूजा ने बिग बॉस के घर में एंट्री कर ही ली. उन्हें बतौर वाइल्ड कार्ड एंट्री बिग बॉस के सीजन-11 में शामिल किया गया है. हालांकि उन्हें घर में इनवाइट करते हुए सलमान खान ने जिस तरह काफी लंबी और गहरी सांस ली, उससे ये अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था कि वो इस एंट्री से कुछ ज्यादा खुश नहीं हैं.

इसके बाद जब उन्होंने ढिंचैक पूजा का पॉपुलर गाना सेल्फी मैंने ले ली आज सुना, तो उन्होंने पूछा कि ऑडियंस ने इस गाने को कैसे हिट कर दिया है? फिर उन्होंने बात को संभालते हुए कहा कि इसे हिट नहीं, सुपरहिट होना था. वैसे बिग बॉस के हर सीजन में एक वक्त ऐसा जरूर आता है, जब सलमान खान कहते हैं कि वो ये शो छोड़ रहे हैं. इसका अगला सीजन होस्ट नहीं करेंगे. बिग बॉस 8 में भी ऐसा हुआ था, सीजन-9 और सीजन-10 में सलमान को ऐसा कहते सुना गया. हालांकि इन तीनों सीजन में सलमान लगातार शो होस्ट करते आ रहे हैं.

मगर बिग बॉस के सीजन-11 में भी वो वक्त काफी जल्दी आ गया, जब सलमान ने घोषणा की कि ये उनका आखिरी सीजन है. ऐसा हुआ ढिंचैक पूजा की एंट्री के बाद. बॉलीवुड लाइफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक ढिंचैक पूजा की घर में एंट्री होने से पहले उन्होंने ढिंचैंक पूजा के गाने सुने और वो ये कहने से खुद को रोक नहीं पाए कि ये बिग बॉस में उनका आखिरी सीजन है. अब देखना होगा कि ढिंचैक पूजा की बिग बॉस के घर में एंट्री और क्या-क्या नजारे दिखाती है.

ट्रेन की चपेट में आकर 5 महिलाओं की मौत, एक दर्जन से ज्यादा घायल

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पटना। छठ पर्व से ठीक पहले मुंगेर में दर्दनाक घटना में ट्रेन से कट कर चार महिलाओं की मौत हो गई. और करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए. ये महिलाएं मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड की थी जो गंगा स्नान करने मुंगेर आई थी. मंगलवार से आस्था का महापर्व छठ की शुरूआत हो रही है, ऐसे में ग्रामीण इलाके कि महिलाएं एक दिन पहले गंगा स्नान करने आती है. लौटते समय दानापुर भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से कटकर इनकी मौत हो गई.

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि लगभग एक दर्जन महिलाएं अहले सुबह गंगा स्नान के बाद अपने गांव जाने के लिए अदलपुर रेलवे ट्रैक पर कियूल जमालपुर श्रमिक एक्सप्रेस पकड़ने के लिए खड़ी थीं. तभी उसी ट्रैक पर 3401 अप भागलपुर दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस आ गई जिस ट्रैक पर महिलाएं खड़ी थीं.

ट्रेन की चपेट में आकर चार महिलाओं की मौत हो गई. मृतक सभी महिलाएं एक ही गांव आमरी की है, जिनका नाम है- रेखा देवी 39 साल, अनीता देवी 38 साल , गीता देवी 35 साल और विजो देवी 38 साल. गंभीर रूप से घायलों में मनोज रवि दास, रुक्मणी देवी, लहुंग मांझी, गिरीश शर्मा.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के समय कोहरा छाया हुआ था. सुबह 7.15 बजे भागलपुर दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस बिना हार्न दिये चुपके से आई और इन महिलाओं को मौत की नींद सुला कर चली गई. घटना के बाद गंभीर रूप से घायल महिलाओं और पुरूषों को धरहरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करया गया. फिर उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेज दिया गया.

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अदलपुर रेलवे ट्रैक को जामकर दिया. साथ ही जमालपुर धरहरा मुख्य मार्ग को भी घंटों जाम रखा. बाद में स्थानीय अधिकारियों ने मुआवजे का ऐलान कर जाम को हटवाया. मृतक परिवार को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई.

इस घटना की वजह से साढ़े चार घंटे तक रेलवे परिचालन बाधित हुआ, जिसकी वजह से कई एक्सप्रेस ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं. अधिकारियों ने माना कि कुहांसे की वजह से यह दुर्घटना घटी है. लेकिन, इस घटना ने छठ पर्व के उत्साह को मातम में बदल दिया है.

ग्राम प्रधान के गुंडों ने दलित बस्ती पर किया हमला, 12 लोग घायल

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सीतापुर। उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सीतापुर के मानपुर थाना इलाके में नकारा गांव की दलित बस्ती पर कुछ लोगों ने धावा बोल दिया. हमलावरों ने दलित बस्ती में जमकर उत्पात मचाया. दलितों के साथ मारपीट की. उनके घरों में तोड़फोड़ की. हमले से एक दर्जन दलित बुरी तरह जख्मी हैं. पीड़ितों ने चुनावी रंजिश की वजह से ग्रामप्रधान पर हमले का आरोप लगाया है. घायलों को बिसवां सीएचसी में भर्ती कराया गया है.

मानपुर थाना क्षेत्र के नकारा गांव में रहने वाले नरेंद्र, मोतीलाल, पवन आदि ने बताया कि ग्रामप्रधान राम किशोर ने अपने आधा दर्जन साथियों के साथ शुक्रवार को उनकी बस्ती पर हमला कर दिया. सभी को लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा. इससे पहले दिवाली की रात भी प्रधान ने धमकी दी थी. जिसकी सूचना मानपुर पुलिस को देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

इससे उत्साहित होकर प्रधान व उसके समर्थकों ने अगले दिन हमला कर दिया. हमले में नरेंद्र, मोतीलाल, पवन, चंद्र भाल, राम नरेश व नंद किशोर सहित कई महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं. बिसवां सीएचसी में भर्ती घायलों के मुताबिक प्रधान राम किशोर उन लोगों से चुनावी रंजिश मानता है. इसी की वजह से हमला किया गया है. मानपुर पुलिस जांच कर कार्रवाई की बात कह रही है.

भ्रष्टाचारी जजों-नौकरशाहों को बचाना चाहती है वसुंधरा सरकार

Vasundhara Raje

जयपुर। अगर आप राजस्थान के किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई कमप्लेन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पहले वसुंधरा सरकार से पूछना होगा. सरकार की इसे विवादित बिल के खिलाफ देश में सियासत गर्म होती दिख रही है.

दरअसल, राजस्थान सरकार ने अपने नए प्रस्तावित बिल में साफ कहा है कि जजों, मजिस्ट्रेटों से लेकर अन्य किसी भी सरकारी कर्मचारियों पर कोई भी केस करने से पहले सरकार की मंजूरी जरूर लेनी होगी. वहीं इस बिल में साफ लिखा है कि अगर सरकार 180 दिनों के अंदर मामले की छानबीन करने की मंजूरी देगी. नहीं तो माना जाएगा कि सरकार ने जांच की मंजूरी दे दी है.

सरकार का तरफ से लाए जा रहे नए कानून के मुताबिक मीडिया भी 6 महीने तक किसी भी आरोपी के खिलाफ न तो कुछ दिखाएगी और न ही छापेगी. और इसका उल्लंघन करने पर दो साल की सजा हो सकती है. इधर सरकार की तरफ से लाए जा रहे इस विवादित बिल को जयपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. आपको बता दें कि इस बिल के खिलाफ कांग्रेस ने जयपुर में रैली निकाली थी.

गुजरात में भाजपा के खिलाफ सभी पाटीदार हुए एकजुट

Hardik nikhil

अहमदाबाद। गुजरात के चुनावी आसमान में जीत का फैसला होने से पहले ही भाजपा की पतंग कटती नजर आ रही है. कभी हार्दिक को छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके नरेन्द्र पटेल और निखिल ने एक बार फिर हार्दिक का हाथ पकड़ लिया है. साथ ही दोनों पाटीदारों ने भाजपा पर खरीद फरोख्त का इल्जाम भी लगाया है.

निखिल की माने तो भाजपा पैसे के दम पर पाटीदारों को खरीदने में जुटी है. तो दूसरी तरफ पाटीदार नरेंद्र पटेल ने भी भाजपा पर खरीद फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा है कि वरुण और रेशमा की तरह भाजपा नेताओं ने उन्हे पार्टी में शामिल होने के लिए कहा और इसके लिए बकायदा 1 करोड़ रुपए का ऑफर भी दिया. और पेशगी के तौर पर उन्हें 10 लाख रुपए भी दिए जा चुके हैं.

यानि वोट के बदले नोट का जुमला सियासत में यूं ही नहीं सुनाई देता. जब जिसे मौका मिलता है, इस जुमले के साथ हो लेता है. वैसे नरेन्द्र पटेल की तरफ से लगाए जा रहे इस इल्जाम पर गौर फरमाएं तो जेहन में एक सवाल उठना लाजमी है कि अखिर कोई न कोई तो खास वजह जरुर रही होगी, जिससे अभी तक गुजरात में चुनावी शंखनाद नहीं हुआ है. क्या पता पर्दे के पीछे शायद यही काम बाकि रह गया हो.

ट्वीटर पर वीरू ने रॉस को कह डाला दर्जी

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टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रॉस टेलर के बीच ट्विटर पर हिंदी में बातचीत हो रही है. दरअसल, ट्विटर पर अपने मजाकिया अंदाज के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने मुंबई वनडे में न्यूजीलैंड की टीम को 6 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले रॉस टेलर का मजाक उड़ाया है. मुंबई में टीम इंडिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में न्यूजीलैंड की ओर से मैच विनिंग पारी खेलने वाले रॉस टेलर भी वीरू के वार से बच नहीं पाए. रॉस टेलर ने इस मैच में 95 रनों की शानदार पारी खेली, जिसके बाद वीरू ने ट्विटर पर उन्हें ‘दर्जी’ कहते हुए उनका जमकर मजाक उड़ाया.

सहवाग ने टेलर को ट्वीट कर लिखा, ‘बहुत अच्छा खेले ‘दर्जी जी’. दिवाली के ऑर्डर्स के प्रेशर का भी आपने अच्छे से सामना किया.’ इसके बाद रॉस टेलर भी कहां पीछे रहने वाले थे, उन्होंने भी वीरू को जवाब दिया वो भी हिंदी में. टेलर ने सहवाग को ट्वीट कर लिखा, ‘थैंक्स वीरेंद्र सहवाग. भाई अगली बार अपना ऑर्डर टाइम पे भेज देना सो मैं आपको अगली दिवाली के पहले डिलीवर कर दूंगा. हैप्पी दिवाली.’ टेलर के हिंदी में इस ट्वीट के बाद वीरू जवाब देते हुए कहते हैं कि ‘हा..हा..हा.. मास्टरजी , इस साल पतलून ही एक बिलांग छोटी करके देना अगली दिवाली पे. रॉस था बॉस, मोस्ट स्पोर्टिंग.’

इसके बाद रॉस टेलर ने वीरू से पूछा- ‘क्या तुम्हारे दर्जी ने इस दिवाली पर तुम्हे अच्छा काम करके नहीं दिया है.’इसके बाद सहवाग रॉस टेलर को जवाब देते हुए कहते हैं कि ‘आपकी सिलाई के स्टैण्डर्ड को कोई भी नहीं पा सकता दर्जी जी. फिर चाहे वह पेंट की बात हो या पार्टनरशिप की.’ आपको बता दे कि सहवाग ने ‘टेलर’ के नाम को लेकर पहली बार मजाक नहीं उड़ाया है. उन्होंने साल 2016 में खेली गई पिछली सीरीज में ऐसा ही किया था. जब रॉस टेलर ने गलती से वीरू को टैग कर दिया था.

गौरतलब है कि मुंबई में खेले गए सीरीज के पहले वनडे मैच में रॉस टेलर और टॉम लाथम की पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 6 विकेट से हरा कर 3 मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 281 रनों का लक्ष्य दिया. जवाब में न्यूजीलैंड ने 49 ओवर में 284 रन बनाते हुए 6 विकेट से जीत हासिल कर ली. टॉम लाथम ने 103* रनों की पारी खेली जबकि रॉस टेलर ने 95 रन बनाए.

CBI में स्पेशल डायरेक्टर बने ये IPS, जिन्हें देख ‘लाल’ हो उठते हैं लालू

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कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आठ आईपीएस अफसरों के प्रमोशन को मंजूरी दी है. गुजरात काडर के एडीशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को सीबीआई में स्पेशल डायरेक्टर बनाया गया है. IPS अफसर राकेश अस्थाना वही हैं, जिन्हें बहुचर्चित चारा घोटाले की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने लालू यादव के खिलाफ 1996 में चार्जशीट दायर कर गिरफ्तार करवाया था. राकेश अस्थाना का जन्म 1961 में रांची में हुआ था. इनकी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड स्थित नेतरहाट स्कूल से हुई है. इनके पिता एचआर अस्थाना नेतरहाट स्कूल में भौतिकी के शिक्षक थे.इसके बाद रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की थी. 1978 में आईएससी करने के बाद आगरा स्थित अपने पैतृक घर चले गए.

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज में इतिहास पढ़ाना शुरू किया. 1984 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में सीयूपीएस की परीक्षा पास कर ली और आईपीएस अधिकारी बन गए. उनको गुजरात कैडर मिला. वह धनबाद में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के एसपी रह चुके हैं. रांची में वह डीआईजी के पद पर थे. राकेश अस्थाना का नाम कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारियों की सूची में खास तौर से शामिल रहा है. 1994 में उन्होंने सनसनीखेज पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप केस की फील्ड इंवेस्टिगेशन सुपरवाइज की थी.

उन्हें बहुचर्चित चारा घोटाले की जांच की जिम्मेदारी दी गई. उन्होंने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ 1996 में चार्जशीट दायर की थी. 1997 में उनके समय ही लालू पहली बार गिरफ्तार हुए. उस समय उनकी उम्र 35 वर्ष थी. वो तब सीबीआई एसपी के तौर पर तैनात थे. अस्थाना को मूल रूप से लालू से पूछताछ के लिए ही जाना जाता है. 1997 को उन्होंने चारा घोटाले में लालू से 6 घंटे तक पूछताछ की थी. अस्थाना ने ही धनबाद में डीजीएमएस के महानिदेशक को घूस लेते पकड़ा था. उस समय तक पूरे देश में अपने तरीके का यह पहला मामला था, जब महानिदेशक स्तर के अधिकारी सीबीआई गिरफ्त में आये थे.

अस्थाना ने ही चर्चित गोधरा कांड की भी जांच की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आरके राघवन की अगुआई में गठित हुई एसआईटी ने भी सही माना था. अहमदाबाद में 26 जुलाई, 2008 को हुए बम ब्लास्ट की जांच का जिम्मा राकेश को ही दिया गया था. उन्होंने 22 दिनों में ही केस को सुलझा दिया था. आसाराम बापू और उनके बेटे नारायण सांईं के मामले में भी अस्थाना ने जांच की थी. फरार चल रहे नारायण सांईं को हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर पकड़ा था. वर्तमान समय में अस्थाना को सीबीआई का एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया है. इस पद पर इनकी नियुक्ति 4 साल के लिए हुई है.

बैंक से ज्यादा कैश निकालने के लिए दिखाने होंगे ये दस्तावेज

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अगर आप बैंक में कैश का लेनदेन करने जा रहे हैं, तो अब आपको अपने पास ऑर्जिनिल आईडी कार्ड रखना जरूरी है. ऐसा नहीं किया, तो आप एक तय रकम से ऊपर लेनदेन नहीं कर पाएंगे. यह नया नियम उन लोगों के लिए है, जो बैंक‍ में 50 हजार रुपये व उससे ज्‍यादा की रकम में लेनदेन करने जा रहे हैं. वित्‍त मंत्रालय के राजस्‍व विभाग ने गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके जरिये मनी लॉन्ड्रिंग (रिकॉर्ड प्रबंधन) में संशोधन किया गया है. इस संशोधन के मुताबिक बैंक खाता खोलते वक्‍त और 50 हजार रुपये के लेनदेन के दौरान ग्राहक का ऑर्जिनल आईडी कार्ड वेरीफाई करना जरूरी है.

विभाग की तरफ से किया गया यह बदलाव बैंक, वित्‍तीय संस्‍थान और इंटरमीडियरीज पर लागू होगा. स्‍टॉक ब्रोकर, चिट फंड कंपनी, कॉओपरेटिव बैंक, हाउसिंग फाइनेंस इंस्‍टीट्यूट और गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियों को रिपोर्टिंग एंटीटीज में शामिल किया जाता है. केंद्र सरकार की तरफ से किया गया यह बदलाव नकली आईडी कार्ड का इस्‍तेमाल करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए है. बैंकों व अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थानों को इसे न सिर्फ देखना होगा, बल्‍कि इसे रिकॉर्ड में भी शामिल करना होगा.

नियम 9 के मुताबिक हर रिपोर्टिंग एंटीटी को तय सीमा से ज्‍यादा का कोई भी लेनदेन करने के दौरान अपने क्‍लाइंट की पहचान करना जरूरी होता है. इस दौरान उन्हें लेनदेन का उद्देश्‍य भी बताना होता है. बैंक खाता खोलने और 50 हजार रुपये से ज्‍यादा के लेनदेन के लिए आधार नंबर और आधिकारिक पहचान पत्र दिखाना जरूरी है.

यह नियम उन लोगों पर भी लागू होता है, जो 10 लाख और उससे ज्‍यादा की विदेशी मुद्रा का लेनदेन कर रहे हैं. नियमों के मुताबिक दो देशों के बीच हो रहे 5 लाख से ज्‍यादा के वायर ट्रांसफर और 50 लाख से ज्‍यादा की संपत्ति की खरीद भी इस श्रेणी में आते हैं. गैजेट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अगर आधिकारिक वैध दस्‍तावेज में नया पता नहीं है, तो ऐसे में बिजली, पोस्‍टपेड टेलिफोन और वाटर व पाइप्‍ड गैस बिल भी चल जाएगा. हालांकि यह दो महीने से ज्‍यादा पुराना नहीं होना चाहिए.

अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप, जल्द करें आवेदन

Scholarship

नई दिल्ली। अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों के लिए एक खुशखबरी है. भारत सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप देने के लिए आवेदन मंगवाए है. इस स्कॉलरशिप के अंतर्गत छात्रों की पढ़ाई के दौरान होने वाले खर्च को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देता है.

जिन भारतीय मेधावी छात्रों ने बीटेक, एमबीबीएस, एमबीए, एमडी, एमए, एमकॉम, एलएलबी या 12वीं कक्षा से ऊपर पढ़ने वाले छात्रों ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में दाखिला लिया है, वे भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता शिक्षा योजना 2017-18 के तहत इस छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकते हैं.

शैक्षिक योग्यता- इसके लिए वही छात्र पात्र हैं, जो 12 वीं पास करके उपरोक्त किसी प्रोग्राम के पहले वर्ष में हैं और जिनकी पारिवारिक आय 4.5 लाख रूपए वार्षिक आय से कम हो.

कैसे करें आवेदनः केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार होंगे.

धनराशिः छात्रवृति के तहत ट्यूशन फीस, पुस्तक व स्टेशनरी का खर्च तथा कंप्यूटर सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी.

इस वेबसाइट से होगा आवेदनः https://scholarships.gov.in/

इस लिंक पर होगा रजिस्ट्रेशनः https://scholarships.gov.in/newStudentRegFrm

आवेदन करने की अंतिम तिथिः 31 अक्टूबर 2017

फॉर्म भरने से पहले अपने बैंक की पूरी जानकारी या पासबुक अपने साथ रखें. स्कॉलरशिप से जुड़ी किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर (0120 – 6619540) भी दिया गया है.