बर्मिंघम में खेले गए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के मुकाबले में इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 31 रनों से हरा दिया. इस टूर्नामेंट में भारत की यह पहली हार है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने ताबड़तोड़ बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 337 रन बनाए. इंग्लैंड ने आखिरी 10 ओवरों में 92 रन बटोरे और भारत के सामने 338 रनों का विशाल लक्ष्य रखा. इंग्लैंड के लिए जॉनी बेयरस्टो ने 111 रन, जेसन रॉय ने 66 रन और बेन स्टोक्स ने 79 रनों की धमाकेदार पारी खेली. इंग्लैंड के इस पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने टीम इंडिया 50 ओवर में 5 विकेट पर 306 रन ही बना पाई. इस जीत से इंग्लैंड को संजीवनी मिली है और सेमीफाइनल के लिए उसकी उम्मीदें अब भी बरकरार हैं. भारत को मिली हार के बाद कई कमियां उभरकर समाने आई. यही कमियां हार की वजह भी बनी. आइये जानते हैं इन कमियों के बारे में-
धीमी शुरुआत
भारतीय टीम ने एक बार फिर धीमी शुरुआत हुई. शिखर धवन के बाहर होने के बाद टीम को एक बार फिर सही शुरुआत नहीं मिल सका. केएल राहुल बिना खाता खोले ही पवेलियन वापस चले गए. इसके बाद टीम ने शुरू के 10 ओवर में सिर्फ 29 रन ही बना सकी. जब आप 338 रनों का पीछा कर रहे हैं, तो आप प्वारप्ले को इस तरीके से बरबाद नहीं कर सकते. शिखर के बाहर जाने के बाद से दोनों ओपनर्स ने अभीतक एक भी मैच में अच्छी शुरुआत नहीं दे सके हैं. अब अगर टीम इंडिया को वापसी करना है, तो इस हिस्से पर काम करना जरूरी है.
कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल का फ्लॉप होना
टीम इंडिया के सबसे बड़े तुरुप के इक्के कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल का इस मैच में फ्लॉप होना बहुत महंगा पड़ा. युजवेंद्र चहल ने इस मैच में बिना कोई सफलता हासिल किए 10 ओवर में 88 रन लुटा दिए. वहीं कुलदीप यादव ने 10 ओवर में 72 रन लुटाए. भारत की ऐसी घटिया गेंदबाजी से इंग्लैंड के ओपनरों ने जमकर रन लुटे. चहल ने अपने 10 ओवरों के कोटे में 7 चौके और 6 छक्के खाए थे. वर्ल्ड कप 2019 में चहल ने 6 मैचों में 10 विकेट हासिल किए हैं. रनों के लिहाज से यह युजवेंद्र के वनडे करियर का सबसे खराब प्रदर्शन रहा. इससे पहले उन्होंने वनडे में इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मार्च में मोहाली वनडे में कुल 80 रन दिए थे. इंग्लैंड ने आखिरी 10 ओवरों में 92 रन बटोरे और भारत के सामने 338 रनों का विशाल लक्ष्य रखा.
धोनी का DRS के लिए मना करना
इस मैच में टीम इंडिया का जेसन रॉय के आउट होने पर DRS नहीं लेना सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. भारत के लिए सिरदर्द बनी जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो की जोड़ी को तोड़ने के लिए कप्तान विराट कोहली ने हार्दिक पंड्या को इंग्लैंड की पारी के 11वें ओवर में उतारा. हार्दिक पंड्या के 11वें ओवर की पांचवीं गेंद जेसन रॉय के ग्लव्स को चूमती हुई धोनी के पास चली गई. जिसके बाद पंड्या और धोनी ने विकेट के पीछे कैच की अपील की, लेकिन अंपायर ने इसे वाइड दिया. इसके बाद कोहली ने धोनी से बात की. धोनी की सलाह पर कोहली ने डीआरएस नहीं लिया.
कोहली ने उस समय धोनी की सुनी और डीआरएस का इस्तेमाल नहीं किया और बाद में रिप्ले से साफ हुआ कि गेंद जेसन रॉय के ग्लव्स को चूमती हुई गई है. जेसन रॉय उस समय 21 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. इसके बाद अगली दो गेंदों पर रॉय ने छक्के और चौके बरसाए. कोहली अगर रिव्यू लेते तो रॉय को पवेलियन लौटना पड़ता. इस फैसले के बाद इंग्लैंड के ओपनिंग बल्लेबाजों ने और भी तूफानी बैंटिग की. जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो ने मिलकर 22.1 ओवर में ही 160 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप कर दी. जेसन रॉय अगर सस्ते में आउट होते तो इंग्लैंड इतने बड़े लक्ष्य तह नहीं पहुंचती.
चोट के बावजूद राहुल से ओपनिंग करवाना
इंग्लैंड के 338 रनों के लक्ष्य के जवाब में रोहित शर्मा और केएल राहुल की ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी. इंग्लैंड की पारी में फील्डिंग के दौरान केएल राहुल चोटिल हो गए थे. इंग्लैंड की पारी के 16वें ओवर में राहुल बाउंड्री पर छक्का रोकने की कोशिश में पीठ के बल गिर पड़े. जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. चोटिल राहुल से ओपनिंग करवाने का टीम इंडिया का यह फैसला गलत साबित हुआ और वह 9 गेंदों का सामना करने के बाद शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौट गए. भारत ने अपना पहला विकेट 8 रन के स्कोर पर ही गंवा दिया था.
जीत के जुनून का नहीं दिखना
अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजी की आलोचना की थी. इस मैच में भी वही कमी फिर से सामने आया. मिडिल ऑर्डर ने ऐसा रक्षात्मक खेल दिखाया, मानों उन्हें मैच जीतना न हो. खासकर महेंद्र सिंह धौनी और केदार जाधव दोनों में मैच जीतने का जुनून नजर नहीं आया. धौनी जब बल्लेबाजी करने आए, तब टीम इंडिया को 10 रन/ ओवर के हिसाब से रन चाहिए थे. लेकिन धौनी बड़े शॉट्स मारने का प्रयास ही नहीं किया. इस रवैये की आलोचना कमेंट्री कर रहे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी की.


वेस्टइंडीज से पहले अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका भी इस वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने 12 अंक हासिल कर इस वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है. इस हार के बाद वेस्टइंडीज की झोली में सिर्फ 3 अंक हैं.
नई दिल्ली। खबर पिछले हफ्ते की है लेकिन महत्वपूर्ण है. 20 जुलाई को आई खबर के मुताबिक दलित उद्यमिता पर अनुसंधान के माध्यम से अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के सशक्तिकरण के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (डीएआईसी) और दलित भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (डिक्की) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ है. इस समझौते को लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने संयुक्त प्रयास की सराहना की और कहा कि समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दलित उद्यमिता पर शोध और इन समुदायों की महिलाओं और युवाओं के बीच कौशल विकास की क्षमता विकसित कर एससी और एसटी समुदायों का सशक्तिकरण करना है.