अजय देवगन की वजह से सिंगल हूंः तब्बू

tabbu and Ajay Devgan

मुंबई। फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी दीवाली पर अपनी फिल्म गोलमाल का सीक्वेल पार्ट गोलमाल अगेन लेकर आ रहे हैं. 25 साल बाद इस फिल्म में एक बार फिर से अजय देवगन और तब्बू रोमांस करते नजर आएंगे. लेकिन इस फिल्म की रिलीज होने से पहले तब्बू ने अजय देवगन के साथ अपने रिलेशन को लेकर एक चौंकाने वाली खुलासा किया है.

80-90 के दशक की सफल अदाकारा तब्बू ने साल 1980 में आई फिल्म ‘बाजार’ में स्पेशल अपीयरेंस दिया था. साल 1994 में तब्बू के करियर ने तब यू-टर्न लिया जब उन्होंने अजय देवगन के साथ फिल्म विजयपथ में काम किया. इस फिल्म में लोगों को इन दोनों की जोड़ी काफी पसंद आई.

तब्बू का नाम वैसे आज तक किसी भी एक्टर के साथ नहीं जोड़ा गया लेकिन अपने सिंगल रिलेशनशिप स्टेटस पर तब्बू ने हाल ही में एक नया खुलासा करते हुए कहा कि वह आजतक सिर्फ अजय देवगन की वजह से सिंगल हैं.

स्पाइडर मैन होमकमिंग हिंदी का ट्रेलर रिलीज

‘स्पाइडर मैन: होमकमिंग’ के हिंदी वर्जन का ट्रेलर रिलीज किया गया है जिसमें टाइगर श्रॉफ की आवाज टॉम हॉलेंड के लिए डब की गई है. इस ट्रेलर में टाइगर स्पाइडर मैन के लिए आवाज देने पर करने पर बहुत खुश हैं. उनका कहना है कि यह उनके लिए सपने सच होने जैसा है.
इससे पहले इस बात की जानकारी देते हुए कहा था की मैं बचपन से ही स्पाइडर मैन का फैन रहा हूं. मैं खुद को लक्की समझता हूं कि मुझे स्पाइडर मैन हिंदी के लिए वॉइस ओवर करने का मौका मिल रहा है. वो खुश हैं कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेंमेंट ने उन्हें इसके लिए चुना. टाइगर ने कहा कि वो आशा करते हैं कि लोगों को स्पाइडर मैन के रूप में उनकी आवाज जरूर पसंद आएगी.
गौरतलब है कि टाइगर की फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ रिलीज होने वाली है. जिसका निर्देशन शब्बीर खान ने किया हैं. ये फिल्म टाइगर के लिए काफी खास है क्योंकि वो इसमें फेमस पॉप सिंगर और डांसर माइकल जैक्सन को श्रद्धांजलि देते नजर आएंगे.

कोहली के समर्थन में आए संजय मांजरेकर

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कोच के मसले को लेकर चारो तरफ कोहली की आलोचना हो रही है ऐसे में संजय मांजरेकर का बयान सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है. अनिल कुंबले द्वारा टीम इंडिया के कोच पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद से ही कोहली-कुंबले विवाद मीडिया में छाया हुआ है. कुंबले ने इस्तीफे के बाद अपने बयान में कहा था कि कोहली को उनके कोचिंग स्टाइल और पद पर बने रहने से ऐतराज है ऐसे में उनका पद छोड़ना ही सबसे बेहतर विकल्प है.

कुंबले के इस्तीफा देने के बाद अब तक इसके लिए वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत, डोड्डो गणेश, रवि शास्त्री और वेंकटेश प्रसाद ने आवेदन दिया है.

टीम इंडिया का अगला कोच कैसा होना चाहिए इस पर कई क्रिकटरों ने अपनी राय जाहिर दी है, जिनमें संजय मांजरेकर, टीम इंडिया के पूर्व कोच गैरी कस्टर्न और पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा शामिल हैं.

मांजरेकर ने कहा है कि कोच चुनने की प्रक्रिया में कोहली को भी भरोसे में लिया जाना चाहिए. मांजरेकर ने ट्विटर पर लिखा, ‘अब तक की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, टीम इंडिया के नए कोच को नियुक्त करते समय विराट को भरोसे में लिया जाना चाहिए, यह भारतीय टीम के लिए समझदारी की बात होगी.

 

जांच कमेटी ने अजीत जोगी नहीं माना आदिवासी

Ajit Jogi

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति मामले में छानबीन कमेटी की रिपोर्ट आ गई है. कमेटी ने अजीत जोगी को आदिवासी नहीं माना है. जोगी ने बीते बुधवार (28 जून) को इसके खिलाफ अदालत की शरण लेने की बात कही. जोगी की जाति के मामले में छानबीन कमेटी की बैठक मंगलवार को हुई, जिसमें याचिकाकर्ताओं, ग्रामीणों एवं आवेदक संतकुमार नेताम तथा नंदकुमार साय की याचिकाओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया गया. कमेटी ने तय किया है कि अजीत जोगी को अनुसूचित जनजाति के लाभ की पात्रता नहीं होगी.

संतकुमार नेताम ने पूर्व मुख्यमंत्री जोगी के मामले को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में आवेदन कर शिकायत की थी. फैसला 16 अक्टूबर, 2001 को आया था, जिस पर आयोग द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. अजीत जोगी ने उस दौरान बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी. उच्च न्यायालय ने भी फैसला लिया था कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग को जाति का निर्धारण करने, जांच करने और फैसला देने का अधिकार नहीं है. इस फैसले को लेकर संतकुमार नेताम सर्वोच्च न्यायालय भी गए थे, जिस पर नेताम की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाई थी.

सर्वोच्च न्यायालय ने 13 अक्टूबर, 2011 को फैसला लिया था कि सरकार हाईपावर कमेटी बनाकर अजीत जोगी के जाति प्रकरण का निराकरण करे. जोगी के जाति मामले के लिए गठित कमेटी के छह सदस्यों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य सचिव रीना बाब साहब कंगाले, सदस्य जीआर चुरेंद्र, एस.आर. टंडन और जीएम झा थे. इस रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा, “मुझे विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि समिति ने मेरे खिलाफ फैसला लिया है. समिति का मानना है कि मैं आदिवासी नहीं हूं. यदि समिति का यही निर्णय है तो वे यह भी बता दें कि मैं कौन सी जाति का हूं.”

जोगी ने कहा कि वह इस मामले को लेकर न्यायालय जाएंगे. उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. इससे पहले भी उन्हें न्याय मिला था. उन्होंने कहा, “छानबीन कमेटी के पांच पदों में से तीन में एक ही अपर सचिव रैंक के अधिकारी ने हस्ताक्षर किए हैं, दो सदस्य स्वतंत्र थे, बाकी के पद रिक्त थे. सीधा-सीधा कमेटी ने नियम का पालन नहीं किया. आनन-फानन में फैसला लिया गया है, जिसे हम न्यायालय में चुनौती देंगे. मैं मुड़ी गोत्र का कंवर आदिवासी हूं.”

एंडी मरे को विंबडलन में पहली बार शीर्ष रैंकिंग

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लंदन। मौजूदा चैंपियन एंडी मरे भले ही अच्छी फॉर्म में न हों, लेकिन विंबलडन में पहली बार शीर्ष वरीयता हासिल करने में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. पिछले सप्ताह क्वीन्स टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के जोर्डन थाम्पसन से पहले दौर में पराजित होने वाले स्कॉटलैंड के इस स्टार को सेमीफाइनल तक शीर्ष चार में शामिल किसी अन्य खिलाड़ी का सामना नहीं करना होगा.

हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले एक अन्य खिलाड़ी नोवाक जोकोविच, टूर्नामेंट में जीत दर्ज करने वाले रोजर फेडरर और फ्रेंच ओपन विजेता राफेल नडाल शीर्ष चार में शामिल हैं.

दो बार के विंबलडन चैंपियन जोकोविच और सात बार के विजेता फेडरर को विंबलडन के आयोजकों की पूरी तरह से विश्व रैंकिंग के आधार पर वरीयता तय नहीं करने की आदत का फायदा मिला है. जोकोविच विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं लेकिन उन्हें दूसरी वरीयता दी गयी है.

इसी तरह से स्विट्जरलैंड के फेडरर को तीसरी वरीयता मिली है जबकि उनकी विश्व रैंकिंग पांच है. नडाल को इससे नुकसान हुआ, वह विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं लेकिन विंबलडन में उन्हें चौथा स्थान मिला है.

झारखंडः लगभग चार गुना बढ़ी स्नातक करने वाले आदिवासी छात्रों की संख्या

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रांची। भारत में अनुसूचित जनजाति से आने वाले छात्रों के पास आम लोगों जितनी सुविधाएं नहीं होती है. इसके बावजूद भी आदिवासी बच्चों के माता-पिता उन्हें पढ़ाने के लिए स्कूल भेजते हैं. तमाम असुविधाओं के बाद भी अनुसूचित जनजाति से आने वाले छात्र अपनी मेहनत का लोहा मनवा रहे हैं. ये आदिवासी छात्र अपने आप को समाज में मजबूती के साथ स्थापित कर रहे हैं. हाल ही के वर्षों में अनुसूचित जनजाति के लोग छात्रों के शैक्षिक स्तर में बहुत ही सुधार हुआ है.

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास की ओर से जारी सरकारी आंकड़े में बताया गया है कि झारखंड में पिछले छह वर्षों के दौरान आदिवासी ग्रेजुएट छात्रों की संख्या में लगभग चार गुना बढ़ोत्तरी हुई है. मैट्रिक व इंटर के साथ-साथ स्नातक स्तर पर भी आदिवासी छात्रों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी हुई है. उच्च और उच्चतम शिक्षा के प्रति आदिवासी छात्रों का रूझान तेजी से बढ़ा है.

इस बढ़ोतरी में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अधिक है. साल 2011 में जहां स्नातक एसटी स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 30,295 थी, वह वर्ष 2016 में बढ़कर 1,13,419 हो गयी. इस दौरान वर्ष 2013 में इस संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई. राज्य सरकार की ओर से छात्राओं के पठन-पाठन को लेकर जो योजनाएं चलायी जा रही है, उसका असर नामांकन पर दिख रहा है.

राज्य सरकार ने छात्राओं के स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई नि:शुल्क की है. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं भी चलायी जा रही है. राज्य सरकार ने झारखंड के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को प्लस टू तक कर दिया है. इन विद्यालयों में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं की संख्या सबसे अधिक है. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से इंटर पास छात्राओं के स्नातक में नामांकन के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

इंटर कला संकाय में भी अनुसूचित जनजाति के बच्चों का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा. वर्ष 2017 इंटर कला की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति कोटि के कुल 51,225 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे. जिसमें से 37986 परीक्षार्थी सफल रहे. 22,413 छात्र व 28,812 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुई थी. छात्रों की सफलता का प्रतिशत 72.12 व छात्राओं का 75.13 फीसदी रहा. परीक्षार्थियों की सफलता का प्रतिशत 74.16 प्रतिशत रहा. अनुसूचित जनजाति के 808 छात्र व 2080 छात्राएं प्रथम श्रेणी से परीक्षा में सफल हुई. जबकि सामान्य वर्ग के 70.33 फीसदी, अनुसूचित जाति के 72.15 फीसदी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग 72.16 व अनुसूचित जाति के 67.50 फीसदी परीक्षार्थी सफल रहे.

राज्य की पूर्व मुख्य सचिव व झारखंड एकेडमिक काउंसिल की पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह का कहना है कि उच्च शिक्षा में राज्य के अनुसूचित जनजाति के बच्चों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी सकारात्मक संकेत है. यह इस बात का परिचायक है कि लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है. अब यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि जो छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराये. इसके लिए कॉलेज स्तर पर ही विद्यार्थियों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाये, ताकि स्नातक पास करने के साथ ही छात्र को रोजगार मिल सके. कॉलेजों में कैंपस सलेक्शन की व्यवस्था हो.

आदिवासी छात्र ऐसे ही मेहनत करते रहे तो वो बहुत जल्द देश की मुख्यधारा में हो शामिल हो जाएंगे. वे अपने समाज और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे.

देश का सबसे बड़ा मुंबई बंदरगाह साइबर हमले की चपेट में

नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह भी साइबर हमले की चपेट में आ ही गया. मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) का कामकाज बुधवार को ताजा साइबर हमले के कारँ प्रभावित हुआ. मुंबई स्थित जेएनपीटी के परिचालक एपी मोलर माएस्क को अपने टर्मिनल के ट्रैफिक को अन्य दो इकाइयों की ओर हस्तारिंत करने को कहा गया है. जहाजरानी मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि जेएनपीटी के एक टर्मिनल का परिचालन माएस्क हेग के कार्यालय पर हमले से प्रभावित हुआ. राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक गुलशन राय स्थिति से निपटने के लिए मुंबई पहुंच गए हैं. बंदरगाह के एक अधिकारी के मुताबिक टर्मिनल पर परिचालन काफी धीमा हुआ है. हमने उनसे ट्रैफिक को अन्य दो टर्मिनलों पर डायवर्ट करने को कहा है. इस प्रभावित टर्मिनल पर आयात और निर्यात वाले 4,500 कंटेनर प्रतिदिन चढ़ते-उतरते हैं. गौरतलब है की कुछ महीनें पहले भी रेनवेयर नाम के एक वायरस ने भारत के तकनीकी कार्यालयों का काफी कामकाज ठप कर दिया था और अब इस वायरस ने दस्तक देकर भारत सरकार की दिक्कतें बढ़ा दी हैं.

स्वछता अभियान की धज्जियां उड़ाते मोदी के मंत्री

अभी एक दिन पहले ही बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी से स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत तक नहीं लिखा गया था तो अब एक और चौकानें वाली खबर सामने आ रही है. जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता पर इतना जोर दे रहे हैं. हर जगह खुले में शौच मुक्त भारत, सफाई अभियान से लोगों को जागरुक कराते रहते हैं. ऐसे में पीएम के कैबिनेट मंत्री उनके इन प्रयासों का मजाक बनवा रहे हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. तस्वीर में देखा जा सकता है कि किस तरह स्वच्छ भारत अभियान का मजाक उड़ाते हुए कृषि मंत्री खुले में टॉयलेट कर रहे हैं. जबकि उनके सिक्योरिटी गार्ड्स उनकी सुरक्षा में आसपास ही खड़े हुए हैं. हालांकि ये साफ नहीं हो पा रहा है कि तस्वीर कहां और कब ली गई थी. पर यह साफ है की मंत्री राधा मोहन सिंह खुले में पेशाब करते नजर आ रहे हैं जिसका ट्विटर, फेसबुक पर खुब मजाक उड़ाया जा रहा है. लोग लिख रहे हैं की बीजेपी सिर्फ बोलने की राजनीति करती है जबकि असली हकीकत यही है. इनके मंत्री और सांसद स्वछता अभियान का खुले आम मजाक उड़ा रहे हैं तो ऐसे में आम जनता कैसे जागरूक होगी. इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.  

योगी राज में आए दिन हो रहे हैं दलित महिलाओं के साथ बलात्कार

crime against women

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगीराज आने के बाद भी दलितों पर अत्याचार कम नहीं हुए. मोदी की राह पर चलने वाले योगी आदित्यनाथ राज्य में सबका साथ सबका विकास नहीं कर पा रहे हैं. यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों में आए दिन दुर्घटनाएं और हिंसा हो रही है. महिलाओं के साथ बदसलूकी और बलात्कार जैसी दुर्घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. लेकिन योगी सरकार इन सब को रोकने में नाकामयाब साबित हो रही है.

भदोही जिले के कोइरौना क्षेत्र के एक गांव में सात दिन पहले चार युवक घर से बाहर निकली एक दलित किशोरी को उठा ले गए और एक कमरे में रखकर उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया. किशोरी के पिता जब थाने गए तो थाना इंचार्ज ने उन्हें भगा दिया. थाने में सुनवाई न होने पर किशोरी के पिता ने एसपी से शिकायत की.

इसके बाद 27 जून की शाम को इस मामले में केस दर्ज किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया. एसपी ने मामले में लापरवाही के आरोप में कोइरौना एसओ अजय सिंह को लाइन हाजिर कर दिया. किशोरी के पिता ने बताया कि इलाहाबाद के हंडिया थानाक्षेत्र निवासी राकेश मेरे घर आता-जाता था. 22 जून की शाम मेरी बेटी घर से बाहर गई. उसके बाद नहीं लौटी. बाद में पता चला कि राकेश, अपने दोस्त सुरेंद्र और दो अन्य लोगों के साथ उसे उठा ले गया था और चकवा महावीर के पास एक कमरे में ले जाकर तीन दिनों तक रखा इस दौरान सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया.

26 जून को उसका फोन आया कि तुम्हारी बेटी घर के पास सड़क पर खड़ी है, ले जाओ. पिता जब बेटी को घर लेकर आए तो उसने सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी दी.

दूसरी घटना देवरिया जिले में हुई. जहां भौलानी इलाके में 5 लोगों ने 24 वर्षीय एक दलित महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि महिला शाम शौच करने के लिए खेत पर गई थी तभी वहां मोटरसाइकिल सवार 2 युवकों ने महिला को जवरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और एक किलोमीटर दूर खेत में ले जाकर उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया तथा उसे बेहोशी की हाल में छोड़कर भाग गए.

घटना की जानकारी सुबह घरवालों को हुई जब वह बेहोशी की हालत में घर पहुंची और उसने घटना की जानकारी परिवार वालों को दी. परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी तो अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक चिरंजीव नाथ मौके पर पहुंचे. नाथ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा महिला को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है.

इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.

देश में बढ़े टमाटर के दाम, निशाने पर मोदी सरकार

नई दिल्ली। पिछले वर्ष की तरह टमाटर के दामों में एक बार फिर से उछाल आया है. टमाटर के दामों में आई तेजी से बीजेपी सरकार फिर से घेरे में है. दिल्ली सहित कई मंडियो से खाद्य मंत्रालय ने टमाटर की सप्लाई के आंकड़े मंगाए हैं. उत्तर भारत के कई बाजारों में टमाटर के दाम चार गुना तक बढ़ गये हैं. 15 से 20 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर अब 40 से 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है. रिटेल मार्केट में तो इसकी कीमतें 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं. खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने बताया है कि यह तेजी सिर्फ सीजनल है. कई जगहों पर फसल बर्बाद होने से दाम बढ़े हैं. अगले कुछ दिन में सब सामान्य हो जायेगा.

बता दें की दिल्ली की आजादपुर मंडी में टमाटर के भाव दो दिन पहले 10 रुपये से 15 रुपये के तक थे. लेकिन  बुधवार को ये भाव 40 रुपये से 65 रुपये पर जा पहुंचे. कारोबारियों का कहना है कि इसका अहम कारण है कि टमाटर की सप्लाई में भारी कमी. हरियाणा के अलावा उत्तर भारत और दक्षिण भारत में भी बारिश के कारण टमाटर की फसल बर्बाद हुई है. हरियाणा के अलावा अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली आदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी टमाटर की फसल बर्बाद होने की खबर आयी है जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. टमाटर के दाम आसमान चढ़ने से गृहणियों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है.

आज़ादी के 70 साल बाद दलित मुख्यधारा में क्यों नहीं?

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भारत में पिछले कुछ समय में दलितों और ऊंची जातियों के बीच तनाव बढ़ा है. हालांकि सरकारें अलग अलग समय पर दलितों के उत्थान के लिए कदम उठाती रही हैं.

एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए दलित उम्मीदवार ही चुना है. इन खबरों के बीच बीबीसी हिंदी ने अपने पाठकों से पूछा था कि दलित-ऊंची जाति तनाव के बीच वो इस समस्या के किस पहलू के बारे में जानना चाहेंगे.

बड़ी संख्या में पाठकों ने हमारे लिए ये सवाल रखा कि आज़ादी के 70 साल बाद भी अब तक दलित देश की मुख्यधारा में क्यों नहीं आ पाए हैं.

पाठकों के इस सवाल का जवाब खोजा है बीबीसी हिंदी के संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने अपनी इस रिपोर्ट में. 1. सामाजिक आधार पर देखें तो आप समानता और स्वतंत्र के लिए क़ानून बना सकते हैं लेकिन भाईचारे के लिए क़ानून नहीं बना सकते. अब तक 70 सालों में क़ानून ऊंच-नीच और भेदभाव को ख़त्म नहीं कर पाया है. क़ानून एक या दो को सजा दे सकता है पूरे समाज को कैसे सजा देगा? दलितों पर जारी अत्याचार एक सामूहिक विफलता है जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विवेक कुमार कहते हैं- “समाज की दलितों की तरफ जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी तब तक निरंतर बदस्तूर उन पर अन्याय जारी रहेगा.

2. क़ानून बनाना और क़ानून लागू करना केवल एक प्रक्रिया है. ये आल-राउंड विकास की प्रक्रिया होनी चाहिए. सामाजिक कार्यकर्ता अनिल चमड़िया कहते हैं- “पिछले 70 में तजुर्बा बताता है कि केवल क़ानून से भेदभाव ख़त्म नहीं होगा. ये समाज में कास्ट सिस्टम से जुड़ा हुआ है. भेदभाव से जुड़ा हुआ है. ये संविधान बनने के कई सौ साल से ऐसा ही चला आ रहा है जो अब तक टूट नहीं सका है.

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3. दलित सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं कि दलितों के खिलाफ छुआछूत प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा बन गया है. अनिल चमड़िया कहते हैं “लोकतंत्र की जो संस्थाएं हैं उनके ज़रिये ये सामाजिक अन्याय और मज़बूत हुआ है.”

4. रोटी-बेटी का सम्बन्ध होना चाहिए. अनिल चमड़िया के अनुसार भीम राव आंबेडकर के कहे अनुसार अंतर जाति विवाह को बढ़ावा देना चाहिए. उनका कहना था कि अगर दोनों जातियों के लोग एक दूसरे की जाति में शादी करें तो जातपात की जड़ों को हिलाया जा सकता है.

5. आरक्षण की मंशा समझी जाए. प्रोफेसर विवेक कुमार के अनुसार आरक्षण आर्थिक समस्या को सुलझाने का काम नहीं है. उनके मुताबिक- “ये प्रतिनिधित्व का कार्यक्रम था कि समाज की सभी संस्थाओं में दलितों का प्रतिनिधित्व हो लेकिन दलितों को अब भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है जिसकी वजह से आरक्षण को जारी रखने की ज़रुरत है.

6. सरकार के इलावा निजी क्षेत्र और पूरे समाज की ज़िम्मेदारी बनती है छुआछूत ख़त्म हो. अनिल चमड़िया और विवेक कुमार दोनों कहते हैं कि समाज भी अपनी ज़िम्मेदारी उठाये. लेकिन वो इस बात पर ज़ोर देते हैं कि दलितों के खिलाफ अन्याय रोकने और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने पूरी ज़िम्मेदारी सरकार पर आयद होती है.

साभारः बीबीसी हिंदी

उपराष्‍ट्रपति पद के लिए चुनाव 5 अगस्‍त को :चुनाव आयोग

नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव आयोग ने उपराष्‍ट्रपति पद के लिए भी चुनाव तारीखों की घोषणा कर दी है. उपराष्ट्रपति चुनाव पांच अगस्त को होगा जिसमें सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक मतदान किया जायेगा. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना 4 जुलाई को जारी होगी. नामांकन भरने की आखिरी तारीख 18 जुलाई होगी और छंटनी कार्य 19 जुलाई को किया जाएगा.

उपराष्ट्रपति चुनाव की मतगणना मतदान वाले दिन, पांच अगस्त को ही होगी. मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के कार्यकाल का अंतिम दिन 10 अगस्त 2017 है. वह दो बार से इस पद पर हैं. जानकारी के मुताबिक एनडीए खेमे की तरफ से केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और राज्‍यपाल नजमा हेपतुल्‍लाह का नाम इस पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है. गौरतलब है की राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित और नामांकित सदस्य उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है. इस समय दोनों सदनों की कुल सदस्य संख्या 790 है लेकिन कुछ सीटें अभी भी खालीं हैं.

भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी नहीं लिख पाई ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’

नई दिल्ली। बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही स्वच्छ भारत अभियान को पूरे देश में जोरशोर से लांच किया गया था. प्रधानमंत्री मोदी इस अभियान को लेकर काफी प्रचार करते रहे हैं तो उनके सांसद और नेता भी झाडू के साथ समय- समय पर तस्वीरें खिचातें रहे हैं. लेकिन अब इस मामले को लेकर एक बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी का सोशल मीडिया पर जमकर मजाक बनाया जा रहा है.

मामला यह है कि बीजेपी की सांसद मीनाक्षी लेखी की एक तस्वीर वायरल हो रही है.  जिसमें वह ‘स्वच्छ’  गलत लिखती दिखाई दे रहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार, यह तस्वीर 27 जून की है जब दिल्ली से सांसद और मशहूर वकील मीनाक्षी लेखी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की तरफ से एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचीं थीं. इस कार्यक्रम में मीनाक्षी लेखी के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी मौजूद थे. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के इस स्वस्थ सारथी अभियान का मकसद वाहनों को प्रदूषण मुक्त बनाने और चालकों को स्वस्थ रखना था.

इस अभियान के लिए मीनाक्षी लेखी ने बोर्ड पर स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत की जगह ‘सवस्थ भारत, सवच्छ भारत’ लिख दिया. जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ना शुरू हो गया. किसी ने लिखा कि खुद हिन्दी नहीं जानते लेकिन दूसरों पर थोंपने में लगे हैं. एक ने लिखा मोदी जी देखिए आपके सांसद तो ‘स्वच्छ’ लिखना तक नहीं जानते, स्वच्छता कैसे लाएंगे. काग्रेंस के नेताओं द्वारा ट्विटर पर इस वाक्ये का खूब मजाक उड़ाया जा रहा है. बता दें कि मीनाक्षी ने दिल्ली के हिन्दू कॉलेज और डीयू से पढ़ाई पूरी की है.

अच्छे कपड़े पहन कर सामने से गुजरा तो मार दी ‘गोली’

Victim

बहराइच। भले ही सीएम योगी ने अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े फरमान जारी कर रखे हों लेकिन बहराइच में उनके फरमान का पुलिस पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. मामला थाना हुजूरपुर क्षेत्र का है जहां जातिवादी गुंडों ने दलित किशोर को इसलिए एयरगन से गोली मार दी क्योंकि उसने उनके सामने से अच्छे कपड़े पहन कर गुजरने की जुर्रत कर ली. परिजन जब शिकायत लेकर थाने पहुचें तो तो तीन दिनों तक उन्हें दौड़ाने के बाद चौथे दिन डकैती के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर थाने से भगा दिया.

पीड़ित दलित परिवार नें एसपी से मिलकर न्याय की गुहार की है. ये लोग थाना हुजूरपुर के भेटिया त्रिभुवन दत्त सिंह पुरवा के निवासी हैं. इन पीड़ितो को अभी तक बहराइच की पुलिस इंसाफ नहीं दिला सकी है.

पीड़ित के परिवार ने एसपी को दी गई तहरीर में कहा कि 02 जून को उनका बेटा बारात जा रहा था रास्ते मे गांव के जातिवादी गुंडों ने रोक कर जाति सूचक गाली देते हुऐ कहा कि इतने अच्छे कपड़े पहन कर कहा जा रहे हो, किशोर के शादी में जाने की बात कहने पर जातिवादी गुंडों ने एयरगन से किशोर को गोली मार दी जो उसके पैर में लगी.

किसी तरह घर पहुंचे किशोर ने घटना के सम्बंध में अपनी मां को बताया. मां जब उनके घर शिकायत करने गई तब उसे भी मारा. पीड़ित का कहना है कि जब वह जातिवादी गुंडों की शिकायत लेकर हुजूरपुर थाने गए तो उसे धमकी देकर भगा दिया. अब पीड़ित इंसाफ की आस में एसपी के दरवाजे पर दस्तक दी है. फिलहाल एसपी इस सम्बन्ध में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.

झारखंड: काजू की खेती से सुधरेगा आदिवासियों का जीवन स्तर

झारखंड: झारखंड के साहिबगंज जिले में काजू की खेती वन समिति के सदस्यों के जीवन में खुशहाली लाने वाली है. इन वन समितियों में आदिवासी व पहाड़ी ग्रामीण शामिल हैं. उत्पादित काजू की बिक्री से जो लाभ मिलेगा उसमें समिति के सदस्य बराबर के हिस्सेदार होंगे.

जो पथरीली जमीन खेती के लिए अब तक अनुपयुक्त थी वही अब काजू की खेती का आधार बनेगी. अच्छी बात यह है कि इससे क्षेत्र में पत्थर के खनन पर भी रोक लग सकती है. साहिबगंज क्षेत्र एक मॉडल के रूप में आसपास के लोगों को काजू की खेती के फायदे और पत्थर के खनन से नुकसान बतायेगा. वन विभाग ने नर्सरी में लगभग दस हजार काजू के पौधे तैयार किए हैं.  जिससे वन समिति आस पास के तीन ब्लॉक में जल्दी लगायेगी.

वहां के बोरियो ब्लॉक के बांझी, जसायडी गांव, बरहेट के पतौड़ा और तालझारी के मालीटोक गांव का चयन किया गया है. यहां लगभग 15 एकड़ पथरीली भूमि पर काजू के पौधे लगाए जाएंगे. वन विभाग अपनी तीन नर्सरी में काजू के पौधे तैयार करा रहा है. ये पौधे अभी 6 इंच लंबे हुए हैं. जैसे ही इनकी लंबाई डेढ़ फीट होगी, इन्हें रोपने का काम शुरू किया जाएगा. विभाग के अनुसार एक पौधे के पेड़ बनने व फल देने में लगभग पांच से छह साल का समय लगता है.

एक पेड़ से एक साल में लगभग दस किलो तक काजू का उत्पादन हो सकता है। यानी कुछ एकड़ भूमि पर इसकी खेती कर सालाना पांच से दस लाख रुपये की आमदनी की जा सकती है। जिले की आदिवासी पहाड़िया व अन्य जाति के लोग इसका लाभ ले सकते हैं।

गौरतलब है की झारखंड में आदिवासियों की संख्या काफी आधिक है इस मुहीम से इस तबके जरूर फायदा होगा और जीवन स्तर में सुधार भी जरुर होगा.

 

‘नॉट इन माइ नेम’: धर्म और जाति के नाम पर हो रही हत्याओं के खिलाफ प्रदर्शन

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Protest against mob lynching

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित भारत के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. यह विरोध प्रदर्शन भीड़ द्वारा जगह-जगह की जा रही हत्याओं के खिलाफ हो रहा है. यह विरोध प्रदर्शन ‘नॉट इन माइ नेम’ के नाम से किया जा रहा है.

फिल्म निर्माता सबा दीवान ने जब दिल्ली के पास ट्रेन में एक युवक की भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लगाई थी, तो उन्हें एहसास भी नहीं था कि उस पर उन्हें व्यापक समर्थन मिलेगा. सोशल मीडिया पर सबा द्वारा लगाई गई पोस्ट और तस्वीर वायरल हो गई है.

ईद से ठीक पहले दिल्ली के बाहर भीड़ द्वारा ट्रेन में जुनैद नाम के लड़के की हत्या कर दी गई थी. उससे पहले भी पिछले कुछ वक्त में भीड़ द्वारा लोगों के मारे जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. पिछले दिनों कश्मीर में भी एक पुलिस अफसर को भी भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था.

Protest against mob lynching

सबा दीवान का कहना है, “समाज में धर्म और जाति के नाम पर जो हिंसा हो रही है, उसका विरोध करने के लिए यह प्रदर्शन है. ‘नॉट इन माइ नेम’ लिखी तख्तियां दिखाकर लोग यह कहना चाहते हैं कि वे इन हत्याओं के खिलाफ हैं और इनकी निंदा करते हैं…”

सबा दीवान ने अपनी ताज़ा फेसबुक पोस्ट में लिखा है, “मैं अकेली नहीं हूं… मैं इस विरोध-प्रदर्शन का बहुत छोटा हिस्सा हूं, जिसे अब हज़ारों लोग चला रहे हैं… अजनबी अब साथी बन चुके हैं… ये वे लोग हैं, जो भारत के संविधान पर भरोसा करते हैं… ये वे लोग हैं, जो बराबरी, मानवीय गरिमा और आत्मसात करने के मूल्यों के साथ हैं…” यह प्रदर्शन दिल्ली के अलावा चंडीगढ़, कोलकाता, बेंगलुरू, हैदराबाद और त्रिवेंद्रम समेत कई शहरों में आयोजित हुआ.

योगी सरकार एक अंक के भी लायक नहीं :मायावती

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि योगी सरकार का सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड बिल्कुल खराब रहा है. यह सरकार एक अंक भी देने लायक नहीं है. उन्होंने कहा कि सौ दिन के शासन में बीजेपी सर्वसमाज की उम्मीदों पर जरा भी खरी नहीं उतरी है.

मंगलवार को जारी बयान में मायावती ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ढेरो घोषणाएं कीं जिसका नतीजा शून्य रहा. कर्जमाफी का इस सरकार ने डंका बजा कर वादा किया परंतु यह घोषणा कागजी सी नजर आती है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस सरकार ने वादे किए घोषणाएं कीं और अब सत्ता बनने पर सब भूल गयी.

भाजपा व उनकी सरकारों की यही नीति रही है. उन्होंने कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मामले में सरकार को जीरो बताया. मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस वार्ता में केवल एक फोटो फीचर बुक जारी कर सौ दिन की उपलब्धियों की बखान सिर्फ दिखावा है.

बसपा मुखिया ने आरोप लगाया कि भगवा संघी नीति को अपना आदर्श बना रही है इस कारण ही कानून व्यवस्था का बुरा हाल है. भाजपा के गमछाधारी और गौ रक्षा दल ही सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हैं. इनके खिलाफ सरकार कोई भी कदम उठाने को तैयार नहीं है और न ही कानून व्यवस्था पटरी पर आ रही है.

इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.

यूपीः योगीराज में हुआ दलित किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार

crime against woman

बलिया। एक तरफ यूपी के मुख्यमंत्री अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने की उपलब्धियां गिनवा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर राज्य में गुंडागर्दी, अपराध और बलात्कार कर जैसी घटनाएं तेजी से घट रही है. मामला है उत्तर प्रदेश के बलिया का. बलिया के बांसडीह इलाके में 14 वर्षीय एक दलित किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है.

पुलिस विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 27 जून की दोपहर 14 वर्षीय एक दलित किशोरी को उसके गांव का ही अजय पासवान खींचकर घर में ले गया तथा फिर अजय, कृष्णा और रजवंत ने उसके साथ मारपीट की, अपशब्द कहे तथा धमकाने के बाद कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया.

पुलिस ने किशोरी की मां की शिकायत पर भारतीय दंड विधान और पॉक्सो एक्ट के तहत नामजद मामला दर्ज किया है. पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी अजय को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है तथा अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

भारत डच को देगा 5 साल तक का बिजनेस और टूरिस्ट वीजा

netherland

एमस्टरडम। भारत सवा अरब लोगों का एक बाजार है, जो निवेश के लिए बांहें फैलाए आपका इंतजार कर रहा है. कारोबार के लिए यहां बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया गया है. ये बातें भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने डच कंपनियों के सीईओ के साथ चर्चा में कहीं. प्रधानमंत्री ने कहा कि नीदरलैंड में बसे भारतीयों की तादाद ब्रिटेन के बाद सर्वाधिक है. भारत भी डच नागरिकों को पांच साल के लिए बिजनेस व टूरिस्ट वीजा देगा. इसका निर्णय निकट भविष्य में किया जाएगा.

2 दिन की अमेरिका यात्रा के बाद 27 जून को नीदरलैंड की राजधानी एमस्टरडम पहुंचे मोदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके वो 80 करोड़ लोग हैं, जो अभी तक 35 साल की उम्र से नीचे हैं. ये हमारा बेहतरीन भविष्य हैं. नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रुटे से बातचीत में पीएम मोदी ने एमटीसीआर में स्थायी सदस्यता प्राप्त होने पर यूरोप का आभार व्यक्त किया. यह वही संघ है, जिसमें शामिल होने के बाद भारत के मिसाइल कार्यक्रम ने रफ्तार पकड़ी. भारत रूस के साथ संयुक्त रूप से मिसाइल कार्यक्रम पर काम कर रहा है. दोनों देशों के बीच जलवायु परिवर्तन के नियमों पर अमल करते रहने की सहमति बनी. साथ ही अक्षय ऊर्जा में हिस्सेदारी और जल परियोजनाओं को लेकर भी बातचीत हुई.

मोदी ने कहा कि भारत में 7 हजार से ज्यादा बार सुधार करके एफडीआई (फोरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) को इस काबिल बनाया गया है कि विदेशी निवेश आसानी से हो पाए. सरकार ने आर्थिक क्षेत्र को इस लायक बनाया है, जिससे भारत का स्तर और ऊंचा उठे. मार्क रुटे ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक महाशक्ति बना है. आज राजनीति के साथ आर्थिक क्षेत्र में वह बड़ी ताकत है. मेक इन इंडिया और क्लीन इंडिया की तारीफ करते हुए रुटे ने कहा कि यूरोप के साथ भारत के कारोबार का 20 फीसदी माल नीदरलैंड के रास्ते वहां जाता है.

पूंजी प्रवाह होगा और भी आसान नीदरलैंड और भारत के बीच पिछले 70 सालों से बिजनेस संबंध हैं. नरेंद्र मोदी ने डच पीएम के साथ चर्चा में बिजनेस के लिए नियमों को और आसान बनाने पर सहमति दी. ऐसा करने से दोनों के बीच पूंजी का प्रवाह आसान हो जाएगा. अगले 70 साल के लिए ये नियम संशोधित किए जा रहे हैं. भारत-नीदरलैंड के बीच राजनयिक संबंधों को भी 70 साल पूरे हो चुके हैं. दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद का एक साथ सामना करने की बात कही.

39 आईएएस अफसरों के खिलाफ होगी भ्रष्टाचार की जांच

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नई दिल्ली। वर्तमान सरकार ने देश के 39 आईएएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच चल रही है. इन अफसरों में से कई आईएएस अफसर केंद्रीय सचिवालय सेवा में तैनात हैं. इनके खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया की कार्रवाई चल रही है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईएएस अफसरों के मामले को देखने वाली नोडल एजेंसी केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ही इस जांच प्रक्रिया को देख रहा है. कुल अफसरों के खिलाफ पूछताछ चल रही है. इनमें से कुछ वरिष्ठ स्तर के अधिकारी हैं. इन अफसरों के खिलाफ शिकायतों की जांच के साथ ही उनके सेवा रिकार्ड को भी खंगाला जा रहा है. मानकों के अनुसार एक केंद्रीय कर्मचारी की सेवा की दो बार समीक्षा होती है. पहली बार 15 सालों की सेवा के बाद और दोबारा 25 सालों की सेवा के बाद होती है.

पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने काम न करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है. साथ ही कामकाज ने करने वाले अफसरों के सेवा रिकार्ड की भी पड़ताल जारी है. समूचे भारत में ग्रुप ए सेवा में आईएएस,आईपीएस और आईआरएस समेत 25 हजार अधिकारी हैं.