आधार कार्ड की मोबाइल ऐप लांच, अब फोन में होगा आधार

नई दिल्ली। आधार कार्ड की हर क्षेत्र में बहुलता के बाद अब आप अपने आधार कार्ड को मोबाइल में आसानी से कैरी किया जा सकेगा. इसके लिए अब अलग से हर वक्त अपनी जेब में आधार कार्ड को रखना नहीं पड़ेगा क्योंकि अब आधार कार्ड बनाने वाली संस्था UIDAI ने बुधवार को एम-आधार ऐप लांच कर दिया है.

इस ऐप को अभी बीटा वर्जन पर लांच किया गया है. हालांकि यूआईडीएआई ने कहा है कि आगे चलकर इस ऐप पर कई सर्विस को शुरू किया जाएगा. ऐप को अभी इसको गूगल प्ले स्टोर पर लांच किया गया है. इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद यूजर को आधार नंबर डालने के बाद उसकी डेमोग्राफिक डिटेल जैसे कि नाम, जन्मतिथि, जेंडर, पता और फोटोग्राफ की जानकारी मिल जाएगी.

यूआईडीएआई ने कहा कि इसको आगे चलकर आईफोन यूजर के लिए भी लांच किया जाएगा. यूजर इस ऐप के जरिए अपनी बॉयोमेट्रिक डिटेल को लॉक या फिर अनलॉक कर सकता है. इसके अलावा यूजर अपनी आधार प्रोफाइल को QR कोड के जरिए अपडेट कर सकता है. इसके साथ ही टेलिकॉम कंपनियां को ईकेवाईसी डिटेल को शेयर कर सकेगा जिसके बाद आधार कार्ड जेब में आ जायेगा.

TRP ने घटाई कपिल शर्मा की फीस, डबल हुए सुनील ग्रोवर के भाव

Kapil Sharma

नई दिल्ली। काफी समय बीत जाने के बावजूद कपिल शर्मा और चैनल के बीच नई डील साइन नहीं हुई है. एक ओर जहां इसकी वजह शो की लगातार कम टीआरपी बताई जा रही है, वहीं कपिल शर्मा की गिरती सेहत भी इसका एक कारण हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोनी चैनल फिलहाल कपिल शर्मा का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने के मूड में नहीं है. दरसअल, चैनल के साथ कपिल के शो का कॉन्ट्रैक्ट अप्रैल में दोबारा साइन होना था.

अब कपिल शर्मा के शो की लगातार गिरती टीआरपी ने जहां उनकी जेब पर अटैक कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ सुनील ग्रोवर कमाई लगातार बढ़ती जा रही है. खबरों के मुताबिक सुनील ने अपनी फीस डबल कर दी है. सुनील ग्रोवर को लगातार शोज के ऑफर मिल रहे हैं और इस समय सुनील गेस्ट अपीयरेंस और स्टेज शोज पर फोकस कर रहे हैं. जहां कपिल ने अपनी फीस आधी कर दी है तो वहीं सुनील ने अपनी फीस डबल कर दी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनील ग्रोवर को नए शो के लिए काफी अच्छे ऑफर दिए जा रहे हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुनील ग्रोवर को पहले की तुलना में डबल फीस के साथ नए शो के लिए ऑफर दिए जा रहे हैं. दरअसल, सुनील ग्रोवर और अली असगर के शो से जाने के कपिल के शो की टीआरपी लगातार गिर रही है. खबरें तो ये भी थीं कि कपिल का शो बंद भी हो सकता है.

यूपी के 1.72 लाख शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत

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लखनऊ। यूपी के शिक्षामित्र मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिसमें कहा गया है कि करीब एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों को अब सहायक अध्यापक के पद पर बने रहने के लिए टीईटी परीक्षा पास करनी होगी. दो साल के अंदर उन्हें ये परीक्षा पास करनी होगी जिसमें उनके अनुभव का साथ मिलेगा.

शिक्षामित्रों की ओर से शीर्ष अदालत में पेश वकीलों की दलील थी कि शिक्षामित्र वर्षों से काम कर रहे हैं जिससे वे अधर में हैं. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट मानवीय आधार पर सहायक शिक्षक के तौर पर शिक्षामित्रों के समायोजन को जारी रखे. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि संविधान के अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर उन्हें राहत प्रदान की जाए. सहायक शिक्षक बने करीब 22 हजार शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनके पास वांछनीय योग्यता है, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर ध्यान नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि ये शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी और टीईटी पास हैं. ये सभी करीब 10 वर्षों से काम कर रहे हैं. यह कहना गलत है कि शिक्षामित्रों को नियमित किया गया है. सहायक शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति हुई है. वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए स्कीम के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्ति हुई थी. उनकी नियुक्ति पिछले दरवाजे से नहीं हुई थी, शिक्षामित्र पढ़ाना जानते हैं. उनके पास अनुभव है. वे वर्षों से पढ़ा रहे हैं. उम्र के इस पड़ाव में उनके साथ मानवीय रवैया अपनाया जाना चाहिए.

 

मसूद अजहर की PM मोदी को धमकी, कहा- 3 दिन में सिखा देंगे सबक

नई दिल्ली। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर ने एक बार फिर जहर उगला है. मसूद अजहर ने एक बार फिर भारतीय मुसलमानों को भड़काने के लिए अपनी पत्रिका अल-कलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के खिलाफ जहर उगला है. मोदी और योगी के लिए विष उगलते इस कॉलम के टाइटल का नाम ‘Sa’di’ रखा गया है जो कि भारतीय मुसलमानों के लिए अजहर कई सालों से इस्तेमाल कर रहा है. पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड अजहर ने लिखा मैं जानता हूं कि मेरे इस कॉलम से भारत रोएगा लेकिन मुझे क्या फर्क पड़ता है, चलों लिखते है. भारत में जितने भी ऑपरेशन हुए है सभी को मेरी फाइल में ट्रांस्फर कर दिया जाएगा.

अजहर ने लिखा नियंत्रण, षड़यंत्र, फांसी जैसी चीजों से मुसलमान डरने वाले नहीं है. भारत और कश्मीर के मुसलमानों का उत्पीड़न देखकर हमारे दिलों में आग लगती है. आपको बता दें कि पठानकोट, नगरौटा, गुरदासपुर और अखनूर हमले में सेना और स्थानीय लोगों को निशाना बनाने के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है. 15 जुलाई को पुलवामा में सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. अपने इस कॉलम में अजहर ने देश में भीड़ द्वारा हो रही हत्याओं का भी जिक्र किया. अजहर का दावा है कि भारत की बिगड़ती स्थिती, असहनीय और विभत्स है.

अजहर का कहना है कि ये लोग गाय की रक्षा करने के लिए हजारों लोगों का खून बहा देंगे. मोदी और योगी पर निशाना साधते हुए अजहर ने लिखा ओ मोदी, ओ योगी मुसलमानों का खून बहुत किमती है. मुसलमानों का विनाश करना असंभव है. अगर पाकिस्तान में एक असली नेता आ जाए तो भारत को तीन-चार दिन में ही अच्छे सी सबक सीखा देंगे. अगर अल्लाह ने चाहा तो भारत में उत्तर प्रदेश से कर्नाटक, कराची से लेकर खैबर तक मुसलमान हैं और आप लोग ही बिगड़ती स्थिती के लिए जिम्मेदार होंगे. अजहर ने लिखा यह कोई धमकी नहीं है यह सच्चाई है.

स्कूल-कॉलेजों में हर हफ्ते बजाना होगा वंदे मातरम्: मद्रास हाईकोर्ट

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चेन्नई। मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी  को वंदे मातरम् गीत पर बड़ा आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने ये आदेश एक याचिका की सुनवाई में दिया है. इस आदेश में कहा गया है कि सभी सरकारी दफ्तरों, प्राइवेट कंपनियों में भी महीने में एक बार राष्ट्रगीत जरूर बजना चाहिए.

असल में यह मामला शुरु हुआ वीरामणी नाम के एक छात्र से जिसने राज्य सरकार की नौकरी के लिए परीक्षा दी थी जिसमें वो एक नंबर से फेल हो गया. फेल होने का कारण वंदे मातरम गीत किस भाषा में लिखा गया है इस सवाल के जवाब में गलत उत्तर देना बताया गया था.

वीरामणी ने अपने उत्तर में बताया था कि वंदे मातरम गीत बंगाली भाषा में लिखी गई थी, जबकि बोर्ड की तरफ से उसका सही उत्तर संस्कृत बताया गया. इसी को लेकर वीरामणी ने मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर वंदे मातरम की भाषा पर स्थिति साफ करने का आग्रह किया. 13  जून को राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट में बताया कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम मूल तौर पर संस्कृत भाषा में था लेकिन उसे बंगाली भाषा में लिखा गया था.

इस के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने वंदे मातरम को सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनिवार्य करने का फैसला सुना दिया जिसको पालन कराने के लिए कुछ नियमों में भी बदलाव किया जायेगा.

 

मुसलमानों के घरों में तुलसी लगवाएगा RSS

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुसलिम समाज के लोगों को जन्‍नत के पौधे ‘रेहान’ की हकीकत बताएगा. आरएसएस का मानना है कि पवित्र कुरान में जिस जन्नत के पौधे का जिक्र किया गया है वो कुछ और नहीं बल्कि तुलसी का पौधा है. संघ की तरफ से एक अभियान चलाकर मुसलिमों को तुलसी के पौधे को हर घर में लगाने के लिए कहा जाएगा. हिंदी समाचार पत्र नवभारत टाइम्स से बातचीत में संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने यह बात कहीं.

देशभर में यह अभियान सितंबर और अक्‍टूबर में चलाया जाएगा. संघ के वरिष्‍ठ प्रचारक ने कहा कि हर मुस्लिम के घर पर स्वर्ग यानी जन्नत का पौधा होना चाहिए. कुरान में रेहान का ज्रिक है, लेकिन मौलाना इस बात को छुपाते रहे हैं और नफरत फैलाने का काम करते रहे हैं. इंद्रेश कुमार का मानना है कि रेहान अरबी भाषा का शब्द है, जिसे अंग्रेजी में बैजल और हिंदी में तुलसी कहते हैं.

उन्होंने कहा कि भाईचारे की बजाय नफरत को बढ़ावा देने वाले लोग तुलसी को हिंदू से जोड़ते हैं और इस तरह प्रचार करते हैं कि जैसे तुलसी सिर्फ हिंदुओं का ही है और मुस्लिमों को इससे दूर रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि संच के लोग घर-घर जाकर मुस्लिमों से कहेंगे कि घर के भीतर और घर के बाहर जन्नत का पौधा तुलसी होना चाहिए. घर के अंदर तुलसी का पौधा दवाई के तौर पर काम आता है, साथ ही हवा को शुद्ध करता है. घर के बाहर तुलसी प्रदूषण दूर करेगी, इसलिए घर जन्नत जैसा बनेगा.

चेहरे पर भी उगते हैं बाल, इस भयानक बीमारी से पीड़ित है ये परिवार…

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पुणे। दुनिया में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो देखने में भले ही अलग हों लेकिन ये हमें आश्चर्यचकित जरूर करते हैं. ऐसा ही एक मामला पुणे में रहने वाले परिवार के सामने आया है. दरअसल, इस परिवार की 3 लड़कियां एक बेहद दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं. इस बीमारी के कारण ये लोग घर में रहने को मजबूर हैं. वे बाहर खेलने-कूदने भी नहीं जाती हैं. बचपन में जब भी यह लोग घर से बाहर निकलते तो लोग इन्हें चिढ़ाते थे. लोगों के व्यवहार और बातों के कारण ये लोग घर में रहने को मजबूर हो गए. इनकी बिमारियों को समाज भी समझ नहीं सका और उनका उपहास भी उड़ाता रहा. इस बीमारी का अब तक कोई इलाज सामने नहीं आया है.

इस बीमारी के कारण पूरे शरीर के साथ-साथ चेहरे पर भी घने काले-काले बाल उग जाते हैं. उम्र बढ़ने के साथ ही ये समस्या और भी गंभीर हो जाती है. ये करोड़ों लोगों में से 1 या 2 लोगों के जीन में ही ये पाया जाता है और अब इनमें से एक लड़की का पहला बच्चा भी इस बीमारी से पीड़ित है. 5 माह का ये बच्चा किसी आम बच्चे की तरह ही है पर ये भी अपनी मां और दोनों मौसियों की तरह ‘वेयर वोल्फ डिज़ीज़’ से पीड़ित है. उसका पूरा शरीर काले बालों से ढका हुआ है. ऐसा 100 करोड़ में से एक के साथ होता है.

इसे ‘Hypertrichosis Universalis’ के नाम से जाना जाता है. इस बच्चे की 22 वर्षीय मां मनीषा संभाजी बहुत दुखी हैं कि उनके बच्चे को भी अब वही सब झेलना होगा जो उनकी बहन सविता 30 और सावित्री 19 को झेलना पड़ा. मनीषा ने बताया कि जब भी मैं अपने आपको शीशे में देखती हूं तो मुझे बहुत बुरा लगता है और अब मेरा बच्चा भी ऐसा ही महसूस करेगा. उसने बताया कि मुझे और मेरी बहनों को लोग बंदर, भालू, भूत और न जाने क्या-क्या कह कर चिढ़ाते थे और अब मेरे बच्चे को भी सब लोग ऐसे ही परेशान करेंगे.

अब चाहे वो जैसा भी हो मैं अपने बच्चे को वैसे ही प्यार करुंगी और उसका ख़याल रखूंगी जैसे मेरी मां ने हम बहनों का रखा. मैं बस ये चाहती हूं कि मेरा बच्चा किसी आम बच्चे की तरह बड़ा हो. आपको बता दें, मनीषा और उनकी बहनें हेयर रिमूवल क्रीम का इस्तेमाल करके सबके सामने आती हैं.

योगीराज में हुई पहली दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द

लखनऊ। बीजेपी सरकार में हुई पहली भर्ती परीक्षा रद्द हो गयी है. 3307 पद के लिए होने वाली इस परीक्षा का पेपर लीक हो गया था. जिसके बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. डीजीपी सुलखान सिंह ने इस भर्ती परीक्षा में धांधली के मामले में जांच का आदेश दिया है. उत्तर प्रदेश एसटीएफ इस भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच करेगी.

मुख्यमंत्री योगी के राज में इस बार प्रशासन कड़ा और चौकन्ना होने की आशा थी पर पेपर लीक गैंग ने इस बार पुलिस की परीक्षा में ही सेंध लगा कर सरकार के मुंह पर ताला जड़ दिया है जिसके कारण 3307 पदों के लिए हो रही दरोगा भर्ती परीक्षा पूरी तरह रद्द कर दी गई है. अब 17 जुलाई से हुए सभी ऑन लाइन पेपर को रद्द कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच के बाद अब परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी.

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक सुलखान सिंह ने ऑनलाइन परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद प्रक्रिया को आज रद्द करने के आदेश दिए हैं. डीजीपी ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही जांच कराने के भी आदेश जारी किए हैं. यह ऑनलाइन परीक्षा 17 जुलाई से आयोजित की जा रही थी. इसके अब तक हुए सभी पेपर कैंसिल कर दिए गए हैं. यूपी पुलिस ने पहली बार इस परीक्षा को आयोजित किया था, यह परीक्षा प्रदेश के 22 जिलों में होनी थी.

बता दें की 25 और 26 जुलाई को ऑनलाइन परीक्षा के पेपर एक दिन पहले ही व्हाट्सएप्प के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंच गया था. इसकी जानकारी जब भर्ती बोर्ड के अधिकारियों को हुई तो खलबली मच गई जिसके बाद पेपर रद्द करने का निर्णय लिया गया.

 

मुंबई में चार मंजिली इमारत गिरी, 12 की मौत

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मुंबई। मुंबई के घाटकोपर में सुबह चार मंजिला इमारत गिर जाने से 12 लोगों की मौत हो गई है और अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. बीते एक हफ्ते से मुंबई में लगातार रुक-रुक के बारिश हो रही है. राहत कार्य में जुड़े अधिकारियों का मानना है कि अभी भी मलबे में कई लोग दबे हो सकते हैं. इमारत मंगलवार सुबह करीब 10.15 बजे गिरी है. जानकारी के मुताबिक, इमारत की हालत बहुत ही जर्जर हालत में थी.

बता दें की इस इमारत की पहली मंजिल में एक बच्चों का अस्पताल भी मौजूद था. लेकिन कई दिनों से इस अस्पताल में मरम्मत का कार्य चल रहा था. अगर यह अस्पताल चालू होता तो मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता था. राहत कार्य में लगे कर्मचारियों ने मलवे में करीब 9 लोगों को सुरक्षित निकलाने में बड़ी कामयाबी पाई है.

बीएमसी के दमकल विभाग के प्रमुख पी एस रहांगदले ने बताया कि घाटकोपर के दामोदर पार्क इलाके में ढ़ही इस इमारत के मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. उन्होंने बताया कि नगर निकाय के नियंत्रण कक्ष को इस दुर्घटना के बारे में सुबह करीब 10.43 बजे फोन के माध्‍यम से जानकारी मिली. उन्होंने बताया कि लगभग आठ दमकल गाडि़यां, एक बचाव वाहन और एक एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया है राहत, बचाव का कार्य बड़े स्तर पर जारी है.

 

क्या कोविंद के आने से दलितों का भला होगा?

रामनाथ कोविंद

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने के पहले कोविंद भारतीय राजनीति की आला कतार में नहीं देखे जाते थे. सत्ताधारी गठबंधन ने उनके नाम का एलान किया तो ये राजनीति के जानकारों के लिए एक ‘सरप्राइज’ था. कोविंद की तमाम विशेषताओं के जिक्र के साथ भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बार-बार बताया कि वो दलित समुदाय से आते हैं. विपक्ष की ओर से भी उनके मुक़ाबले दलित समुदाय से आने वाली पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाया गया. संख्याबल सत्तापक्ष के साथ था और उम्मीद के मुताबिक कोविंद बड़े अंतर से भारत के 14वें राष्ट्रपति चुन लिए गए.

दलितों के लिए कितना फ़ायदेमंद? लेकिन, क्या कोविंद का राष्ट्रपति बनना दलित समुदाय के लिए फायदेमंद होगा, इस सवाल पर समाजशास्त्री बद्री नारायण कहते हैं कि कोविंद के राष्ट्रपति बनने से दलित समुदाय का स्वाभिमान बढ़ेगा. बद्री नारायण कहते हैं, “आत्म स्वाभिमान बढ़ाने के लिए तो अच्छा ही है. दलितों में भी स्वाभिमान की भावना तो आएगी.” राजनीतिक विश्लेषक महेंद्र सुमन भी मानते हैं कि राष्ट्रपति भवन में कोविंद की मौजूदगी से दलितों का आत्मसम्मान बढ़ेगा, लेकिन वो इसे प्रतीक की राजनीति मानते हैं. सुमन का कहना है कि दलित समुदाय की ओर से जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं, चाहे वो रोहित वेमुला का मामला हो या फिर फेलोशिप का मामला, उसमें कुछ नहीं हो रहा है. लेकिन इस कदम से वो खुश ज़रूर होंगे. सुमन कहते हैं, “हमारे देश में बहुत सी ऐसी जातियां हैं जिनमें मुश्किल से कोई आइकन मिलेगा. बहुत सी जातियों में कोई करोड़पति भी नहीं मिलेगा. अगर उस समुदाय से कोई राष्ट्रपति बनता है तो बहुत बड़ी बात है. ” रामनाथ कोविंद के दोस्त क्या कहते हैं?

लेकिन, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर और राजनीतिक विश्लेषक असमर बेग़ की राय अलग है. वो कहते हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में इरादा दलितों का फ़ायदा करना नहीं था.

सांकेतिक राजनीति प्रोफ़ेसर बेग़ के मुताबिक, “ये एक समुदाय को साथ जोड़ने के लिए उठाया गया राजनीतिक कदम था. इससे उस समुदाय को कोई फ़ायदा नहीं होगा. अगर आपका इरादा किसी सेक्शन का फ़ायदा करना है तो फिर आप उसके लिए आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक नीतियां लाएंगे.” प्रोफ़ेसर बेग़ ये भी कहते हैं कि जिन देशों में मतदाता लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर परिपक्व हैं, वहां भी राजनीतिक दल ऐसी सांकेतिक राजनीति करना चाहते हैं. लेकिन मतदाता उन्हें उस रास्ते पर जाने नहीं देते. वो कहते हैं कि आप रोटी, कपड़ा, मकान और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों की बात कीजिए. प्रोफ़ेसर बेग़ कहते हैं, “कंपनियां जब मार्केट में सामान बेचती हैं, तो विज्ञापन देकर माहौल बनाती हैं कि सामान बहुत अच्छा है. ऐसा ही माहौल राजनीतिक दल भी बनाते हैं.”

सुमन कहते हैं कि भारत में हर दल प्रतीकों की राजनीति करता है. कभी महिलाओं के नाम पर और कभी दलित और मुस्लिमों को लेकर, लेकिन भारतीय जनता पार्टी को इसमें महारथ हासिल है. सुमन कहते हैं, ” इसके पहले भी भारतीय जनता पार्टी ने संगठित रूप से अंबेडकर जयंती मनाई. उत्तर प्रदेश में बुद्ध सर्किट यात्रा की. सुलेह देव की जयंती मनाई. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान आया है कि दलितों में राम टाइटिल बहुत हैं. मतलब काफी राम भक्त हैं. इसका आशय क्या है. वो अयोध्या में जो मंदिर बनाना चाहते हैं, उसके लिए रामभक्तों को गोलबंद करेंगे.” लेकिन बद्री नारायण कोविंद के राष्ट्रपति बनने को सिर्फ प्रतीक की राजनीति नहीं मानते हैं. वो कहते हैं कि इससे दलितों के बीच संदेश जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें प्रतिनिधित्व दे रही है. हालांकि, प्रोफ़ेसर बेग़ इस आकलन पर सवाल उठाते हैं. वो कहते हैं कि अगर बात वंचित समुदाय को अधिकार संपन्न बनाने की है तो उन्हें वास्तविक अधिकार वाले पद क्यों नहीं दिए जाते हैं? प्रोफ़ेसर बेग़ कहते हैं, “अगर ऐसे समुदायों का हकीकत में अधिकार संपन्न बनाना है तो उन्हें वास्तविक शक्तियां रखने वाले पद दिए जाएं. जैसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पद हैं. लेकिन उन्हें अधिकार नहीं देने हैं. उनका सिर्फ इस्तेमाल किया जाना है. ऐसे में उन्हें ऐसे प्रतीकात्मक पद दिए जाते हैं.” उधर, बद्रीनारायण मानते हैं कि लोकतंत्र में धीरे-धीरे चीजें बदलती हैं. आगे उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता है.

सियासी मजबूरी राजनीतिक विश्लेषक सुमन कोविंद के राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने को भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक मजबूरी से जोड़कर देखते हैं. वो कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की जो विचारधारा है, उसमें सैद्धांतिक तौर पर आरक्षण का विरोध किया जाता है और हिंदुत्व सवर्ण समूह को ज्यादा तुष्ट करती है लेकिन राजनीति में आप बहुजन के बिना आगे बढ़ नहीं सकते. सुमन ये भी कहते हैं कि कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद दलितों की उम्मीदें भी बढ़ेंगी. वो कहते हैं, “दलितों में बहुत आकांक्षा होगी. वो चाहेंगे कि गौरक्षा के नाम पर या अन्य वजहों से दलितों पर जो जुल्म बढ़े हैं, वो न हों. छुआछूत का भी मामला है. संविधान के ज़रिए जो उन्हें आरक्षण मिला है, वहां कोई अतिक्रमण न हो.” राष्ट्रपति के तौर पर इन उम्मीदों पर ख़रा उतरना ही कोविंद की सबसे बड़ी चुनौती होगी.

वात्सल्य राय का यह लेख बीबीसी हिंदी से साभार लिया गया है.  लेख में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

सोनू के बाद अब गायिका सुचित्रा कृष्णामूर्ति को अजान से तकलीफ

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मुंबई। कुछ दिन पहले गायक सोनू निगम ने अजान को आक्रामक, कान फाड़ देने वाली आवाज बताते हुए ट्वीटर पर पोस्ट करते हुए इसकी आलोचना की थी और कहा कि ईश्वर को याद कराने के लिए उनको लाउडस्पीकर की जरूरत नहीं है. उनके बाद अब ताजा मामला फिल्म अभिनेत्री और गायिका सुचित्रा कृष्णामूर्ति के बयान का है जिन्होंने लाऊडस्पीकर के द्वारा होने वाली अजान पर आपत्ति दर्ज की है. ट्विटर पर उन्होंने ट्विट किया है और इसको लेकर अपनी वेदना प्रकट की है.

बता दें की फिल्म अभिनेत्री और गायिका सुचित्रा कृष्णामूर्ति ने ट्विटर पर लिखा है, ‘आज मैं सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर घर आई और तो अजान की बहुत ही कर्कश और बहरा कर देने वाली आवाज सुनाई दी. इस तरह धर्म को किसी पर थोपना बेवकूफी है. उन्होंने एक और पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि वह स्वंय ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाती हैं और अपनी रियाज़ और योग करती हैं. मुझे मेरे भगवान की याद दिलाने या मेरे कर्तव्य की याद दिलाने के लिए सार्वजनिक लाउडस्पीकर की आवश्यकता नहीं है. इसके अलावा उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा है, उनका दिनभर अजान से या किसी धार्मिक गायन का विरोध नहीं है लेकिन सुबह 5 बजे सभी पड़ोसियों को उठा देना कोई सभ्यता का परिचायक नहीं है.

गौरतलब है कि सोनू निगम ने कुछ महीनों पहले जब अजान को लेकर अपनी आवाज उठाई थी तो उनके विरुद्ध फतवा जारी हो गया था जिसके चलते उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था जिसके बाद उनका काफी विरोध हुआ था और कुछ समुदायों ने उनके खिलाफ आप्पतिजनक टिप्पणियां भी की थीं.

 

दलित नेता ने उद्घाटन किया, कांग्रेसी सासंद ने गंगाजल से धुलवाया

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के बीच दलितों के मुद्दे पर जारी हंगामे पर बहुजन समाज पार्टी ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं.

बसपा विधायकों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार दलितों के नाम पर सदन में ढोंग कर रही है. बसपा विधायक ऊषा चौधरी के मुताबिक जब देश में बाबासाहेब अम्बेडकर की प्रतिमाओं का अपमान किया जाता है तब बीजेपी के नेता आवाज नहीं उठाते लेकिन सियासी फायदे को देखते हुए अब दलितों के मुद्दे पर हंगामा खड़ा कर रहे हैं.

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पर दलित का अपमान करने का आरोप लगा रही है और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रही है. भोपाल के अशोक नगर में ट्रॉमा सेंटर को कथित तौर पर गंगाजल से धुलवाने का आरोप लगाकर सोमवार को विधानसभा में शोर-शराबा हुआ. भाजपा विधायक और मंत्रियों ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को दलित विरोधी करार देते हुए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की.

उधर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मुद्दों से ध्यान हटाने का सरकार का षड्यंत्र करार दिया. शोर-शराबा इतना हुआ कि अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा को तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के रामेश्वर शर्मा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि गोपीलाल जाटव हमारे अशोक नगर से विधायक हैं. उन्होंने वहां ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन किया. कांग्रेस के सांसद ने उसे धुलवाया. ये दलितों का घोर अपमान है.

सत्तापक्ष के लोग बार-बार ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लेने लगे तो अजय सिंह ने कहा कि आपके लोगों ने राज्यसभा में मायावती को बोलने नहीं दिया. वे हिंदुस्तान में दलित वर्ग की सबसे बड़ी नेता हैं.

सिंधिया के ट्रॉमा सेंट्रर को धुलवाने को अनुसूचित जाति की अस्मिता से जोड़ते हुए डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से उस कुर्सी पर बैठता था, क्या उसे गंगाजल से धुलवाएंगे. इस पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुझे आपकी कुर्सी पर बैठने में गर्व है.

विधानसभा में दलित अपमान का मुद्दा उठाने वाले रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति और विधायक का अपमान होगा. गोपीलाल जाटव नहीं आए. उन्हें सदमा न लग जाए. उन्होंने मांग रखी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को सदन में बुलाया जाए. कटघरे में खड़ा कर उनसे माफी मंगवाई जाए. मैं निंदा प्रस्ताव रखता हूं.

वन विभाग की जमीन पर रिसॉर्ट बनवा रहीं हैं भाजपा मंत्री की पत्नी

रांची। बीजेपी सरकार के मंत्रियों के घोटाले और कब्जे में एक नया नाम जुड़ गया है. छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार में मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेता बृजमोहन अग्रवाल की पत्नी सविता अग्रवाल और पुत्र 4.12 एकड़ सरकारी वन भूमि खरीद कर रिसॉर्ट बनवा रहे हैं. असल में यह जमीन सितंबर 2009 में खरीदी गई थी. रमन सिंह सरकार के कई अधिकारियों ने इस खरीद-बेच पर सवाल उठाए, यहां तक की हाल ही में 30 जून को भी इस पर आपत्ति जताई गई लेकिन सविता अग्रवाल के पति के मंत्रालय ने लिखित रूप में कहा कि इस मामले में कोई कार्रवाई करना संभव नहीं.

बता दें की बृजमोहन अग्रवाल 1990 से ही रायपुर के विधायक हैं. वो इस समय राज्य के कृषि, जल संसाधन और धार्मिक ट्रस्ट मंत्री हैं. जब उनकी पत्नी ने जमीन खरीदी थी तो वो शिक्षा, लोक निर्माण, संसदीय कार्य, पर्यटन और संस्कृति मंत्री थे. सविता अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के महासमंद जिले के सीरपुर में जो जमीन खरीदी है उस पर श्याम वाटिका नामक रिसॉर्ट बनाया जा रहा है. उनके पति के मंत्रालय ने इस इलाके को विशेष पर्यटक क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है.

इस प्रोजेक्ट के लिए अग्रवाल की पत्नी के अलावा बेटे ने भी जमीन खरीदी है. आदित्य सृजन प्राइवेट लिमिटेड और पुरबासा वाणिज्य प्राइवेट लिमिटेड ने इसी प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदी है. कंपनी रिजस्ट्रार के दस्तावेज के मुताबिक आदित्य सृजन के डायरेक्टर सविता अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल हैं और पुरबासा वाणिज्य के एक डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल हैं. इंडियन एक्सप्रेस के पास मौजूद जमीन रजिस्ट्री रिकॉर्ड के अनुसार सरिता अग्रवाल ने खसरा संख्या 1.38, 1.37 और 1.37 की कुल 4.12 एकड़ जमीन 12 सितंबर 2009 को पांच लाख 30 हजार 600 रुपये में खरीदी पर यह जमीन असल में वन विभाग के नाम हैं जिस पर सारा विवाद उठा है.

रामनाथ कोविंद ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ

नई दिल्ली। रामनाथ कोविन्द ने आज भारत के 14वें राष्ट्रपति के रुप में शपथ ली, इस दौरान संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. चीफ जस्टिस ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इससे पहले आज शपथ ग्रहण से पहले कोविंद ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी इस दौरान उनकी पत्नी भी मौजूद थीं. नव-निर्वाचित राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने शपथ लेने के बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई. इसके बाद राष्ट्रपति ने अपना भाषण दिया.

इस समारोह में राज्य सभा के सभापति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोक सभा अध्यक्ष, मंत्री परिषद के सदस्य, राज्यपालगण, मुख्यमंत्रीगण, राजनयिक मिशनों के प्रमुख, संसद सदस्यगण और भारत सरकार के प्रमुख असैनिक और सैनिक अधिकारी सेंट्रल हॉल में शामिल रहे.

राष्ट्रपति सेंट्रल हॉल में समारोह सम्पन्न होने पर राष्ट्रपति भवन के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां प्रांगण में सेना के तीनों अंगों द्वारा उन्हें गार्ड आफ आनर दिया जाएगा और सेवा-निवृत हो रहे राष्ट्रपति को भी सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा.

आपको बता दें कि 20 जुलाई को आए नतीजों में रामनाथ कोविंद को कुल 702044 मिले हैं जबकि मीरा कुमार को 367314 वोट मिले थे. जीत के बाद कोविंद ने जीत के बाद कहा कि सभी लोगों ने मुझपर जो विश्वास जताया है, उसके लिए सभी का आभारी हूं. उन्होंने कहा था, ‘मैं चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को शुभकामनाओं के साथ धन्यवाद देता हूं. जिस पद का गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सर्वपल्लि राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम जी और प्रणब मुखर्जी ने बढ़ाया है, उस पर पद पर रहना मेरे लिए गौरव की बात और जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है. मेरे लिए ये भावुक क्षण है.’

‘नीट’ की लापरवाही की भेट चढ़ी, असुर की बेटी

रांची। नीट की परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करने वाली नलिनी असुर परीक्षा पास करने के बाद प्रशासन से हार गयीं. असल में झारखंड की आदिम जनजाति असुर से आने वाली नलिनी असुर ने नीट परीक्षा एसटी कैटेगरी में 292 रैंक लाकर पास कर ली थी. यह उनकी जाति में पहली बार है जब किसी आदिम जनजाति की लड़की ने नीट मेडिकल परीक्षा परीक्षा पास की पर नीट की लापरवाही के कारण वह डाक्टर नहीं बन पायेगी. बता दें की नीट प्रशासन की लापरवाही और तकनीकी वजहों से मेडिकल के प्रथम काउंसलिंग में उन्हें नहीं बुलाया गया था जिसके बाद उन्हें दोबारा काउसलिंग का मौका ही नहीं दिया गया.

मिली जानकारी के अनुसार नलिनी ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा नीट में रैंक प्राप्त करने के बाद स्टेट मेरिट लिस्ट के लिए आवेदन दिया था. परिषद् द्वारा 19 जुलाई को जारी स्टेट मेरिट लिस्ट में क्रम संख्या 2400 पर नलिनी का नाम था जबकी एसटी कैटेगरी में 292 रैंक मिला था. इसके बावजूद प्रथम काउंसेलिंग के लिए उसका चयन नहीं किया गया. चयन नहीं होने के बाद नलिनी काफी हताश हो गई और मीडिया को जानकारी दी है.

गुमला विषुनपुर प्रखंड के जोभीपाठ गांव निवासी नलिनी असुर के पिता बोनू राम असुर का निधन साल 2001 में हो गया था जिसके बाद पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसकी मां पर आ गई. कठिन परिस्थितियों में भी नलिनी ने पढ़ाई करना नहीं छोड़ा और जब सफलता मिली तो उसके चंद दिनों बाद ही प्रशासनिक खामियों की वजह से उनका सपना टूट गया.

जानकारी देते हुए नलिनी कहती है कि वह डॉक्टर बनने का सपना लिए पिछले दो -तीन सालों से दिन रात कड़ी मेहनत कर रही थी. स्नातक में भी दाखिला नहीं लिया. उसके गांव में पढ़ाई की कुछ खास सुविधा नहीं थी. अच्छी रैंक आने के बाद खुश थी कि एसटी कोटा से कम से कम तो डाक्टर बन जाउंगी पर काउंसेलिंग में नाम नहीं देख कर बुरी तरह निराश हो गयी हुं.

लोकसभा स्पीकर ने 6 सांसदों को किया सस्पेंड

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के छठे दिन आज शून्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास करने वाले छह सांसदों को पांच बैठकों के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी. स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बताया, ‘गौरव गोगोई और के सुरेश समेत कई सदस्यों ने कागज फेंके. कामकाज में व्यवधान डालने के लिए 6 सदस्यों को नियम 374 (ए) के तहत सदन की पांच बैठकों से निलंबित किया जाता है. स्पीकर ने निलंबित सांसदों का नाम – अधीर रंजन चौधरी, रंजीत रंजन, एम के राधवन, सुष्मिता देव का नाम बताते हुए कहा कि इन सबने जानबूझ सदन की कार्रवाई में बाधा डाली. स्‍पीकर ने आगे बताया कि सदन के काम में रुकावट डालने और अशोभनीय आचरण के लिए कांग्रेस के छह सदस्य का निलंबन पांच बैठकों तक जारी रहेगा. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कांग्रेस सांसदों के निलंबन को अनुचित बताते हुए कहा, ‘यह प्रजातंत्र के लिए सही नहीं है. ऐसे कई उदाहरण हैं जब सदस्यों ने नियमों का उल्लंघन किया है. इसका समर्थन नहीं करता हूं लेकिन ऐसी सख्त कार्रवाई सही नहीं है, इस मुद्दे पर हम सभी गांधी प्रतिमा के नीचे विरोध प्रदर्शन करेंगे.‘ वहीं इस घटना पर दुख व्‍यक्‍त करते हुए लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘प्रश्‍नकाल को बाधित नहीं किया जाना चाहिए. मैंने खडगे जी को कहा था कि प्रश्‍न काल के बाद उन्‍हें बोलने का मौका दिया जाएगा. वेल में हंगामा करना अनुशासन के खिलाफ तो है ही उसपर कागज फाड़ कर चार बार स्‍पीकर पर फेंकना अशोभनीय हरकत है.‘ उन्‍होंने आगे बताया, सांसदों ने मेरे टेबल पर से फाइलें ली। ये सब ऑफिशियल कागजात थे. ऐसा करना अपराध है.

वोडाफोन लाया अनलिमिटेड कॉलिंग और 70 जीबी डाटा प्लान

नई दिल्ली। रिलायंस के 1500 रुपए के स्मार्टफोन ने मार्केट में हंगामा मचा दिया है. वहीं अब जियो को करारा जवाब देने के लिए वोडाफोन ने दो नए प्लान पेश कर दिए हैं, जिनमें 244 रुपये और 346 रुपये के प्लान शामिल हैं. वोडाफोन के ये दोनों प्लान जियो को कड़ी टक्कर दे सकते हैं. 244 रुपये वाले प्लान में मिलेगा 70GB डाटा वोडाफोन के 244 रुपये वाले प्लान में 70 दिनों की वैधता के साथ 70 दिनों तक रोज 1 जीबी 3G/4G डाटा मिलेगा. इसके अलावा इस प्लान में 70 दिनों तक वोडाफोन टू वोडाफोन नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की भी सुविधा भी मिलेगी. 346 रुपए के प्लान में 56 दिनों तक रोज मिलेगा 1 जीबी 3G/4G डाटा 244 के अलावा कंपनी ने 346 रुपये का भी एक प्लान पेश किया है. इस प्लान के तहत 56 दिनों तक रोज 1 जीबी 3G/4G डाटा मिलेगा. इसके अलावा किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा भी मिलेगी, हालांकि प्रतिदन अधिकतम 300 मिनट ही कॉल किए जा सकते हैं. यदि यह प्लान भी आप वोडाफोन ऐप के जरिए लेते हैं तो 5 प्रतिशत का कैशबैक मिलेगा. बता दें कि हाल ही में रिलायंस जियो ने 399 रुपये का प्लान पेश किया है जिसमें 84 दिनों की वैधता के साथ 84 जीबी डाटा और सभी अनलिमिटेड कॉलिंग, मैसेज की सुविधा मिल रही है. वहीं, इससे पहले आइडिया सेल्यूलर ने 2 नए प्लान पेश किए थे. पहला प्लान 297 रुपये का तो दूसरा प्लान दूसरा 255 रुपये का है. ये प्लान्स फिलहाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नए यूजर्स के लिए ही पेश किए गए हैं. साथ ही इन प्लान्स का इस्तेमाल केवल वही यूजर्स कर पाएंगे जो वीवो का हैंडसेट यूज कर रहे हैं. तो चलिए इन प्लान्स पर एक नजर डालते हैं.

10वीं पास के लिए INDIAN ARMY में वैकेंसी

नई दिल्ली। INDIAN ARMY (इंडियन आर्मी) में 10वीं पास के लिए कई पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया है.

पदों का विवरण: एलडीसी/ बढ़ई/ पेंटर और लैस्‍कर

कुल पदः 04

आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष

शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं पास होना जरूरी. 12वीं पास और आईटीआई प्रमाणपत्र को प्राथमिकता दी जाएगी.

अंतिम तिथि: 06 अगस्त, 2017

ऐसे करें आवेदन: इच्छुक उम्मीदवार संबंधित वेबसाइट पर क्लिक करके सावधानीपूर्वक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करें. इसके बाद अपने आवेदन पत्र के साथ आवश्‍यक दस्‍तावेजों की सेल्‍फ अटेस्‍टेड फोटोकॉपी को इस पते पर the Commandant CMP Centre and School, Neelasandra Lines, Bangalore–560025 भेजें.

सैलरी: 40000 रुपये प्रति माह

संबंधित वेबसाइट का पताः www.indianarmy.nic.in

 

… इस वजह से बंद हो सकता है ‘द कपिल शर्मा शो’

नई दिल्ली। कॉमेडियन कपिल शर्मा के लि सुनील ग्रोवर के साथ हुए विवाद के बाद से शुरू हुई मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इन दिनों खराब सेहत से जूझ रहे कपिल शर्मा को सोनी टेलीविजन की तरफ से बड़ा झटका लग सकता है. कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच 16 मार्च को ऑस्ट्रेलिया से लौटते वक्त झगड़ा हो गया था, जिसके बाद से सुनील ग्रोवर ने ‘द कपिल शर्मा शो’ को अलविदा कह दिया. सुनील ग्रोवर के जाने की वजह से शो की टीआरपी को खासा नुकसान झेलना पड़ा था और यह शो टीआरपी रेटिंग्स में ऑल टाइम लो पर भी चला गया था. इसके बाद से ही मीडिया रिपोर्ट्स में शो के ऑफएयर होने को लेकर दावा किया जा रहा था. हालांकि, चंदन प्रभाकर की वापसी और भारती सिंह के शो को ज्वाइन करने की वजह से टीआरपी में थोड़ा सुधार देखने को मिला था. पर अब एक बार फिर से ‘द कपिल शर्मा का शो टॉप 10 से बाहर हो गया है और यह 14 वें पायदान पर पहुंच गया है. टीआरपी के अलावा इन दिनों कपिल शर्मा की तबीयत भी खराब चल रही है. हाल के दिनों में तीन बार शो का शूट कैंसिल करना पड़ा है. शाहरुख खान, ‘गेस्ट इन लंदन’ की स्टार कास्ट और ‘मुबारकां’ की स्टार कास्ट को बिना प्रमोशन के ही शो से वापस जाना पड़ा. इंटरटेनमेंट न्यूज पोर्टल स्पॉटब्वॉय की खबर में दावा किया जा रहा है कि सोनी टेलीविजन कपिल शर्मा के साथ अपना कांट्रेक्ट खत्म कर सकता है. आपको बता दें कि कपिल शर्मा का सोनी टीवी के साथ कॉन्ट्रेक्ट अप्रैल में ही खत्म हो चुका है और चैनल ने इसे बढ़ाने को लेकर अब तक कोई भी फैसला नहीं लिया है. रिपोर्ट में सोर्स के हवाले से बताया गया है कि कपिल शर्मा के कॉन्ट्रेक्ट को नहीं बढ़ाने की एक वजह उनकी हेल्थ भी हो सकती है. पिछले कुछ महीनों में कपिल शर्मा कई बार अपने शो के सेट पर ही बीमार हो चुके हैं. हाल ही में फेसबुक लाइव के दौरान कपिल शर्मा ने कहा था कि वह शो को लेकर स्ट्रेस में चल रहे हैं जिसका असर उनकी हेल्थ पर पड़ रहा है.