वर्ल्ड कप आयोजन से खुश FIFA चीफ बोले- भारत अब फुटबॉल का देश

0

भारत में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के सफल आयोजन से हर खेलप्रेमी संतुष्ट है. फुटबॉल की विश्व नियामक संस्था फीफा के अध्यक्ष गियानी इन्फेंटीनो ने गुरुवार को कहा कि भारत अब फुटबॉल का देश बन गया है. इन्फेंटीनो शुक्रवार को होने वाली फीफा परिषद की बैठक और फीफा अंडर-17 विश्व कप के फाइनल मैच के लिए भारत पहुंचे हैं.

एजेंसी की खबर के अनुसार, अंडर-17 विश्व कप के आयोजन के बारे में 47 वर्षीय इन्फेंटीनो ने कहा, “सभी भारतीयों का शुक्रिया, यह बेहद जरूरी था. मेरे लिए यहां आना बड़े सम्मान की बात है. अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशल दास और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुब्रत दत्ता ने गुरुवार सुबह हवाई अड्डे पर इन्फेंटीना का स्वागत किया. एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल पटेल और इन्फेंटीनो के बीच एक अनौपचारिक बैठक भी होगी.

दूसरी ओर, इंग्लैंड की अंडर-17 फुटबॉल टीम के कप्तान जोएल लातिब्यूदिएरे की नजर फीफा अंडर-17 विश्व कप खिताब पर है. इंग्लैंड ने बुधवार को खेले गए सेमीफाइनल मैच में ब्राजील को 3-1 से मात देकर टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. इंग्लैंड का सामना 28 अक्टूबर को फाइनल मुकाबले में स्पेन से होगा.

अवैध निर्माण पर अमिताभ बच्चन को बीएमसी का नोटिस

0

मुंबई। गोरेगांव पूर्व में फिल्म सिटी के पास स्थित बंगलों में अवैध निर्माण को लेकर बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) ने महानायक अमिताभ बच्चन और अन्य को नोटिस जारी किए हैं. एक आरटीआइ के जरिये यह जानकारी सामने आई है. आरटीआइ अनिल गलगली ने दायर की थी. गलगली ने बताया कि महाराष्ट्र क्षेत्रीय नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम के तहत सात दिसंबर, 2016 को अमिताभ बच्चन, फिल्म निर्माता राजकुमार हीरानी, पंकज बालाजी, संजय व्यास, हरीश खंडेलवाल, हरीश जगतीआनी तथा ओबेराय रीयल्टी को नोटिस जारी किए गए थे.

उन्होंने बताया कि बीएमसी के पी-साउथ वार्ड आफिस द्वारा ओबेराय रीयल्टी के सिबा लेआउट में बंगले योजना के स्वीकृत मानचित्र में फर्क देखने के बाद ये नोटिस जारी किए गए हैं. बीएमसी की एक टीम ने साइट का निरीक्षण किया था. जांच में पाया गया कि स्वीकृत मानचित्र के अनुसार काम नहीं किया गया है. जैसे बंगले में भीतरी निर्माण व लिफ्ट नहीं लगी है. कोई भी भीतरी काम जैसे ग्राउंड और सीढिय़ों पर टाइल्स नहीं लगाए गए हैं. फ्लैटों में इलेवेशन प्रोजेक्शन स्लैब लेवल से तथा मंजूर प्लान के अनुसार बेसमेंट नहीं बनाया गया है. नोटिस मिलने के बाद प्रोजेक्ट के आर्किटेक्ट शंशाक कोकिल ने इस साल पांच जनवरी को संशोधित प्रस्ताव दाखिल किया था, लेकिन 17 मार्च, 2017 को बीएमसी ने इसे खारिज कर दिया था.

अधिवक्ता राजेश दाभोलकर ने बताया कि गत छह मई को अंतिम आदेश में बीएमसी ने सभी अवैध निर्माण और प्रोजेक्ट में की गई अनियमितताओं को हटाने की हिदायत दी. इसके बाद आर्किटेक्ट ने दोबारा प्रस्ताव पेश किया. गत 12 सितंबर, 2017 को पी-साउथ वार्ड आफिस ने इमारत व प्रस्ताव विभाग को भेजे पत्र में कहा कि निर्माण के नियमतीकरण को लेकर सही जानकारी दें, क्योंकि इसके चलते एमआरटीपी कानून के तहत आगे की कार्रवाई करना संभव नहीं है.

एसबीआई के ग्राहकों के लिए शानदार सूचना

0

नई दिल्ली। अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं तो बैंक ने हाल ही में आपको राहत देने वाले कदम का ऐलान किया है. अब यदि आप IMPS का ऑप्शन सेलेक्ट करके ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करते हैं तो बैंक द्वारा आपसे लिया चार्ज अब 80 फीसदी घटा दिया गया है.

वैसे बता दें कि एसबीआई 1001 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक के IMPS पर 5 रुपये +जीएसटी वसूलता है और 1 लाख 1 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक के IMPS पर 15 रुपये +जीएसटी वसूलता है. बता दें कि आईएमपीएस एक त्वरित अंतरबैंकिंग इलेक्ट्रॉनिक कोष हस्तांतरण सेवा है. इसका उपयोग मोबाइल फोन और इंटरनेट बैंकिंग दोनों माध्यम से किया जा सकता है.

बैंक ने जुलाई में छोटे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 रुपये तक के आईएमपीएस (तत्काल भुगतान सेवा) हस्तांतरण पर शुल्क समाप्त कर दिया था. इससे पहले 1,000 रुपये तक के आईएमपीएस लेनदेन पर देय सेवाकर के साथ स्टेट बैंक प्रति लेनदेन 5 रुपये का शुल्क वसूल रहा था. इसी के साथ बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए सेविंग्स अकाउंट के लिए न्यूनतम बैलेंस घटा दिया है जोकि 1 अक्टूबर से लागू हो चुका है. पहले यह न्यूनतम बैलेंस 5,000 रुपए था, जिसे 1 अक्टूबर से 3,000 रुपये कर दिया गया है.

भारत घूमने आए स्विस कपल को फतेहपुर में पीटा, अस्पताल में भर्ती

0

स्विस कपल

आगरा। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में देश को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है. भारत में घूमने आए एक स्विस कपल के साथ फतेहपुर सीकरी में मारपीट और छेड़खानी की गई. जिसमें स्विस कपल बहुत जख्मी हो गए हैं. कपल की पिटाई पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है. यह घटना रविवार की है.

आरोप है कि स्विस कपल खून से लथपथ सड़क पर पड़ा था और लोग उनकी मदद के बजाए वीडि‍यो बनाते रहे. जानकारी के मुताबिक, दोनों दिल्ली के एक हॉस्पिटल में एडमि‍ट हैं. पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. इनमें से एक को गिरफ्तार किया गया है.

स्विटजरलैंड के लुजाने के रहने वाले क्यून्टीन जेर्मी क्लॉर्क अपनी गर्ल फ्रेंड मेरी द्रोज के साथ 30 सितंबर को भारत आए थे. उन्होंने बताया कि रविवार को वे फतेहपुर सीकरी रेलवे स्टेशन के पास घूम रहे थे, तभी कुछ युवाओं ने उनका पीछा किया.

द्रोज के मुताबिक, “पहले उन्होंने कमेंट्स किए. हम समझ नहीं पाए तो उन्होंने हमें जबर्दस्ती रोक लिया, ताकि हमारे साथ सेल्फी ले सकें. हमने विरोध किया तो उन्होंने हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी.” उन्होंने बताया कि जख्मी हालत में उनकी किसी ने मदद नहीं की, बल्कि उनका वीडियो बनाते रहे.

स्विस कपल का आरोप है कि उन्हें डंडों और पत्थरों से पीटा गया. क्लार्क को सिर और कान में गहरी चोटें आई हैं. द्रोज भी जख्मी हुई हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि क्लार्क को अब एक कान से कम सुनाई देगा.

क्लॉर्क ने बताया, “पीछा कर रहे युवक हमारे करीब आना चाहते थे. शायद वो हमारा नाम और हमारे देश के बारे में जानना चाहते थे. वे हमें कहीं ले जाना चाहते थे, लेकिन मना करने पर हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी. द्रोज ने बीच-बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की.”

‘डॉ. जेटली, नोटबंदी और GST से अर्थव्यवस्था ICU में है’

Rahul Gandhi

नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ट्विटर पर काफी सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने गुरूवार को जीएसटी और नोटबंदी को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली पर जमकर निशाना साधा है. राहुल गांधी के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से आज सबसे पहले लोगों को छठ पूजा की बधाई दी गई. इसके बाद उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर जेटली को घेरा.

राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर कहा कि ‘डॉ जेटली, नोटबंदी और GST से अर्थव्यवस्था ICU में है. आप कहते हैं आप किसी से कम नहीं,मगर आपकी दवा में दम नहीं’

आपको बता दें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी के आर्थिक एजेंडे पर हमला करते हुए सोमवार को गुजरात के गांधीनगर में कहा कि जीएसटी का मतलब ‘गब्बर सिंह टैक्स’ है, जिसका नोटबंदी के जख्मों से उबर रहे देश पर बुरा असर पड़ा है. राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी ने पिछले साल नोटबंदी अपनी मनमर्जी से लागू कर लाखों लोगों को परेशानी में डाल दिया.

जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पलटवार किया था. जेटली ने करारा जवाब देते हुए कहा कि जिन लोगों को टूजी स्पेक्ट्रम और कोयला आवंटन घोटालों की आदत पड़ चुकी थी उन्हें वैध टैक्स देने में आपत्ति हो रही है.

केंद्र सरकार के दबाव में CM योगी देखने गए ताजमहल: अखिलेश

yogi Adityanath

आगरा। ताजमहल पर राजनीतिक बयानबाजी और विवादों के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ताजमहल पहुंचे. ताजमहल में दाखिल होने से पहले उन्होंने पश्चिमी गेट के बाहर झाड़ू लगाकर सफाई अभियान भी चलाया. इधर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर तंज कसा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्र सरकार के दबाव में आगरा का ताजमहल देखने गए.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का दावा किया है कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्र सरकार के दबाव में आगरा का ताजमहल देखने गए. मुझे योगी आदित्यनाथ को आगरा के ताजमहल में देखकर बहुत अच्छा लगा. यह तो तय है कि वह अपने आप आगरा का ताजमहल नहीं देखने गए है. वह तो केंद्र सरकार के दबाव में वहां गए हैं. उन्होंने कहा कि वहां पर सीएम योगी आदित्यनाथ की झाड़ू लगाते तस्वीर तो मैंने देख ली है, बस अब तो मुझे उनकी डायना (मारबल) बेंच की तस्वीर का इंतजार है. उन्होंने कहा कि मेरी तो वहां की बचपन की फोटो है.

अखिलेश यादव ने कहा कि कूड़े की सफाई सबसे अच्छे से समाजवादी पार्टी करती है. मैं भगवान राम को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने आज आगरा में यह काम कराया है. इस काम को भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अंजाम दिया है. भगवान राम ने क्या कर दिखाया कि वेस्ट गेट पर उन लोगों को झाड़ू लगाना पड़ रहा है. अखिलेश यादव ने कहा कि आज ताजमहल के दीदार को लेकर उनके पूर्व का बयान भी याद आ रहा है कि ताजमहल को देखते ही ये लोग क्या क्या कहते थे.

दलितों को मनुष्य कब समझना शुरू करेगा ये मनुवादी समाज?

Bulandshahar

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 34 वर्षीय सुमित्रा देवी, जो की नौ माह की गर्भवती थी, को रोहित कुमार और उसकी मां मंजू देवी ने 15 अक्टूबर को डंडों और लात-घूंसों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया और अस्पताल में सुमित्रा को मृत घोषित कर दिया.

इस जघन्य अपराध की वजह भी जानने लायक है, वजह है सुमित्रा ने तथाकथित उच्च जाति के घर के कूड़ेदान को छू दिया था. सुमित्रा के हत्यारों के खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी है और शायद सज़ा भी मिल जाएगी, पर दलितों को मनुष्य कब मानना शुरू करेगा ये मनुवादी समाज?

कब तक दलित समाज रोजी रोटी के लिए इन हत्यारों पर निर्भर रहेगा? और कब तक दलित समाज के पढ़े लिखे लोग अभिजात्यवाद के नशे में डूबकर ‘दलित ब्राह्मण’ बनते रहेंगे? दिक्कत दरअसल एक तरफ़ा नहीं है, ब्राह्मणवादी तो हैं ही शोषक पर अपने खुद के अच्छे ओहदों पर पहुंच चुके लोग भी नीचे देखना तक नहीं चाहते.

इसका एक दूसरा पक्ष यह भी है कि बहुजन की जो अवधारणा अभी पूरी तरह से बनी भी नहीं थी वह टूटने लगी है. हाल ही की कई घटनाओं को इस संदर्भ में उदाहरणस्वरूप लिया जा सकता है. सोशल मीडिया पर यादवों द्वारा दलितों को गालियां देना आम हो गया है. इसके अतिरिक्त खुद दलित जातियां भी आपस में विभाजित हैं, नाई, धोबी खुद को चमारों से ऊपर मानते हैं तो चमार भंगियों से अपने को ऊपर समझते हैं. जब आपस में ही इतनी ऊंच-नीच है तब तथाकथित उच्च वर्ग को क्या कहा जाए?

इन अत्याचारों के खिलाफ़ एकजुटता बहुत ज़रूरी है. पहले हमें अपनी मानसिकता को आवश्यक रूप से बदलना होगा, इसके साथ ही ‘दलित ब्राह्मणवाद’ की आभासी दुनिया से बाहर निकलना होगा और अंत में, बाबासाहेब के ‘पे बैक टू सोसाइटी’ को आपनाकर हमें न केवल दलित समाज को बल्कि सम्पूर्ण बहुजन समाज को सशक्त बनाना होगा. तभी समतामूलक समाज का निर्माण संभव है.

यह लेख पूजा रानी का है. लेखिका महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में  पी-एच.डी शोधार्थी हैं

हिमाचल में चलेगा मायावती का जादू

mayawati

शिमला। हिमाचल के सत्ता संग्राम में इस बार बसपा भी दो-दो हाथ करने का मन बना चुकी है. इस बार बसपा ने 68 में से 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. एक नामांकन रद्द होने के कारण अब 37 सीटों में बसपा के प्रत्याशी चुनौती पेश करेंगे. प्रदेश में बसपा लगातार गतिविधियां करती रही है. चुनाव से पहले बसपा की रणनीतियां तेजी बढ़ती जा रही है. इसलिए पार्टी ने मैदान में अधिक से अधिक प्रत्याशी चुनाव उतारे हैं.

देवभूमि के जिन-जिन जिलों में मायावती ने अपनी दावेदारी पेश की है उनमें कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और कुल्लू है. आपको बता दें कि कांगड़ा जिले से ही बसपा ने प्रदेश में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी. इसलिए बसपा सुप्रीमो मायावती अपने उम्मीदवारों के लिए स्टार प्रचारक के रूप में पांच नवम्बर को कांगड़ा में चुनावी रैली करेंगी.

आपको बता दें कि 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने पहली बार प्रदेश में दस्तक दी थी. कांगड़ा से बसपा की टिकट पर पहली बार चुनावी मैदान में उतरे संजय चौधरी ने जीत हासिल कर प्रदेश से एकमात्र सीट जीतकर बसपा की जीत का परचम भी प्रदेश की राजनीति में फहराया था. अब देखना है कि इस बार 37 सीटों में से बसपा कितनी सीटों पर जीत का परचम लहरा पाती है.

मनुवादियों ने फिर बनाया दलित को निशाना

0
मैनपुरी

उत्तर प्रदेश। में योगी सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी कानून व्यवस्था की हालत सुधरती नजर नहीं आ रही है. मनुवादियों ने एक बार फिर प्रदेश में दलितों को अपना निशाना बनाया है. दरअसल, ये मामला मैनपुरी के कुसमरा इलाके का है. जहां पर कुछ मनुवादियों ने एक दलित दुकानदार की पिटाई इसलिए कर दी कि वो सामान के बदले वाजिब पैसे मांग रहा था.

इतना ही नहीं मनुवादियों ने जाति सूचक गाली देते हुए दुकानदार को रायफल की बट और चमड़े के पट्टे से जमकर पीटा. और तो और समाज के इन दरिंदों ने दलित की पिटाई करने के बाद उसे अपनी गाड़ी में डालकर थाने में ले गए. मोहल्ले में जब ये खबर आग की तरह फैली तो लोगों ने थाने जाकर धरने पर बैठ गए. दूसरी तरफ जब पुलिस को लगा कि मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है तो उसने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश करने की बात कह रही है. और भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

आर्मी और तालिबान के बीच मुठभेड़, 9 जवानों और 17 आतंकियों की मौत

0
तालिबान

काबुल। अफगानिस्तान के पश्चिमी प्रांत में एक सुरक्षा चौकी पर तालिबान के लड़ाकों ने हमला किया है. हमले में 9 जवानों की मौत हो गई. वहीं, 17 आतंकी मार गिराए गए हैं. इस हमले के बाद जवानों और आतंकियों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ चली. अफगानिस्तान में पिछले एक हफ्ते से लगातार आतंकी हमले हो रहे है.

फराह प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता मोहम्मद नासिर मेहरी ने बताया कि आतंकी एक सुरक्षा चौकी में घुस गए और 9 जवानों को मार दिया. हमले में चार अन्य सैनिक घायल हो गए. हमला मंगलवार रात पुश्त रोड जिले में हुआ. चार घंटे तक चली गोलीबारी में सेना के खिलाफ तोपों का इस्तेमाल किया गया.

अफगान आर्मी ने हवाई हमले कर आतंकियों पर अटैक किया. इस मुठभेड़ में 17 तालीबानी आतंकियों के मरने और उनसे कई हथियार बरामद करने की भी पुष्टी की गई है. इस बीच तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उन्होंने 9 जवानों को मार गिराया है और एक टैंक के साथ कई हथियारों पर भी कब्जा कर लिया है.

गौरतलब है कि इस महीने के पहले हफ्ते में दो आत्मघाती हमलें में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. पिछले गुरुवार को दक्षिण कंधार प्रांत में एक सैन्य परिसर में तालिबान के हमले में 43 जवान मारे गये थे.

UPPSC में 799 पदों के लिए निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने कई पदों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. आयोग ने लेक्चरर, प्रोफेसर और कई पदों पर आवेदन मांगे हैं. इन पदों के लिए योग्य और आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आखिरी तारीख से पहले आवेदन कर सकते हैं.

पदों की जानकारी- भर्ती में 718 लेक्चरार, 47 प्रोफेसर और अन्य पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. जिसमें चयनित होने वाले लेक्चरर को 15600-39100 रुपये, प्रोफेसर को 37400-67000 रुपये पेस्केल दी जाएगी. इन पदों को आरक्षण के आधार पर विभाजित किया गया है.

योग्यता- लेक्चरर पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को 55 फीसदी के साथ मास्टर किया होना आवश्यक है और नेट भी किया होना आवश्यक है. वहीं प्रोफेसर पद पर एमएससी किए हुए उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.

आयु सीमा- लेक्चरर पदों के लिए 21 से 40 और प्रोफेसर पद के लिए 65 साल तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. साथ ही उत्तर प्रदेश के एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 5 साल की छूट दी जाएगी.

चयन प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा.

आवेदन प्रक्रिया- उम्मीदवारों को वेबसाइट पर आवेदन कर आवेदन फॉर्म का प्रिंट निकालकर कार्यालय में भेजना होगा.

आवेदन करने की आखिरी तारीख- 24 नवंबर 2017

बौद्ध धर्म अपनाना चाहती हैं मायावती

0
Mayawati

आजमगढ़। बसपा सुप्रीमो मायावती भी बाबासाहेब की तरह समय आने पर बौद्ध धर्म अपना सकती है. मायावती का ये बड़ा बयान मंगलवार को यूपी के आजमगढ़ से आया है जहां वो कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थी. मायावती ने हिंदू धर्म छोड़ने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हिंदू धर्माचार्य नहीं सुधरे, तो उचित समय पर वह भी बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की तरह बौद्ध धर्म अपना सकती हैं.

कार्यकर्ता सम्मेलन में बाबासाहेब भीम राव अम्बेडकर का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि बाबा साहब ने हिंदू धर्म में छुआछूत के चलते बौद्ध धर्म अपनाया था. और इस घटना के बाद भी हिन्दू धर्माचार्य अभी तक नहीं सुधरे हैं. इसके चलते आने वाले समय में मैं भी बौद्ध धर्म अपना सकती हूं.

वहीं बसपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में धर्म के नाम पर चारों तरफ भय का माहौल है. खास तौर पर मुस्लिमों में भाजपा और आरएसएस के चलते यह डर का माहौल बढ़ता ही जा रहा है. मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को आगाह भी किया कि भाजपा हिंदुत्व को एजेंडा बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गई है.

मायावती ने कहा कि “बीजेपी दलित और मुसलमानों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है.” सहारनपुर हिंसा पर मायावती ने कहा, “शब्बीर पर गांव में जब दलितों का उत्पीड़न हुआ, मैंने जब मुद्दे को राज्यसभा में रखने की कोशिश की, तब सरकार के मंत्री और सांसदों ने मुझे बोलने नहीं दिया. इसी कारण मैंने दलितों के हित के लिए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.”

दलित प्रोफेसरों का प्रमोशन नहीं कर रहा जेएनयू प्रशासन

0
JNU

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय इन दिनों एक बार फिर विवादों में घिरा हुआ है. इस बार विवादों से नाता स्टूडेंट्स का नहीं बल्कि खुद प्रोफेसर का है. दरअसल दलित और पिछड़े वर्ग के प्रोफेसरों का कहना है कि कुलपति उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं.

टेलीग्राफ़ की ख़बर के मुताबिक़ लगभग 50 प्रोफेसरों ने एक साथ मिलकर कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा है. जिसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय से संबंधित फ़ैसले लेने वाली सबसे ऊंची कार्यकारी परिषद ने उनसे भेदभाव किया. प्रोफेसरों की शिकायत है कि विश्वविद्यालय ने एक एससी-एसटी प्रोफसर का प्रमोशन इसलिए नहीं किया कि उसने किसी पीएचडी स्कॉलर को गाइड नहीं किया था. जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है जिससे प्रमोशन को रोका जा सके.

वहीं एक अनुसूचित जाति के एक अध्यापक ने कुलपति पर आरोप लगाया है कि सबसे वरिष्ठ होने के बावजूद भी उन्हें नैनो साइंसेज़ विभाग का अध्यक्ष नहीं बनाया गया. जबकि हाल में जेएनयू प्रशासन ने कई ऐसे अध्यापकों की नौकरियां स्थायी कर दी हैं जिनकी नियुक्तियों को लेकर भी कोर्ट में केस चल रहे हैं. यानि दलित अध्यापकों के साथ जिस तरह से विश्वविद्यालय प्रशासन भेदभाव कर रही है इससे यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर शिक्षा का माहौल और दिन पर दिन गिरता चला जाएगा.

न्यूजीलैंड ने भारत के सामने रखा 231 रनों का लक्ष्य

0

पुणे। न्यूजीलैंड ने बुधवार को दूसरे वनडे में भारत के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 अोवरों में 9 विकेट पर 230 रन बनाए. न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है. यह फैसला उस वक्त गलत लगा जब भुवनेश्वर कुमार ने गप्टिल (11) को विकेटकीपर धोनी के हाथों झिलवाया. कप्तान केन विलियम्सन मात्र 3 रन बनाकर बुमराह की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हुए. इसके बाद भुवी ने दूसरा विकेट लिया जब उन्होंने कोलिन मुनरो (10) को बोल्ड किया. 27 रनों पर तीसरा विकेट गंवाने के बाद टेलर और लाथम कीवी पारी को संभालने में जुट गए. इन दोनों ने पिछले मैच में मैच विजयी दोहरी शतकीय भागीदारी की थी.

टेलर दुर्भाग्यशाली ढंग से आउट हुए जब वे हार्दिक पांड्‍या की लेग स्टंप के बाहर बाउंसर को हुक करने गए और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई धोनी के दस्तानों में समा गई. उन्होंने 21 रन बनाए. अब सारी उम्मीदें पिछले मैच के शतकवीर टॉम लाथम पर टिक गई थी, लेकिन वे 38 के निजी स्कोर पर अक्षर पटेल की गेंद को स्वीप करने के चक्कर में बोल्ड हुए. हैनरी निकोल्स 42 रन बनाने के बाद भुवी की गेंद पर बोल्ड हुए.

इसके बाद चहल ने कीवी टीम को लगातार दो झटके दिए. कोलिन डी ग्रैंडहोम (41) ने चहल की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया और थर्डमैन पर बुमराह ने कैच लपका. चहल ने अगली ही गेंद पर एडम मिल्ने (0) को एलबीडब्ल्यू किया. टिम साउदी ने उन्हें हैटट्रिक नहीं लेने दी. मिचेल सेंटनर 29 रन बनाकर बुमराह के शिकार बने. इसके बाद टिम साउदी 25 और ट्रेंट बोल्ट 2 रन बनाकर नाबाद रहे. भुवनेश्वर कुमार ने 45 रनों पर 3 विकेट लिए. बुमराह और चहल ने 2-2 विकेट झटके. भारत ने इस मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव कर कुलदीप यादव की जगह अक्षर पटेल को शामिल किया. न्यूजीलैंड ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया.

पहले वनडे मैच में मिली अप्रत्याशित हार के बाद विराट कोहली की टीम इंडिया पर बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में ज्यादा दबाव है. पिछली छह द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत चुकी भारतीय टीम को हालिया समय में अपनी सरजमीं पर ऐसे हालात का सामना कम ही करना पड़ा है जब उसे सीरीज बचाने के लिए करो या मरो का मुकाबला खेलना है. ज्यादातर क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद नहीं थी कि न्यूजीलैंड टीम वानखेड़े स्टेडियम पर पहले मैच में भारत को हरा देगी लेकिन ऐसा हुआ. अब बुधवार को विराट की टीम तीन वनडे मैचों की सीरीज को जीवंत रखने के लिए उतरेगी. अगर भारत यह मैच हारता है तो न्यूजीलैंड पहली बार उसकी सरजमीं पर वनडे सीरीज जीतेगी.

टीमें –

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्व कुमार.

न्यूजीलैंड : केन विलियम्सन (कप्तान), मार्टिन गप्टिल, कोलिन मुनरो, रॉस टेलर, टॉम लाथम, हेनरी निकोल्स, ट्रेंट बोल्ट, कोलिन डे ग्रैंडहोम, मिचेल सेंटनर, एडम मिल्ने, टिम साउदी.