Friday, February 13, 2026

ओपीनियन

गुजरात के दलितों का अकेलापन और समाज की चुप्पी भरी शांति !!

गुजरात के उना शहर में चार दलित युवकों को अर्धनग्न कर जिस स्पोट्स यूटिलिटि व्हीकल से बाँधा गया है वह हमारी अर्थव्यवस्था की रफ़्तार का प्रतीक है. महिंद्रा के ज़ाइलो की कीमत साढ़े आठ लाख से साढ़े दस लाख के बीच है. इसी ज़ाइलो...

अमेरिका में नस्लीय हमले और भारतीय मीडिया

अमेरिका एक बार फिर नस्लीय हमलों से दहल उठा है. नए सिरे से इसकी शुरुआत जुलाई के पहले सप्ताह के शेष में पुलिस की गोली से दो दिन में दो अश्वेतों की मौत से हुई है. पहली घटना पांच जुलाई की है. उस दिन...

अपनी जाति से कुछ व्यक्तिगत सवाल

मैं दलित नहीं हूं, लेकिन मैं एक ‘बेहतरीन जाति’ की भी नहीं हूं इसका एहसास मुझे बचपन से ही था. मेरा बचपन (नब्बे का दशक) एक कोलियरी-टाउन सिंगरौली की चीप हाउसिंग कॉलोनी में बीता जहां मेरे पिता सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी करते थे. बैरक-नुमा...

ट्विटर के भद्रलोक को अनुप्रिया पटेल रास न आयी

अनुप्रिया जिस दिन एनडीए सरकार में मंत्री बनी, उसी दिन से (पहले कभी नहीं) उनके विवादित ट्वीट वायरल हो गये. और देखते-देखते वे  दंगाई हो गयी. उनके ट्वीट देश के जाने-माने पुरोधा लोगों ने रिट्वीट किया. अनुप्रिया उच्च वर्ग की ठसक और टेक्नीकल दिव्यांगता...

एक नये ढसाल की जरुरत

आज ‘दलित पैंथर’ का स्थापना दिवस है. आज से प्रायः साढ़े चार दशक पूर्व,1972 में 9 जुलाई को नामदेव लक्ष्मण ढसाल और उनके लेखक साथियों ने मिलकर इसकी स्थापना की थी. इस संगठन ने डॉ.आंबेडकर के बाद मान अपमान से बोधशून्य आकांक्षाहीन दलित समुदाय को...

अन्नदाता की मेहनत से कौन मालामाल

अर्थशास्त्र में मांग और पूर्ति की एक समान्य सी बात बताई जाती है. यदि मांग ज्यादा है तो कीमत भी ज्यादा होगी. यदि कीमत सस्ती होगी, तो आपूर्ति भी काम होगी. अर्थशास्त्र के इस नियम में भले ही बहुसंख्य धंधे फीट बैठते हों, लेकिन...

दलित भी खत्म करें अपनी जाति प्रथा

आदमी कम शिक्षित हो या ज्यादा शिक्षित, गरीब हो या अमीर, उसे लगता है कि जाति से बाहर निकला, तो आफत आ जाएगी. व्यवहार में, जाति तोड़ने का एक ही मौका आता है  विवाह का. शायद इसीलिए डॉ. अंबेडकर को अंतर-जातीय विवाहों से बहुत...

धार्मिक ग्रंथों में स्त्री अंर्तविरोध

स्त्री जो एक जननी है, मगर ये अतिश्योक्ति ही है कि इसके जन्म पर अमूमन खुशियां नहीं मनाई जाती. हम कहते तो हैं कि बेटे बेटियां एक समान हैं, मगर फिर भी ज्यादातर घरों में उनके जन्म पर भेदभाव होता है. एक बेटी को...

बहुजन केंद्र और सर्वजन परिधी

पिछले दिनों अखबारों और सवर्ण मीडिया में बहुजन समाज पार्टी को लेकर एक बार फिर गलतफहमी का प्रचार किया जा रहा है. ये बताने की कोशिश की जा रही है कि बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में होने वाले 2017 के विधानसभा चुनाव में...

मीडिया में सहारनपुर कहां है?

सहारनपुर से लौटे एक युवा रिपोर्टर ने यह कहकर मुझे चौंका दिया कि जिन दिनों वहां पुलिस मौजूदगी में सवर्ण-दबंगों का तांडव चल रहा था, दिल्ली स्थित ज्यादातर राष्ट्रीय न्यूज चैनलों और अखबारों के संवाददाता या अंशकालिक संवाददाता अपने कैमरे के साथ शब्बीरपुर और...

स्वच्छता अभियान के बजाय शिक्षा पर जोर होना चाहिये

जब से केन्द्र में नई सरकार बनी है, चारों तरफ स्वच्छता की ही चर्चा है। यहाँ तक कि नये नोटों पर भी स्वच्छ भारत और एक कदम स्वच्छता की ओर लिखा हुआ मिल जायेगा। शहरों और गाँवों को भी स्वच्छता की रैंकिंग दी जा...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

राजनीति

राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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