Saturday, February 14, 2026

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2 अप्रैल भारत बंद: आक्रोशित दलित जनांदोलन

भारतीय जन आन्दोलनो के इतिहास मे 2 अप्रैल का भारत बंद दलितआक्रोशित जनांदोलन के रूप मे एक अनोखे तरीके से इतिहास मे दर्ज होकर रहेगा . जो बिना किसी दल विशेष नेता के आह्वान पर ना होकर स्व-स्फूर्त जन आन्दोलन मे तब्दील हो गया,जिसका...

भारत बंद के पीछे पूंजीभूत हुईं मोदी सरकार की सवर्णपरस्त नीतियां !

गत 3 अप्रैल को सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय यादव शक्ति पत्रिका के संपादक चन्द्रभूषण सिंह यादव ने 2 अप्रैल को हुए भारत बंद पर एक पोस्ट डाला, जिसे बहुत से लोगों की लाइक मिली. ‘भारत बंद पर और दलित चेतना’ शीर्षक डाले गए...

सवर्णों की मानसिकता ही नहीं बदली तो क्या बदला

गावों से शहरों में आकर बसे दलित वर्ग के लोग इस भ्रम में जी रहे हैं कि वक्त के साथ-साथ जाति-प्रथा कमजोर पड़ती जा रही है. यह भ्रम यूं ही नहीं पनप रहा है. इसके पीछे जो सबसे बड़ा कारण इन लोगों को दिखता...

अब यज्ञों से होगी राष्ट्र और पर्यावरण की रक्षा

18 मार्च से दिल्ली के लाल किला के बाहर राष्ट्र रक्षा महायज्ञ शुरू हो चुका है. इस कथित यज्ञ में 2100 ब्राह्म्ण पुरोहित भारत की रक्षा के लिए हवन कर रहे हैं. स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस यज्ञ में अपनी सहभागिता...

क्या संघ से डरकर दिल्ली में घूम रही हैं ममता बनर्जी

एक ओर जहां कांग्रेस पार्टी भाजपा विरोधी गठबंधन तैयार करने में जुटी है तो वहीं ममता बनर्जी भाजपा और कांग्रेस से इतर तीसरे मोर्चे की कवायद में दिल्ली में जमी हैं. असल में ममता बनर्जी ऐसा खुद को बचाने और भाजपा पर दबाव बनाने...

सपा-बसपा को बांटने की भाजपा की चाल

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 9 सीटें जीतने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर चुटकी लेते हुए कहा कि सपा सिर्फ लेना जानती है, देना नहीं. असल में योगी की इन लाइनों में ही उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव की सारी...

डेटा चोरी से सावधान रहना होगा

आसान भाषा में समझिए कि जिसे आप कुछ नहीं मान रहे वो असल में कितना सीरियस मामला है. आपकी शक्ल किस एक्टर से मिलती है, आप अगले जन्म में क्या बनेंगे, आप की पर्सनैलिटी में सबसे शानदार क्या है? इस तरह के फालतू सवालों का...

जल नहीं बचेगा तो कल हम नहीं बचेंगे.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 60 करोड़ लोग जलापूर्ति के संकट से जूझ रहे हैं, देश के सिर्फ 59 जिलों में ही भूमि का पानी पीने के लिए सुरक्षित है. भारत का 54 फीसदी इलाका पानी के भारी संकट से जूझ रहा है....

आरक्षण का इतिहास

दशकों से आरक्षण भारत का सबसे ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है, जिसे लेकर समय-समय पर देश का माहौल उतप्त हो जाता है. ऐसा नहीं कि सिर्फ यह कुछ दशकों से हो रहा है: आधुनिक भारत में ऐसे हालात की सृष्टि भारत के स्वाधीनता संग्राम...

Mayawati could be the key to defeating India’s Modi in 2019

Suddenly, less than a fortnight after handsomely conquering political territory in India’s northeast, Indian Prime Minister Narendra Modi can no longer take a win in 2019 for granted. The next general election is now wide open. Modi is still enormously formidable, but he is...

‘Any Attempt by Supreme Court to Introduce Safeguards Against SC/ST Act Would Send Wrong Message’…

The facts of the case being heard by the bench are that certain adverse remarks were recorded against one BK Gaikwad by the principal of a college where Gaikwad was employed. Gaikwad had sought sanction for his prosecution under the provisions of the Scheduled...

अब तक 44 : एनकाउंटर के नाम पर हत्याएं जारी…

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के पदभार संभालनें के बाद 20 मार्च 2017 से फरवरी 2018 करीब 11 महीने में लगभग साढ़े ग्यारह सौ इनकाउंटर होचुके हैं जिनमें 44 कथित अपराधी मारे गए और डेढ़ हज़ार के करीब घायल हुए हैं. कानून व्यवस्था ठीक करने के नाम पर होने वाले इन इनकाउंटरोंपर अब सवाल उठने लगे हैं. इनकाउंटरों के तौर तरीके, पुलिस की कहानी, इनकाउंटर पीड़ितों के ज़ख्मों आदि की पड़ताल करने पर सवालों का उठनालाज़मी भी है. सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि ‘मुठभेड़ की जाती है या हो जाती है’? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों को देखें तो इस नतीजेपर पहुंचना मुश्किल नहीं है कि भुठभेड़ की जाती है और ऐसा कथित अपराधियों को चिन्हित कर के होता है. इसका मतलब यह कि आमतौर परमुठभेड़ पूर्व नियोजित (निश्चित रूप से सभी मुठभेड़ नहीं) होती है. ऐसे में इन घटनाओं को मुठभेड़ माना भी जाए या नहीं? कानून की नज़र में इसतरह की मुठभेड़ में हाने वाली मौत नहीं हत्या है? उस कानून की नज़र में जिसके पास अपनी आंख नहीं होती. वह आरोपपत्रों और गवाहों की आंखसे देखता है. बेगुनाहों की रिहाई के लिए संघर्ष करने वाले संगठन रिहाई मंच के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज़मगढ़ जनपद में इसी तरह की मुठभेड़ोंमें मारे जाने वाले चार कथित अपराधियों के परिजनों और आसपास के लोगों से मिलकर जुटाए गए तथ्यों के आधार पर सवाल उठाते हुए इन्हें हत्याबताया है. रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव के नेतृत्व में आज़मगढ़ में मुठभेड़ में मारे गए छन्नू सोनकर, रामजी पासी, जयहिंद यादव और मुकेश राजभर केपरिजनों और ग्रामवासियों से मिलने के बाद जो अंतरिम रिपोर्ट जारी की है वह चिंता उत्पन्न करने वाली है. छन्नू सोनकर को अमरूद के बाग़ सेपुलिस वाले ले गए और जब वह देर रात तक घर नहीं वापस आया तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया. पता चला कि वह जहानागंज थानेमें है. पिता झब्बू सोनकर और उसकी बहनों ने बताया कि अगली सुबह दो पुलिस वाले उनके घर पहुंचे और बताया कि छन्नू का जिला अस्पताल मेंइलाज चल रहा है. वहां पहुंचने के बाद परिजन को मुठभेड़ में उसके मारे जाने के बारे में पता चला. मुकेश राजभर की मां ने बताया कि उनका बेटाकानपुर मज़दूरी करता था. 15 दिन पहले पुलिस वाले उसके घर गए थे और गाली गलोज और मारपीट की थी और मुकेश का कानपुर का पता मांगाथा. उसकी मां का आरोप है कि पुलिस वाले उससे रिश्वत में बड़ी रक़म मांग रहे थे. उसने बताया कि 26 जनवरी को 9 बजे पुलिस ने उसे कानपुरसे उठाया था. दिन में बारह बजे रामजन्म सिपाही ने फोन कर के उसकी मां से पूछा था कि उसके पास कितना खेत है तो उसने उससे कहा था किमुकेश को ले गए हो लेकिन मारना पीटना मत, लेकिन पुलिस ने उसको इनकाउंटर में मार डाला. मुकेश को सीने में एक गोली मारी गई थी. उसपर बंदी रक्षक को गोली मारने का आरोप पुलिस ने लगाया है. जयहिंद यादव के पिता शिवपुजन यादव ने बताया कि जयहिंद उनको साथ लेकर दवालाने जा रहा था. सादे कपड़ों में कुछ लोगों ने उसे उठा कर बोलेरो में भर लिया और चले गए. उसके बाद सूचना मिली कि उसकी मुठभेड़ में मौतहो गई. उसे 21 गोलियां लगी थीं. क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे रामजी पासी के पिता दिनेश सरोज का कहना था कि पुलिस ने पहले उस पर फर्जीमुकदमें लगाए और फिर फर्जी मुठभेड़ में उसकी हत्या कर दी. उनका कहना था कि रामजी ने 600 मतों से क्षे़त्र पंचायत चुनाव जीता था जिसकेकारण कुछ सवर्ण लोग उससे जलते थे और मुठभेड़ में उन लोगों का भी हाथ है. रिहाई मंच प्रतिनिधि मंडल ने बाराबंकी में पुलिस इनकाउंटर में घायल रईस अहमद के परिजनों से भी मुलाकात की. रईस की पत्नी ने बताया कि 30दिसम्बर को अंधेरा होते ही मुखबिर आबिद के साथ सादे कपड़ों गाड़ी में आए जवान उसे गांव से ही उठा कर ले गए. जिला पंचायत चुनाव लड़ चुकेरईस की पत्नी ने बताया कि उसके पति की गांव के कुछ लोगों से प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजिश थी. उसको इससे पहले नहर काटने के आरोप मेंफंसाया गया था. उसने यह भी आरोप लगाया कि अंबारी बाज़ार के पास उसकी मुठभेड़ में हत्या करने की योजना थी लेकिन बात के फैल जाने केकारण करीब एक सप्ताह बाद बाराबंकी में उसे फर्जी मुठभेड़ में घायल कर दिया गया. पुलिस ने मारे गए सभी कथित अपराधियों पर कई अपराधों में लिप्त होने का आरोप लगाया है और उन्हें इनामी भी बताया है. इसके अतरिक्त इनमुठभेड़ों के बाद पुलिस की कहानी में कई चीज़ें ऐसी है जो सभी मामलों में एक जैसी हैं. जैसे सभी अभियुक्त बाइक से जा रहे थे और उनमें से हरएक के साथ उनका एक साथी भी था. पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो बाइक सवारों ने उन पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया. पुलिसने जवाबी फायर किया तो अभियुक्तों को गोली लगी जिसमें वे घायल हो गए लेकिन उनके साथी फरार होने में सफल रहे. मुठभेड़ के बाद मौके सेबाइक के अलावा हर घटना में एक हथियार भी बरामद हुआ. रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने सवाल किया कि बाइक सवार से मुठभेड़ मेंकिसी को 21 गोलियां कैसे लग सकती हैं और 21 गोलियां लगने के बाद पुलिस का यह कहना कि अस्पताल ले जाते समय जयहिंद की मौत हुईऐसा स्वभाविक नहीं लगता. इसी तरह मुकेश राजभर के सीने में जिस स्थान पर गोली लगी और जिससे उसकी मौत भी हो गई उस स्थान पर गोलीलगने के बाद कुछ मिनटों तक ही जीवित रहने की सम्भावना रह जाती है ऐसे में पुलिस जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत की बातकह कर संदेह ही उत्पन्न कर रही है. उठ रहे सारे सवालों मद्दे नज़र उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने आजमगढ़ के मुकेश राजभर, जयहिन्द यादव, रामजी पासी और इटावा के अमन यादव के फर्जी मुठभेड़ पर जाँच बैठा दिया. उत्तर प्रदेश की विधान सभा में भी विपक्षी दलों ने फर्जी मुठभेड़...

अब सीएम योगी का ठाकुरवाद नजर क्यों नहीं आता

उत्तर प्रदेश की सत्ता में जब भी समाजवादी पार्टी आती है तो उस पर यादववाद का आरोप लगने लगता है. ऐसे ही बसपा की सरकार में कुमारी मायावती के मुख्यमंत्री बनते ही उनपर जाटववाद का आरोप लगता है. मीडिया ढूंढ़-ढूंढ़ कर उन यादव और...

सीसीटीवी से नहीं, शिक्षा व्यवस्था की खोखली जड़ में खाद डालने से होगा सुधार

CCTV कैमरे लगवा दिए गए, नकलबाजी पर लगाम लगा दी गयी. हजारों-लाखों छात्रों ने पेपर बीच में छोड़ दिये, नकलबाजों ने डर कर परीक्षा छोड़ दी यह कहकर सरकार ने खूब अपनी पीठ थपथपाई... चलो नकल रोकने के लिए आपकी तारीफ की जानी चाहिए. पर...

उपचुनावों में मिली जीत बीएसपी और सपा के लिए एक सबक

2014 के लोकसभा और उत्तर प्रदेश में 2017 में हुए विधान सभाई चुनावों में बी. एस. पी. को मिली हार को देखते हुए यह लगने लगा था कि बी. एस. पी. का वोट बैंक खिसक रहा है. उस दौरान पड़े वोटों का प्रतिशत जिस...

सामंती नेताओं के बेहूदे बोल

नृत्यांगना शब्द सभ्य समाज का आज एक सम्मानित शब्द है. पर विकृत-सामंती दिमागों ने हिंदी क्षेत्र में इसके लिए एक स्थानीय शब्द गढ़ा: 'नचनिया'! कई बार शब्द अपना अर्थ और बोध बदलते हैं पर इस शब्द के साथ आज भी अपमान, हिकारत और ओछेपन...

क्रिकेटर शमी के जिले के इस पत्रकार ने बताई मामले की पूरी हकीकत

क्रिकेटर शमी के जिले अमरोहा से हूँ और जहाँ तक मैं जानता हूँ उन्होंने परिवार की मर्जी के बिना हसीन जहां से शादी की थी. ये ठीक उस तरह से था कि बेटा इतने बड़े मुकाम पर पहुँच गया तो उसका लिया हर फैसला...

हरियाणा पुलिस की तानाशाही और दमन के खिलाफ उठती आवाजें

गांव बालू में दलित RTI कार्यकर्ता संजीव को हरियाणा पुलिस इनकाउंटर करना चाहती हैं या झूठे मुकद्दमों में जेल में डालना चाहती है. कल हुई बालू की घटना से ये साफ जाहिर होता दिख रहा है. इससे पहले भी बालू गांव के ही दलित...

नारी सशक्तिकरण के दौर में बदलते हुए नारी पुरुष सम्बन्ध

8 मार्च 2018 को देश के सभी महत्वपूर्ण समाचार पत्रों में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर लेख पढ़ने को मिले। इन लेखों में पितृसत्ता, यौनिकता, कुंठा, चेतन-अचेतन, अन्याय, असमानता, हिंसा, असुरक्षा और पीड़ा के स्वर मुखर थे । लेकिन अगर...

वो आदिवासी लड़का, वो आदिवासी लड़की

फ़ोटो में जिस लड़के को आप देख रहे हैं न, वो अनिल मुंडा है. 20-21 साल का. अनिल रांची के लोहरदग्गा का रहने वाला है. मेरे दोस्त का ईंट का भट्ठा है, गांव में, वहीं पर काम करता है. और साथ में जो लड़की...
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January 26 and Ambedkar: The Unfinished Promise of the Indian Republic

Every year on January 26, India commemorates the adoption of its Constitution with ceremonial grandeur parades, patriotic speeches, and ritual invocations of nationalism. Yet,...

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राज ठाकरे ने खोली अदानी की पोल

मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी...
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