
महराजगंज। नौतनवा तहसील के बनरसिया कला में बौद्ध महासम्मेलन चल रहा है. इस इस बौद्ध महासम्मेलन में कपिलवस्तु, सारनाथ सहित तमाम जगहों के बौद्ध भिक्षु पहुंचे. सम्मेलन में 20 लोगों ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली और चीवर धारण किया.
तथागत बुद्ध की ननिहाल देवदह के रूप मे विख्यात बनरसियां कला को पहचान दिलाने के लिए हर साल बौद्ध महासम्मेलन का आयोजन किया जाता है. इस साल भी 14 से 20 अक्टूबर तक यह कार्यक्रम चलेगा.
सम्मेलन में चीवर धारण करने वाले छन्ना प्रसाद बौद्ध, वी.पी. भारती, सरमानन्द और गुनई प्रसाद सहित बीस लोगों ने चीवर धारण किया. कपिलवस्तु से आए गुरू महाथेरो धम्मप्रिय ने इन्हें बौद्ध धर्म की दीक्षा दी. इसके बाद बौद्ध गुरूओं ने प्रवचन कर बौद्ध धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला. थाइलैण्ड से आए फा ख्रू रंगसित ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया.
बौद्ध महासम्मेलन को संबोधित करते हुए महाराजगंज के जिलाधिकारी विरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हम अपनी धरती पर ही बुद्ध को समझ नहीं पाये. अब समय आ गया है कि बुद्ध के विचारों को गहरायी से समझें. राज्य सरकार देवदह पर गम्भीर है. जल्द ही इसका विकास होगा. देवदह को बौद्ध परिपथ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

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