प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में क्या बोलीं बहनजी, यहां पढ़िए पूरा भाषण

लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के तमाम ज़िलों से आये हुये बी.एस.पी. संगठन व प्रबुद्ध वर्ग में से विशेषकर ब्राह्मण समाज के पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी, कार्यकर्तागण एवं महिलायें तथा मीडिया बन्धुओं। सबसे पहले मैं बी.एस.पी. के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद श्री सतीश चन्द्र मिश्र एवं उनकी पूरी टीम का व साथ ही प्रबुद्ध वर्ग में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज के पार्टी के छोटे-बड़े पदाधिकारियों का तथा पार्टी संगठन के भी सभी मुख्य सेक्टर प्रभारियों एवं ज़िला अध्यक्षों आदि का भी हार्दिक आभार प्रकट करती हूँ जिन्होंने आपसी तालमेल व सूझबूझ के साथ बीजेपी व इनकी सरकार की हर चुनौती एवं हथकण्डों आदि का मुकाबला करके यहाँ पहले चरण के तहत् प्रबुद्ध समाज के किये गये अपने सभी ज़िला स्तरीय कार्यक्रमों को ज़बरदस्त कामयाब बनाया है और इन कार्यक्रमों में मेरे दिशा-निर्देंशन में श्री एस.सी. मिश्र ने प्रबुद्ध वर्ग में से अपने ब्राह्मण समाज के लोगों को भी दलितों की तरह कभी भी ना गुमराह होने वाला तथा ना ही किसी के बहकावे में व प्रलोभन (लालच) आदि में भी आने वाला समाज बनाने का हर सम्भव पूरा-पूरा प्रयास किया है और यदि वास्तव में ऐसा सम्भव हो जाता है तो फिर हमारी पार्टी को यहाँ आगामी विधानसभा आमचुनाव में सन् 2007 की तरह अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से कोई भी ताकत रोक नहीं सकती है।

हालाँकि इस मामले में मुझे अपने दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से ही यह गर्व रहा है कि इन्होंने बिना गुमराह व बहकावे आदि में आये हुये पार्टी के कठिन से कठिन दौर में भी अपनी पार्टी का कभी भी साथ नहीं छोड़ा है अर्थात् ये लोग एक मज़बूत चट्टान की तरह हमेशा अपनी पार्टी के साथ में खड़े रहे है।

साथ ही, मैं यहाँ यह भी उम्मीद करती हूँ कि बी.एस.पी. से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग भी इनकी तरह अब आगे कभी भी गुमराह नहीं होंगे तथा ना ही किसी के बहकावे में व ना ही किसी के प्रलोभन आदि में भी आयेंगे जबकि इनको यह मालूम होना चाहिये कि पिछले कुछ वर्षां में चाहे यहाँ समाजवादी पार्टी की सरकार रही हो या अब वर्तमान में बीजेपी की सरकार चल रही हो, लेकिन इन सभी सरकारों की रही जातिवादी, संकीर्ण व पूँजीवादी सोच होने के कारण यहाँ सर्वसमाज में से विशेषकर ग़रीबों, मज़दूरों, कर्मचारियों, किसानों, छोटे व्यापारियों एवं अन्य मेहनतकशः लोगों के साथ-साथ दलितों, पिछड़ों, अकलियतों व प्रबुद्ध वर्ग में से ब्राह्मण समाज के लोगों का भी हर स्तर पर काफी ज्यादा शोषण एवं उत्पीड़न आदि हुआ है जो अभी भी जारी है, जिससे दुःखी होकर अब ये ब्राह्मण समाज के लोग भी प्रदेश के नगर-नगर, शहर-शहर, गाँव-गाँव, गली-गली, कुचो व चौराहों आदि में खुलकर यह कहने लगे है कि इन सभी पार्टियों की सरकारों की तुलना में बी.एस.पी. का शासनकाल हर मामले में व हर स्तर पर कई गुणा बेहतर रहा है लेकिन हमने बीजेपी के प्रलोभन भरे वायदों के बहकावे में आकर इस बार इनकी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाके बहुत बड़ी गलती की है।

जबकि बी.एस.पी. की रही सरकार ने ब्राह्मण समाज के लोगों की अपनी सुरक्षा, सम्मान व तरक्की आदि के मामले में हर स्तर पर अनेको ऐतिहासिक कार्य किये है। साथ ही, इन पर कोई भी जुल्म-ज्यादती आदि नहीं होने दी है तथा इनकी रोटी-रोज़ी का भी पूरा-पूरा ध्यान रखा है। इसके साथ-साथ हमने अपनी पार्टी संगठन में व चुनाव में टिकट देने तथा सरकार बनने पर मंत्री आदि बनाने के मामले में भी इनको उचित प्रतिनिधित्व दिया है और इन सब बातो का एहसास कराने तथा इन्हें फिर से बीजेपी व अन्य पार्टियों के भी बहकावे में नहीं आने तथा इनके विकास एवं उत्थान आदि के लिए भी इन्हें पुनः पार्टी में जोड़ने के लिए बी.एस.पी. द्वारा व मेरे दिशा-निर्देशन में, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद श्री सतीश चन्द्र मिश्र के नेतृत्व में दिनांक 23 जुलाई सन् 2021 से प्रबुद्ध वर्गों की विचार संगोष्ठी करने का कार्यक्रम अयोध्या से शुरू किया गया है और पहले चरण का यह कार्यक्रम प्रदेश के लगभग सभी ज़िलो में काफी सफल रहा है, जिसका आज मेरे द्वारा समापन भी किया जा रहा है।

वैसे पार्टी के इस पहले चरण के कार्यक्रम को विफल करने के लिए बीजेपी व इनकी सरकार ने हर प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डे भी खूब इस्तेमाल किये है जिसमें इनको ज़्यादातर निराशा ही हाथ लगी है। साथ ही, यहाँ मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि श्री एस. सी. मिश्र ने पूरे प्रदेश में अपने हर कार्यक्रम के दौरान पार्टी की सरकार बनने पर विशेषकर ब्राह्मण समाज के हित एवं कल्याण को लेकर जो कुछ भी कहा है तो उस पर आप लोगों को जरूर विश्वास करना चाहिये। और आज मैं खुद भी प्रबुद्ध वर्ग में से ब्राह्मण समाज के लोगों को भी यह वायदा करती व विश्वास भी दिलाना चाहती हूँ कि उत्तर प्रदेश में इस बार बी.एस.पी. की सरकार बनने पर अन्य सभी समाज के लोगों के साथ-साथ ब्राह्मण समाज की भी सुरक्षा, सम्मान व तरक्की आदि का सन् 2007 में बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत की रही सरकार की तरह ही इनका पुनः पूरा-पूरा ध्यान रखा जायेगा तथा इनको किसी भी मामले में निराश नहीं होने दिया जायेगा।

इतना ही नहीं बल्कि इनके साथ व अन्य समाज के लोगों के साथ भी संकीर्ण मानसिकता व जातिगत एवं राजनैतिक द्वेष की भावना से जो भी गलत कार्रवाई की गयी है तो फिर बी.एस.पी. की सरकार बनने पर उन सभी मामलों की उच्च-स्तरीय जाँच कराई जायेगी। जाँच में दोषी पाये गये अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी तथा पीड़ितों को न्याय व उनके आर्थिक हुये नुकसान की भी भरपाई की जायेगी जिसके लिए अब इन लोगों को भी यहाँ आगामी विधानसभा आमचुनाव में सन् 2007 की तरह ही बी.एस.पी. से पुनः हर स्तर पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से खुलकर जुड़ना होगा। और इसके लिए श्री एस. सी. मिश्र ने भी पार्टी के हर कार्यक्रम में विशेषकर अपने ब्राह्मण समाज को बी.एस.पी. से जोड़ने का पूरा-पूरा प्रयास किया है जिसमें हमें काफी हद तक सफलता भी मिलती दिखाई दे रही है और अब दूसरे चरण के तहत् पार्टी के मण्डल व विधानसभा स्तर पर बनाये गये सभी पदाधिकारियों को शहरों व गाँवों आदि में जाकर अपने ब्राह्मण समाज को युद्ध स्तर पर बी.एस.पी. में जोड़ना है अर्थात् अब इन्हें भी हर स्तर पर पार्टी को सहयोग देकर फिर से यहाँ सन् 2007 की तरह ही बी.एस.पी. की पुनः पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना है। इसके साथ ही अब इनको दूसरे चरण के तहत् प्रत्येक विधानसभा के शहरों, कस्बो व गाँवों आदि में जाकर पहले अपने विशेषकर ब्राह्मण समाज के कम से कम एक हजार सक्रिय कार्यकर्ता तैयार करना है तथा उन्हें बी.एस.पी. का सदस्य भी जरूर बनाना है और साथ ही उनकी सूची भी बनानी है। सबसे पहले इनको रिजर्व सीटों पर कार्य करना है। उसके बाद फिर इनको सामान्य सीटों में भी यह कार्य करना है जिनका फिर बन्द जगह पर श्री एस.सी. मिश्र व ब्राह्मण समाज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा भी कैडर कैम्प लिया जायेगा ताकि फिर वे अपनी-अपनी विधानसभा में विशेषकर अपने ब्राह्मण समाज को बी.एस.पी. से सही से जोड़ सके।

इसके साथ-साथ पहले चरण के तहत् शहरों में प्रबुद्ध वर्ग की महिलाओं को भी तैयार किया जा रहा है जिनकी जिम्मेदारी हमने श्री एस.सी. मिश्र की पत्नी श्रीमति कल्पना मिश्रा की पूरी टीम को सौंप दी गई है। इसी प्रकार पूरे प्रदेश में पहले चरण के तहत् खासकर रिजर्व सीटों को तैयार कर रहे पदाधिकारियों को भी बी.एस.पी. व मुस्लिम समाज एवं क्षत्रीय समाज के लोगों को भी पूरे जी-जान से उन्हें जोड़ने में लग जाना है क्योंकि अब चुनाव का समय बहुत कम रह गया है।
और अब मैं इस मौके़ पर भी मीडिया बन्धुओं को अपनी पार्टी के सम्बन्ध में यह भी कहना ज़रूरी समझती हूँ कि बी.एस.पी. ’’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’’ की सोच व सिद्धान्तों पर चलने वाली देश की अकेली एक ऐसी पार्टी हैं जिसकी कथनी व करनी में कभी भी कोई अन्तर नहीं होता है, क्योंकि बी.एस.पी. जो कहती है तो उस पर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल भी करती है। यही बी.एस.पी. की खास राजनीतिक पहचान भी है और इसी आधार पर यहाँ उत्तर प्रदेश में हमने अपनी चार बार बनी सरकार भी चलाकर दिखाई है और इस दौरान हमने सभी जाति व धर्म के लोगों की सुरक्षा, सम्मान एवं तरक्की आदि पर पूरा-पूरा ध्यान दिया है।
इतना ही नहीं बल्कि हमारी पार्टी ने दूसरी पार्टियों की तरह ना तो कभी हवा-हवाई बातें की हैं तथा ना ही चुनाव के समय में किस्म-किस्म के प्रलोभन भरे आश्वासन आदि देकर जनता को छलने का भी प्रयास किया है।

इसके साथ ही हमारी पार्टी की चारों रही सरकारों ने हमेशा यहाँ सर्वसमाज के हित एवं कल्याण में, ज़मीनी तौर पर ही कार्य करके दिखाया है और इस सन्दर्भ में वैसे आप लोगों को यह मालूम है कि सन् 2007 में जब दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अपरकास्ट समाज में से खासकर ब्राह्मण समाज के सहयोग से बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत की यहाँ प्रदेश में पहली बार सरकार बनी थी तो तब उनके विश्वास पर पूरी तरह से खरा उतरते हुए सरकार बनते ही हमने बिना माँग किए ही ’’सामान्य वर्ग’’ के लिए यानि कि अपरकास्ट समाज के लिए सरकारी भर्ती पर वर्षों से लगे प्रतिबन्ध को तत्काल हटाकर उन्हें बड़ी संख्या में स्थाई सरकारी नौकरी दिये जाने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके साथ ही, पुलिस विभाग में दो लाख से अधिक नए पद सृजित करके उन पर नियुक्ति करने का भी ऐतिहासिक काम किया गया, जिससे सभी वर्गां व धर्मां के लोगों को काफी लाभ हुआ है। इसके अलावा, प्रदेश के सभी गाँवों के लिए एक सरकारी सफाई कर्मचारी नियुक्त करने की नई सरकारी व्यवस्था लागू करके एक मुश्त लगभग 1 लाख 10 हजार स्थाई नियुक्तियाँ पंचायत विभाग में की गई, जो यह भी एक अति-महत्वपूर्ण उठाया गया कदम था। साथ ही, विशेष अभियान के तहत् सरकार के अधिकांषः विभागों में रिक्त पड़े पदों को भी भरा गया। इस प्रकार से कुल मिलाकर बी.एस.पी. की सरकार में किसी भी जाति व धर्म के लोगों के साथ कभी भी हमने कोई जुल्म-ज़्यादती, अन्याय-अत्याचार व उनका शोषण आदि भी नहीं होने दिया है।
साथ ही प्रदेश में हर स्तर पर ’’कानून द्वारा कानून का राज’’ भी स्थापित किया गया। इतना ही नहीं बल्कि अपरकास्ट समाज में से ब्राह्मण समाज को भी अन्य समाज की तरह ही पार्टी व सरकार में हर स्तर पर उचित भागीदारी देकर उनको पूरा-पूरा मान-सम्मान एवं सुरक्षा आदि प्रदान की गई तथा जिस पर कभी कोई समझौता नहीं किया गया। लेकिन ठीक इसके विपरीत, सन् 2012 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद जब सपा की सरकार बनी तो तब उस पार्टी की कथनी व करनी में अन्तर होने तथा जातिगत द्वेष एवं दुर्भावना आदि होने के कारण सर्वसमाज में से ब्राह्मण समाज को भी काफी बड़े पैमाने पर उत्पीड़न व शोषण आदि का शिकार होना पड़ा है, जिससे दुःखी होकर फिर ये लोग सपा सरकार से मुक्ति पाने के लिए भाजपा की बड़ी-बड़ी बातों के बहकावे व प्रलोभन आदि में आ गए और उनको अपना वोट देकर उनकी भारी बहुमत की सरकार बड़ी उम्मीदों के साथ बनवा दी, जिसपर यह सरकार ‘‘खरी‘‘ नहीं उतरी है।

और अब इस भाजपा सरकार के शासनकाल में भी उन पर जुल्म-ज्यादती, अन्याय- अत्याचार, शोषण व द्वेषपूर्ण कार्रवाई आदि होनी कम नहीं हुई हैं बल्कि उनके विरूद्ध दिल दहला देने वाली ऐसी घटनाएं भी हुई हैं जो देशभर में चर्चा का विषय रहा है जिससे अब प्रबुद्ध वर्ग मे से विशेषकर ब्राह्मण समाज के लोग भाजपा सरकार की ऐसी गलत नीतियों व उनकी जातिवादी एवं द्वेषपूर्ण कार्यशैली आदि से काफी ज्यादा दुःखी व त्रस्त ही नहीं है बल्कि काफी ज्यादा आक्रोशित (गुस्से में) भी हैं जिसे ध्यान में रखकर ही फिर बी.एस.पी. ने इनकी सुरक्षा, सम्मान व तरक्की आदि को लेकर पहले चरण के तहत् उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलां में विचार-संगोष्ठी के कार्यक्रम आयोजित किये है जो बीजेपी व उनकी सरकारी बाधाओं के बावजूद भी जबरदस्त सफल रहे है।

इतना ही नहीं बल्कि इन सभी कार्यक्रमों में इस वर्ग के लोगों की लगातार उत्साहपूर्ण व धमाकेदार हुई भागीदारी ने सभी बी.एस.पी. विरोधी पार्टियों को काफी चिन्तित व बेचैन भी कर दिया है जिसके कारण ही अब बीजेपी भी यहाँ बी.एस.पी. की तर्ज़ पर प्रबुद्ध वर्ग के तथा महिलाओं आदि के भी सम्मेलन कर रहे है। इसके साथ ही अपनी आदत से मजबूर अब ये लोग इस वर्ग को गुमराह करने के लिए रोज़ाना नये-नये हथकण्डे व षडयंत्र आदि भी इस्तेमाल करने में लग गये हैं, किन्तु प्रबुद्ध वर्ग व इनमें भी विशेषकर ब्राह्मण समाज के लोग अब सत्ता परिवर्तन के लिए यानि कि फिर से यहाँ बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए काफी हद तक अपना मन बना चुके है जिसे रोकना अब किसी के लिए भी संभव नहीं लगता है चाहे अब ये पार्टियाँ बी.एस.पी. की कितनी भी नकल क्यों ना कर ले।

और अब मैं पहले चरण के इस कार्यक्रम के समापन पर तथा दूसरे चरण के कार्यक्रम की भी शुरूवात करने के मौके पर मीडिया के ज़रिये प्रदेश के सभी वर्गों व धर्मों के लोगों से यही अपील करती हूँ कि वे अपने व अपने परिवार के हित एवं कल्याण के लिए तथा उनके जान-माल व ईमान की सुरक्षा एवं मान-सम्मान आदि के साथ-साथ बेहतर भविष्य के लिए भी दलित समाज की तरह व उनसे प्रेरणा लेकर पूरे तन, मन, धन से बी.एस.पी. से ज़रूर जुड़े जो यह दलित समाज मान्यवर श्री कांशीराम जी को अपना ख़ास आदर्श मानकर विरोधी पार्टियों के किसी भी प्रलोभन व बहकावे आदि में कभी भटके बिना तथा उनके सभी साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का भी काफी डटकर सामना करते हुए परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की एकमात्र अनुयाई पार्टी व उनके मजबूत नेतृत्व के साथ हमेशा एक चट्टान की तरह खड़े रहे हैं, जो यह हमारी पार्टी के लिए काफी गर्व की भी बात है।

इसके साथ ही अब मेरा अपरकास्ट में से विशेषकर ब्राह्मण समाज के लोगों से भी यह वादा है कि प्रदेश में बी.एस.पी. की सरकार बनने पर यहाँ दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम व अन्य अकलियतों आदि की तरह ही इनके भी हित व कल्याण, मान-सम्मान, ईमान, सुरक्षा एवं रोटी-रोजी आदि का भी पूरा-पूरा ध्यान ज़रूर रखा जाएगा। इसके इलावा यहाँ मैं किसानों के सम्बन्ध में मीडिया को यह भी अवगत कराना चाहती हूँ कि बीजेपी ने चुनाव के पहले वोट लेने के लिये किसानों की आमदनी दोगुना करने का वादा किया था। वह तो नहीं किया बल्कि उनके ऊपर तीन काले क़ानून लाद कर उन्हें उनकी ज़मीन से ही वंचित करने का काम किया गया। आज लगभग एक वर्ष से पूरे देश का किसान आंदोलित है तथा बहुजन समाज पार्टी भी संसद से लेकर बाहर भी उनके इस आंदोलन के साथ में खड़ी है। इस आन्दोलन के दौरान करीब 500 से ज्यादा किसानों की मृत्यु हो गई है, परन्तु सरकार को भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है बल्कि अभी हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा यह आदेश दिया गया कि इन आंदोलनकारियों के सर लाठी से फोड़ दो, जिसके बाद वहाँ के डीएम ने किसानों के सर पर लाठियां बरसाईं, जिससे एक किसान की मृत्यु भी हो गई और फिर वहाँ के सीएम ने इस कार्य को सही ठहराया।

इतना ही नहीं बल्कि बीजेपी ने तो सिर्फ झूठा वादा किया था कि हम किसानों की आय दोगुनी करेंगे लेकिन हमने तो ऐसा करके दिखाया था और इस मामले में किसानों को यह मालूम है कि सन् 2007 में किसानों को गन्ने का मूल्य सिर्फ 125 रुपये प्रति कुन्तल मिलता था। हमने उसे हर साल बढ़ाया है और जब हमने सरकार छोड़ी थी तो तब उसका मूल्य दो गुना हो चुका था अर्थात् हमने उसे 250 रुपए प्रति कुन्तल कर दिया था। परन्तु ठीक इसके विपरीत सन् 2012 से 2017 के दौरान जबकि सपा की सरकार थी तो पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में केवल एक बार मामूली सी बढ़ोत्तरी की गयी थी और जहाँ तक भारतीय जनता पार्टी का सवाल है तो उसने तो 2017 से 2021 के बीच में यानि कि अपने पूरे पाँच साल में एक भी रूपया नहीं बढ़ाया है जबकि झूठे वादे करके इस पार्टी ने किसानों का वोट लेते वक्त यह कहा था कि हम किसानों की आमदनी दो गुना बढ़ा देंगे।

इसके साथ ही आज मैं फिर से किसानों को यह भी विश्वास दिलाना चाहती हूँ कि यूपी में बी.एस.पी. की सरकार बनने पर किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिया जायेगा। साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा किसानों पर जबरन थोपे गये तीन कृषि कानूनों को यहाँ कतई भी लागू नहीं किया जायेगा। इसके साथ ही मैंने दिनांक 30 जुलाई, 2021 को वित्तविहीन प्रबन्धक एवं शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमण्डल से मिलने पर व इनकी सभी मांगों को सुनने के बाद तथा उनकी सभी समस्याओं को गम्भीरता से लेते हुये हमने इस मामले में यह भी तय किया है कि सन् 2022 में बी.एस.पी. की सरकार बनने पर तुरन्त एक आयोग गठित किया जायेगा और इस आयोग के माध्यम से अति शीघ्र रिपोर्ट लेकर इनकी सभी जायज़ मांगों का स्थायी हल निकाला जायेगा और ख़ासतौर से जो पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी इन स्कूलों में कार्य कर रहे है तो उन्हें सम्मानजनक मानदेय देने की भी व्यवस्था की जायेगी तथा इनकी सेवा नियमावली भी बनायी जायेगी।

इसके अलावा मुझे संस्कृत विद्यालयों के सम्बन्ध में भी यह मालूम हुआ है कि उत्तर प्रदेश में जो सरकारी संस्कृत विद्यालय हैं उनको भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा सरकारी धनराशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिस कारण अब लगभग 50 प्रतिशत संस्कृत विद्यालय बंद हो गये हैं तथा बाकी विद्यालय भी बन्दी के कगार पर हैं। लेकिन बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनने पर फिर इन सभी संस्कृत विद्यालयों को सरकारी धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी और उन्हे पुनः संचालित किया जाएगा तथा अध्यापकों व अन्य स्टाफ के खाली पड़े सभी पदों को भी यथाषीघ्र भरा जायेगा।

 साथ ही, मुझे कल मीडिया के ज़रिये यह भी मालूम हुआ है कि आर.एस.एस. प्रमुख श्री मोहन भागवत ने कहा है कि ‘‘हिन्दुओं व मुसलमानों के पूर्वज एक ही है‘‘ लेकिन इस बारे में मैं उनसे यह पूछना चाहती हूँ कि यदि हिन्दुओं व मुसलमानों के पूर्वज एक है तो फिर आर.एस.एस. व इनकी बीजेपी यहाँ हर स्तर पर मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपना रही है? यह भी सोचने की बात है। इसके साथ ही मुसलमानों का वोट लेकर फिर इनको अपनी सरकार में तबाह व बर्बाद करने के मामले में भी सपा व कांग्रेस पार्टी भी कोई कम नहीं है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ-मलियाना काण्ड व मुजफ्फरनगर काण्ड को यहाँ के मुस्लिम लोगों को जल्दी से भूलना नहीं चाहिये। यह भी मेरी इनसे खास अपील है। और इस मामले में वैसे यह बात भी सर्वविदित है कि बी.एस.पी. जो कहती है तो वह करके भी दिखाती हैं।

अब मैं मीडिया बन्धुओं को अपने खुद के बारे में भी यह बताना चाहती हूँ कि मैं दिनांक 2 फरवरी सन् 2021 से लगातार यहाँ लखनऊ में स्थित/मौजूद हूँ और आएदिन मैं पार्टी की छोटी-बड़ी बैठके लगातार यहाँ ले रही हूँ। मीडिया आदि में भी मैं बीच-बीच में जरूरत के अनुसार अपनी पार्टी का स्टैण्ड रखती रही हूँ, लेकिन फिर भी यहाँ ख़ासकर जातिवादी मानसिकता वाला मीडिया मेरे बारे में अक्सर यही चर्चा करता रहता है कि बी.एस.पी. प्रमुख अभी बाहर क्यों नहीं निकल रही हैं जबकि वास्तव में इसका मुख्य कारण कोरोना नियमों की आड़ में भाजपा की सरकारी मशीनरी द्वारा अपनी पार्टी के लोगों पर जान-बूझकर षडयंत्र के तहत् की जाने वाली उनकी जबरदस्ती की कार्रवाई से उन्हें बचाना है जैसा कि पार्टी के किये गये प्रबुद्ध वर्ग के कार्यक्रमों में हमें ऐसा काफी कुछ होते हुये देखने के लिए मिला है।

इतना ही नहीं बल्कि पार्टी से जुड़े प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को बहुत कम संख्या में इन कार्यक्रमों मे इन्हें आने दिया है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ मेरे ऐसे कार्यक्रम में इनके लाख रोकने के बावजूद भी पार्टी के लोग बड़ी संख्या में आने से कतई भी रूकने वाले नहीं है और फिर यही होता कि हमारी पार्टी के लोगों पर अब तक काफी भारी तादाद् में एफ.आई.आर. दर्ज हो जाती और ऐसा हो जाने पर फिर हमारी पार्टी के ये लोग चुनाव के समय में अपने-अपने क्षेत्र के पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव जिताने की बजाय बल्कि वे ज्यादातर कोर्ट-कचेहरी व थानों आदि में ही अपना समय बर्बाद करते रहते, जिसे खास ध्यान में रखकर ही फिर मजबूरी में मुझे अपनी पार्टी की चुनावी तैयारी अपने लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्यालय से या फिर अपने निवास स्थान पर बने पार्टी के कैम्प कार्यालय से ही करनी पड़ रही है और इसीलिए ही आज प्रबुद्ध वर्ग का समापन कार्यक्रम भी हमें मजबूरी में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में रखना पड़ा है।

लेकिन चुनाव घोषित होने पर फिर यह सरकार, पार्टी के प्रोग्राम मे हमारे लोगों के आने की संख्या पर जल्दी से रोक नहीं लगा सकती है क्योंकि ऐसा किये जाने पर फिर सभी विपक्षी पार्टियाँ चुनाव आयोग में जाकर इसकी शिकायत कर सकती है अर्थात् फिर ये लोग भीड़ को आसानी से रोक नहीं सकते है। इस प्रकार इन सब बातों को ध्यान मे रखकर हमें चुनाव घोषित होने से पहले अब बहुत ही संभलकर चलना पड़ रहा है। साथ ही अब मैं आप लोगों को यह भी बताना चाहती हूँ कि अगले महीने 9 अक्टूबर को बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि है और आप लोगों को यह भी मालूम है कि हमारी पार्टी की रही सरकार ने इनके आदर-सम्मान में व इनके नाम पर यहाँ प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा भारी स्मारक स्थल भी बनाया है तथा पिछले कई वर्षो से इस मौके पर आप लोग यहाँ लखनऊ आकर इनको अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित नहीं कर पा रहे हैं बल्कि इसके स्थान पर आप लोग लखनऊ मण्डल को छोड़कर बाकी मण्डलों में, मण्डल स्तर पर विचार-संगोष्ठी के जरिये इनको अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित कर रहे है। लेकिन आप लोगों के विशेष आग्रह पर इस बार आप लोग पूरे प्रदेश से यहाँ लखनऊ आकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे। आप लोगों के साथ-साथ फिर मैं खुद भी उस दिन मान्यवर श्री कांशीराम जी के स्मारक स्थल पर पहुँचकर उनको अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करूँगी तथा आप लोगों का भी आभार प्रकट करूँगी।

कहने का तात्पर्य यह है कि इस बार आप लोग पूर्व की तरह अपने-अपने मण्डल में इनकी पुण्यतिथि का कार्यक्रम नहीं रखेंगे बल्कि आप लोग प्रातः 8 बजे से ही लखनऊ के स्मारक स्थल पर पहुँच कर इनको अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे। साथ ही आप लोग यहाँ अपने आने के दौरान् अपने खाने का भी खुद ही प्रबन्ध करके लायेंगे। इसके बाद अर्थात् श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के बाद फिर आप लोग अनुशासित तरीके से अपने-अपने क्षेत्रों में वापिस चले जायेंगे। पार्टी के जिम्मेवार लोग इसके लिए इनकी पूरी-पूरी मदद भी करेंगे।

लेकिन लखनऊ में आते व वापिस जाते समय भी पार्टी के लोगों को कोरोना नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी है। वैसे भी अब कुछ नहीं कहा जा सकता है कि पूरी दुनिया में व अपने भारत देश में भी कब ओर नई बीमारी आ जाये। लेकिन कुदरत से तो हम यही प्रार्थना करते है कि अब कोरोना की तरह आगे कोई भी नई बीमारी ना आये। हाँलाकि अब तो वैसे भी किसी का कोई भरोसा नहीं है कि कब कौन स्वस्थ्य व्यक्ति भी अचानक दुनिया से चला जाये, जैसा कि अभी हाल ही में एक युवा व स्वास्थ्य के मामले में एकदम स्वस्थ्य फिल्म कलाकार का अचानक मौत के मुँह में चले जाना हमें देखने को मिला है। ऐसे हालात में अब हमें कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए सरकारी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। इसलिए 9 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी के लोग मास्क लगाकर ही आयेंगे। वैसे इस सन्दर्भ में ओर भी जरूरी दिशा निर्देश देने के लिए मैंने प्रदेश के सभी मण्डलों के पार्टी संगठन के केवल मुख्य सेक्टर प्रभारियों की जो पूरे मण्डल को देख रहे है उनकी तथा सभी 75 ज़िला अध्यक्षों की भी कल प्रातः 11 बजे से यहाँ प्रदेश कार्यालय में अति जरूरी बैठक भी बुलाई है जिसको मैं खुद ही लेने वाली हूँ। और अब मैं पहले चरण के तहत् प्रदेश के लगभग सभी जिलों में प्रबुद्ध वर्ग के किये गये कार्यक्रमों का जो जबरदस्त सफल रहे हैं। इसके पहले चरण का समापन करते हुये अपनी बात को यहीं विराम देती हूँ।

लेकिन इससे पहले मैं यह भी आप लोगों को पूरा भरोसा व विश्वास दिलाना चाहती हूँ कि यदि प्रदेश के सर्वसमाज के लोगां ने विरोधी पार्टियों के बहकावे में ना आकर फिर से यहाँ सन् 2007 की तरह ही बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी तो तब फिर यहाँ हर मामले में व हर स्तर पर सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के तहत ही सरकार चलाकर केवल दलितों, आदिवासियो, अन्य पिछड़ों व मुस्लिम व अन्य अकलियतों का ही नहीं बल्कि अपरकास्ट समाज का व उसमें से भी खासकर ब्राह्यण समाज की सुरक्षा, सम्मान व तरक्की आदि का भी खास ख्याल रखा जाएगा तथा उनके साथ किसी भी प्रकार की जुल्म-ज्यादती आदि नहीं होने दी जाएगी।

जहाँ तक महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान की बात है, जो बहुत बड़ी तादाद में वे यहाँ आयी हुई हैं, लेकिन चाहे पिछली सपा सरकार हो या फिर वर्तमान में भाजपा की सरकार इनका दिन ढलने के बाद घर से बाहर निकलना सुरक्षित नहीं माना जाता है लेकिन सरकार द्वारा प्रायोजित ’भाभीजी’ के माध्यम से यह विज्ञापित किया जा रहा है व हवा बनाने का प्रयास जारी है कि वर्तमान सरकार में महिलाएं सुरक्षित हैं जबकि कडवी हकीकत सबको पता है। इसीलिए एक नहीं कितनी ही भाभियों को ये लोग लेकर घूम लें किन्तु अब महिलाएं इनके चक्कर व बहकावे में आने वाली नहीं हैं।
इसके साथ ही मैं मीडिया बन्धुओं व आप सबको यह भी विश्वास दिलाना चाहती हँं कि मेरी पूर्व की रही चारों सरकारों में ख़ास तौर से दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़ें वर्ग में समय-समय में जन्मे महान संतों, गूरुओं व महापुरुषों जिन्होंने इस देश में सामाजिक परिवर्तन के लिए अपनी पूरी-पूरी जिन्दगी समर्पित की और अब वे हमारे बीच में नहीं रहे हैं, वे हमारे संत, गुरु किसी जाति व धर्म के खिलाफ नहीं थे बल्कि वे देश में गैर-बराबरी वाली जो सामाजिक व्यवस्था है उसको बदलकर यहाँ मानवतावादी समतामूलक समाज व्यवस्था बनाना चाहते थे और आज उन्ही के बताए हुए रास्तों पर चलकर बहुजन समाज पार्टी इस कार्य में लगी हुई है।

पूरे देश में हम लोग समतामूलक समाज बनाने का प्रयास कर रहे हैं और इसीलिए हमारी पार्टी कोई एक जाति विशेष की नहीं है, कोई धर्म विशेष की पार्टी नहीं है, बल्कि सर्वसमाज की पार्टी है, तो जो ऐसे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में हमारी चार बार की रही सरकारों के दौरान हमने दिल्ली के नजदीक नोएडा में तथा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जो ज़रूरी थे वे स्थल, स्मारक, संग्रहालय पार्क व मूर्ति आदि स्थापित किए हैं तथा इस सम्बंध में जो मुझे इनके आदर-सम्मान में जो करना था वह सब मैंने कर दिया है। अब कोई भी नया निर्माण या मूर्तियाँ आदि स्थापित करने की फिर से कोई जरूरत नहीं रही है। जितना मुझे करना था मैंने वह ठोक के काफी कर दिया है। कई गुणा ज्यादा उनको आदर-सम्मान देने का काम मैंने कर दिया है। अब जब आगे सरकार बनेगी तब केवल उनके रख-रखाव का ही ध्यान रखा जाएगा।
कहने का तात्पर्य यह है कि अब जब आगे यूपी में पाँचवीं बार बी.एस.पी. की सरकार बनेगी तब मेरी पूरी ताकत अब स्मारक, संग्रहालय पार्क व मूर्ति आदि बनाने में नहीं लगेगी बल्कि मेरी पूरी ताकत उत्तर प्रदेश की जो मौजूदा तस्वीर है उसको बदलने में ही लगेगी ताकि पूरा देश ये कहे पूरी दुनिया यह कहे कि शासन हो तो बी.एस.पी. की तरह शासन होना चाहीए। बच्चा-बच्चा यह कहे कि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। मेरी पूरी ताकत उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने में ही लगेगी।

साथ ही, मैं यहाँ सभी धर्मों के लोगों को यह भी कहना चाहती हूँ बल्कि विश्वास दिलाना चाहती हूँ कि अगर वे लोग भी चाहते हैं कि उनके धर्म के भी महान संतों-गुरुओं आदि को भी यहाँ पूरा-पूरा आदर-सम्मान मिले तो उनकी भी धार्मिक भावानाओं को पूरा सम्मान जरूर दिया जाएगा। दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़ें वर्ग में जन्मे महान सुतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान देने का काम तो मैंने पूरा कर दिया है तथा अन्य लोग भी चाहेंगे तो उनकी भी भावनाओं का जरूर सम्मान किया जायेगा। अन्त में सामाजिक परिवर्तन के लिए अपना सारा जीवन समर्पित करने वाले तमाम संतों, गुरुओं व महापुरुषों को नमन् करते हुए अपनी बात यहीं समाप्त करती हूँ। जय भीम व जय भारत

जारीकर्ता :
बी.एस.पी. राज्य कार्यालय उ.प्र.
12 माल एवेन्यू, लखनऊ

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