जाने 1990 के बाद तीसरी बार ऐसा क्या किया भारतीय क्रिकेट टीम ने.

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच के बाद आज जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हो रहे टेस्ट मैच में बिना किसी स्पिन गेंदबाज के मैदान में उतरी है, आपको बता दें कि 1990 के बाद ये तीसरा मौका है, जब भारतीय टीम बिना किसी स्पिन गेंदबाज़ के टेस्ट मैच खेलने उतरी है.

इस मैच में विराट कोहली ने अजिंक्य रहाणे को रोहित शर्मा के स्थान पर मौका दिया, तो आर. अश्विन की जगह भुवनेश्वर कुमार को जगह दी गई. भारतीय टीम ने तो इस अहम मुकाबले में 5 तेज़ गेंदबाज़ों को मौका दिया है, वहीं द. अफ्रीका की तरफ से भी इस मैच में कोई स्पिन गेंदबाज़ नहीं खेल रहा है. जहां भारत ने अश्विन की जगह भुवनेश्वर कुमार को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है, तो वहीं द. अफ्रीकी टीम ने भी इस मुकाबले के लिए स्पिनर केशव महाराज की जगह तेज़ गेंदबाज़ एंदिले फेलुक्वायो को मौका दिया है.

जोहानिसबर्ग में खेले जा रहे इस मुकाबले के लिए पिच क्यूरेटर ने पिच पर से घास नहीं हटाई थी. पिच पर घास होने की से इस मुकाबले में तेज़ गेंदबाज़ों को विकेट से काफी मदद मिलेगी और यही वजह है कि दोनों टीमों ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीमों में किसी भी स्पिन गेंदबाज़ को शामिल नहीं किया है. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस पिच को देखकर काफी खुश नज़र आए और विराट ने इसको लेकर कहा कि ये केपटाउन की तरह ही जीवंत पिच होगी. हालांकि, यहां पर घास उससे ज्यादा है

 

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